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  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील का असर बरकरार, शेयर बाजार में आज भी तेजी के मजबूत संकेत

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील का असर बरकरार, शेयर बाजार में आज भी तेजी के मजबूत संकेत


    नई दिल्ली । भारत और अमेरिका के बीच हालिया व्यापार समझौते का असर भारतीय शेयर बाजार में लगातार दिखाई दे रहा है। मंगलवार को बाजार में आई जोरदार तेजी के बाद आज के कारोबार में भी निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना हुआ है। बाजार संकेतकों और सेक्टोरल ट्रेंड्स से साफ है कि फिलहाल निवेशकों का रुझान खरीदारी की ओर है और बाजार में विश्वास कायम है।

    मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स दो हजार अंकों से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी ने ढाई प्रतिशत से ज्यादा की मजबूती दर्ज की। यह तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप सभी श्रेणियों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। बाजार की इस मजबूती को भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी सकारात्मक उम्मीदों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर ने बाजार को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, एनर्जी, ऑटो और मेटल सेक्टर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार की मजबूती व्यापक आधार पर बनी हुई है।मुख्य सूचकांकों में शामिल अधिकांश शेयर हरे निशान में बंद हुए। बैंकिंग, पावर, मैन्युफैक्चरिंग, एविएशन और कंज्यूमर सेक्टर से जुड़े शेयरों में मजबूत खरीदारी दर्ज की गई। हालांकि, कुछ आईटी और डिफेंस सेक्टर के शेयरों में हल्का दबाव देखा गया, जिससे साफ है कि निवेशक सेक्टर चयन को लेकर सतर्क भी बने हुए हैं।

    लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी का रुझान बना रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब तीन प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। बाजार की चौड़ाई मजबूत रहने से निवेशकों के भरोसे को बल मिला है।बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यापार समझौते से निर्यात आधारित उद्योगों को लंबी अवधि में लाभ मिल सकता है। खासतौर पर टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटो कंपोनेंट और आईटी सर्विसेज से जुड़े क्षेत्रों में आगे बेहतर प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है। अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों की स्थिति मजबूत होने से ऑर्डर और राजस्व में इजाफा हो सकता है।

    हालांकि जानकारों की राय है कि तेजी के माहौल में भी निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। वैश्विक बाजारों के संकेत, ब्याज दरों में बदलाव और कच्चे तेल की कीमतों जैसे कारकों पर नजर रखना जरूरी होगा। कुल मिलाकर, मौजूदा संकेत यही बताते हैं कि भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते का असर फिलहाल बाजार में बना रह सकता है।

  • तिजोरी खोल लो! चांदी ने लगाया रिकॉर्ड ‘आग’, सोना भी महंगा – जानें आज के भाव

    तिजोरी खोल लो! चांदी ने लगाया रिकॉर्ड ‘आग’, सोना भी महंगा – जानें आज के भाव


    नई दिल्ली। घरेलू और वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी ने निवेशकों को खुश कर दिया। खासकर चांदी ने नया ऑल-टाइम हाई 1,93,452 प्रति किलो छूकर इतिहास रच दिया। सोने की कीमत भी बढ़कर 1,30,320 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।

    MCX पर जोरदार उछाल

    फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 0.40% बढ़कर 1,30,320 रुपये प्रति 10 ग्राम हुआ।

    मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 1.81% की छलांग लगाकर 1,92,148 रुपये प्रति किलो पर पहुंची।

    दिन के कारोबार में चांदी ने 1,93,452 रुपये प्रति किलो का नया ऑल-टाइम हाई भी बनाया।

    वैश्विक बाजार की चमक

    अमेरिकी सोने का फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 1% से अधिक बढ़कर 4,271.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। चांदी भी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यह तेजी फेडरल रिजर्व द्वारा तीसरी बार ब्याज दर में कटौती के बाद देखने को मिली।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने का भाव

    दिल्ली: 1,30,350 प्रति 10 ग्राम

    मुंबई, कोलकाता: 1,30,200

    चेन्नई: 1,31,460

    अहमदाबाद, वडोदरा: 1,30,250

    बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे: 1,30,200

    निवेशकों के लिए संभावनाएं

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और फेड की दर कटौती के चलते सोना और चांदी में तेजी और जारी रह सकती है। निवेशकों के लिए यह समय कीमती धातुओं में निवेश करने के लिहाज से बेहद लाभकारी माना जा रहा है।

