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  • बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान, 25-सदस्यीय मंत्रिमंडल में शामिल एक हिंदू नेता

    बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान, 25-सदस्यीय मंत्रिमंडल में शामिल एक हिंदू नेता


    ढाका। बांग्लादेश में मंगलवार को एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ, जब तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। तारिक रहमान अब बांग्लादेश नेशनल पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय खालिदा जिया के पुत्र के रूप में देश की कमान संभालेंगे। वह बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री बने। आम चुनावों में बड़ी जीत के साथ ही उन्होंने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस की जगह यह पद ग्रहण किया। शपथ ग्रहण समारोह ढाका स्थित संसद भवन के साउथ प्लाजा में शाम 4 बजे आयोजित किया गया। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें शपथ दिलाई।

    नई सरकार के मंत्रियों में शामिल प्रमुख चेहरे हैं:-

    डॉ. खलीलुर रहमान – विदेश मंत्री
    सलाहुद्दीन अहमद – गृह मंत्री
    डॉ. अमीर खसरू महमूद – वित्त एवं योजना मंत्री
    शमा ओबैद – विदेश राज्य मंत्री

    शपथ ग्रहण समारोह में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति भी रही। भारत से लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भाग लिया। इसके अलावा मलेशिया, पाकिस्तान, मालदीव, तुर्की, श्रीलंका के प्रतिनिधि तथा चीन, सऊदी अरब, यूएई और ब्रुनेई को आमंत्रित किया गया।

    कैबिनेट मंत्रियों की सूची

    कुल 25 सदस्यों के मंत्रिमंडल में शामिल हैं:- मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, अमीर खोशरू महमूद चौधरी, सलाहुद्दीन अहमद, इकबाल हसन महमूद, मेजर रिटायर्ड हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम, अबू जफर मोहम्मद जाहिद हुसैन, डॉ. खलीलुर रहमान, अब्दुल अव्वल मिंटू, काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद, मिजानुर रहमान मीनू, निताई रॉय चौधरी (हिंदू नेता), खंडेकर अब्दुल मुक्तदिर, अरिफुल हक चौधरी, जहीर उद्दीन स्वपन, मोहम्मद अमीन उर रशीद, अफरोजा खानम रीटा, शाहिद उद्दीन चौधरी एनी, असदुल हबीब दुलु, मोहम्मद असदुज्जमां, जकारिया ताहिर, दीपेन दीवान (अल्पसंख्यक), एएनएम एहसानुल हक मिलन, सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन, फकीर महबूब अनम और शेख रबीउल आलम।

    राज्य मंत्रियों में शामिल प्रमुख नाम
    एम रशीदुज्जमां मिल्लत, अनिंद्य इस्लाम अमित, एमडी शरीफुल आलम, शमा ओबैद इस्लाम, सुल्तान सलाहुद्दीन टुकू, बैरिस्टर कैसर कमाल, फरहाद हुसैन आजाद, एमडी अमीनुल हक टेक्नोक्रेट मीर मोहम्मद हेलाल उद्दीन, हबीबुर रशीद, एमडी राजीब अहसन, एमडी अब्दुल बारी, मीर शाहे आलम, जोनायद अब्दुर रहीम साकी, इशराक़ हुसैन, फरजाना शर्मिन, शेख फ़रीदुल इस्लाम, नुरुल हक नूर, यासर खान चौधरी, एम इकबाल हुसैन, एमए मुहिथ, अहमद सोहेल मंजूर, बॉबी हज्जाज और अली नेवाज महमूद खैयाम।

    संसदीय दल का नेता चुना गया

    बीएनपी ने शपथ ग्रहण से पहले संसदीय दल की बैठक में तारिक रहमान को दल का नेता चुना। उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं से भी मुलाकात की, जिनमें जमात-ए-इस्लामी चीफ शफीकुर रहमान और नेशनल सिटीजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम शामिल थे।

    चुनाव में बड़ी जीत

    हाल ही में हुए चुनाव में बीएनपी को 297 में से 209 सीटें मिलीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी केवल 68 सीटों तक सीमित रही। शेख हसीना की आवामी लीग इस चुनाव में भाग नहीं ले सकी। अल्पसंख्यक समुदाय से चार उम्मीदवार जीतकर आए, जिनमें दो हिंदू बीएनपी के टिकट पर विजयी रहे। राजनीतिक अस्थिरता और छात्र आंदोलनों के बाद अब नई सरकार के गठन के साथ बांग्लादेश लोकतांत्रिक ढांचे के तहत सुचारू रूप से चलने लगा है।

  • बांग्लादेश में चुनावी तारीख घोषित, शेख हसीना की पार्टी ने किया खारिज, कहा- यूनुस के बस की बात नहीं

    बांग्लादेश में चुनावी तारीख घोषित, शेख हसीना की पार्टी ने किया खारिज, कहा- यूनुस के बस की बात नहीं


