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  • वनडे सीरीज तय, आयरलैंड ने अफगानिस्तान के खिलाफ 5 मैचों की मेजबानी करने का फैसला किया

    वनडे सीरीज तय, आयरलैंड ने अफगानिस्तान के खिलाफ 5 मैचों की मेजबानी करने का फैसला किया


    नई दिल्ली: क्रिकेट आयरलैंड ने अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के साथ वनडे सीरीज आयोजित करने का फैसला किया है, जो 5 से 14 अगस्त 2026 के बीच खेले जाएंगे। इस फैसले ने कई लोगों के मन में सवाल उठाए हैं, क्योंकि तालिबान सरकार के तहत अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों पर लगातार रोक और भेदभाव जारी है। इसके बावजूद, आयरलैंड ने नैतिक परेशानी के बावजूद यह फैसला संगठन के व्यापक हित को ध्यान में रखा हुआ है।

    बोर्ड की मुख्य कार्यकारी सारा कीन ने बताया, “यह फैसला न तो वित्तीय कारणों से लिया गया है और न ही किसी कानूनी मजबूरी के कारण। हमें इस फैसले में नैतिक बेचैनी महसूस हो रही है, क्योंकि हम अफगानिस्तान महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ हैं। लेकिन इस दौरे को हम अफगानिस्तान महिला टीम की स्थिति को उजागर करने का अवसर भी मानते हैं।”

    कीन ने बताया कि आयरलैंड ने अफगानिस्तान की महिला टीम को भी आयरलैंड में खेलने का निमंत्रण दिया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके मुद्दे को प्रमुखता दी जा सके। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा व्यापक सिद्धांत है, जिसके तहत खिलाड़ी अपनी दर्जनों से अलग देखे जाते हैं, जैसा हाल ही में ओलंपिक आयोजनों में देखा गया।

    आयरलैंड और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे 5 अगस्त को और दूसरा 7 अगस्त को ब्रेडी में खेला जाएगा। तीसरा, चौथा और पांचवां वनडे 10, 12 और 14 अगस्त को बेलफास्ट में आयोजित होंगे। इससे आयरलैंड को आगामी 50 ओवर वर्ल्ड कप और ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लिए तैयारी का भी अवसर मिलेगा।

    इस बीच, आयरलैंड 28 मई से 4 जून तक वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के साथ टी20 त्रिकोणीय सीरीज भी खेलेगा। बोर्ड ने 2027 तक पाकिस्तान दौरे की योजना भी बनाई है, जिसमें एक टेस्ट मैच शामिल होगा। यह सब तैयारियां अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा और खिलाड़ियों के विकास को ध्यान में रखते हुए की जा रही हैं।

    क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन है कि यह निर्णय आयरलैंड के लिए दोहरी चुनौती पेश करता है। एक तरफ बोर्ड को नैतिक जिम्मेदारी निभानी है, वहीं खिलाड़ियों और टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट भी सुनिश्चित करना है। कीन ने स्पष्ट किया कि बोर्ड की कोशिश यही है कि अफगान महिला टीम का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में बना रहे और उनके संघर्ष को वैश्विक मंच पर उजागर किया जा सके।

    इस फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय में मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। कुछ एथलीटों ने इसे “सहज समझौता” कहा, जबकि कुछ ने इसे “खेल और नैतिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने का प्रयास” बताया।

    आयरलैंड की योजना स्पष्ट है: टीम को आगामी टूर्नामेंट और क्वालिफिकेशन मुकाबलों के लिए अधिक अवसर प्रदान करना, जबकि सामाजिक और नैतिक मानकों को नजरअंदाज नहीं करना। इस फैसले से यह संदेश भी गया कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों को उनके देश की राजनीति से अलग मानक देखा जा सकता है।

    इस तरह, अफगानिस्तान के खिलाफ 5 वनडे मैचों की सीरीज न केवल क्रिकेट के लेस से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वैश्विक मंच पर महिलाओं के अधिकारों और खेल के व्यापक सिद्धांत को भी उजागर करती है।

  • वनडे इतिहास की सबसे सुस्त पारी, 36 रन बनाने के लिए खेल डाली 174 गेंद, मैच देखते हुए सो गए फैंस!

