Tag: IPL 2026

  • 'यह जगह घर की तरह', विराट कोहली ने आरसीबी के लगातार 2 बार चैंपियन बनने पर लिखा भावुक संदेश

    'यह जगह घर की तरह', विराट कोहली ने आरसीबी के लगातार 2 बार चैंपियन बनने पर लिखा भावुक संदेश


    नई दिल्ली । रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की लगातार दूसरी आईपीएल खिताबी जीत के बाद स्टार बल्लेबाज Virat Kohli ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया है। उन्होंने टीम के सफर, संघर्ष और भावनात्मक जुड़ाव को “घर” जैसा बताया।

    कोहली का भावुक पोस्ट
    कोहली ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सीजन की शुरुआत भरोसे के साथ हुई थी और अंत लगातार दो खिताबों के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि इस टीम ने हर भावनात्मक उतार-चढ़ाव को साथ झेला और मुश्किल हालात में भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। कोहली के मुताबिक, “यह जगह घर की तरह है”-जो उनकी टीम के साथ गहरे जुड़ाव को दिखाता है।

    लगातार दूसरी बार RCB चैंपियन
    Royal Challengers Bengaluru ने आईपीएल 2025 और 2026 में लगातार दो खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। 18 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार खिताब जीतने के बाद टीम ने अगले ही सीजन में ट्रॉफी डिफेंड कर ली।

    फाइनल मुकाबले का हाल
    आईपीएल 2026 का फाइनल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया, जहां RCB ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। विपक्षी टीम को 155 रन पर रोकने के बाद RCB ने 161 रन बनाकर 5 विकेट से मैच जीत लिया। इस फाइनल में कोहली ने अहम भूमिका निभाई और 42 गेंदों पर 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। उनकी इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    पूरे सीजन में कोहली का प्रदर्शन
    पूरे सीजन में कोहली का फॉर्म शानदार रहा। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 5 अर्धशतक शामिल रहे। उनकी लगातार रन बनाने की क्षमता टीम की सफलता की सबसे बड़ी वजहों में से एक रही।

    कप्तानी और टीम का योगदान
    कप्तान रजत पाटीदार की रणनीति और गेंदबाजों के संतुलित प्रदर्शन ने भी टीम को मजबूती दी। गेंदबाजी ने फाइनल में खास भूमिका निभाई और विपक्ष को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका।

  • IPL जीत के बाद आध्यात्मिक सफर पर विराट कोहली, पहुंचे वृंदावन आश्रम

    IPL जीत के बाद आध्यात्मिक सफर पर विराट कोहली, पहुंचे वृंदावन आश्रम


    मथुरा । आईपीएल 2026 में शानदार जीत दर्ज करने के बाद Virat Kohli एक बार फिर आध्यात्मिक यात्रा पर नजर आए। मंगलवार सुबह वे अपनी पत्नी Anushka Sharma के साथ वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने केली कुंज आश्रम में संत Premanand Maharaj के दर्शन किए।

    दोनों सुबह करीब 7 बजे आश्रम पहुंचे और मास्क पहनकर कार से उतरने के बाद नंगे पैर आश्रम परिसर में प्रवेश किया। संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने उनका स्वागत किया। विराट और अनुष्का लगभग दो घंटे तक आश्रम में रुके और संत से मुलाकात की। बाहर निकलने पर विराट के माथे पर चंदन और त्रिपुंड लगा हुआ था, जबकि उनके हाथ में एक धार्मिक पुस्तक भी दिखाई दी।

    आश्रम दर्शन के बाद दोनों ने लगभग 150 मीटर की दूरी पर स्थित गुरु हित गोविंद शरण महाराज के आश्रम का भी दौरा किया। खास बात यह रही कि इस दौरान भी वे नंगे पैर पैदल ही चलते नजर आए। इस यात्रा के दौरान उनकी सादगी और आध्यात्मिक जुड़ाव की झलक देखने को मिली।

