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  • संचिता उगले मौत मामले में नया मोड़, पिता ने लगाए गंभीर आरोप, मानसिक दबाव की बात आई सामने

    संचिता उगले मौत मामले में नया मोड़, पिता ने लगाए गंभीर आरोप, मानसिक दबाव की बात आई सामने

    नई दिल्ली । टीवी और मनोरंजन जगत से जुड़ी अभिनेत्री Sanchita Ugale की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। 14 जून को उनके नालासोपारा स्थित आवास में मृत पाए जाने के बाद अब उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो  पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

    मृतका के पिता मछिंद्र उगले ने मीडिया से बातचीत में दावा किया है कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक तनाव में थी। उन्होंने कहा कि हालांकि संचिता ने कभी स्पष्ट रूप से अपनी परेशानी साझा नहीं की, लेकिन उनके व्यवहार में बदलाव लगातार देखा जा रहा था। कभी वह सामान्य और खुश नजर आती थीं, तो कभी अचानक उदास और चिंतित हो जाती थीं। परिवार को यह अंदाजा हो गया था कि वह किसी गंभीर दबाव में हैं।

    परिवार के अनुसार, स्थिति को देखते हुए वे लगातार संचिता के साथ रहने की कोशिश करते थे ताकि वह अकेली न रहें। पिता ने बताया कि घर के सदस्य उनकी मानसिक स्थिति को लेकर सतर्क रहते थे और उन्हें सामान्य जीवन में बनाए रखने का प्रयास करते थे। हालांकि परिवार को कभी यह अंदेशा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है।

    पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी पर लंबे समय से किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार, संचिता ने कुछ बातें परिवार से साझा की थीं, जिनसे यह संकेत मिलता था कि वह मानसिक रूप से परेशान थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन पर बार-बार कुछ मांगें की जा रही थीं, जिनमें आर्थिक दबाव की बातें भी शामिल थीं। परिवार का मानना है कि इन परिस्थितियों ने उनकी बेटी को गहरे तनाव में धकेल दिया।

    घटना 14 जून की शाम नालासोपारा स्थित घर में सामने आई, जब संचिता अपने कमरे में बंद थीं। दरवाजा अंदर से बंद था और बाद में परिवार द्वारा दरवाजा खोलने पर उन्हें गंभीर हालत में पाया गया। तुरंत अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार और उनके परिचितों में शोक का माहौल है।

    मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि किन परिस्थितियों में यह घटना हुई और क्या वास्तव में किसी तरह का दबाव या प्रताड़ना इस मामले से जुड़ा है। पुलिस सभी डिजिटल और व्यक्तिगत पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि उन्हें अभी तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि सच सामने आए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

    यह मामला अब केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं रह गया है, बल्कि इसके साथ जुड़े आरोपों के कारण जांच का दायरा भी बढ़ गया है। पुलिस की आगे की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

    ल्ली । टीवी और मनोरंजन जगत से जुड़ी अभिनेत्री Sanchita Ugale की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। 14 जून को उनके नालासोपारा स्थित आवास में मृत पाए जाने के बाद अब उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

    मृतका के पिता मछिंद्र उगले ने मीडिया से बातचीत में दावा किया है कि उनकी बेटी लंबे समय से मानसिक तनाव में थी। उन्होंने कहा कि हालांकि संचिता ने कभी स्पष्ट रूप से अपनी परेशानी साझा नहीं की, लेकिन उनके व्यवहार में बदलाव लगातार देखा जा रहा था। कभी वह सामान्य और खुश नजर आती थीं, तो कभी अचानक उदास और चिंतित हो जाती थीं। परिवार को यह अंदाजा हो गया था कि वह किसी गंभीर दबाव में हैं।

    परिवार के अनुसार, स्थिति को देखते हुए वे लगातार संचिता के साथ रहने की कोशिश करते थे ताकि वह अकेली न रहें। पिता ने बताया कि घर के सदस्य उनकी मानसिक स्थिति को लेकर सतर्क रहते थे और उन्हें सामान्य जीवन में बनाए रखने का प्रयास करते थे। हालांकि परिवार को कभी यह अंदेशा नहीं था कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है।

    पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी पर लंबे समय से किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार, संचिता ने कुछ बातें परिवार से साझा की थीं, जिनसे यह संकेत मिलता था कि वह मानसिक रूप से परेशान थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन पर बार-बार कुछ मांगें की जा रही थीं, जिनमें आर्थिक दबाव की बातें भी शामिल थीं। परिवार का मानना है कि इन परिस्थितियों ने उनकी बेटी को गहरे तनाव में धकेल दिया।

    घटना 14 जून की शाम नालासोपारा स्थित घर में सामने आई, जब संचिता अपने कमरे में बंद थीं। दरवाजा अंदर से बंद था और बाद में परिवार द्वारा दरवाजा खोलने पर उन्हें गंभीर हालत में पाया गया। तुरंत अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार और उनके परिचितों में शोक का माहौल है।

    मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि किन परिस्थितियों में यह घटना हुई और क्या वास्तव में किसी तरह का दबाव या प्रताड़ना इस मामले से जुड़ा है। पुलिस सभी डिजिटल और व्यक्तिगत पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

    परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि उन्हें अभी तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि सच सामने आए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

    • भाई का आरोप- काम की कमी और मानसिक अपमान झेल रही थीं अभिनेत्री, सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ा आखिरी पोस्ट

      भाई का आरोप- काम की कमी और मानसिक अपमान झेल रही थीं अभिनेत्री, सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ा आखिरी पोस्ट

      नई दिल्ली । टेलीविजन मनोरंजन उद्योग से आई एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर ने पूरी इंडस्ट्री सहित प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया है। कई लोकप्रिय धारावाहिकों में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेर चुकीं बाईस वर्षीय उभरती हुई अभिनेत्री संचिता उगले के अचानक निधन से एक बार फिर चकाचौंध भरी इस दुनिया के पीछे छिपे मानसिक तनाव और दबाव की कड़वी सच्चाई सामने आ गई है। शुरुआती पुलिस जांच में इस घटना को कथित तौर पर आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, जिसकी बारीकी से तफ्तीश की जा रही है।

      अभिनेत्री के असमय चले जाने के बाद उनके परिजनों और करीबी सहयोगियों की तरफ से आ रहे बयानों ने इस मामले में दुख और आक्रोश को और बढ़ा दिया है। संचिता की सह-कलाकार और बेहद करीबी दोस्त मेघा शर्मा ने मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि अभिनेत्री पिछले कुछ महीनों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक अवसाद के दौर से गुजर रही थीं। जनवरी महीने से ही उनका नियमित इलाज चल रहा था और वे अपनी कुछ निजी उलझनों को लेकर लगातार मानसिक रूप से परेशान चल रही थीं।

      करीबी सूत्रों के मुताबिक, संचिता अक्सर जिंदगी से हार मानने और हताशा से भरी बातें किया करती थीं, जिसके बाद उनके दोस्तों और परिजनों ने हमेशा उन्हें ढांढस बंधाया और सकारात्मक रहने के लिए प्रेरित किया। हालांकि, बीते कुछ दिनों से उनका फोन लगातार बंद आ रहा था, जिसने उनके करीबियों की चिंता बढ़ा दी थी। अपनी मौत से करीब दस दिन पहले वे एक ऑडिशन के सिलसिले में अपनी दोस्त के साथ गई थीं, जहां वे अपने भविष्य और अभिनय करियर को लेकर काफी आश्वस्त और सकारात्मक नजर आ रही थीं।

      दूसरी तरफ, इस संवेदनशील मामले में पुलिसिया कार्रवाई के बीच संचिता के भाई अविनाश उगले ने मनोरंजन जगत की कार्यशैली पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। उनके भाई का कहना है कि ग्लैमर की इस दुनिया में लगातार मिलने वाला मानसिक दबाव, काम की अत्यधिक कमी और कार्यस्थल पर वरिष्ठों द्वारा कथित तौर पर किया जाने वाला अपमान उनकी बहन की मानसिक स्थिति बिगड़ने की मुख्य वजह बना। वह लंबे समय से इस बेइज्जती और उपेक्षा को चुपचाप सहन कर रही थीं, जिससे उनका आत्मविश्वास पूरी तरह टूट चुका था।

      मृतक अभिनेत्री के भाई ने इस पूरे घटनाक्रम का संबंध दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की त्रासदी से भी जोड़ा है। उन्होंने बताया कि संचिता का आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट भी सुशांत सिंह राजपूत को ही समर्पित था, जिससे यह साफ झलकता है कि वे किस कदर अंदरूनी तौर पर अकेलेपन और मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। गौरतलब है कि चौदह जून की शाम को संचिता अपने आवास पर अचेत अवस्था में पाई गई थीं, जिसके बाद अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

      टेलीविजन शोज के अलावा हाल ही में एक बड़ी फिल्म का हिस्सा रहीं संचिता उगले के इस कदम ने फिल्म सिटी के भीतर कलाकारों की मानसिक सुरक्षा पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का मुकदमा दर्ज कर शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने और अभिनेत्री के कॉल डिटेल्स व सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन पड़ताल के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।

    • राम मंदिर के चढ़ावे में गबन का मामला लंबे समय दबाए रखने पर उठे सवाल…..SIT ने शुरू की जांच

      राम मंदिर के चढ़ावे में गबन का मामला लंबे समय दबाए रखने पर उठे सवाल…..SIT ने शुरू की जांच


