Tag: International Yoga Day

  • योग दिवस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, स्वस्थ वृद्धावस्था पर जोर

    योग दिवस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, स्वस्थ वृद्धावस्था पर जोर


    मध्यप्रदेश । मंदसौर के नूतन स्टेडियम में रविवार को International Yoga Day 2026 के अवसर पर भव्य जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई, जिसके तहत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुधीर गुप्ता और कलेक्टर अदिति गर्ग उपस्थित रहे। इनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व मंत्री कैलाश चावला, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी योगाभ्यास में भाग लिया।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता में दिए गए योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसके साथ ही राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के योग कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया।

    इस आयोजन की विशेषता यह रही कि जैन संत प्रणमय सागर ने स्वयं मंच पर योगासन कराए और उपस्थित लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराते हुए बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मिक और मानसिक संतुलन का भी साधन है।

    योगाभ्यास के बाद सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। कलेक्टर अदिति गर्ग ने नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, क्योंकि यह स्वस्थ और संतुलित जीवन की कुंजी है।

    सांसद सुधीर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उन्होंने बताया कि ऋग्वेद और महर्षि पतंजलि के योग सूत्रों में योग का विस्तृत वर्णन मिलता है, जिसे आधुनिक समय में वैश्विक पहचान मिली है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2015 के बाद योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और आज करोड़ों लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है।

    सांसद ने किसानों से जैविक खेती अपनाने और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की भी अपील की, यह कहते हुए कि “जब भूमि स्वस्थ होगी तभी समाज भी स्वस्थ रहेगा।”

    कुल मिलाकर, मंदसौर का यह योग कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि इसमें आध्यात्मिकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संदेश का भी सुंदर समावेश देखने को मिला।

  • योग दिवस पर शुजालपुर में उत्साह, सामूहिक योग से दिया फिटनेस का संदेश

    योग दिवस पर शुजालपुर में उत्साह, सामूहिक योग से दिया फिटनेस का संदेश


    मध्यप्रदेश । शुजालपुर में International Yoga Day 2026 के अवसर पर शहरभर में योग को लेकर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। इस वर्ष “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के तहत विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    श्री जटाशंकर महादेव मंदिर परिसर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर आयुष शुजालपुर मंडी की ओर से विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 90 लोगों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक देवेंद्र सिंह परमार सहित आयुष विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया।

    इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों, समाजसेवियों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह आयोजन एक सामुदायिक स्वास्थ्य अभियान का रूप लेता नजर आया। सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपनाकर निरोगी जीवन जीने का संकल्प लिया।

    इसी प्रकार, जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में क्रीड़ा विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय योग कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, स्वयंसेवकों और स्टाफ सदस्यों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसे छात्रों और उपस्थित लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना। इसमें योग को दैनिक जीवन में अपनाने और इसे स्वस्थ भारत के निर्माण का आधार बनाने पर जोर दिया गया।

    दोनों प्रमुख कार्यक्रमों में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम को केंद्र में रखते हुए प्रतिभागियों को बताया गया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और समग्र स्वास्थ्य का साधन है। नियमित योग, प्राणायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने से जीवन को अधिक स्वस्थ और सक्रिय बनाया जा सकता है।

    कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। शहर में योग दिवस के अवसर पर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसने पूरे आयोजन को सफल और प्रेरणादायक बना दिया।

  • योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक

    योग दिवस पर देवास में अनोखा आयोजन, श्रम योग से दिखी परंपरा और स्वास्थ्य की झलक


    मध्यप्रदेश । देवास में International Yoga Day 2026 के अवसर पर महिलाओं ने एक अनोखा और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध योग प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को भारतीय जीवनशैली की गहराई से परिचित कराया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग को केवल आसनों तक सीमित न मानकर उसे एक संपूर्ण जीवन पद्धति के रूप में प्रस्तुत करना था।

    इस विशेष आयोजन में पृथ्वी वंदना, शिव वंदना और श्रम योग जैसे पारंपरिक अभ्यासों को शामिल किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राचीन भारतीय जीवनशैली स्वयं में ही योग का एक स्वरूप थी, जिसमें शरीर, मन और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहता था।