    इससे पहले भी विराट और अनुष्का कई बार वृंदावन आ चुके हैं। इसी साल 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर भी दोनों ने संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए थे और सत्संग में शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि पिछले तीन वर्षों में यह उनकी सातवीं मुलाकात है, जिसमें इस वर्ष की यह तीसरी यात्रा शामिल है।

    गौरतलब है कि हाल ही में Royal Challengers Bengaluru ने अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया था। इस मुकाबले में विराट कोहली ने अहम भूमिका निभाई थी और अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन भी बनाए थे।

    आईपीएल में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद कोहली का यह आध्यात्मिक दौरा एक बार फिर चर्चा में है, जहां क्रिकेट की सफलता के बाद उन्होंने धार्मिक और आध्यात्मिक संतुलन को प्राथमिकता दी।

  • IPL 2026: चोपड़ा की नजर में सबसे खास खिलाड़ी, ओपनर और गेंदबाज दोनों तय

    IPL 2026: चोपड़ा की नजर में सबसे खास खिलाड़ी, ओपनर और गेंदबाज दोनों तय


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन रोमांच, रिकॉर्ड और व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से बेहद यादगार रहा। इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra ने इस सीजन के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों की अपनी पसंद साझा की है, जिसमें युवा बल्लेबाजों से लेकर अनुभवी गेंदबाजों तक को जगह मिली है।

    आकाश चोपड़ा ने सबसे पहले इस सीजन की सर्वश्रेष्ठ पारी के रूप में KL Rahul की धमाकेदार 152 रनों की नाबाद पारी को चुना। यह पारी Delhi Capitals की ओर से खेलते हुए आई थी, जिसमें राहुल ने 67 गेंदों पर 16 चौके और 9 छक्के लगाए थे। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर दिल्ली ने 20 ओवर में 264 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जो सीजन के सबसे बड़े स्कोरों में से एक रहा।

    सर्वश्रेष्ठ ओपनर के तौर पर आकाश चोपड़ा ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को चुना, जिन्होंने Rajasthan Royals के लिए शानदार प्रदर्शन किया। वैभव ने 16 मैचों में 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237 रहा। इस सीजन उन्होंने 72 छक्के लगाकर कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए और सबसे युवा ऑरेंज कैप विजेता बनने का गौरव हासिल किया।

    मिडिल ऑर्डर में आकाश चोपड़ा ने Heinrich Klaasen को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना। Sunrisers Hyderabad की ओर से खेलते हुए क्लासेन ने 15 मैचों में 624 रन बनाए और पूरे सीजन में 160 के स्ट्राइक रेट से आक्रामक बल्लेबाजी की। वह इस सीजन टॉप रन स्कोरर्स में भी शामिल रहे।

    फिनिशर की भूमिका में आकाश चोपड़ा ने Donovan Ferreira को सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी माना, जिन्होंने दबाव की परिस्थितियों में अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    गेंदबाजी में सबसे बड़ा नाम Bhuvneshwar Kumar का रहा, जिन्हें आकाश चोपड़ा ने आईपीएल 2026 का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज चुना। Royal Challengers Bengaluru के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर ने 16 मैचों में 28 विकेट हासिल किए और 17.89 की शानदार इकॉनमी से रन रोके। वह इस सीजन दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे।

    आईपीएल 2026 में आकाश चोपड़ा की यह टीम चयन इस बात को दिखाता है कि इस सीजन युवा प्रतिभा और अनुभवी खिलाड़ियों दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया। वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारे जहां भविष्य की झलक देते हैं, वहीं भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज आज भी अपनी उपयोगिता साबित करते हैं।

  • 4 विकेट और 102 का औसत, IPL 2026 में नहीं चला बुमराह का जादू

    4 विकेट और 102 का औसत, IPL 2026 में नहीं चला बुमराह का जादू


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन कई खिलाड़ियों के लिए यादगार रहा, लेकिन Jasprit Bumrah के लिए यह टूर्नामेंट किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। अपनी सटीक यॉर्कर, घातक डेथ बॉलिंग और मैच जिताने वाली क्षमता के लिए मशहूर बुमराह पूरे सीजन संघर्ष करते नजर आए। नतीजा यह रहा कि 13 मुकाबलों में वह सिर्फ 4 विकेट ही अपने नाम कर सके, जो उनके कद और अनुभव के हिसाब से बेहद निराशाजनक आंकड़ा है।