      लखनऊ ।
      श्रीराम मंदिर (Shri Ram Temple) के चंदा गबन करने के मामले में अब तक एफआईआर (FIR) दर्ज न कराना सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है जो ट्रस्ट ने केस दर्ज नहीं कराया है। गबन के साक्ष्य मिल चुके हैं, बड़ी रकम भी बरामद हुई और संदिग्ध भी पकड़े गए, उसके भी रिपोर्ट न करना गंभीर सवाल खड़े करता है। सीधेतौर पर अब ट्रस्ट के बड़े जिम्मेदारों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।

      प्रकरण सामने आने के बाद ट्रस्ट ने मामला दबाए रखा था। जब मीडिया में उजागर हुआ तो ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने चुप्पी साध ली। जो पदाधिकारी आएदिन तमाम बयान देते रहते थे वह अब सामने आने को तैयार नहीं हैं। इस बीच ट्रस्ट ने खुद ही संदिग्ध पकड़े। उनकी निशानदेही पर रकम बरामद की। मतलब इससे साबित हो चुका है कि चंदा राशि चोरी की गई। ऐसे में ट्रस्ट को मामले में केस दर्ज करवाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। एफआईआर अब तक क्यों नहीं दर्ज कराई जा रही है? इसकी वजह नहीं पता चल रही है। हालांकि ऐसे में कयास है कि किसी न किसी को बचाने के लिए पर्दा डाला जा रहा है।


      अब एसआईटी आगे, सब पीछे

      मामले में भले ही एसआईटी (SIT) गठित कर दी गई हो लेकिन मामला आपराधिक है। इसलिए केस दर्ज होना चाहिए थे। उसके साथ एसआईटी की भी जांच जारी रहती। चूंकि अब एसआईटी गठित हो चुकी है तो पूरा मामला पीछे छूट जाएगा, खासकर एफआईआर न दर्ज करवाने वाला। अब हर सवाल पर यही होगा कि एसआईटी जांच कर रही है, उसके बाद ही कुछ कार्रवाई की जाएगी।

      ये किसी ट्रस्ट का काम नहीं
      जिस तरह से अब तक संदिग्ध पकड़े गए और फिर नकदी बरामद की गई, ये कार्य करना किसी ट्रस्ट या निजी संस्था आदि का नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि चोरी हुई है तो पहले एफआईआर करवानी चाहिए। फिर पुलिस या अन्य जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपियों से पूछताछ, बरामदगी आदि की कार्रवाई करती।


      एसआईटी जुटाएगी ब्योरा, संदिग्धों से पूछताछ भी करेगी

      राम मंदिर के चढ़ावे में गबन के मामले के तूल पकड़ने के बाद केंद्र भी सक्रिय हो गया है। रविवार को पीएमओ की तरफ से एक बड़े अफसर के मंदिर पहुंचने की चर्चा है। अफसर अपने स्तर से जांच पड़ताल के बाद जानकारी जुटाकर पीएमओ को देंगे। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

      वहीं, मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय एसआईटी (विशेष जांच दल) सोमवार को अयोध्या पहुंचेगी। टीम ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जानकारी लेने के साथ मंदिर के कर्मचारियों और चिह्नित संदिग्धों से पूछताछ करेगी। ट्रस्ट की ओर से की गई अब तक की जांच का पूरा ब्योरा भी जुटाएगी।

      इस बीच एक सप्ताह पहले उजागर हुए इस मामले में गबन के साक्ष्य मिलने के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। मंदिर की दान राशि में हेरफेर का मामला बीते सप्ताह उजागर हुआ था। ट्रस्ट के पदाधिकारी तब से खुद ही गोपनीय जांच में जुटे हैं। ट्रस्ट के ऑफिस के पास किसी भी बाहरी शख्स के जाने पर रोक है।

      इन सबके बीच शनिवार को श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इसमें लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं।

      चर्चा थी कि एसआईटी रविवार से जांच शुरू करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी सोमवार को अयोध्या पहुंचकर जांच शुरू करेगी। टीम केवल धन के लेन-देन और तकनीकी पहलुओं की जांच ही नहीं, बल्कि यह भी पता लगाएगी कि किसी स्तर पर संरक्षण, लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। किसी ट्रस्टी या पदाधिकारी की संलिप्तता या प्रशासनिक चूक के प्रमाण मिलने पर उनके अधिकार सीमित किए जा सकते हैं।


      चंपत राय बीमार, अनिल मिश्रा चिकित्सकीय जांच के लिए केरल गए

      राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी के अयोध्या पहुंचने की तैयारी के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय अस्वस्थ बताए जा रहे हैं। ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा चिकित्सकीय परामर्श के लिए केरल गए हैं।

      सूत्रों के अनुसार चंपत राय को जुकाम के साथ शुगर बढ़ने की शिकायत है, जिसके चलते वह स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। अनिल मिश्रा आंखों की जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए केरल गए हैं।

    • जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन में AN-32 क्रैश से मचा हड़कंप, लैंडिंग के बाद लगी भीषण आग, हादसे की जांच शुरू

      जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन में AN-32 क्रैश से मचा हड़कंप, लैंडिंग के बाद लगी भीषण आग, हादसे की जांच शुरू

      नई दिल्ली । असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के AN-32 परिवहन विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना ने सैन्य और सुरक्षा तंत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। शनिवार को हुई इस घटना में विमान लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना के तुरंत बाद विमान में आग लग गई, जिससे एयरबेस परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना की जानकारी मिलते ही वायुसेना की आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

      प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, AN-32 विमान नियमित परिचालन उड़ान पर था और जोरहाट एयरफील्ड पर उतरने की प्रक्रिया में था। इसी दौरान विमान निर्धारित रनवे पर सुरक्षित लैंडिंग नहीं कर सका और एयरबेस के भीतर स्थित घास एवं उबड़-खाबड़ क्षेत्र में जा पहुंचा। टकराव के बाद विमान को गंभीर क्षति पहुंची और उसमें आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद तेज विस्फोट जैसी आवाज भी सुनाई दी।

      हादसे की तस्वीरों और शुरुआती रिपोर्टों से संकेत मिले हैं कि विमान दो हिस्सों में टूट गया। हालांकि दुर्घटना के कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। वायुसेना ने कहा है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम दुर्घटना के कारणों का विस्तृत आकलन करेगी।

      जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पूर्वोत्तर भारत में भारतीय वायुसेना की रणनीतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यह एयरबेस सीमावर्ती क्षेत्रों तक सैन्य रसद पहुंचाने, अभियान संचालन और आपातकालीन सहायता मिशनों में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे पर हुए विमान हादसे को गंभीरता से लिया जा रहा है।

      AN-32 भारतीय वायुसेना के प्रमुख परिवहन विमानों में शामिल है। सोवियत मूल के इस दो इंजन वाले टर्बोप्रॉप विमान का उपयोग सैनिकों, सैन्य उपकरणों और आवश्यक सामग्री के परिवहन के लिए व्यापक स्तर पर किया जाता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालन की क्षमता के कारण यह विमान लंबे समय से वायुसेना के बेड़े का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।

      हादसे के बाद एयरबेस पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। बचाव दलों ने आग पर नियंत्रण पाने के साथ-साथ विमान के मलबे की जांच भी शुरू कर दी है। फिलहाल किसी के हताहत होने या घायल होने को लेकर स्पष्ट और आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वायुसेना ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध होते ही साझा की जाएंगी।

      रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विमान दुर्घटनाओं की जांच में तकनीकी खामियों, मौसम की स्थिति, पायलट इनपुट तथा लैंडिंग प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं का गहन परीक्षण किया जाता है। इसी क्रम में इस मामले में भी विस्तृत जांच की संभावना है। दुर्घटना का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

      फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर वायुसेना और रक्षा अधिकारियों की नजर बनी हुई है। राहत एवं सुरक्षा संबंधी सभी उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि जांच एजेंसियां हादसे की वजहों का पता लगाने में जुटी हैं। इस घटना ने एक बार फिर सैन्य विमानन सुरक्षा और परिचालन मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

    • फ्लाइट के बाथरूम में रची गई सोना तस्करी की हाईटेक साजिश नाकाम, स्पीकर बॉक्स से निकला 2.8 किलो विदेशी सोना

      फ्लाइट के बाथरूम में रची गई सोना तस्करी की हाईटेक साजिश नाकाम, स्पीकर बॉक्स से निकला 2.8 किलो विदेशी सोना

      नई दिल्ली । देश में सोना तस्करी के नए-नए तरीकों के बीच अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया। कस्टम विभाग ने दुबई से अहमदाबाद पहुंची एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के टॉयलेट में छिपाकर रखा गया बड़ी मात्रा में विदेशी सोना बरामद किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तस्करों ने विमान के बाथरूम में लगे साउंड सिस्टम का इस्तेमाल सोने को छिपाने के लिए किया था।

      कस्टम अधिकारियों को विमान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान विमान के केबिन और विभिन्न तकनीकी हिस्सों की बारीकी से पड़ताल की गई। जब टीम विमान के टॉयलेट तक पहुंची तो वहां एक असामान्य स्थिति दिखाई दी। अधिकारियों ने तकनीकी विशेषज्ञों और विमान इंजीनियरों की सहायता से टॉयलेट में लगे जनरल अनाउंसमेंट सिस्टम के स्पीकर बॉक्स की जांच की।

      स्पीकर यूनिट को खोलने पर उसके भीतर दो विशेष पैकेट मिले, जिन्हें काले रंग की इलेक्ट्रिकल टेप से मजबूती से लपेटा गया था। पैकेटों को बाहर निकालकर खोला गया तो उनके अंदर 24 विदेशी सोने के बिस्किट बरामद हुए। बरामद सोने का कुल वजन लगभग 2.8 किलोग्राम बताया गया है, जबकि इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 4.26 करोड़ रुपये आंकी गई है।