    कार्यक्रम में महिलाओं ने श्रम योग का जीवंत प्रदर्शन करते हुए बताया कि पुराने समय में दैनिक जीवन की गतिविधियां ही वास्तविक योग का आधार थीं। खेतों में काम करना, हाथों से घरेलू कार्य करना, जमीन पर बैठकर भोजन करना और पैदल चलना जैसी आदतें शरीर को प्राकृतिक रूप से सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखती थीं।

    इस प्रस्तुति के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि आधुनिक जीवनशैली में इन परंपरागत आदतों के धीरे-धीरे समाप्त होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। शारीरिक निष्क्रियता और मशीनों पर बढ़ती निर्भरता ने जीवन को आसान जरूर बनाया है, लेकिन स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है।

    योग संचालिका गौरी शेकटकर ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति में हर दैनिक क्रिया अपने आप में एक प्रकार का योग थी। उन्होंने बताया कि हमारे पूर्वज बिना किसी विशेष प्रशिक्षण या योग कक्षाओं के भी स्वस्थ जीवन जीते थे, क्योंकि उनकी दिनचर्या प्रकृति और श्रम से गहराई से जुड़ी हुई थी।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें और भारतीय जीवन मूल्यों को पुनः अपनाएं। योग को केवल व्यायाम के रूप में नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति के रूप में समझना जरूरी है।

    कार्यक्रम के अंत में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, अनुशासन और संतुलित जीवन का आधार भी है। प्रतिभागियों और दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायक बताया।

  • योग दिवस पर शिवपुरी में उमड़ा जनसैलाब, मंत्री ने जनचौपाल में सुनीं समस्याएं

    योग दिवस पर शिवपुरी में उमड़ा जनसैलाब, मंत्री ने जनचौपाल में सुनीं समस्याएं


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले में रविवार को International Yoga Day 2026 बड़े उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” के अनुरूप जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हजारों लोगों ने भाग लेकर योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    जिला मुख्यालय स्थित तात्या टोपे खेल परिसर (पोलो ग्राउंड) में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया।

    कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने यह संदेश दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन है। उपस्थित लोगों ने नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    इसी क्रम में खोड़ स्थित धार महादेव मंदिर प्रांगण में भी भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ विधायक देवेंद्र जैन और भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव ने भी योगाभ्यास किया।

    इस कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि योग के बाद प्रभारी मंत्री ने जन चौपाल लगाकर स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लिया, जिससे कार्यक्रम केवल योग तक सीमित न रहकर जनसंपर्क का माध्यम भी बन गया।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने की एक प्रभावी जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि नियमित योग से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी अधिक मजबूत बनता है।

    उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें, ताकि एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण हो सके।

    कुल मिलाकर, शिवपुरी में आयोजित यह योग कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि इसमें जनभागीदारी और प्रशासनिक संवाद का भी सुंदर संगम देखने को मिला।

  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगी का संदेश, योग को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगी का संदेश, योग को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग को भारतीय संस्कृति और ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया और इसे जीवन का नियमित हिस्सा बनाने पर जोर दिया। झांसी में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि योग केवल एक दिन या किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवनशैली में शामिल करना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव है और योग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने बताया कि भारतीय ऋषि परंपरा ने जो पर्व और परंपराएं विकसित की हैं, उनका उद्देश्य हमेशा प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन को संतुलित रखना रहा है। योग भी इसी सोच का विस्तार है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच योग और भी अधिक आवश्यक हो गया है। नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और एकाग्रता को भी बढ़ाता है।

    कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास में हिस्सा लिया और विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल कार्यक्रम या आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं ताकि एक स्वस्थ और मजबूत समाज का निर्माण हो सके।

  • शिप्रा की लहरों पर योग का कमाल, बारिश के बीच नन्हें तैराकों ने दिखाया अद्भुत संतुलन

    शिप्रा की लहरों पर योग का कमाल, बारिश के बीच नन्हें तैराकों ने दिखाया अद्भुत संतुलन


    मध्यप्रदेश । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन उज्जैन में एक ऐसा आयोजन देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से एक दिन पहले उज्जैन के रामघाट पर मां शिप्रा तैराक दल के नन्हें तैराकों ने शिप्रा नदी की लहरों के बीच जल योग का अद्भुत प्रदर्शन कर योग और तैराकी के अनूठे संगम को प्रस्तुत किया।

