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  • चुनौतियों से जूझ रहा भारतीय इक्विटी बाजार, घबराएं नहीं… योजना बनाकर करें निवेश!

    चुनौतियों से जूझ रहा भारतीय इक्विटी बाजार, घबराएं नहीं… योजना बनाकर करें निवेश!


    नई दिल्ली।
    नोएडा (Noida) में रहने वाले आलोक ने कुछ साल पहले म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) में एसआईपी (SIP) शुरू की थी। शुरुआत में पोर्टफोलियो (Portfolio) संतुलित था। लेकिन इक्विटी स्कीमों के शानदार रिटर्न की वजह से संतुलित पोर्टफोलियो देखते-देखते 90% इक्विटी-हेवी हो गया। अब जब बाजार बेचैन है, निफ्टी गोते खा रहा है। पोर्टफोलियो लाल देखकर आलोक की सांसें अटक गईं।

    तुरंत दोस्त को फोन लगाया और पूछा- क्या मुझे एसआईपी बंद कर देनी चाहिए? क्या म्यूचुअल फंड रिडीम कर लेने चाहिए? क्या मुझे सब कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट में ट्रांसफर कर देना चाहिए? ये सवाल स्वाभाविक हैं। लेकिन बाजार के हर उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया देना ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण सवाल यह है: क्या आपका पोर्टफोलियो उतना जोखिम भरा हो गया है, जितना आपने सोचा भी नहीं था? यदि इसका उत्तर हां है, तो इसका समाधान बाजार छोड़कर जाना नहीं हो सकता। इसका समाधान है अपने पोर्टफोलियो को फिर से संतुलित करना।


    बाजार असहज है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि निवेशक घबरा जाएं

    भारतीय इक्विटी बाजार (Indian Equity Market) वर्तमान में कई चुनौतियों से जूझ रहा है। सितंबर में निफ्टी-50 में भारी गिरावट देखी गई, जबकि विदेशी निवेशक लगातार बेच कर बाहर जा रहे हैं। ऊंचे क्रूड ऑयल के दाम, भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और रुपये पर दबाव ने अनिश्चितता और बढ़ा दी है। यह सिक्के का सिर्फ एक पहलू है।

    भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था लचीलापन दिखाना जारी रखे हुए है, अप्रैल-जून 2026 की विकास दर लगभग 8% दर्ज की गई। घरेलू निवेशक भी एसआईपी के जरिये म्यूचुअल फंड में लगातार पैसे लगा रहे हैं। एम्फी के अनुसार, अगस्त 2026 में एसआईपी का कुल योगदान 32,297 करोड़ रुपये रहा। इससे पता चलता है कि निवेशक चिंतित जरूर हैं, लेकिन उन्होंने निवेश करना बंद नहीं किया है। और शायद ऐसा करना भी नहीं चाहिए- बशर्ते उनके निवेश उनके लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुकूल हों।

    असली बीमारी बाजार की गिरावट नहीं, पोर्टफोलियो ड्रिफ्ट है। आलोक की तरह ज्यादातर निवेशक तब तक जोखिम के बारे में नहीं सोचते, जब तक बाजार ऊपर चढ़ रहा होता है। जब अनजाने में आपका 90% पैसा सिर्फ इक्विटी में फंस जाए, इसे पोर्टफोलियो ड्रिफ्ट कहा जाता है। इसलिए, समस्या बाजार गिरना नहीं है। समस्या यह है कि पोर्टफोलियो को कभी ऐसे डिजाइन ही नहीं किया गया था कि वह ऐसी गिरावट को झेल सके।


    पोर्टफोलियो कैसा दिखना चाहिए?

    – ऐसा कोई जादुई प्रतिशत नहीं है, जो हर किसी के लिए काम करे।
    – अधिक जोखिम उठाने की क्षमता और लंबे समय का नजरिया रखने वाला व्यक्ति अधिक इक्विटी चुन सकता है।
    – रिटायरमेंट के करीब पहुंच रहे या किसी अन्य बड़े वित्तीय लक्ष्य वाले निवेशक को काफी कम इक्विटी की आवश्यकता हो सकती है।


    भावनाएं नहीं, पोर्टफोलियो को रोटेट करें

    सबसे पहले सारी इक्विटी होल्डिंग्स को अचानक बेचने की जरूरत नहीं है। अब अपनी नई एसआईपी के योगदान को डेट या अन्य कम हिस्सेदारी वाली एसेट क्लास की तरफ मोड़ें।


    बाजार से भागें नहीं, योजना सुधारें

    सिर्फ इसलिए एसआईपी या निवेश बंद न करें, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव है। अपने फंड्स की जांच करें कि वे एक ही तरह के शेयरों में तो पैसा नहीं लगा रहे हैं। अपने निवेश के फैसले बाजार के मूड के बजाय अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर लें। …सिद्धार्थ शर्मा, को-फाउंडर, मनीट्री पार्टनर्स


    किस कैटेगरी से पैसा निकालकर कहां लगाएं?