    टी20 क्रिकेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार बुमराह से इस सीजन भी बड़ी उम्मीदें थीं। खासकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि वह आईपीएल में भी अपनी टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित होंगे। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनकी लय नजर नहीं आई। बल्लेबाजों पर दबाव बनाने और विकेट निकालने में माहिर बुमराह कई मैचों में पूरी तरह बेअसर दिखाई दिए।

    आंकड़े उनकी मुश्किलों की कहानी खुद बयां करते हैं। पूरे सीजन में उनका गेंदबाजी औसत 102.50 रहा, जो 30 से अधिक ओवर फेंकने वाले गेंदबाजों में सबसे खराब रिकॉर्ड माना जा रहा है। इतना ही नहीं, 13 में से 9 मुकाबलों में वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। पूरे सीजन में कोई भी ऐसा मैच नहीं रहा, जिसमें उन्होंने एक से अधिक विकेट लिए हों।

    अगर बुमराह के आईपीएल करियर पर नजर डालें तो यह उनका सबसे खराब सीजन माना जा रहा है। हालांकि 2013 और 2015 में भी उन्होंने सिर्फ 3-3 विकेट लिए थे, लेकिन उन वर्षों में उन्होंने बेहद कम मैच खेले थे। इसके विपरीत आईपीएल 2026 में उन्हें लगातार मौके मिले, फिर भी वह अपनी छाप छोड़ने में असफल रहे।

    बुमराह की खराब फॉर्म का असर सीधे तौर पर Mumbai Indians के प्रदर्शन पर भी पड़ा। मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी लंबे समय से बुमराह के इर्द-गिर्द घूमती रही है। जब टीम का सबसे भरोसेमंद गेंदबाज विकेट लेने में नाकाम रहा तो अन्य गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया। विपक्षी बल्लेबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया और मुंबई की गेंदबाजी को लगातार निशाना बनाया।

    मुंबई इंडियंस के लिए यह सीजन कुल मिलाकर बेहद निराशाजनक रहा। टीम 14 मुकाबलों में सिर्फ 4 जीत दर्ज कर सकी, जबकि 10 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। अंक तालिका में नौवें स्थान पर रहकर पांच बार की चैंपियन टीम ने अपना अभियान समाप्त किया। टीम की असफलता के पीछे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों की कमजोरियां जिम्मेदार रहीं, लेकिन बुमराह की फीकी फॉर्म सबसे बड़ा झटका साबित हुई।

    अब भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर टिकी हैं। फैंस को उम्मीद होगी कि आईपीएल 2026 का यह खराब दौर यहीं समाप्त हो और बुमराह एक बार फिर टीम इंडिया के लिए अपनी पुरानी धार और लय हासिल करें।

  • करोड़ों की कीमत, लेकिन प्रदर्शन रहा फीका; IPL 2026 के 5 सबसे बड़े फ्लॉप खिलाड़ी

    करोड़ों की कीमत, लेकिन प्रदर्शन रहा फीका; IPL 2026 के 5 सबसे बड़े फ्लॉप खिलाड़ी


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में जहां कई खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरीं, वहीं कुछ बड़े नाम उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीमों के लिए निराशा का कारण बना।

    आईपीएल 2026 में कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और कुछ अनुभवी सितारों ने भी शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को सफलता दिलाई। लेकिन दूसरी तरफ ऐसे खिलाड़ी भी रहे, जिन पर फ्रेंचाइजियों ने भारी-भरकम रकम खर्च की, मगर वे पूरे सीजन में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। इन खिलाड़ियों की खराब फॉर्म का असर उनकी टीमों के अभियान पर भी साफ दिखाई दिया।

    सबसे ज्यादा निराश करने वाले खिलाड़ियों में नाम आता है Cameron Green का। Kolkata Knight Riders ने उन्हें 25.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। ग्रीन से बल्ले और गेंद दोनों से योगदान की उम्मीद थी, लेकिन वह 14 मैचों में केवल 322 रन ही बना सके। उनके बल्ले से सिर्फ दो अर्धशतक निकले और गेंदबाजी में भी वह कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद यह प्रदर्शन केकेआर के लिए निराशाजनक रहा।

    दूसरे बड़े नाम हैं Rishabh Pant। 27 करोड़ रुपये की कीमत के साथ आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल पंत का सीजन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। Lucknow Super Giants के लिए खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में केवल 312 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक अर्धशतक लगा सके। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी टीम को भारी पड़ी।

    Suryakumar Yadav भी इस सीजन संघर्ष करते नजर आए। Mumbai Indians ने उन्हें 16.35 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन वह 13 पारियों में सिर्फ 270 रन ही बना सके। दो अर्धशतकों के अलावा उनका प्रदर्शन फीका रहा और मध्यक्रम में उनकी नाकामी का असर टीम के नतीजों पर पड़ा।

    वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज Nicholas Pooran से भी काफी उम्मीदें थीं। Lucknow Super Giants ने उन्हें 21 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन पूरन 14 मैचों में केवल 234 रन बना सके। पूरे सीजन में उनके बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला और वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचानी जाने वाली छाप छोड़ने में नाकाम रहे।

    सूची में पांचवां नाम Hardik Pandya का है। Mumbai Indians के कप्तान के रूप में हार्दिक का प्रदर्शन बल्ले और गेंद दोनों से साधारण रहा। 10 मैचों में उन्होंने केवल 206 रन बनाए और एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। गेंदबाजी में भी उनके खाते में सिर्फ चार विकेट आए। कप्तान और ऑलराउंडर दोनों भूमिकाओं में उनका योगदान अपेक्षाओं से काफी कम रहा।

    आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की कीमत और प्रदर्शन की तुलना हमेशा चर्चा का विषय रहती है। आईपीएल 2026 में इन खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनका प्रदर्शन उनकी फ्रेंचाइजियों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। यही वजह रही कि करोड़ों रुपये की निवेश के बावजूद ये सितारे सीजन के सबसे बड़े निराशाजनक खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं।

  • विदेशी सितारों का दबदबा, IPL 2026 में इन खिलाड़ियों ने मचाया धमाल

    विदेशी सितारों का दबदबा, IPL 2026 में इन खिलाड़ियों ने मचाया धमाल


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन कई यादगार प्रदर्शनों का गवाह बना। लगातार दूसरी बार खिताब जीतने वाली Royal Challengers Bengaluru की सफलता के बीच कई विदेशी खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से टूर्नामेंट पर गहरी छाप छोड़ी। बल्ले और गेंद दोनों से विदेशी सितारों का जलवा देखने को मिला, जिन्होंने अपनी-अपनी टीमों के अभियान में अहम भूमिका निभाई।

    सबसे पहले बात करते हैं Heinrich Klaasen की, जिन्होंने Sunrisers Hyderabad के लिए शानदार बल्लेबाजी की। विकेटकीपर-बल्लेबाज क्लासेन ने 15 मैचों में 624 रन बनाकर खुद को सीजन के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल किया। करीब 160 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने छह अर्धशतक लगाए और कई मौकों पर टीम की लड़खड़ाती पारी को संभाला।

    गेंदबाजी विभाग में Jofra Archer ने अपनी रफ्तार और सटीकता से खूब प्रभावित किया। Rajasthan Royals के तेज गेंदबाज ने 16 मुकाबलों में 25 विकेट हासिल किए और टीम को दूसरे क्वालीफायर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आर्चर पूरे सीजन बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बने रहे।

    आईपीएल 2026 के सबसे सफल विदेशी खिलाड़ी रहे Kagiso Rabada। Gujarat Titans के स्टार तेज गेंदबाज ने 17 मैचों में 29 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। रबाडा की घातक गेंदबाजी के दम पर गुजरात टाइटंस फाइनल तक पहुंचने में सफल रही। नई गेंद से लेकर डेथ ओवरों तक उन्होंने लगातार विकेट निकालकर विपक्षी टीमों पर दबाव बनाए रखा।