    वनडे इतिहास की सबसे सुस्त पारी, 36 रन बनाने के लिए खेल डाली 174 गेंद, मैच देखते हुए सो गए फैंस!


    नई दिल्ली। मॉर्डन डे क्रिकेट में आज फैंस हर गेंद पर चौका-छक्का देखना पसंद करते हैं. अगर ऐसा न हो तो उस मैच को बोरिंग मान लिया जाता है. यही कारण है कि बदलते दौर में कुछ ऐसे रिकॉर्ड बने जो कल्पना से परे था. चाहे वो फास्टेस्ट फिफ्टी का रिकॉर्ड हो या फिर सेंचुरी का, लेकिन जब क्रिकेट फल-फुल रहा था तो मामला बिल्कुल अलग था. शुरुआती दौर में क्रिकेट में सिर्फ टेस्ट फॉर्मेट का चलन था. उसके बाद 1971 में वनडे की शुरुआत हुई. जिसके बाद लंबे समय तक इस फॉर्मेट का बोलबाला रहा.
    वनडे फॉर्मेट में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हुए. उन्हीं में से एक नाम भारत के महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर का भी है. वैसे तो गावस्कर का क्रिकेटिंग करियर उपलब्धियों से भरा हुआ है, लेकिन उनके नाम एक रिकॉर्ड ऐसा भी है जो शायद ही कभी टूट पाए. ये रिकॉर्ड है वनडे क्रिकेट में सबसे धीमी पारी खेलने का.

    भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज सुनील गावस्कर ने इंग्लैंड के खिलाफ साल 1975 में वनडे इतिहास की सबसे धीमी पारी खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. विश्व कप के इस मुकाबले में सुनील गावस्कर ने 36 रन बनाने में 174 गेंद खेल डाली थी. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट महज 20 का रहा और पारी में वह सिर्फ 1 चौका ही लगा पाए. सुनील गावस्कर का ये रिकॉर्ड मॉर्डन डे क्रिकेट में अब शायद ही कभी टूट पाए.

    क्रिस गेल ने गेंदबाजों को जमकर तोड़ा था
    क्योंकि, जिस तरह की पारी सुनील गावस्कर ने खेली थी अगर आज के दौर में कोई क्रिकेटर ऐसा करता है तो उसका करियर बर्बाद हो जाएगा. आज के दौर में खिलाड़ियों का करियर और उसकी प्रतिभा इस बात पर निर्भर करती है कि उसका स्ट्राइक रेट का ग्राफ कितना ऊंचा है. यही वजह है कि वनडे क्रिकेट में कम से कम सुनील गावस्कर के सबसे धीमी पारी के रिकॉर्ड का टूटना नामुमकिन है.
    भारत-इंग्लैंड के उस मैच में क्या हुआ था?
    सुनील गावस्कर के वनडे में सबसे धीमी पारी वाले मैच की बात करें तो इंग्लैंड ने टीम इंडिया को 202 रन से हराया था. मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए डेनिस एमिस की शतकीय पारी से 4 विकेट के नुकसान पर 334 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. इंग्लैंड के इस स्कोर के जवाब में टीम इंडिया पूरे 60 ओवर खेलकर 3 विकेट के नुकसान 132 रन ही बना पाई थी. भारत के लिए सुनील गावस्कर के अलावा मैच में गुंडप्पा विश्वनाथ ने 37 रनों का योगदान दिया था.
  • ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा पीसीबी: रिपोर्ट

    ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा पीसीबी: रिपोर्ट


    नई दिल्ली। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने आईपीएल में केकेआर का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के बाद पीएसएल में नहीं खेलने का फैसला किया है। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) मुजरबानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी मुजरबानी के फैसले को कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन के रूप में देख रही है और कानूनी कार्रवाई के लिए विकल्पों पर विचार कर रही है।

