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  • चेन्नई सुपर किंग्स की गेंदबाजी पर संकट, स्टार तेज गेंदबाज के बाहर होने से बढ़ी मुश्किल…

    चेन्नई सुपर किंग्स की गेंदबाजी पर संकट, स्टार तेज गेंदबाज के बाहर होने से बढ़ी मुश्किल…

    नई दिल्ली/चेन्नई में आईपीएल 2026 के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स को एक बड़ा और निराशाजनक झटका लगा है। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज खलील अहमद चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। यह खबर उस समय सामने आई है जब टीम टूर्नामेंट में अपनी लय मजबूत करने की कोशिश कर रही थी और गेंदबाजी विभाग से लगातार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी।

    जानकारी के अनुसार कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए पिछले मुकाबले में खलील अहमद को गेंदबाजी के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हुआ था। दर्द के बावजूद उन्होंने कुछ देर तक गेंदबाजी जारी रखी, लेकिन बाद में उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और मेडिकल जांच के लिए भेजा गया। शुरुआती आकलन के बाद उनकी स्थिति को लेकर चिंता जताई गई और आगे की जांच में चोट की गंभीरता सामने आई।

    मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि खलील अहमद को ग्रेड 2 क्वाड्रिसेप्स टियर हुआ है। इस तरह की चोट से उबरने के लिए आमतौर पर कई हफ्तों का आराम और रिहैबिलिटेशन जरूरी होता है। इसी कारण यह साफ हो गया है कि वह इस पूरे सीजन में उपलब्ध नहीं रहेंगे।

    खलील अहमद का बाहर होना चेन्नई सुपर किंग्स के लिए रणनीतिक रूप से भी बड़ा नुकसान माना जा रहा है। उन्होंने इस सीजन की शुरुआत में नई गेंद से प्रभावी गेंदबाजी की थी और पावरप्ले में बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी गेंदबाजी ने टीम को शुरुआती ओवरों में संतुलन दिया था, जिससे मध्य ओवरों में कप्तान के पास विकल्प बढ़ जाते थे।

    हालांकि उनके विकेटों की संख्या अधिक नहीं रही, लेकिन उनकी इकॉनमी और निरंतर दबाव बनाने की क्षमता टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही थी। ऐसे में उनका अचानक बाहर होना गेंदबाजी संयोजन को कमजोर कर सकता है और टीम की रणनीति पर सीधा असर डाल सकता है।

    अब चेन्नई सुपर किंग्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके विकल्प को तलाशने की है। टीम के पास कुछ युवा भारतीय गेंदबाज मौजूद हैं, लेकिन खलील जैसे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और नई गेंद से असर डालने वाले खिलाड़ी की भरपाई करना आसान नहीं होगा। टीम प्रबंधन को अब गेंदबाजी आक्रमण में नए संतुलन की तलाश करनी होगी ताकि टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा बनी रहे।

    चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह झटका ऐसे समय पर आया है जब हर मैच का परिणाम प्लेऑफ की दौड़ को प्रभावित कर रहा है और टीम को लगातार बेहतर प्रदर्शन की जरूरत है। 

  • भोपाल में कॉलेज छात्रा प्रिया की संदिग्ध मौत: शार्ट पीएम रिपोर्ट में हेमरेज और चोटों का खुलासा, प्रेम प्रसंग का एंगल!

    भोपाल में कॉलेज छात्रा प्रिया की संदिग्ध मौत: शार्ट पीएम रिपोर्ट में हेमरेज और चोटों का खुलासा, प्रेम प्रसंग का एंगल!


    भोपाल । राजधानी भोपाल में 22 वर्षीय कॉलेज छात्रा प्रिया मेहरा की संदिग्ध परिस्थितियों में छत से गिरकर मौत हो गई है। यह घटना राजधानी के चूना भट्टी इलाके की पारिका सोसाइटी में बुधवार सुबह हुई, जहां प्रिया का शव पाया गया। प्रिया नूतन कॉलेज सरोजिनी नायडू गवर्नमेंट गर्ल्स पीजी कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की छात्रा थीं और ईश्वर नगर, शाहपुर की निवासी थीं।

    हेमरेज और चोटों का खुलासा

    शार्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह पाया गया कि प्रिया के शरीर पर चोटों के निशान थे और हेमरेज भी हुआ था। रिपोर्ट ने इस मौत को संदेहास्पद बना दिया है, जिससे पुलिस की जांच के कई पहलू सामने आ रहे हैं। प्रिया के पिता ने दावा किया है कि उनकी बेटी का अपहरण कर हत्या की गई है। उनका आरोप है कि पुलिस ने 24 घंटे बाद भी आरोपी के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं जुटाई है।

    प्रेम प्रसंग का मामला

    जानकारी के अनुसार, बुधवार को प्रिया घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थीं, लेकिन कॉलेज जाने के बजाय वह अपने दोस्त के घर चली गईं। युवक तुषार जिसे कपिल के नाम से भी जाना जाता है ने खुद डायल 112 पर कॉल करके बताया कि प्रिया छत से गिर गई हैं। तुषार और उसके तीन अन्य दोस्त प्रिया को मोटरसाइकिल पर हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद तुषार और उसके साथी पुलिस के आने से पहले ही मौके से फरार हो गए।पुलिस जांच में प्रेम संबंधों की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि तुषार कपिल पिछले एक साल से प्रिया को परेशान कर रहा था और उसे लगातार स्टॉक कर रहा था। तुषार और प्रिया पहले ईश्वर नगर में रहते थे, और दोनों की दोस्ती हो गई थी।