      जांच एजेंसियों का मानना है कि तस्करों ने सोने को विमान के टॉयलेट में छिपाकर रखने की सुनियोजित रणनीति अपनाई थी। आशंका है कि विमान के अहमदाबाद पहुंचने के बाद कोई स्थानीय संपर्क, ग्राउंड स्टाफ का सदस्य अथवा कोई अन्य व्यक्ति इसे निकालकर आगे पहुंचाने वाला था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण यह पूरी योजना सफल नहीं हो सकी और सोना बरामद कर लिया गया।

      अधिकारियों के अनुसार तलाशी के दौरान विमान में मौजूद किसी भी यात्री या कर्मचारी ने बरामद सोने पर अपना दावा नहीं किया। इससे यह संकेत मिलता है कि तस्करी में शामिल व्यक्ति ने पकड़े जाने के डर से सोने को वहीं छोड़ दिया होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

      कस्टम विभाग अब उड़ान से जुड़े दस्तावेजों, यात्री विवरण, क्रू रिकॉर्ड और विमान की गतिविधियों की जांच कर रहा है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सोना विमान के भीतर किसने रखा और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय था। जांच एजेंसियां संभावित सहयोगियों और संपर्क सूत्रों की भी पहचान करने में जुटी हैं।

      विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय तस्करी गिरोह लगातार नए और तकनीकी रूप से जटिल तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। विमान के टॉयलेट में लगे स्पीकर सिस्टम का उपयोग कर सोना छिपाने की यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी मानी जा रही है। फिलहाल बरामद सोने को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है और संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े नए खुलासे सामने आ सकते हैं।

    • 'द फैमिली मैन' के फैंस के लिए ओटीटी पर थ्रिलर और सस्पेंस का नया धमाका, इस वीकेंड को रोमांचक बनाएंगी ये 6 बेहतरीन वेब सीरीज

      'द फैमिली मैन' के फैंस के लिए ओटीटी पर थ्रिलर और सस्पेंस का नया धमाका, इस वीकेंड को रोमांचक बनाएंगी ये 6 बेहतरीन वेब सीरीज

      नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इस वीकेंड दर्शकों के लिए मनोरंजन का एक बड़ा और बेहद रोमांचक बुके तैयार है। अगर आप ‘द फैमिली मैन’ जैसी थ्रिलर, क्राइम, सस्पेंस और देशभक्ति से ओत-प्रोत कहानियां देखने के शौकीन हैं, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस समय कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। जी5, सोनी लिव और अमेजन प्राइम वीडियो जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर इस समय ऐसी कई सीरीज ट्रेंड कर रही हैं, जो अपनी कसी हुई पटकथा और शानदार अभिनय के दम पर दर्शकों को पलक झपकने का मौका भी नहीं दे रही हैं। इन सीरीज में देश के लिए जान जोखिम में डालने वाले जासूसों की अनसुनी कहानियों से लेकर असल जिंदगी के घोटालों पर बने तीखे व्यंग्य तक शामिल हैं।

      इसी कड़ी में जी5 पर उपलब्ध ‘मुखबिर – द स्टोरी ऑफ अ स्पाई’ एक बेहतरीन जासूसी थ्रिलर के रूप में उभरी है। इस सीरीज की कहानी एक अनाथ और शातिर चोर हरफान बुखारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे भारतीय खुफिया एजेंसी के अधिकारी देशहित में जासूसी करने के लिए चुनते हैं। हरफान को कड़ी ट्रेनिंग देकर और एक नई पहचान के साथ पाकिस्तान भेजा जाता है। यह सीरीज एक जासूस के अकेलेपन, उसके आंतरिक संघर्ष और देश के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च बलिदान को बेहद संजीदगी और यथार्थ के साथ परदे पर उतारती है।

      दूसरी तरफ, अमेजन प्राइम वीडियो पर हाल ही में रिलीज हुई सीरीज ‘राख’ दर्शकों के बीच भारी चर्चा बटोर रही है। यह सीरीज साल 1978 के दिल्ली के मशहूर रंगा-बिल्ला कांड जैसी वास्तविक घटना से प्रेरित है। इस क्राइम ड्रामा में अभिनेता अली फजल एक बेहद जिद्दी सब-इंस्पेक्टर की भूमिका में हैं, जबकि सोनाली बेंद्रे एक पीड़ित स्कूल शिक्षिका का किरदार निभा रही हैं। कहानी दो किशोरों के अचानक गायब होने और उसके बाद पूरे शहर में फैले खौफ के इर्द-गिर्द घूमती है। इस जांच के दौरान जो चौंकाने वाले सच सामने आते हैं, वे दर्शकों को अंदर तक हिलाकर रख देते हैं।