    निष्कर्ष: चांदी ने इतिहास रचकर निवेशकों को आकर्षित किया और सोने ने भी मजबूती दिखाई। फेड की ब्याज दर में कटौती ने बाजार को नई ऊर्जा दी है, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर तेजी की संभावना बरकरार है।

  • इस साल चांदी 2 लाख के पार? रिटर्न में सोने को भी पीछे छोड़ रही है सिल्वर

    इस साल चांदी 2 लाख के पार? रिटर्न में सोने को भी पीछे छोड़ रही है सिल्वर


    नई दिल्ली। इस साल चांदी(Silver) ने निवेशकों को चौंकाते हुए सोने(gold) से भी ज्यादा रिटर्न दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल चांदी की कीमतों में 114% से अधिक की भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि सोने में 68% का उछाल देखने को मिला है। एक तरफ सोना 1 लाख 30 हजार प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है। वहीं, चांदी ने बुधवार को 1,92,000 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2025 के खत्म होने से पहले चांदी दो लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर सकती है।
    जानकारों ने कहा, बुधवार को सोने में मामूली बढ़त हुई, जिसे अमेरिकी डॉलर के नरम होने और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की पक्की उम्मीदों से सहारा मिला। बाजार के सतर्क रुख के साथ ही वैश्विक अनिश्चितताओं ने भी कीमती धातुओं को और बढ़ावा दिया।

    वायदा बाजार में चांदी 1.53 प्रतिशत बढ़कर 61.60 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड पर पहुंच गई। मंगलवार को, यह धातु 2.66 डॉलर बढ़कर 60.82 डॉलर प्रति औंस के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इसमें 5.91 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

    मांग अधिक उत्पादन कम
    एक साल में चांदी के दाम दोगुने हो गए हैं। चांदी की मांग अधिक है, लेकिन उत्पादन कम। इसके साथ ही उद्योग क्षेत्रों में चांदी की मांग पिछले कुछ सालो में बढ़ी है। बदलती तकनीकी ने चांदी की खपत को बढ़ाया है। सोलर, इलेक्ट्रिक गाड़ियों में अब चांदी का उपयोग बढ़ने लगा है जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे उपयोग और चांदी की मांग बढ़ेगी।

    किस वजह से लगातार कीमतें बढ़ रहीं
    दरअसल, दुनिया भर में बढ़ते तनाव, संघर्ष और अनिश्चितता ने सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के तौर पर और आकर्षक बना दिया है। निवेशक शेयर मार्केट की बजाय इनमें निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी टैरिफ के आर्थिक प्रभावों को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने भी कीमतों को सहारा दिया है। इसके अलावा, दुनिया भर के सेंट्रल बैंक की तरफ से सोने-चांदी की लगातार खरीदारी से बाजार में इन धातुओं की मांग बनी हुई है। वहीं, ईटीएफ में भी भारी मात्रा में पैसा आ रहा है, जिससे कीमतों में तेजी आ रही है।
    क्या दो लाख के आंकड़े को पार कर पाएगी चांदी?

    बाजार के जानकारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस साल चांदी दो लाख रुपये के आंकड़े को पार कर पाएगी? विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल के आखिर तक पर चांदी दो लाख रुपये के भाव को पार कर सकती है। इतना ही नहीं यह 20026 में 2.10 से 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक भी पहुंच सकती है।

    एक झटके में चांदी के दाम 11,500 रुपये उछले
    अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों से बढ़ी मजबूत घरेलू मांग के बीच बुधवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में लगभग दो महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी आई। चांदी के दाम 11,500 रुपये बढ़कर 1,92,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। वहीं, सोने की कीमत 800 रुपये बढ़कर 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।

    इससे पहले, चांदी की कीमत में इतनी बड़ी एक दिन की बढ़ोतरी इस वर्ष 10 अक्टूबर को दर्ज की गई थी, जब चांदी के दाम 8,500 रुपये बढ़े थे। इसके बाद दाम 1,71,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए थे।

    ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 31 दिसंबर, 2024 को 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,02,300 रुपये या 114.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को पहली बार 60 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने के बाद चांदी एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई और बढ़त को और बढ़ाया।

    कारोबारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती, मांग में तेजी, आपूर्ति में लगातार कमी और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड में बढ़ते निवेश पर दांव लगा रहे हैं ताकि चांदी की रैली को बढ़ावा मिल सके।