    पुलिस की जांच

    एडिशनल डीसीपी मलकीत सिंह जोन-4 के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तुषार और उसके साथियों की तलाश शुरू कर दी है। एक पुलिस टीम खंडवा में भी तलाश कर रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं और अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    परिजनों का आरोप

    प्रिया के परिजनों ने यह दावा किया है कि यह घटना महज एक हादसा नहीं हो सकती, बल्कि यह एक सुनियोजित हत्या हो सकती है। वे न्याय की मांग कर रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह आत्महत्या, हादसा, या फिर प्रेम प्रसंग में मारपीट के बाद हत्या है।पुलिस की जांच अब भी जारी है, और मामले का हर पहलू बारीकी से खंगाला जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

  • उज्जैन में चाइना डोर से बाइक सवार की नाक कटी एक महीने में चार लोग हुए घायल

    उज्जैन में चाइना डोर से बाइक सवार की नाक कटी एक महीने में चार लोग हुए घायल


    उज्जैन । उज्जैन में प्रतिबंध के बावजूद चाइना डोर से होने वाली दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को एक और बाइक सवार की नाक चाइना डोर से कट गई जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। तुलसीराम राठौर उम्र 52 वर्ष निवासी गायत्री नगर बाइक से इंदिरा नगर से गुजर रहे थे जब अचानक उनके चेहरे पर चाइना डोर आ गई। राठौर जैसे ही डोर को हटाने की कोशिश करते उसकी नाक कट गई जिससे काफी खून बहने लगा। गनीमत रही कि उनकी आंखें बच गईं हालांकि हाथ में भी गंभीर चोटें आईं।स्थानीय लोगों ने तत्काल राठौर को उपचार के लिए चरक अस्पताल भेजा जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    एक महीने में चार लोग घायल

    चाइना डोर के कारण हुए हादसों की यह कोई पहली घटना नहीं है। एक महीने के भीतर चार लोग इस खतरनाक डोर की चपेट में आ चुके हैं। 20 दिसंबर को एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर के छात्र योगेश आंजना उम्र 20 वर्ष अपने गांव पिपलियाधूमा झारड़ा से उज्जैन परीक्षा देने आया था। परीक्षा के बाद वह बाइक से घर लौट रहा था जब उसे भी चाइना डोर से गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा पहले भी इस प्रकार की घटनाएं उज्जैन में हो चुकी हैं जिनमें लोग चाइना डोर से घायल हो चुके हैं।

    गंभीर चिंता का विषय

    चाइना डोर की इन घटनाओं ने शहरवासियों को गंभीर चिंता में डाल दिया है। हालाँकि प्रशासन ने इसके उपयोग पर रोक लगाने के लिए कई प्रयास किए हैं लेकिन इस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। यह जानलेवा डोर न केवल सड़कों पर चलने वाले लोगों के लिए खतरा बन गई है बल्कि इसका इस्तेमाल करने वाले लोग भी इसके खतरों से अनजान रहते हैं।
    शहरवासियों और प्रशासन से अपील की जा रही है कि चाइना डोर के खतरों को लेकर जागरूकता फैलाई जाए और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि और किसी की जान को खतरा न हो।

  • अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट

    अंगकृष रघुवंशी को अस्पताल से मिली छुट्टीविजय हजारे ट्रॉफी मैच में सिर और कंधे में लगी चोट


    नई दिल्ली । मुंबई के सलामी बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान सिर और कंधे में गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। शुक्रवार को उत्तराखंड के खिलाफ खेले गए मैच में रघुवंशी ने एक मुश्किल कैच लपकने की कोशिश कीलेकिन इस दौरान वह गिर पड़े और उनके सिर और कंधे में चोट लग गई।

    यह घटना पारी के 30वें ओवर में हुईजब ऑफ स्पिनर तनुष कोटियान गेंदबाजी कर रहे थे। सौरभ रावत ने स्लॉग-स्वीप खेलते हुए डीप मिडविकेट पर खड़े रघुवंशी की दिशा में गेंद मारी। रघुवंशी ने एक हाथ से गेंद को लपकने की कोशिश कीलेकिन यह प्रयास विफल रहा और वह गिर पड़े। इस गिरावट के दौरान उनके कंधे में चोट लगी और सिर जमीन से टकरायाजिससे उन्हें कनकशन सिर में चोटहो गया।

    चोट के बाद रघुवंशी कुछ सेकंड के लिए घुटनों के बल बैठेफिर जमीन पर लेट गए। तुरंत मुंबई के फिजियो मैदान पर पहुंचे और चूंकि रघुवंशी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पा रहे थेतो स्ट्रेचर मंगवाया गया। उन्हें पास के एसडीएमएच अस्पताल ले जाया गयाजहां उनके सिर और गर्दन का सीटी स्कैन किया गया। रिपोर्ट्स में कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई और अंगकृष को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उन्हें बीसीसीआई के ‘कनकशन प्रोटोकॉल’ के तहत कुछ दिनों का आराम करने की सलाह दी गई है।

    विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई ने उत्तराखंड को 51 रनों से हराया। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 331 रन बनाएजिसमें हार्दिक तमोरे ने 93 रनसरफराज खान ने 55 रन और मुशीर खान ने 55 रन बनाए। मुशीर ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 रन पर दो विकेट लिए। उत्तराखंड की टीम युवराज चौधरी की 96 रनों की आक्रामक पारी के बावजूद 280 रन ही बना सकी। अंगकृष रघुवंशी की चोट के बाद क्रिकेट प्रेमी उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं।