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  • तेल कंपनी में नौकरी का मौका, IOCL ने टेक्नीशियन, ग्रेजुएट और ट्रेड अप्रेंटिस के 433 पदों पर निकाली भर्ती

    तेल कंपनी में नौकरी का मौका, IOCL ने टेक्नीशियन, ग्रेजुएट और ट्रेड अप्रेंटिस के 433 पदों पर निकाली भर्ती

    नई दिल्ली । इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड में अप्रेंटिस के तौर पर काम करने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। कंपनी ने टेक्नीशियन, ग्रेजुएट और ट्रेड अप्रेंटिस के कुल 433 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन पदों के लिए योग्य उम्मीदवार 7 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 6 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों को अंतिम समय का इंतजार किए बिना निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करने की सलाह दी गई है।

    आईओसीएल की ओर से जारी भर्ती में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में स्थित केंद्रों के लिए रिक्तियां शामिल हैं। कुल 433 पदों में सबसे अधिक 121 पद उत्तर प्रदेश के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके बाद राजस्थान में 76, पंजाब में 57, दिल्ली में 50, हरियाणा में 37, चंडीगढ़ में 30, हिमाचल प्रदेश में 22, जम्मू-कश्मीर में 20 और उत्तराखंड में भी 20 पद शामिल हैं। अलग-अलग राज्यों में पदों का वितरण उम्मीदवारों के लिए अपने क्षेत्र के अनुसार आवेदन का अवसर उपलब्ध कराता है।

    इन रिक्तियों में टेक्नीशियन अप्रेंटिस के लिए मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन, सिविल, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषय शामिल हैं। ट्रेड अप्रेंटिस के तहत फिटर, इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक और मशीनिस्ट जैसे ट्रेड में अवसर दिए गए हैं। इसके अलावा ग्रेजुएट अप्रेंटिस और डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद भी भर्ती में शामिल हैं। इस तरह अलग-अलग शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए आवेदन का विकल्प उपलब्ध है।

    ट्रेड अप्रेंटिस पदों के लिए उम्मीदवार के पास मैट्रिक के साथ संबंधित ट्रेड में नियमित रूप से दो वर्ष का आईटीआई होना जरूरी है। टेक्नीशियन अप्रेंटिस के लिए संबंधित इंजीनियरिंग विषय में तीन वर्ष का नियमित फुल टाइम डिप्लोमा और न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। ग्रेजुएट अप्रेंटिस पदों के लिए बीबीए, बीए, बीकॉम, बीएससी या किसी अन्य विषय में नियमित फुल टाइम स्नातक डिग्री के साथ कम से कम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। डेटा एंट्री ऑपरेटर पद के लिए उम्मीदवार का 12वीं या इंटरमीडिएट पास होना जरूरी है।

    आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष निर्धारित है। आयु की गणना 31 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा। चयन प्रक्रिया में आवेदन की जांच, मेरिट सूची, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल फिटनेस टेस्ट शामिल होंगे। चयनित उम्मीदवारों को अप्रेंटिस प्रशिक्षण के दौरान लागू नियमों के अनुसार स्टाइपेंड दिया जाएगा।

    आवेदन प्रक्रिया 7 अगस्त को सुबह 10 बजे से शुरू हो चुकी है और 6 सितंबर को शाम 5 बजे तक चलेगी। उम्मीदवारों को संबंधित पद के लिए निर्धारित एनएटीएस या एनएपीएस पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन और आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अप्रेंटिस प्रशिक्षण के दौरान निर्धारित स्टाइपेंड के अलावा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से अन्य खर्चों के लिए 2,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाने का भी प्रावधान बताया गया है। ऐसे में आईटीआई, डिप्लोमा और ग्रेजुएशन कर चुके युवाओं के लिए यह भर्ती व्यावहारिक प्रशिक्षण और करियर की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।

  • ईंधन खपत के नए आंकड़े जारी, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ की बिक्री बढ़ी, एलपीजी की मांग घटी

    ईंधन खपत के नए आंकड़े जारी, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ की बिक्री बढ़ी, एलपीजी की मांग घटी

    नई दिल्ली । जुलाई 2026 के दौरान देश में पेट्रोल और डीजल की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों के शुरुआती बिक्री आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल दोनों की खपत पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मजबूत रही। वहीं विमान ईंधन की मांग में भी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एलपीजी की बिक्री में गिरावट देखने को मिली। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि कमजोर मानसून, कृषि गतिविधियों में बदलाव और ऊर्जा उपयोग के बदलते पैटर्न ने इन आंकड़ों को प्रभावित किया है।