    सुबह से मौसम खराब था और रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, लेकिन इसका असर बच्चों के उत्साह पर बिल्कुल भी नहीं पड़ा। बारिश की फुहारों और शिप्रा नदी के प्रवाह के बीच बच्चों ने जिस आत्मविश्वास और संतुलन का परिचय दिया, वह देखने लायक था। नन्हें तैराकों ने पानी में योगासन करते हुए यह साबित कर दिया कि योग केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि जल में भी उतनी ही प्रभावशाली तरीके से किया जा सकता है।

    कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अनुलोम-विलोम, ब्रीदिंग एक्सरसाइज, विभिन्न योग मुद्राओं और योग पिरामिड का प्रदर्शन किया। पानी में संतुलन बनाते हुए तैयार की गई आकर्षक आकृतियां दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। नदी की लहरों पर योगाभ्यास करते बच्चों की प्रस्तुति ने वहां मौजूद लोगों को रोमांचित कर दिया और सभी ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

    मां शिप्रा तैराक दल के सचिव एवं प्रशिक्षक संतोष सोलंकी ने बताया कि उनकी संस्था पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जल योग का आयोजन करती आ रही है। हर वर्ष संस्था का प्रयास रहता है कि योग दिवस पर कुछ नया और प्रेरणादायक संदेश दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस बार बच्चों ने प्रतिकूल मौसम के बावजूद जिस समर्पण और अनुशासन का प्रदर्शन किया, वह सराहनीय है।

    महिला प्रशिक्षक सपना माली के मार्गदर्शन में वैष्णवी बारोड, खुशी कहार, भारती कहार, राघव बारोड, युग बारोड, भोला कहार, याग्निक धकिते, वेदांश कोठार, अविनाश शर्मा और मुस्कान कहार सहित कई बच्चों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने अपने कौशल और संतुलन का शानदार प्रदर्शन कर यह संदेश दिया कि नियमित योग और तैराकी से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

    शिप्रा नदी में आयोजित यह जल योग कार्यक्रम केवल एक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन, सकारात्मक सोच और प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश भी था। बारिश के बीच नन्हें बच्चों का यह उत्साह लोगों के लिए प्रेरणा बन गया। कार्यक्रम ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की भावना को और अधिक मजबूत करते हुए समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

  • महाकाल की नगरी में योग का महाकुंभ, उज्जैन ने दिया स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश

    महाकाल की नगरी में योग का महाकुंभ, उज्जैन ने दिया स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश


    मध्यप्रदेश । उज्जैन में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम राजाभाऊ महाकाल स्टेडियम (दशहरा मैदान) में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के संबोधन के सीधा प्रसारण से हुई। इसके बाद योगाचार्यों के मार्गदर्शन में सामान्य योग प्रोटोकॉल के अनुसार विभिन्न योगासन और प्राणायाम कराए गए। प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    बारिश के बावजूद नहीं टूटा उत्साह
    योग दिवस से एक दिन पहले हुई बारिश के कारण दशहरा मैदान के कई हिस्सों में कीचड़ हो गया था। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हुए मैदान में पत्थर की चूरी डलवाई और बड़े कपड़े व मैट बिछाकर प्रतिभागियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। मौसम की चुनौती के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।

    महाकाल की नगरी में योग और अध्यात्म का संगम
    उज्जैन स्थित प्रसिद्ध Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple परिसर में भी योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। योगाभ्यास के माध्यम से लोगों ने स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में योग का यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

    भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में 1000 बंदियों ने किया योग
    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उज्जैन की भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में भी विशेष योग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक कृष्णा गुरुजी के मार्गदर्शन में लगभग 1000 पुरुष और महिला बंदियों ने योगाभ्यास किया। इस दौरान ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, कपालभाति और अनुलोम-विलोम जैसे योग अभ्यास कराए गए। इसके बाद ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बंदियों ने एकाग्रचित्त होकर भाग लिया।

    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा गया दावा
    जेल प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम से जुड़े दस्तावेज और प्रमाण Guinness World Records तथा International Yoga Book of Records को भेजे गए हैं। दावा किया गया है कि यह “Largest Yoga Session of Prisoners” श्रेणी में रिकॉर्ड बन सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित संस्थाओं द्वारा जांच के बाद लिया जाएगा।

