Tag: INS Vikrant

  • ऑपरेशन सिंदूर 2.0: भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत, कराची को लेकर कड़ा संदेश, पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ी

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत, कराची को लेकर कड़ा संदेश, पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ी



    नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सामने आए दावों और रणनीतिक चर्चाओं के बीच भारतीय नौसेना की तैयारियों पर एक बार फिर जोरदार बहस छिड़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय नौसेना ने पिछले एक साल में अपनी समुद्री क्षमता, तैनाती और युद्ध अभ्यासों को और अधिक मजबूत और आक्रामक बनाया है।

    सूत्रों और सैन्य विश्लेषणों के मुताबिक, भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए आधुनिक युद्धपोतों, पनडुब्बियों और एयरक्राफ्ट कैरियर के जरिए रणनीतिक बढ़त हासिल की है। इनमें INS Vikrant और INS Vikramaditya जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर प्रमुख भूमिका में बताए जा रहे हैं, जो किसी भी समुद्री स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने में सक्षम हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भविष्य में कोई बड़ा सैन्य टकराव होता है, तो भारत की समुद्री रणनीति बेहद निर्णायक हो सकती है। नौसेना की इस बढ़ी हुई क्षमता ने अरब सागर क्षेत्र में पाकिस्तान की समुद्री गतिविधियों पर भी दबाव बढ़ाया है, हालांकि किसी भी आधिकारिक स्तर पर सीधे हमले या कार्रवाई की पुष्टि नहीं है।

    1971 के युद्ध और बाद की समुद्री रणनीतियों का हवाला देते हुए यह भी कहा जा रहा है कि भारत की नौसेना अब पहले से कहीं ज्यादा तकनीकी रूप से उन्नत और तैयार स्थिति में है। वहीं Operation Trident जैसी ऐतिहासिक कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए समुद्री ताकत के महत्व को फिर से रेखांकित किया जा रहा है।

    रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा समय में दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति में समुद्री शक्ति एक बड़ा रणनीतिक फैक्टर बन चुकी है, लेकिन किसी भी संभावित कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

  • इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत दिखाएगा INS विक्रांत की ताकत, विदेशी जहाज भी पहुंचे विशाखापत्तनम

    इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत दिखाएगा INS विक्रांत की ताकत, विदेशी जहाज भी पहुंचे विशाखापत्तनम


    विशाखापत्तनम। भारत अपनी समुद्री शक्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का जोरदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR 2026) और एक्सरसाइज मिलन (MILAN 2026) में विदेशी नौसैनिक जहाजों का आगमन शुरू हो गया है। सोमवार को भारतीय नौसेना ने इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश के युद्धपोतों का स्वागत किया।

    विदेशी जहाजों का आगमन
    इंडोनेशियाई नौसेना का फ्रिगेट KRI Bung Tomo-357 पहले ही विशाखापत्तनम पहुंच चुका है। पूर्वी नौसेना कमान ने इसे “सेलामल दातंग” कहकर अभिनंदन किया। संयुक्त अरब अमीरात का नौसैनिक कोर्वेट Al-Emarat भी अभ्यास में शामिल हुआ, जो भारत और UAE के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है। वहीं, पड़ोसी बांग्लादेश का फ्रिगेट BNS Somudra Avijan भी बेड़े में शामिल हो गया।

    इससे पहले थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के जहाज भी पोर्ट में पहुँच चुके हैं, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक भव्य और विविधता पूर्ण बन गया है।

    IFR 2026: राष्ट्रपति करेंगी समीक्षा
    18 फरवरी को समुद्र में होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का निरीक्षण भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। यह स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े नौसैनिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इस वर्ष कुल 71 जहाज इस आयोजन में हिस्सा लेंगे, जिनमें भारतीय नौसेना के 45 जहाज, 19 विदेशी युद्धपोत और शेष कोस्ट गार्ड, मर्चेंट नेवी और अनुसंधान जहाज शामिल हैं।

    मुख्य आकर्षण के रूप में भारतीय विमानवाहक पोत INS विक्रांत पहले ही विशाखापत्तनम में पहुंच चुका है। यह जहाज समारोह का केंद्रबिंदु होगा और दर्शकों का ध्यान सबसे अधिक खींचेगा। सभी जहाजों को छह पंक्तियों में व्यवस्थित किया जाएगा।

    मिलन अभ्यास: समुद्री सहयोग का बड़ा मंच
    1995 में महज चार देशों के साथ शुरू हुआ मिलन अभ्यास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशाल मंच बन गया है। इस साल 65 देशों की नौसेनाएं इसमें भाग ले रही हैं। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना और मित्र देशों के बीच पेशेवर बातचीत को मजबूत करना है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसके लिए ‘मिलन विलेज’ का उद्घाटन किया गया है, जो 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के लिए एक सांस्कृतिक और मैत्री केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

    इंटरनेशनल सिटी परेड
    उत्सव के रूप में 19 फरवरी की शाम को विशाखापत्तनम में रोड पर भव्य इंटरनेशनल सिटी परेड आयोजित की जाएगी। इसमें 45 सैन्य दल हिस्सा लेंगे। मनोरंजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए 7 से 8 विदेशी बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे यह न केवल सैन्य ताकत बल्कि दोस्ताना संबंधों का उत्सव भी साबित होगा।