    जुलाई के दौरान पेट्रोल की बिक्री में लगभग 9.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। कुल बिक्री 34.5 लाख टन तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में काफी अधिक रही। हालांकि जून के मुकाबले इसमें हल्की गिरावट दर्ज हुई, लेकिन वार्षिक आधार पर मांग में मजबूती बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि निजी वाहनों की बढ़ती आवाजाही, यात्रा गतिविधियों में तेजी और शहरी क्षेत्रों में ईंधन की लगातार मांग ने पेट्रोल की बिक्री को सहारा दिया।

    डीजल की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जुलाई के दौरान इसकी खपत करीब 10.7 प्रतिशत बढ़कर 71.2 लाख टन तक पहुंच गई। डीजल देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ईंधन माना जाता है क्योंकि इसका उपयोग माल परिवहन, कृषि उपकरणों, सिंचाई पंपों और औद्योगिक गतिविधियों में बड़े पैमाने पर होता है। सामान्य से कम मानसूनी वर्षा के कारण कई क्षेत्रों में सिंचाई की आवश्यकता बढ़ी, जिससे डीजल की मांग में तेजी देखने को मिली।

    विमान ईंधन यानी एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की बिक्री में भी सकारात्मक रुझान सामने आया। जुलाई में इसकी बिक्री लगभग 2.9 प्रतिशत बढ़कर 6.59 लाख टन के स्तर पर पहुंच गई। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा में निरंतर बढ़ोतरी तथा विमान सेवाओं के संचालन में विस्तार को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है। इससे विमानन क्षेत्र में गतिविधियों के मजबूत बने रहने के संकेत भी मिलते हैं।

    इसके विपरीत, एलपीजी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। जुलाई के दौरान इसकी खपत लगभग 17.4 प्रतिशत घटकर 23.7 लाख टन रह गई। ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारियों का मानना है कि कुछ उपभोक्ताओं ने पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी की ओर रुख किया है, जिससे एलपीजी की मांग प्रभावित हुई है। इसके अलावा ऊर्जा उपयोग के तरीकों में बदलाव और वैकल्पिक ईंधन के बढ़ते इस्तेमाल का असर भी एलपीजी की बिक्री पर दिखाई दिया।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की मांग में आने वाले ऐसे बदलाव देश की आर्थिक गतिविधियों और उपभोक्ता व्यवहार का महत्वपूर्ण संकेत होते हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती बिक्री परिवहन, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देती है, जबकि एलपीजी की घटती मांग घरेलू ऊर्जा उपभोग में बदलते रुझानों की ओर इशारा करती है। आने वाले महीनों में मानसून की स्थिति, कृषि उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के आधार पर ईंधन की मांग में और परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

    जुलाई के शुरुआती बिक्री आंकड़े यह दर्शाते हैं कि देश में पारंपरिक परिवहन ईंधनों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। वहीं घरेलू ऊर्जा क्षेत्र में वैकल्पिक विकल्पों का उपयोग धीरे-धीरे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा बाजार की यह बदलती तस्वीर भविष्य में ईंधन उपभोग के नए रुझानों को भी प्रभावित कर सकती है। सरकार और तेल विपणन कंपनियां भी मांग के इन पैटर्न पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखा जा सके।

  • युवाओं के लिए बड़ा रोजगार अवसर, इंडियन ऑयल की अप्रेंटिस भर्ती में विभिन्न ट्रेडों के 1,450 पदों पर आवेदन आमंत्रित

    युवाओं के लिए बड़ा रोजगार अवसर, इंडियन ऑयल की अप्रेंटिस भर्ती में विभिन्न ट्रेडों के 1,450 पदों पर आवेदन आमंत्रित

    नई दिल्ली । देश की अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने युवाओं के लिए अप्रेंटिस भर्ती का बड़ा अवसर उपलब्ध कराया है। कंपनी ने विभिन्न ट्रेड और टेक्नीशियन अप्रेंटिस श्रेणियों में कुल 1,450 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के माध्यम से तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों के योग्य अभ्यर्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 जुलाई से शुरू हो चुकी है और पात्र उम्मीदवार 12 अगस्त 2026 तक अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

    इस भर्ती अभियान के तहत ट्रेड अप्रेंटिस अटेंडेंट ऑपरेटर (केमिकल प्लांट), ट्रेड अप्रेंटिस फिटर, टेक्नीशियन अप्रेंटिस (केमिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इंस्ट्रूमेंटेशन), सेक्रेटेरियल असिस्टेंट, अकाउंटेंट तथा डेटा एंट्री ऑपरेटर सहित कई पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें सबसे अधिक रिक्तियां केमिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल से जुड़े तकनीकी पदों पर हैं। इससे इंजीनियरिंग, विज्ञान, आईटीआई और वाणिज्य पृष्ठभूमि के युवाओं को देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनी में प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा।