    योग गुरु कृष्णा गुरुजी ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर जीवन को नई दिशा देता है।

  • योग दिवस पर MP में दिखा उत्साह: राष्ट्रपति ने किया योग, इंदौर ने बनाया रिकॉर्ड, राजगढ़ में मंत्री की तबीयत बिगड़ी

    योग दिवस पर MP में दिखा उत्साह: राष्ट्रपति ने किया योग, इंदौर ने बनाया रिकॉर्ड, राजगढ़ में मंत्री की तबीयत बिगड़ी


    मध्यप्रदेश । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को मध्य प्रदेश के शहरों, कस्बों और गांवों में योग का उत्साह देखने को मिला। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जबलपुर के सदर स्थित गैरिसन ग्राउंड में आयोजित किया गया, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठन और आम नागरिक उपस्थित रहे। योग कार्यक्रम ने स्वास्थ्य, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था को एक बार फिर मजबूती से सामने रखा।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने योगाभ्यास से पहले सभी प्रतिभागियों का अभिवादन किया और योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताया। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। गैरिसन ग्राउंड में सैकड़ों लोगों ने एक साथ योग कर सामूहिक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया।

    वहीं, इंदौर ने इस बार योग दिवस पर एक अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम किया। शहर में आयोजित विशाल सामूहिक योग कार्यक्रम में हजारों लोगों ने तीन मिनट से अधिक समय तक लगातार भ्रामरी प्राणायाम किया। आयोजकों के अनुसार यह योग के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है। प्रशिक्षकों के निर्देशन में हुए इस आयोजन ने लोगों को नियमित योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

    राजधानी भोपाल में भी योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। टीटी नगर स्टेडियम और बड़े तालाब क्षेत्र में हजारों लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। प्रशासन की ओर से पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे प्रतिभागियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

    प्रदेश के अन्य जिलों में भी योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। नर्मदापुरम के सेठानी घाट, महेश्वर के माहिष्मती घाट, सांची स्तूप परिसर और कई ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास हुआ। महिलाओं ने भारतीय परंपरा और संस्कृति पर आधारित विशेष योग प्रस्तुतियां भी दीं, जिन्हें लोगों ने खूब सराहा।

    हालांकि राजगढ़ में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम के दौरान एक अप्रत्याशित घटना भी सामने आई। टाइफाइड से पीड़ित मंत्री नारायण सिंह पंवार की योग कार्यक्रम के दौरान तबीयत बिगड़ गई। कमजोरी महसूस होने पर स्टाफ ने उन्हें सहारा देकर मंच के पीछे बैठाया। राहत की बात यह रही कि प्राथमिक देखभाल के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तेज हवा चलने से आयोजन स्थल का आधा टेंट भी गिर गया, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे मध्य प्रदेश में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन की कुंजी है। बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भागीदारी ने साबित कर दिया कि योग अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

  • योग से बनेगा बच्चों का मजबूत शरीर और तेज दिमाग जानें आसान असरदार आसन

    योग से बनेगा बच्चों का मजबूत शरीर और तेज दिमाग जानें आसान असरदार आसन


    नई दिल्ली । हर साल इक्कीस जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग केवल एक अभ्यास नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की एक स्वस्थ पद्धति है। योग से शरीर मन और श्वास तीनों को संतुलन मिलता है। बच्चों के लिए योग और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो रही होती है। बदलते मौसम में बच्चों को सर्दी जुकाम और संक्रमण जल्दी घेर लेते हैं। ऐसे में योग एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। नियमित योग अभ्यास से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है और बच्चे कम बीमार पड़ते हैं।

    धनुरासन बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इस आसन को करने से शरीर की पाचन प्रणाली सक्रिय होती है और पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं। बच्चे जब नियमित रूप से धनुरासन का अभ्यास करते हैं तो उनकी रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर में लचीलापन आता है। इस आसन में पेट के बल लेटकर पैरों को पीछे की ओर मोड़कर हाथों से पकड़ना होता है। धीरे धीरे सांसों के साथ शरीर को ऊपर उठाने से पूरे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।