      सस्पेंस के शौकीनों के लिए सोनी लिव पर ‘तनाव’ सीरीज भी एक शानदार विकल्प है। यह मशहूर इजरायली थ्रिलर सीरीज ‘फौदा’ का आधिकारिक भारतीय रूपांतरण है। इस सीरीज की पृष्ठभूमि कश्मीर पर आधारित है, जहां एक स्पेशल टास्क फोर्स यूनिट को एक ऐसे खतरनाक और अंडरग्राउंड हो चुके विद्रोही कमांडर को पकड़ने के लिए दोबारा सक्रिय किया जाता है, जिसे पहले मृत मान लिया गया था। यह सीरीज भारत के सुरक्षा बलों के ऑपरेशन्स और उनके व्यक्तिगत जीवन के तनाव को बेहद करीब से दिखाती है।

      इसके अलावा जी5 पर ही उपलब्ध ‘ब्राउन’ एक अलग तरह की डार्क और कसी हुई कॉप थ्रिलर है। इसकी मुख्य किरदार रीता कोलकाता पुलिस की एक बेहद तेज-तर्रार लेकिन व्यक्तिगत जीवन में डिप्रेशन और शराब की लत से जूझ रही डिटेक्टिव है। जब शहर का एक बेहद हाई-प्रोफाइल मर्डर केस उसके पास आता है, तो उसे न सिर्फ व्यवस्था के भीतर फैले झूठ और भ्रष्टाचार से लड़ना पड़ता है, बल्कि वह अपने आंतरिक विकारों से भी मुकाबला करती है। इस सीरीज को अपनी सस्पेंस भरी कहानी के लिए अच्छी रेटिंग मिली है।

      आधुनिक समय के अपराधों और समाज पर केंद्रित ‘द पिरामिड स्कीम’ अमेजन प्राइम वीडियो पर एक अनूठा प्रयोग है। परमवीर चीमा और रणवीर शौरी के अभिनय से सजी यह सीरीज आज के दौर के लालच और मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कैम्स पर एक करारा और मनोरंजक सटायर है। यह गोल्डी नाम के एक ऐसे युवक की कहानी है, जो शॉर्टकट से अमीर बनने के सपने देखते हुए एक नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी के जाल में फंस जाता है, जिसके बाद धोखे और कॉमेडी की एक जबरदस्त रोलरकोस्टर राइड शुरू होती है। अंत में, देशप्रेम के जज्बे से भरी ‘द टेस्ट केस’ जी5 पर एक और शानदार मिलिट्री ड्रामा है, जो भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेज में कॉम्बैट ट्रेनिंग लेने वाली पहली महिला कैप्टन शिखा शर्मा के संघर्ष, साहस और दृढ़ संकल्प की कहानी को बयां करती है।

    • ओमान के समुद्री क्षेत्र में भारतीय जहाज पर कथित हमले से बढ़ी चिंता, कुछ दिनों में तीसरी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

      ओमान के समुद्री क्षेत्र में भारतीय जहाज पर कथित हमले से बढ़ी चिंता, कुछ दिनों में तीसरी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

      नई दिल्ली । ओमान के तटीय क्षेत्र के निकट भारतीय चालक दल वाले एक व्यापारी जहाज पर कथित हमले की सूचना सामने आने के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिनास बंदरगाह के आसपास संचालित एक जहाज को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। जहाज पर दो दर्जन के करीब भारतीय नाविक सवार बताए जा रहे हैं। हालांकि घटना की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

      घटना के सामने आते ही भारतीय अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है और जहाज से जुड़ी सभी सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और चालक दल की स्थिति को प्राथमिकता देते हुए हर पहलू की निगरानी की जा रही है।

      यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में इसी समुद्री क्षेत्र में यह तीसरी बड़ी घटना बताई जा रही है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खाड़ी क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी असामान्य गतिविधि का असर व्यापक स्तर पर महसूस किया जाता है।

      कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में एक अन्य जहाज पर आग लगने की घटना सामने आई थी। प्रारंभिक आकलनों में इसे संदिग्ध परिस्थितियों से जोड़कर देखा गया था। उस मामले में जहाज पर मौजूद भारतीय चालक दल सुरक्षित बताया गया था, लेकिन घटना ने समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया था।

      इसके बाद एक और टैंकर से जुड़ी गंभीर घटना ने हालात को और संवेदनशील बना दिया। उस मामले में चालक दल के कई सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन कुछ लोगों की मौत की पुष्टि होने से मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद विभिन्न देशों की ओर से सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए गए थे।

      विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं केवल जहाजों और उनके चालक दल के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकती हैं। खाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरने वाले समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का तनाव माल परिवहन, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर डाल सकता है।

      समुद्री सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा हालात में क्षेत्रीय गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई जा सकती है। कई देशों की नौसैनिक एजेंसियां पहले से ही महत्वपूर्ण जलमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में लगी हुई हैं। इसके बावजूद हालिया घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि समुद्री क्षेत्र में जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

