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  • SIR में इन्फोसिस फाउंडर नीलेकणी सहित कई हस्तियों के नाम अटके, भेजे नोटिस….

    SIR में इन्फोसिस फाउंडर नीलेकणी सहित कई हस्तियों के नाम अटके, भेजे नोटिस….


    बेंगलुरु।
    भारत (India) के कई राज्यों में SIR यानी मतदाता सूची (Electoral Roll) का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) जारी है, जिनमें कर्नाटक भी शामिल है। खबर है कि कई बड़ी हस्तियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिनमें इन्फोसिस के सह संस्थापक नंदन नीलेकणी (Nandan Nilekani), एक्टर शिवराजकुमार और जेरोधा के फाउंडर कामत ब्रदर्स यानी नितिन और निखिल शामिल हैं। अधिकारियों ने इन नोटिस पर हैरानी जताई है और जांच की बात कही है। खास बात है कि इन नोटिसों की बात ऐसे समय पर आई है, जब भारत रत्न प्रोफेसर सीएनआर राव का नाम चिह्नित किए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। जबकि, अधिकारियों का कहना है कि कोई नोटिस नहीं दिया गया है।

    हाल ही में पंजाब में हुए SIR में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम कटने पर भी जमकर सियासी बवाल हुआ था। चड्ढा ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर बदले की कार्रवाई के आरोप लगाए थे। हालांकि, बाद में उनका नाम दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया था।

    एक रिपोर्ट में अनिवाश नाम के एक एक्स यूजर के हवाले से बताया गया है कि नितिन और निखिल कामत और उनके माता-पिता के नाम मेल नहीं खा रहे हैं। इस वजह से उनका नाम चिह्नित किया गया है। जबकि, नीलेकणी को अनमैप्ड बताया गया है। खास बात है कि उन्होंने भारत में आधार की शुरुआत में बड़ी भूमिका निभाई थी। रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु जिला निर्वाचन अधिकारी और जीबीए मुख्य आयुक्त माहेश्वर राव से नोटिस को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘यह हैरानी की बात है और हम इसकी जांच करेंगे।’


    पीएम मोदी ने सौंपी है बड़ी जिम्मेदारी

    जुलाई में छात्र आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हाई पावर टास्क फोर्स गठित की थी, जिसकी कमान नीलेकणी को सौंपी गई थी। इस टास्क फोर्स का काम NTA की तरफ से कराई जाने वाली परीक्षाओं में सुधार का था। उनके साथ पूर्व इसरो चीफ एस सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका समेत कई बड़े नाम शामिल थे।


    कई बड़ी हस्तियों के नाम शामिल

    अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई और हस्तियों के नाम भी चुनावी रिकॉर्ड 2002 की पुरानी डेटाबेस सूची से सीधे मेल नहीं खा रहे हैं। अभिनेता शिवराजकुमार को अनमैप्ड श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि उनके पते की जानकारी नहीं मिल सकी है। उनका वर्तमान चुनावी डेटा 2002 की सूची से सीधे लिंक नहीं हो पा रहा था। शिवराजकुमार के मामले में उनके पिता का नाम दिवंगत मुथुराज दर्ज है, जो महान अभिनेता डॉक्टर राजकुमार का वास्तविक नाम है।

    अभिनेता प्रकाश राज के नाम काटे जाने के दावों को खारिज करते हुए अधिकारी कार्यालय ने साफ किया कि उनका नाम शांतिनगर निर्वाचन क्षेत्र की सूची में है।


    क्या कट जाएंगे नाम

    चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन मतदाताओं को अयोग्य नहीं पाया गया है और न ही उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। यह समस्या केवल 2002 के पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान पहचान के बीच नाम, माता-पिता के नाम की जानकारी या स्पेलिंग में अंतर के कारण आई है। 4 सितंबर तक के आंकड़े बताते हैं कि ऐसे मतदाताओं को 43.81 लाख से अधिक नोटिस तैयार किए गए हैं, जिनमें से 7.31 लाख से अधिक नोटिस दिए जा चुके हैं।