    ब्लेसिंग मुजरबानी को पीएसएल की इस्लामाबाद यूनाईटेड ने 11 मिलियन पाकिस्तानी रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। उन्हें टीम ने शमार जोसेफ की जगह शामिल किया था। आईपीएल की फ्रेंचाइजी केकेआर ने शुक्रवार को मुजरबानी को अपने स्कवॉड में जगह दी। इसके बाद मुजराबानी ने पीएसएल की जगह आईपीएल को प्राथमिकता देने का फैसला किया। अब वह आगामी आईपीएल सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए दिखाई देंगे।

    यह लगातार दूसरा साल है जब किसी खिलाड़ी ने पीएसएल कॉन्ट्रैक्ट पहले से होने के बावजूद आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद आईपीएल को प्राथमिकता दी है। पिछले सीजन दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कॉर्बिन बॉश ने भी ऐसा ही कदम उठाया था। उन्हें पेशावर जाल्मी ने चुना था। बाद में वह आईपीएल की मुंबई इंडियंस से जुड़ गए थे।

    ब्लेसिंग मुजरबानी ने हाल में संपन्न टी20 विश्व कप 2026 में शानदार गेंदबाजी की थी और जिम्बाब्वे को सुपर-8 में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। मुजरबानी ने 13 विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुजरबानी के 4 विकेट ने ही जिम्बाब्वे को ग्रुप स्टेज में जीत दिलायी थी।

    इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का शेड्यूल एक बार फिर टकरा रहा है। आईपीएल 28 मार्च से शुरू हो रहा है। फाइनल मुकाबला 31 मार्च को खेला जाएगा, जबकि पीएसएल 26 मार्च से 3 मई तक प्रस्तावित है।

  • बांग्लादेशी कप्तान ने गलत किया, 'रन आउट' विवाद में सलमान आगा के पक्ष में बोले मोहम्मद कैफ

    बांग्लादेशी कप्तान ने गलत किया, 'रन आउट' विवाद में सलमान आगा के पक्ष में बोले मोहम्मद कैफ


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने शुक्रवार को बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेले गए मैच में पाकिस्तान के बल्लेबाज सलमान अली आग को दिए गए रन आउट के फैसले को खेल भावना के विपरीत माना है। कैफ ने इस मामले में बांग्लादेशी कप्तान मिराज की हरकत को गलत बताया है।

    मोहम्मद कैफ ने एक्स पर लिखा, “यह बिल्कुल सही नहीं था। विकेट लेने का यह तरीका किसी भी तरह से सही नहीं है। वो भी कप्तान ने ऐसा किया। युवाओं ध्यान रखो, अगर वर्ल्ड कप फाइनल भी दांव पर लगा हो तब भी वो नहीं करना जो बांग्लादेशी कप्तान ने किया। खेल बिना खेल भावना के खेल नहीं है। कैफ ने कहा कि बांग्लादेशी कप्तान ने जो किया, वो यह नहीं करना चाहिए था।

    घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर घटी। मेहदी हसन मिराज की गेंद को मोहम्मद रिजवान ने गेंदबाज की दिशा में खेला। गेंद पकड़ने की कोशिश में मिराज नॉन स्ट्राइक वाली क्रीज से बाहर खड़े सलमान अली आगा से लड़ गए। गेंद रुक गई थी इसलिए आगा ने सिंगल लेने का इरादा छोड़ दिया और गेंद खुद उठाकर मिराज को देने लगे। इतने में मिराज ने गेंद लेकर विकेट पर दे मारा। आगा क्रीज के बाहर थे और अपील के बाद उन्हें तीसरे अंपायर ने रन आउट करार दिया। आगा गेंद गेंदबाज को देने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें रन आउट दे दिया गया।