      फिलहाल संबंधित जहाज से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है और विभिन्न एजेंसियां घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह तकनीकी दुर्घटना थी, सुरक्षा चूक थी या फिर किसी सुनियोजित कार्रवाई का हिस्सा। तब तक समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर सतर्कता बनी रहने की संभावना है।

    • अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर 2.77 करोड़ की उगाही का आरोप, यूथ कांग्रेस नेता समेत दो गिरफ्तार

      अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर 2.77 करोड़ की उगाही का आरोप, यूथ कांग्रेस नेता समेत दो गिरफ्तार

      नई दिल्ली । कर्नाटक के मंगलुरु में एक कारोबारी से करोड़ों रुपये की कथित जबरन वसूली के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। पुलिस ने एक व्यापारी को ब्लैकमेल कर लगभग 2.77 करोड़ रुपये वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार मामला केवल आर्थिक उगाही तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सुनियोजित धोखाधड़ी, मानसिक दबाव और फर्जी घटनाक्रम रचने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।

      पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यूथ कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी निजाम और उसके सहयोगी जितेश के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर व्यापारी को पहले निजी और संवेदनशील सामग्री के आधार पर निशाना बनाया गया। आरोप है कि व्यापारी की अश्लील तस्वीरों और वीडियो का उपयोग कर उसे ब्लैकमेल किया गया तथा बदनामी का डर दिखाकर बड़ी रकम की मांग की गई।

      जांच अधिकारियों के अनुसार शुरुआत में व्यापारी से 35 लाख रुपये मांगे गए थे। आरोपियों ने कथित रूप से वीडियो सार्वजनिक करने और परिवार तक पहुंचाने की धमकी दी थी। सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते व्यापारी ने रकम का भुगतान कर दिया। हालांकि इसके बाद भी पैसों की मांग बंद नहीं हुई और कथित तौर पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा।

      मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़ित ने सहायता के लिए निजाम से संपर्क किया। व्यापारी को उम्मीद थी कि वह विवाद सुलझाने में मदद करेगा, लेकिन पुलिस का दावा है कि निजाम भी कथित उगाही की पूरी योजना में शामिल था। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों आरोपियों ने मिलकर व्यापारी पर दबाव बनाए रखने के लिए एक और साजिश रची।

      पुलिस के अनुसार मई 2024 में व्यापारी को यह विश्वास दिलाया गया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है। आरोपियों ने कथित तौर पर एक फर्जी सुसाइड नोट का हवाला दिया, जिसमें व्यापारी का नाम होने की बात कही गई। इसके साथ ही मौत और अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें दिखाकर यह साबित करने का प्रयास किया गया कि घटना वास्तविक है। व्यापारी को यह भी बताया गया कि उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है।

      गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के भय से व्यापारी लगातार पैसे देता रहा। पुलिस का दावा है कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच विभिन्न माध्यमों से कुल 2.77 करोड़ रुपये की उगाही की गई। इस दौरान पीड़ित मानसिक दबाव और सामाजिक बदनामी की आशंका में आरोपियों की मांगें पूरी करता रहा।

      मामले का खुलासा तब हुआ जब जून 2026 में व्यापारी ने जितेश को मंगलुरु में जीवित देखा। जिस व्यक्ति को वह मृत समझ रहा था, उसे सामने देखकर उसे पूरे घटनाक्रम पर संदेह हुआ। इसके बाद उसने उरवा पुलिस स्टेशन पहुंचकर विस्तृत शिकायत दर्ज कराई और पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी।

      शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस कथित रैकेट में अन्य लोग भी शामिल थे।

      गिरफ्तारी के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है। सोशल मीडिया पर विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों और नेताओं के साथ आरोपी की तस्वीरें साझा की जा रही हैं। हालांकि जांच एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल पूरा ध्यान आरोपों की सत्यता, वित्तीय रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच पर केंद्रित है।

    • खाकी का खौफ खत्म! मुरैना में चेकिंग टीम पर हमला कर ट्रैक्टर सहित फरार हुए आरोपी, पुलिस ने शुरू की नाकाबंदी

      खाकी का खौफ खत्म! मुरैना में चेकिंग टीम पर हमला कर ट्रैक्टर सहित फरार हुए आरोपी, पुलिस ने शुरू की नाकाबंदी

      मध्य प्रदेश । मुरैना जिले में चंबल की प्रतिबंधित रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन में लिप्त माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें अब कानून और प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे-44 पर नहर के समीप अवैध रेत के परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने उतरी परिवहन विभाग (RTO) की संयुक्त चेकिंग टीम पर हमला करने और उन्हें वाहन से कुचलने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस जानलेवा हमले के दौरान मौके पर मौजूद परिवहन अधिकारी और सुरक्षाकर्मी बेहद बाल-बाल बचे।