    इस सीजन की सबसे बड़ी खोजों में से एक रहे Cooper Connolly। Punjab Kings के लिए अपने पहले आईपीएल सीजन में खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 491 रन बनाए। 163 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए कोनोली ने एक शतक और दो अर्धशतक जड़े। भले ही पंजाब प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी, लेकिन युवा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से भविष्य के लिए मजबूत दावेदारी पेश की।

    वहीं Mitchell Marsh ने Lucknow Super Giants के लिए अकेले दम पर कई मुकाबलों में संघर्ष किया। टीम के अन्य बल्लेबाजों के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद मार्श ने 13 मैचों में 563 रन बनाए। उन्होंने पूरे सीजन में एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए तथा 163 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा।

    आईपीएल 2026 में विदेशी खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित किया कि वे लीग की सफलता में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। क्लासेन, मार्श और कोनोली ने बल्ले से रंग जमाया, जबकि रबाडा और आर्चर ने गेंद से विपक्षी टीमों की मुश्किलें बढ़ाईं। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन पूरे सीजन चर्चा का विषय बना रहा।

  • IPL 2026 के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज कौन? टॉप-5 लिस्ट चौंकाएगी

    IPL 2026 के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज कौन? टॉप-5 लिस्ट चौंकाएगी


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का रोमांचक सीजन समाप्त हो चुका है और एक बार फिर Royal Challengers Bengaluru ने खिताब अपने नाम कर लिया। सीजन खत्म होने के बाद बल्लेबाजों के प्रदर्शन को लेकर कई दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं। बल्लेबाजी औसत के मामले में सबसे बड़ा सरप्राइज यह रहा कि Virat Kohli टॉप-5 में पांचवें स्थान पर रहे, जबकि सूची में शीर्ष स्थान पर Ravindra Jadeja का कब्जा रहा।

    IPL 2026 में सर्वाधिक बल्लेबाजी औसत वाले टॉप-5 बल्लेबाज

    1. Ravindra Jadeja (राजस्थान रॉयल्स
    मैच: 14
    पारियां: 11
    रन: 266
    औसत: 66.50
    जडेजा ने सीमित अवसरों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए सीजन का सर्वश्रेष्ठ औसत दर्ज किया।

    2. Quinton de Kock (मुंबई इंडियंस)
    मैच: 3
    रन: 132
    औसत: 66.00
    डिकॉक ने केवल तीन मैच खेले, लेकिन प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर रहे।

    3. Rinku Singh (कोलकाता नाइट राइडर्स)
    मैच: 14
    पारियां: 11
    रन: 295
    औसत: 59.00
    रिंकू सिंह ने फिनिशर की भूमिका निभाते हुए लगातार उपयोगी पारियां खेलीं।

    4. Anshul Kamboj (चेन्नई सुपर किंग्स)
    मैच: 14
    पारियां: 4
    रन: 58
    औसत: 58.00
    मुख्य रूप से गेंदबाजी ऑलराउंडर होने के बावजूद अंशुल कंबोज ने बल्लेबाजी में भी प्रभाव छोड़ा।

    5. Virat Kohli (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु)
    मैच: 16
    पारियां: 16
    रन: 675
    औसत: 56.25
    कोहली इस सूची में पांचवें स्थान पर रहे, लेकिन रन बनाने के मामले में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और ऑरेंज कैप की दौड़ में भी शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल रहे।

    दिलचस्प बात यह है कि औसत के आधार पर कोहली पांचवें स्थान पर हैं, लेकिन उन्होंने टॉप-5 में शामिल अधिकांश खिलाड़ियों की तुलना में कहीं अधिक रन बनाए। इससे साफ है कि पूरे सीजन में निरंतरता के मामले में उनका प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा।