    भारत रत्न राव को नहीं दिया नोटिस

    बेंगलुरु चुनाव अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि राव को नोटिस नहीं दिया गया है। दरअसल, उनका नाम 2002 की मल्लेश्वरम विधानसभा क्षेत्र की सूची में केवल रामा के रूप में दर्ज था। जबकि वर्तमान में उनका नाम प्रो सीएन राव एम दर्ज है। अधिकारियों का कहना है कि बीएलओ ने खुद उनके घर जाकर विवरण जुटाया और उनका नाम अंतिम सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • नारायण मूर्ति का संदेश, बोले- AI तेज है, लेकिन इंसानी दिमाग से बेहतर कुछ नहीं

    नारायण मूर्ति का संदेश, बोले- AI तेज है, लेकिन इंसानी दिमाग से बेहतर कुछ नहीं


    नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI आज तेजी से काम कर सकता है, लेकिन इंसानी दिमाग की क्षमता के सामने यह हमेशा पीछे रहेगा। ये बातें डीयू में आयोजित लीडर्स टॉक में इंफोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति ने कही। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि AI को सहयोगी टूल के रूप में अपनाएं, सीखें और उसके साथ नए प्रयोग करें।

    AI को सहयोगी बनाएं, इंसानी दिमाग को बॉस रखें

    नारायण मूर्ति ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक और गणितज्ञ स्टीफेन वुलफ्राम का हवाला देते हुए बताया कि AI उच्च स्तरीय कार्य कर सकता है, जैसे रिमोट सर्जरी करना, उत्पादों को सही नाप-तौल के साथ तैयार करना, कोड जेनरेट करना और सॉफ्टवेयर बनाना। लेकिन AI को लगातार प्रशिक्षित करना पड़ेगा। इसलिए मानव मस्तिष्क हमेशा बॉस की भूमिका में रहेगा और इसे और बेहतर बनाने के लिए नए प्रयोग करता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI के आने से इंसानी रचनात्मकता बाधित नहीं होगी। बल्कि, यह इंसान के काम को आसान बनाने और नए विचारों को जन्म देने में मदद करेगा।

    बड़ा उद्यमी नहीं, सम्मान है लक्ष्य
    नारायण मूर्ति ने कहा कि व्यापार में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ मुनाफा नहीं, बल्कि सम्मान और भरोसा है। उनका मानना है कि असली पहचान आपसी सम्मान और विश्वास से बनती है। उन्होंने जीवनभर सबसे बड़ा उद्यमी बनने के बजाय सम्मान कमाने को प्राथमिकता दी।

    युवाओं के लिए अहम संदेश

    युवा पीढ़ी लगातार नई स्किल्स सीखती रहे।

    खुद को बदलती तकनीक के अनुसार ढालें।

    सीखने की क्षमता यानी लर्नेबिलिटी सबसे महत्वपूर्ण गुण है।

    ड्रोन से ऑटोनॉमस डिलीवरी, AI का बढ़ता रोल

    ड्रोन आधारित डिलीवरी सेवा देने वाली कंपनी स्काई एयर मोबिलिटी ने एआई समिट में एंड-टू-एंड ऑटोनॉमस कॉमर्स डिलीवरी सिस्टम का प्रदर्शन किया। यह पूरी तरह स्वचालित प्रणाली है, जो बिना किसी मानवीय मदद के ड्रोन के माध्यम से ग्राहकों तक सामान पहुंचाती है।

    कंपनी ने अराइव एआई और ओटोनॉमी के साथ मिलकर यह पहल शुरू की है। पिछले दो वर्षों में 36 लाख से अधिक सामान की डिलीवरी की जा चुकी है। कंपनी का कहना है कि AI और ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग से भविष्य में डिलीवरी सेक्टर में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।