    इन पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। संबंधित पद के अनुसार उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएससी, आईटीआई, तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा, बीए, बीकॉम, 12वीं उत्तीर्ण अथवा निर्धारित ट्रेड में स्किल सर्टिफिकेट होना आवश्यक है। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले आधिकारिक पात्रता शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने की सलाह दी गई है ताकि आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

    भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों का राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना (एनएटीएस) अथवा राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके बाद ही अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पत्र में दर्ज की गई जानकारी और अपलोड किए गए दस्तावेजों का सत्यापन आगे की चयन प्रक्रिया के दौरान किया जाएगा। गलत या अधूरी जानकारी मिलने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।

    आयु सीमा के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा अधिकतम आयु 24 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 31 जुलाई 2026 को आधार मानकर की जाएगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अन्य आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में निर्धारित छूट का लाभ मिलेगा।

    चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी। सबसे पहले प्राप्त आवेदनों की जांच की जाएगी, जिसके बाद पात्र उम्मीदवारों की मेरिट सूची तैयार की जाएगी। मेरिट में स्थान पाने वाले अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। दस्तावेजों की सफल जांच के बाद मेडिकल फिटनेस परीक्षण कराया जाएगा और सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर अंतिम चयन किया जाएगा। भर्ती कार्यक्रम के अनुसार दस्तावेज सत्यापन के लिए शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों की सूची 20 अगस्त 2026 को जारी किए जाने की संभावना है, जबकि दस्तावेज सत्यापन 27 अगस्त से 3 सितंबर के बीच आयोजित किया जा सकता है।

    यह भर्ती अभियान उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है जो प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने करियर की मजबूत शुरुआत करना चाहते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और सभी आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें। आवेदन जमा करने के बाद भी उन्हें भर्ती से संबंधित आगामी सूचनाओं और निर्धारित कार्यक्रम पर नियमित रूप से नजर बनाए रखनी चाहिए।

  • सरकारी तेल कंपनियों ने अपडेट किए ईंधन के भाव, अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बना अंतर

    सरकारी तेल कंपनियों ने अपडेट किए ईंधन के भाव, अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बना अंतर

    नई दिल्ली । देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें 26 जुलाई के लिए जारी कर दी गई हैं। सरकारी तेल विपणन कंपनियां प्रतिदिन सुबह ईंधन के दाम अपडेट करती हैं, जिसके तहत आज भी प्रमुख महानगरों समेत विभिन्न शहरों के ताजा रेट सामने आए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले करों के आधार पर ईंधन की कीमतों में समय-समय पर बदलाव देखने को मिलता है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट और अन्य स्थानीय करों की दरें भिन्न होने के कारण प्रत्येक शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग बने रहते हैं।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई में पेट्रोल का दाम 107.76 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।

    ईंधन की कीमतों में दिखाई देने वाला यह अंतर मुख्य रूप से राज्यों के कर ढांचे के कारण होता है। केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले उत्पाद शुल्क के अलावा प्रत्येक राज्य अपनी कर नीति के अनुसार वैट और अन्य स्थानीय शुल्क निर्धारित करता है। इसी वजह से एक ही दिन देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग दिखाई देती हैं। परिवहन लागत और स्थानीय प्रशासनिक शुल्क भी कुछ क्षेत्रों में खुदरा कीमतों को प्रभावित करते हैं।

    तेल विपणन कंपनियां प्रतिदिन सुबह छह बजे नई कीमतें जारी करती हैं। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ते या घटते हैं अथवा विदेशी मुद्रा विनिमय दर में उल्लेखनीय परिवर्तन होता है, तो उसका प्रभाव घरेलू ईंधन कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद खुदरा कीमतों में तत्काल बदलाव नहीं होता और कंपनियां समग्र बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेती हैं।

    वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं के लिए यात्रा या ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर के ताजा रेट की जानकारी लेना उपयोगी माना जाता है। इसके लिए संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप और एसएमएस सेवा का उपयोग किया जा सकता है। इन माध्यमों पर प्रतिदिन अपडेट किए गए रेट उपलब्ध रहते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र की वास्तविक कीमत की जानकारी मिल जाती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मुद्रा विनिमय दर में होने वाले बदलाव आने वाले समय में भी ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए नियमित रूप से ताजा रेट पर नजर रखना आवश्यक है। फिलहाल 26 जुलाई के लिए जारी नई कीमतों में प्रमुख महानगरों के बीच पहले की तरह अंतर बना हुआ है और राज्यवार कर संरचना इसका प्रमुख कारण बनी हुई है।