  • IPL टीमों को करोड़ों का नुकसान करा रहे स्काउट्स? सुनील गावस्कर का बड़ा बयान

    IPL टीमों को करोड़ों का नुकसान करा रहे स्काउट्स? सुनील गावस्कर का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज Sunil Gavaskar ने IPL फ्रेंचाइजियों की स्काउटिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि कई टीमें राज्य और शहर स्तर की टी20 लीगों में प्रदर्शन देखकर खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च कर देती हैं, लेकिन वही खिलाड़ी IPL में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाते।

    क्या बोले गावस्कर?
    स्पोर्टस्टार में अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा कि कई बड़े हिटर स्थानीय टी20 लीगों में शानदार प्रदर्शन करते हैं, लेकिन IPL में आने पर उनकी कमजोरियां उजागर हो जाती हैं। उनके अनुसार, लोकल लीग और IPL के स्तर में बहुत बड़ा अंतर है।

    उन्होंने कहा कि:
    राज्य और शहर की लीगों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का स्तर IPL जैसा नहीं होता। ऐसे में स्काउट्स को केवल आंकड़ों या हाइप के आधार पर खिलाड़ियों का चयन नहीं करना चाहिए।

    स्काउट्स पर उठाए सवाल
    गावस्कर का मानना है कि कई बार स्काउट्स खिलाड़ी एजेंटों, सोशल मीडिया प्रचार और कुछ चुनिंदा पारियों से प्रभावित हो जाते हैं। नतीजा यह होता है कि फ्रेंचाइजी ऐसे खिलाड़ियों पर बड़ी रकम खर्च कर देती हैं जो बाद में टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी करोड़ों में खरीदा जाए और फिर उसे कुछ मैचों के बाद बेंच पर बैठा दिया जाए, तो यह स्काउटिंग सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।

    “डमी बेच दिया जाता है”
    गावस्कर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार फ्रेंचाइजियों को ऐसे खिलाड़ी “बेच” दिए जाते हैं जिनकी क्षमता IPL स्तर की नहीं होती। उनका इशारा इस ओर था कि कुछ खिलाड़ी स्थानीय प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन के कारण जरूरत से ज्यादा मूल्य पा लेते हैं।

    एक मैच के प्रदर्शन पर मिल जाता है नया कॉन्ट्रैक्ट
    गावस्कर ने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ी पूरे सीजन में संघर्ष करते हैं, लेकिन किसी एक कम दबाव वाले मुकाबले में अच्छी पारी खेल देते हैं। फिर उसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अगले सीजन के लिए दोबारा खरीद लिया जाता है। उनके अनुसार IPL में ऐसे “वन-मैच परफॉर्मर्स” की पूरी टीम बनाई जा सकती है, जिन्हें बार-बार मौके मिलते रहते हैं।

    IPL टीमों के लिए संदेश
    गावस्कर का साफ संदेश है कि फ्रेंचाइजियों को केवल रन, छक्के या सोशल मीडिया चर्चा देखकर खिलाड़ी नहीं चुनने चाहिए। स्काउट्स को तकनीक, मानसिक मजबूती और उच्च स्तर के क्रिकेट में प्रदर्शन की क्षमता का भी गहराई से मूल्यांकन करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब Indian Premier League में कई महंगे खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, जबकि कुछ कम कीमत वाले खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को फायदा पहुंचाया।

  • छक्कों की बारिश से छाया वैभव सूर्यवंशी का जलवा, आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास

    छक्कों की बारिश से छाया वैभव सूर्यवंशी का जलवा, आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का खिताब भले ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने जीत लिया हो, लेकिन इस पूरे सीजन की सबसे बड़ी कहानी राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के नाम रही। मात्र 15 साल की उम्र में इस खिलाड़ी ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया।

    वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 16 मुकाबलों में 776 रन बनाए और 237 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ गेंदबाजों पर कहर बरपाया। उन्होंने इस सीजन में एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए और कई बार अकेले दम पर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। उनकी बल्लेबाजी में सिर्फ आक्रामकता ही नहीं, बल्कि परिपक्वता भी साफ नजर आई।