    मेहदी हसन का यह बर्ताव सलमान आगा को बिल्कुल पसंद नहीं आया। वह उनसे मैदान पर ही भिड़ गए। थर्ड अंपायर द्वारा रन आउट करार दिए जाने के बाद सलमान नाखुश दिखे और पेवेलियन जाते हुए गुस्से में अपना ग्लव्स और हेलमेट फेंकते हुए दिखे।

    मैच के बाद आगा ने कहा, “मुझे लगता है कि खेल भावना होनी चाहिए। वह मेहदी को गेंद वापस देने की कोशिश कर रहे थे। ऐसी स्थिति में इसे डेड करार दिया जा सकता था।”

    उन्होंने कहा, “गेंद मेरे पैड पर और फिर मेरे बैट पर लगी। इसलिए मुझे लगा कि वह अब मुझे रन-आउट नहीं कर सकते, क्योंकि बॉल पहले ही मेरे पैड और मेरे बैट पर लग चुकी थी। मैं बस उन्हें गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। मैं रन नहीं ढूंढ रहा था, लेकिन उसने पहले ही रन-आउट करने का फैसला कर लिया। मैं इसे अलग तरह से करता। मैं खेल भावना के लिए जाता। हमने पहले ऐसा कुछ नहीं किया है, और भविष्य में भी ऐसा कभी नहीं करेंगे।

    मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने माज सदाकत (75), आगा (64), और रिजवान (44) की मदद से 274 रन बनाए थे। बारिश की वजह से बांग्लादेश को डीएलएस नियम के तहत 32 ओवर में 243 का लक्ष्य दिया गया था। बांग्लादेश 114 रन पर सिमट गई और 128 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई।

  • भूटान के सोनम येशे ने रचा इतिहास, T20I में 8 विकेट लेकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

    भूटान के सोनम येशे ने रचा इतिहास, T20I में 8 विकेट लेकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड




    नई दिल्ली।
    क्रिकेट का दायरा लगातार फैल रहा है और अब नए-नए देश भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। इसी कड़ी में भूटान क्रिकेट ने एक ऐसा ऐतिहासिक पल देखा, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। म्यांमार के खिलाफ खेले गए T20 इंटरनेशनल मुकाबले में 22 वर्षीय युवा गेंदबाज सोनम येशे ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो इससे पहले किसी भी गेंदबाज ने नहीं किया था।

    इस मैच में भूटान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 127 रन बनाए। टीम के लिए नामगांग चेजय ने शानदार अर्धशतक जड़ा।

    उन्होंने 45 गेंदों में 50 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। इसके अलावा नामगे थिनले ने 22 गेंदों में 27 रन और ताशी डोर्जी ने 17 रन जोड़कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी म्यांमार की टीम भूटान के गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बिखर गई। खासतौर पर सोनम येशे की घातक गेंदबाजी ने म्यांमार की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    सोनम ने अपने चार ओवर में महज 7 रन देकर 8 विकेट झटके और नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक मैच में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।

    इससे पहले पुरुष T20I क्रिकेट में अधिकतम 7 विकेट लेने का रिकॉर्ड था। साल 2023 में मलेशिया के स्याजरुल इद्रस ने चीन के खिलाफ 7 विकेट लिए थे, जबकि बहरीन के अली दाऊद ने भूटान के खिलाफ 7 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था। लेकिन सोनम येशे ने इन दोनों को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया।

    म्यांमार की पूरी टीम सिर्फ 45 रन पर ढेर हो गई। टीम के लिए केवल हेट लिन ऊ (12 रन) और प्याए फ्यो वाई (10 रन) ही दोहरे अंक तक पहुंच सके। बाकी बल्लेबाज सोनम येशे की धारदार गेंदों के सामने टिक नहीं पाए।

    इस तरह सोनम येशे की ऐतिहासिक गेंदबाजी के दम पर भूटान ने म्यांमार को 82 रनों से करारी शिकस्त दी। यह जीत न सिर्फ भूटान क्रिकेट के लिए यादगार रही, बल्कि यह भी साबित कर गई कि उभरते क्रिकेट राष्ट्र अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़े रिकॉर्ड बनाने का माद्दा रखते हैं।