    चक्रासन बच्चों के लिए एक प्रभावी योगासन है। यह आसन शरीर की शक्ति और संतुलन को बढ़ाता है। इस अभ्यास से नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है और श्वसन क्षमता में सुधार आता है। नियमित अभ्यास करने से हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है। बच्चे जब खेल खेल में इस आसन को सीखते हैं तो उनकी शारीरिक क्षमता तेजी से विकसित होती है। इस आसन में सावधानी आवश्यक होती है ताकि गर्दन कलाई और कंधों पर अनावश्यक दबाव न पड़े। सही मार्गदर्शन में यह आसन बच्चों के संपूर्ण विकास में सहायक होता है।

    शवासन योग का अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण आसन माना जाता है। यह शरीर और मन दोनों को गहरी शांति प्रदान करता है। इस आसन को करने से तनाव और मानसिक थकान कम होती है। बच्चे जब पढ़ाई और खेल के बाद इस आसन का अभ्यास करते हैं तो उनका मन स्थिर होता है और ध्यान क्षमता बढ़ती है। शवासन में शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़कर सांसों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इससे नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है और शरीर की ऊर्जा पुनः प्राप्त होती है। नियमित अभ्यास से बच्चों में एकाग्रता और आत्म नियंत्रण विकसित होता है।

    बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के लिए योग एक सरल और प्रभावी साधन है। जब बच्चे रोजाना योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है। योग केवल शरीर को मजबूत नहीं बनाता बल्कि यह मन को भी शांत और स्थिर रखता है। आज के समय में जब बच्चे मोबाइल और स्क्रीन की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं तब योग उन्हें प्रकृति और अपने शरीर से जोड़ने का कार्य करता है। माता पिता और शिक्षक यदि बच्चों को छोटी उम्र से ही योग की आदत डालें तो उनका भविष्य अधिक स्वस्थ और संतुलित बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक अवसर नहीं है बल्कि यह हमें यह याद दिलाता है कि योग को जीवन का हिस्सा बनाना कितना आवश्यक है। नियमित अभ्यास से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक मजबूती से कर पाते हैं।

  • योग दिवस पर बड़ा कार्यक्रम, जबलपुर में शामिल हो सकती हैं राष्ट्रपति; स्कूलों में अभ्यास सत्र शुरू

    योग दिवस पर बड़ा कार्यक्रम, जबलपुर में शामिल हो सकती हैं राष्ट्रपति; स्कूलों में अभ्यास सत्र शुरू


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार कार्यक्रम को और भी भव्य बनाने की योजना है, क्योंकि इसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि उनका दौरा अभी प्रस्तावित है, लेकिन प्रशासन ने इसे लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

    सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कई वरिष्ठ मंत्री भी इस कार्यक्रम में मौजूद रह सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर लगातार बैठकें शुरू कर दी हैं।

    सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
    राष्ट्रपति के संभावित आगमन को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की चूक नहीं चाहता। कार्यक्रम स्थल, रूट मैप, हेलीकॉप्टर लैंडिंग ज़ोन और भीड़ प्रबंधन को लेकर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। मानसून की आशंका को देखते हुए वाटरप्रूफ डोम और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जा रहा है। कार्यक्रम के लिए गैरीसन ग्राउंड और ग्वारीघाट स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज मैदान को संभावित स्थल के रूप में देखा जा रहा है। जल्द ही अंतिम स्थल का निर्णय लिया जा सकता है।

    स्कूलों में योग अभ्यास सत्र अनिवार्य, बच्चों की होगी बड़ी भागीदारी
    इस आयोजन में स्कूली बच्चों की भागीदारी को लेकर शिक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग की ओर से स्कूलों के शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित करें और इसकी जानकारी तुरंत साझा करें।

    जारी संदेश में कहा गया है कि 21 जून को होने वाले योग दिवस पर राष्ट्रपति के आगमन की संभावना को देखते हुए छात्रों की उपस्थिति और भागीदारी को प्राथमिकता दी जाए। इसके तहत स्कूलों में सुबह 6:30 से 8 बजे तक विशेष योग अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

    हजारों लोगों की भागीदारी वाला भव्य आयोजन
    प्रशासन की योजना के अनुसार, इस बड़े आयोजन में हजारों स्कूली छात्र, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और शहर के नागरिक सामूहिक योग करते नजर आएंगे। कार्यक्रम को व्यवस्थित और अनुशासित बनाने के लिए मिनट-टू-मिनट शेड्यूल तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जा सकता है।