    सीजन की शुरुआत से ही वैभव ने दिखा दिया था कि वह इस मंच पर लंबे समय तक टिकने आए हैं। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी शांत रहकर रन बनाए और टीम के लिए मैच जिताऊ पारियां खेलीं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण गुजरात टाइटंस के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर में देखने को मिला, जहां उन्होंने 47 गेंदों पर 96 रनों की शानदार पारी खेली।

    वैभव का यह सीजन सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त भी तैयार की। उन्होंने कुल 72 छक्के लगाए, जो आईपीएल के एक सीजन में किसी भी बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक हैं। इसके अलावा वह सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज भी बने।

    पावरप्ले में उनके प्रदर्शन ने भी सभी को प्रभावित किया, जहां उन्होंने डेविड वॉर्नर जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सर्वाधिक रन बनाए। वैभव ने एक पारी में 12 छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया और एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया।

    गेंदबाजों के लिए वैभव को रोकना लगभग असंभव साबित हुआ। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा जैसे दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ भी उन्होंने निडर होकर बल्लेबाजी की। बुमराह के खिलाफ पहली ही गेंद पर लगाया गया उनका छक्का इस सीजन के सबसे यादगार पलों में से एक बन गया।

    उनके शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें पांच बड़े अवॉर्ड के रूप में मिला—ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और सुपर सिक्सेस ऑफ द सीजन। वह आईपीएल इतिहास के सबसे युवा ऑरेंज कैप विजेता भी बने।

    इस तरह वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक शुरुआत साबित हुआ, जिसने उन्हें क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में शामिल कर दिया।

  • RCB की लगातार दूसरी जीत के बाद खिलाड़ियों ने खोले दिल, कोहली की पारी से फाइनल में 5 विकेट से जीत

    RCB की लगातार दूसरी जीत के बाद खिलाड़ियों ने खोले दिल, कोहली की पारी से फाइनल में 5 विकेट से जीत


    मध्य प्रदेश । आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी, लेकिन टीम के अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं, बल्कि टीम की जीत सबसे महत्वपूर्ण है।

    भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मुझे ट्रॉफी चाहिए थी, पर्पल कैप नहीं। यह सीजन हमारे लिए बेहद खास रहा और हमने शुरुआत से ही मजबूत रणनीति के साथ खेला।” उन्होंने बताया कि लगातार विकेट लेने से आत्मविश्वास बढ़ता है और बड़े मैचों में यह अनुभव काफी काम आता है।

    भुवनेश्वर इस सीजन में आरसीबी के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट लिए और सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे। उनसे आगे केवल गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा रहे, जिन्होंने 29 विकेट झटके, हालांकि उन्होंने एक मैच ज्यादा खेला था।

    टीम की जीत में बल्लेबाजों का भी अहम योगदान रहा। देवदत्त पड्डिकल ने कहा कि इस टीम के साथ खेलना एक शानदार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि टीम में मौजूद बड़े खिलाड़ियों से सीखने का मौका मिला और गेंदबाजों ने बेहतरीन योजनाओं के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने विशेष रूप से विराट कोहली की बल्लेबाजी और उनके रन बनाने की भूख की तारीफ की।

    विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने भी टीम मैनेजमेंट की रणनीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम का फोकस दबाव में भी प्रक्रिया पर टिके रहने पर था, न कि सिर्फ नतीजों पर। इसी सोच ने टीम को मजबूत बनाए रखा और लगातार जीत की ओर बढ़ाया।

    वहीं तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने कहा कि टीम का माहौल और सपोर्ट स्टाफ बेहद मजबूत है, जिसने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भुवनेश्वर की लगातार विकेट लेने की क्षमता को टीम के लिए बड़ा प्लस पॉइंट बताया।

    फाइनल मुकाबले की बात करें तो गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 155 रन बनाए। जवाब में RCB ने विराट कोहली की नाबाद 75 रनों की शानदार पारी की बदौलत 18 ओवर में 5 विकेट पर 161 रन बनाकर मैच जीत लिया।

    इस जीत के साथ RCB ने लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की और टीम ने एक बार फिर साबित किया कि संतुलित प्रदर्शन और मजबूत रणनीति ही सफलता की कुंजी है।