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  • NEET विवाद पर कांग्रेस ने बदली रणनीति, छात्र आंदोलन में बढ़ाई सक्रियता; सरकार पर संसद से सड़क तक बनाया दबाव

    NEET विवाद पर कांग्रेस ने बदली रणनीति, छात्र आंदोलन में बढ़ाई सक्रियता; सरकार पर संसद से सड़क तक बनाया दबाव


    नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। शुरुआत में आंदोलन से सीमित दूरी बनाए रखने वाली पार्टी अब खुलकर छात्रों के समर्थन में उतर आई है। संसद के भीतर से लेकर सड़क तक कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी तेज कर दी है, जिससे इस मुद्दे पर राजनीतिक मुकाबला और तीखा हो गया है।

    शुरुआत में दूरी, बाद में बदला रुख

    पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस ने देशभर में छात्रों से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत तो की, लेकिन जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन से खुद को अलग रखा। पार्टी के भीतर यह धारणा थी कि सीजेपी का आंदोलन राजनीतिक रूप से भाजपा को लाभ पहुंचाने वाला हो सकता है। हालांकि, सीजेपी की अपील पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा जंतर-मंतर पहुंचे, लेकिन उन्होंने केवल भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात की।

    पार्टी ने औपचारिक रूप से आंदोलन का समर्थन नहीं किया।

    छात्र जुटे तो कांग्रेस ने बदली रणनीति

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि संसद मार्च के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी और पूरे दिन चले विरोध प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि युवाओं में सरकार के खिलाफ व्यापक असंतोष है। इसके बाद पार्टी ने आंदोलन को अधिक सक्रियता से आगे बढ़ाने का फैसला किया।

    रणनीति बदलने के साथ ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद के भीतर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। राहुल गांधी ने सदन में इस मामले पर चर्चा कराने की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की।

    कानूनी सहायता का भी ऐलान

    कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए छात्रों और युवाओं को कानूनी मदद उपलब्ध कराने की घोषणा भी की है।

    पार्टी का कहना है कि आंदोलन के दौरान किसी भी छात्र के साथ अन्याय होने पर उसकी हरसंभव सहायता की जाएगी। इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस अब इस आंदोलन में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के पक्ष में है।

    धरना, हिरासत और फिर रिहाई

    मंगलवार को राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता प्रधानमंत्री आवास के निकट निषेधाज्ञा वाले क्षेत्र में धरने पर बैठ गए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कुछ घंटों तक हिरासत में रखने के बाद रात में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।

    राजनीतिक मुकाबला हुआ तेज

    NEET पेपर लीक विवाद अब केवल शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह विपक्ष और सरकार के बीच बड़ा राजनीतिक संघर्ष बनता जा रहा है। कांग्रेस की सक्रियता के बाद संसद और सड़क दोनों जगह इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना मानी जा रही है।

  • हिमाचल के ब्लास्ट मामले में पंजाब पुलिस को पाकिस्तान की ISI का हाथ होने की आशंका

    हिमाचल के ब्लास्ट मामले में पंजाब पुलिस को पाकिस्तान की ISI का हाथ होने की आशंका


    चंडीगढ़।
    हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सोलन जिले (Solan district) में नलागढ़ पुलिस स्टेशन (Nalagarh Police Station) के पास नए साल के पहले दिन (1 जनवरी) सुबह करीब 9:40 बजे हुए जोरदार विस्फोट ने इलाके में दहशत फैला दी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पुलिस स्टेशन के स्टोर रूम की खिड़कियां टूट गईं, पास की इमारतों के शीशे चटक गए और करीब 2.5 फुट गहरा गड्ढा बन गया। आवाज 400-500 मीटर दूर तक सुनाई दी। अच्छी बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

    विस्फोट के एक दिन बाद गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक कथित प्रेस नोट सामने आया, जिसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और पंजाब सॉवरेन्टी अलायंस (PSA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। प्रेस नोट में कहा गया कि यह आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) हमला था, जिसकी योजना और अंजाम देने का काम अमेरिका में रहने वाले गोपी नवांशहरीया और कबाल सिंह ने किया। दोनों संगठनों ने दावा किया कि हमला इसलिए किया गया क्योंकि- हिमाचल प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग्स बनाए जा रहे हैं और उन्हें पंजाब भेजा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन नहीं चेता तो अगली बार पुलिस वाहनों और मुख्यालयों में आईईडी प्लांट किए जाएंगे।

    हालांकि, पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन काल्पनिक दावों को ढोंग करार देते हुए खारिज कर दिया। अधिकारी ने कहा- ये तत्व पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए काम कर रहे हैं। इसमें कोई विचारधारा नहीं है, सिर्फ पैसे के लिए युवाओं को भर्ती किया जाता है। पंजाब पुलिस का मानना है कि यह विस्फोट दिल्ली के उत्तर-पश्चिम और जम्मू-कश्मीर के दक्षिण में स्थित इस क्षेत्र में अशांति पैदा करने की पाकिस्तानी रणनीति का हिस्सा है।

    गोपी नवांशहरीया नवंबर 2024 से पंजाब में पुलिस ठिकानों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है। BKI और PSA पहले भी पंजाब में हुए इसी तरह के विस्फोटों की जिम्मेदारी लेते रहे हैं, जो ISI के निर्देश पर किए गए थे। हिमाचल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल इकट्ठा किए हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं।

    नलागढ़ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 324(4) (उपद्रव), 125 (जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। हिमाचल पुलिस पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है। नलागढ़-बद्दी क्षेत्र फार्मास्यूटिकल हब है, जहां कई दवा फैक्टरियां हैं। पुलिस क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आगे किसी घटना की आशंका से सतर्क है। जांच जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।