    नई दिल्‍ली । पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना(Sheikh Hasina) की पार्टी बांग्लादेश अवामी लीग ने 12 फरवरी, 2026 के लिए घोषित चुनावी तारीख को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आवामी लीग ने बांग्लादेश(Bangladesh) चुनाव आयोग के इस कदम को गैर-कानूनी बताया है। पार्टी ने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता और मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस(Muhammad Yunus) के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार एक किलर-फासीस्ट(killer-fascist) गिरोह की तरह काम कर रही है, जो किसी भी हाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और सहभागी चुनाव नहीं करा सकती।

    अवामी लीग का कड़ा बयान
    गुरुवार को जारी एक तीखे बयान में पार्टी ने कहा कि उसने गैरकानूनी, कब्जाधारी, हत्यारे-फासीस्ट यूनुस गिरोह के गैरकानूनी निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम का गहन अध्ययन किया है और यह स्पष्ट है कि मौजूदा प्रशासन पूरी तरह पक्षपाती है। पार्टी के अनुसार उनके नियंत्रण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनता की इच्छा का प्रतिबिंब सुनिश्चित करना असंभव है।

    अवामी लीग ने अपने बयान में कहा- यह अब स्पष्ट है कि मौजूदा कब्जाधारी सत्ता पूरी तरह पक्षपाती है और उनके नियंत्रण में सामान्य, स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल संभव नहीं। चुनाव जनता की लोकप्रियता का पैमाना हैं। अवामी लीग एक चुनाव-उन्मुख पार्टी है और जनता के सामने खड़े होने की क्षमता, साहस और ताकत रखती है।

    ऐतिहासिक भूमिका और चुनावी विरासत का उल्लेख
    अवामी लीग ने जोर देकर कहा कि अपनी स्थापना से लेकर अब तक उसने 13 राष्ट्रीय चुनावों में हिस्सा लिया है, जिनमें से 9 बार विजयी होकर सरकार बनाई है। पार्टी ने दावा किया कि उसकी भागीदारी के बिना चुनाव करवाना देश को गहरे संकट में धकेलने के बराबर है। पार्टी ने साफ कहा कि बांग्लादेश में निष्पक्ष चुनाव कराना यूनुस के बस की बात नहीं है।

    पार्टी की मुख्य मांगें
    – अवामी लीग ने चुनाव कार्यक्रम को खारिज करते हुए कई बड़े कदमों की मांग की है:
    – पार्टी पर लगाए गए सभी प्रतिबंध तत्काल हटाए जाएं
    – शेख हसीना सहित नेताओं पर दर्ज फर्जी मामलों को वापस लिया जाए
    – सभी राजनीतिक बंदियों को बिना शर्त रिहा किया जाए
    – मौजूदा अंतरिम सरकार को हटाकर एक तटस्थ केयरटेकर सरकार बनाई जाए, जो स्वतंत्र और सहभागी चुनाव करा सके
    – पार्टी ने कहा कि देश की आजादी की अगुवाई करने वाली पार्टी को चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखने की कोशिश राष्ट्र को अस्थिरता की ओर ले जाएगी।

    CEC का ऐलान: 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय चुनाव और जनमत संग्रह
    इससे पहले बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ए.एम.एम. नासिर उद्दीन ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए घोषणा की कि देश में 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय चुनाव होंगे। यह चुनाव अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद होने वाला पहला राष्ट्रीय मतदान होगा, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाया था।

    उसी दिन जुलाई चार्टर पर एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी कराया जाएगा। इस चार्टर में कार्यपालिका की शक्तियां सीमित करने और न्यायपालिका को मजबूत करने जैसे बड़े सुधार प्रस्तावित हैं। मतदान देश की 300 संसदीय सीटों पर एक साथ होगा- यह बांग्लादेश के इतिहास में पहली बार ट्विन पोल्स होंगे।

    चुनावी प्रक्रिया की समयरेखा
    – नामांकन दाखिल: 29 दिसंबर 2025 से
    – चुनाव प्रचार: 22 जनवरी 2026 से शुरू
    – चुनाव प्रचार समाप्ति: मतदान से 48 घंटे पहले

    आगामी चुनाव का संभावित मुकाबला
    विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनाव में मुख्य प्रतिस्पर्धा इन दलों के बीच रहने की संभावना है:
    – बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP)- नेतृत्व बेगम खालिदा जिया
    – जमात-ए-इस्लामी
    – नेशनल सिटिजन्स पार्टी (NCP)- जिसने 2024 के छात्र आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

    अवामी लीग की अनुपस्थिति चुनावी परिदृश्य को जटिल बना सकती है, और उसकी सख्त आपत्तियों के कारण बांग्लादेश का राजनीतिक तापमान एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है।