      प्राप्त विवरण के अनुसार, परिवहन विभाग की टीम वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले संदिग्ध और ओवरलोड वाहनों की नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम को अवैध उत्खनन कर लाई जा रही रेत से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली आती हुई दिखाई दी। आरटीओ के कर्मचारियों ने जब नियमानुसार उस वाहन को रुकने का इशारा किया, तो ट्रैक्टर चालक ने वाहन की रफ्तार धीमी करने के बजाय उसे सीधे चेकिंग कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की तरफ मोड़ दिया और उन्हें कुचलने का प्रयास किया।

      वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और आरटीओ अमले ने समय रहते मुस्तैदी दिखाई और सड़क किनारे कूदकर अपनी जान बचाई। शासकीय टीम को निशाना बनाने के तुरंत बाद आरोपी चालक बेहद लापरवाही और तेज गति से ट्रैक्टर-ट्रॉली को दौड़ाते हुए मौके से फरार हो गया। इस अप्रत्याशित हमले से हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में सघन नाकाबंदी लागू की गई।

      परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा घटना के संबंध में सिविल लाइन थाने में एक औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और अवैध खनिज परिवहन की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अज्ञात माफियाओं के खिलाफ आपराधिक मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा हाईवे और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावर ट्रैक्टर और उसके चालक की सटीक पहचान की जा सके।

      मुरैना और चंबल संभाग में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और प्रशासनिक टीमों पर खनन माफियाओं द्वारा हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में पुलिस, वन विभाग और राजस्व टीम को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और दावा किया है कि सरकारी अमले पर हमला करने वाले तत्वों को जल्द ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    • डेवॉन में बड़ा सैन्य हादसा: रॉयल नेवी का अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर खेत में गिरा, तीन जवानों की जान गई; पीएम स्टार्मर ने जताया शोक

      डेवॉन में बड़ा सैन्य हादसा: रॉयल नेवी का अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर खेत में गिरा, तीन जवानों की जान गई; पीएम स्टार्मर ने जताया शोक

      नई दिल्ली । ब्रिटेन की रॉयल नेवी को एक गंभीर सैन्य दुर्घटना का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में स्थित डेवॉन काउंटी में सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान रॉयल नेवी का एक Merlin Mk4 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार तीन क्रू मेंबरों की मौत हो गई। घटना के बाद ब्रिटिश रक्षा प्रतिष्ठान में शोक का माहौल है और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

      रॉयल नेवी की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना बुधवार तड़के उस समय हुई, जब हेलिकॉप्टर नियमित सैन्य प्रशिक्षण मिशन पर था। उड़ान के दौरान अचानक हेलिकॉप्टर नियंत्रण खो बैठा और डेवॉन क्षेत्र के एक खेत में जा गिरा। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय आपातकालीन सेवाओं, सैन्य अधिकारियों और बचाव दलों को घटनास्थल पर भेजा गया, लेकिन हेलिकॉप्टर में सवार तीनों क्रू मेंबरों को बचाया नहीं जा सका।

      रॉयल नेवी के प्रमुख जनरल ग्विन जेनकिंस ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि यह नौसेना और सशस्त्र बलों के लिए बेहद दुखद क्षण है। उन्होंने मृतक सैन्यकर्मियों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन समय में पूरा रक्षा समुदाय उनके साथ खड़ा है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए निष्पक्ष और व्यापक जांच की जाएगी।

      इस घटना पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देश ने अपने तीन समर्पित सैन्यकर्मियों को खो दिया है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के लिए अपना योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस दुखद घड़ी में उनके साथ है।

      हालांकि दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खराबी, मौसम संबंधी परिस्थितियों अथवा अन्य परिचालन कारणों की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। रक्षा अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। विशेषज्ञों की टीम दुर्घटनास्थल से मिले मलबे, उड़ान रिकॉर्ड और तकनीकी आंकड़ों का परीक्षण कर रही है।

      Merlin Mk4 हेलिकॉप्टर को रॉयल नेवी के सबसे महत्वपूर्ण और भरोसेमंद सैन्य हेलिकॉप्टरों में गिना जाता है। यह आधुनिक तकनीक से लैस बहुउद्देशीय विमान है, जिसका उपयोग समुद्री अभियानों, सैनिकों की तैनाती, खोज एवं बचाव कार्यों तथा लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में किया जाता है। हेलिकॉप्टर में चार सदस्यीय क्रू की आवश्यकता होती है और यह एक समय में 24 सैनिकों को ले जाने की क्षमता रखता है।

      विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा अभियानों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। यह दुश्मन की पनडुब्बियों की निगरानी, समुद्री गश्त और रणनीतिक सैन्य अभियानों में प्रभावी रूप से इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इस हेलिकॉप्टर का दुर्घटनाग्रस्त होना रॉयल नेवी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

      दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और सैन्य विशेषज्ञ घटनास्थल पर जांच में जुटे हुए हैं। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने भी कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों को सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल पूरे देश में मृत सैन्यकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जा रही है और उनकी सेवाओं को याद किया जा रहा है।