    यदि छोटे शेयरों ने आपके पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा हथिया लिया है, तो मुनाफे का कुछ हिस्सा निकालकर बड़े-कैप या फ्लेक्सी-कैप फंड्स में शिफ्ट किया जा सकता है।
    यदि पोर्टफोलियो में इक्विटी के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है, तो संकट के समय स्थिरता के लिए डेट फंड या सोने को जगह दें।
    यदि कोई वित्तीय लक्ष्य पास आ रहा है, तो जोखिम भरे इक्विटी से पैसा निकालकर सुरक्षित और अधिक तरल विकल्पों में लगाना चाहिए।

  • मप्र में 1000 करोड़ रुपये निवेश करेगी श्याम सेल एंड पॉवर कम्पनी, मुख्यमंत्री से मिले पदाधिकारी

    मप्र में 1000 करोड़ रुपये निवेश करेगी श्याम सेल एंड पॉवर कम्पनी, मुख्यमंत्री से मिले पदाधिकारी


    भोपाल।
    श्याम सेल एंड पावर कम्पनी लिमिटेड के पदाधिकारियों ने मंगलवार को मध्य प्रदेश प्रवास के दौरान भोपाल में विधानसभा पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में 1000 करोड़ रुपये निवेश की इच्छा जताई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की है कि उद्योगपति और निवेशक प्रदेश में निवेश में रूचि दर्शा रहे है। उन्होंने कहा कि समृद्धशाली देश के दिल में निवेश करने के इच्छुक प्रत्येक निवेशक का दिल से स्वागत है।

    मप्र विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में मुलाकात के दौरान श्याम सेल एंड पावर कम्पनी के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर संजय अग्रवाल एवं चीफ आपरेटिंग आफिसर दीपक कुमार गौर ने मुख्यमंत्री को अपनी कम्पनी की भावी परियोजनाओं की जानकारी दी।

    पॉवर कंपनी के निवेशकों ने बताया कि उनकी कंपनी स्टेनलेस स्टील बनाती है। धार जिले के औद्योगिक प्रक्षेत्र पीथमपुर में उनकी एक निर्माण इकाई पहले से संचालित है। इस निर्माण इकाई में कंपनी ने 550 करोड़ रुपये का निवेश कर 1300 लोगों को रोजगार दिया है। कंपनी पीथमपुर में ही अपनी दूसरी उत्पादन इकाई प्रारंभ करना चाहती है। कंपनी इसमें करीब 1000 करोड़ रुपये का निवेश कर 1000 हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने की मंशा रखती है। इसके लिए उन्हें पीथमपुर में ही अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है। कंपनी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से उन्हें अतिरिक्त भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया।

    औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि कम्पनी को प्रदेश की सभी नवीन औद्योगिक नीतियों की जानकारी दी गई है। कम्पनी ने अपनी दूसरी निर्माण इकाई की स्थापना के लिए भी पीथमपुर को ही चुना है। कम्पनी को इस दूसरी निर्माण इकाई के लिए 25 एकड़ भूमि पहले ही दी जा चुकी है, परंतु कंपनी को इससे भी अधिक भूमि की आवश्यकता है। इस अवसर पर मप्र औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चन्द्रमौली शुक्ला एवं अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • भारत में 1.5 लाख करोड़ का निवेश करेगा माइक्रोसॉफ्ट, सत्य नडेला ने किया ऐलान

    भारत में 1.5 लाख करोड़ का निवेश करेगा माइक्रोसॉफ्ट, सत्य नडेला ने किया ऐलान


    नई दिल्ली।
    माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के सीईओ सत्य नडेला (CEO Satya Nadella) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ अपनी मुलाकात के बाद भारत (India) के लिए बड़ा ऐलान किया है। सत्य नडेला ने कहा है कि टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट भारत में 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने जा रही है, जो एशिया में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। सत्य नडेला के इस ऐलान से भारत के ‘AI ड्रीम’ को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

    सत्य नडेला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस निवेश को लेकर जानकारी साझा की है। साथ ही उन्होंने PM मोदी के साथ अपनी एक तस्वीर भी साझा की। सत्य नडेला ने लिखा, “भारत में AI के अवसरों पर प्रेरणादायक बातचीत के लिएधन्यवाद, PM नरेंद्र मोदी जी। देश की महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट 17.5 बिलियन डॉलर का निवेश करने जा रहा है।”

    सत्य नडेला ने बताया है कि यह कंपनी का एशिया में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। उन्होंने लिखा, “यह एशिया में हमारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जिससे भारत के AI फर्स्ट फ्यूचर के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा, कौशल और क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिल सके।”

    वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि भारत में माइक्रोसॉफ्ट का निवेश तीन स्तंभों पर केंद्रित है, जो प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप है। बयान के मुताबिक, “माइक्रोसॉफ्ट और साथ मिलकर आने वाले दशक में नए बेंचमार्क स्थापित करने और देश को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से AI पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर ले जाने के लिए तैयार हैं। हम एक ऐसे भविष्य को आकार दे रहे हैं जो ज्यादा न्यायसंगत है।” बयान में आगे कहा गया है, “भारत में माइक्रोसॉफ्ट का निवेश तीन स्तंभों, स्केल, स्किल और संप्रभुता, पर केंद्रित है, जो प्रधानमंत्री केविजन के अनुरूप है।”