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  • एमबीबीएस के बाद अब आयुष इंटर्न्स का प्रदर्शन, भोपाल कलेक्ट्रेट पहुंचकर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग

    एमबीबीएस के बाद अब आयुष इंटर्न्स का प्रदर्शन, भोपाल कलेक्ट्रेट पहुंचकर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग

    मध्यप्रदेश: की राजधानी भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आयुष इंटर्न डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को तेज हो गया। बड़ी संख्या में आयुष इंटर्न डॉक्टर भोपाल कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में 9,383 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जो कई अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है।

    आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने दोपहर करीब 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर घेराव किया। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया और इंटर्न डॉक्टरों को अंदर जाने से रोका गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया।

    प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले स्टाइपेंड का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश में राशि बढ़ाने की मांग रखी। उनका कहना है कि मौजूदा 9,383 रुपये का मासिक स्टाइपेंड 15 राज्यों की तुलना में सबसे कम है।

    डॉक्टरों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में आयुष इंटर्न्स को 33,099 रुपये प्रतिमाह, ओडिशा में 30 हजार रुपये और तेलंगाना में 29,792 रुपये का स्टाइपेंड मिलता है। बिहार में यह राशि 27 हजार रुपये, आंध्र प्रदेश में 25,906 रुपये और केरल में 23 हजार रुपये प्रतिमाह बताई गई है।

    इसी तरह कर्नाटक में 22,500 रुपये, असम और महाराष्ट्र में 18 हजार रुपये, छत्तीसगढ़ में 15,900 रुपये तथा पंजाब और उत्तराखंड में 15 हजार रुपये का स्टाइपेंड मिलने की जानकारी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने दी। राजस्थान में 14 हजार रुपये के साथ डीए मिलने की बात भी कही गई है।

    हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह मिलने का दावा किया गया। इन आंकड़ों के आधार पर आयुष इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि मध्यप्रदेश में मिलने वाला स्टाइपेंड बढ़ाया जाना चाहिए।

    आयुष इंटर्न डॉक्टरों का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब हाल ही में भोपाल में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने तीन दिन तक धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद सरकार ने उनके स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया।

    सरकार की घोषणा के बाद एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़कर 21,500 रुपये प्रतिमाह किया गया। हालांकि प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हुई थी। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल की बात सामने आई थी, जिसमें कुछ डॉक्टर घायल हुए थे।

    इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया था और मामले की जांच जारी है। इसी घटनाक्रम के बीच अब आयुष विभाग से जुड़े इंटर्न डॉक्टरों ने भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है।

    आयुष इंटर्न डॉक्टरों की मांग है कि उनकी आर्थिक स्थिति और अन्य राज्यों में मिलने वाली राशि को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश में भी स्टाइपेंड में उचित बढ़ोतरी की जाए। कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान प्रशासन और प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के बीच स्थिति पर नजर रखी गई।

    अब आयुष इंटर्न डॉक्टरों की मांग पर सरकार और संबंधित विभाग की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर है। प्रदर्शन के जरिए डॉक्टरों ने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर अपनी मांग प्रशासन के सामने रख दी है।

  • 14 हजार से 30 हजार स्टाइपेंड की मांग को लेकर डॉक्टर सड़क पर उतरे, हमीदिया में पुलिस से हुई झड़प

    14 हजार से 30 हजार स्टाइपेंड की मांग को लेकर डॉक्टर सड़क पर उतरे, हमीदिया में पुलिस से हुई झड़प

    भोपाल: के हमीदिया अस्पताल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन सोमवार को तनावपूर्ण हो गया। मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च निकालने की कोशिश कर रहे डॉक्टरों को रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान वाटर कैनन की चपेट में आने से एक इंटर्न डॉक्टर के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

    प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों की मुख्य मांग स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है। उनका कहना है कि वर्तमान में उन्हें हर महीने 14,337 रुपये स्टाइपेंड मिल रहा है, जबकि वे इसे बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इस संबंध में शासन की ओर से निर्णय लेने का मौखिक आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ।

    इसी के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए मार्च निकालने का फैसला किया। डॉक्टरों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्या रखना चाहते थे। हालांकि मार्च शुरू होने से पहले ही अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया और बाहर निकलने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

    पुलिस की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया। कुछ इंटर्न डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल के गेट और बैरिकेड तोड़ दिए। इसके बाद वे अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर फतेहगढ़ की मुख्य सड़क पर पहुंच गए और वहीं बैठकर विरोध जताने लगे। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर डॉक्टरों के बैठने से इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

    अस्पताल परिसर में पुलिस की ओर से इमरजेंसी गेट को भी ब्लॉक किए जाने की बात सामने आई। मौके पर वाटर कैनन वाहन सहित पुलिस के अन्य वाहन तैनात रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान वाटर कैनन चलाया गया और एक छात्र के घायल होने की जानकारी सामने आई।

    इंटर्न डॉक्टर मोहित मिश्रा ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर पहले संवैधानिक तरीके से अपनी बात रख चुके हैं और सभी नियमों का पालन किया गया, लेकिन जब उनकी मांग पर निर्णय नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने का फैसला लिया गया।

    डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें केवल मौखिक आश्वासन नहीं चाहिए। उनकी मांग है कि स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला लिखित सरकारी आदेश के रूप में जारी किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें 14,337 रुपये नहीं, बल्कि न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड चाहिए।

    मोहित मिश्रा के मुताबिक उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल की ओर से पहले कहा गया था कि यदि उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाया जाता है तो मध्य प्रदेश में भी उस दिशा में निर्णय लिया जाएगा। अब उत्तर प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने का आदेश जारी होने के बाद मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर भी अपने राज्य में इसी तरह के निर्णय की मांग कर रहे हैं।

    प्रदर्शनकारियों के अनुसार मध्य प्रदेश में करीब दो हजार शासकीय इंटर्न डॉक्टर हैं, जबकि प्रदेश में कुल इंटर्न डॉक्टरों की संख्या लगभग 3,600 बताई जा रही है। दूसरे मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों के भी आंदोलन में शामिल होने का दावा किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सागर के इंटर्न डॉक्टरों की बस को नादरा बस स्टैंड पर रोका गया।

    डॉक्टरों ने कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं सामने आकर स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल हमीदिया अस्पताल परिसर में डॉक्टरों के प्रदर्शन और पुलिस की तैनाती के कारण स्थिति पर नजर रखी जा रही है।