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  • IPL टीमों को करोड़ों का नुकसान करा रहे स्काउट्स? सुनील गावस्कर का बड़ा बयान

    IPL टीमों को करोड़ों का नुकसान करा रहे स्काउट्स? सुनील गावस्कर का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज Sunil Gavaskar ने IPL फ्रेंचाइजियों की स्काउटिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि कई टीमें राज्य और शहर स्तर की टी20 लीगों में प्रदर्शन देखकर खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च कर देती हैं, लेकिन वही खिलाड़ी IPL में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाते।

    क्या बोले गावस्कर?
    स्पोर्टस्टार में अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा कि कई बड़े हिटर स्थानीय टी20 लीगों में शानदार प्रदर्शन करते हैं, लेकिन IPL में आने पर उनकी कमजोरियां उजागर हो जाती हैं। उनके अनुसार, लोकल लीग और IPL के स्तर में बहुत बड़ा अंतर है।

    उन्होंने कहा कि:
    राज्य और शहर की लीगों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का स्तर IPL जैसा नहीं होता। ऐसे में स्काउट्स को केवल आंकड़ों या हाइप के आधार पर खिलाड़ियों का चयन नहीं करना चाहिए।

    स्काउट्स पर उठाए सवाल
    गावस्कर का मानना है कि कई बार स्काउट्स खिलाड़ी एजेंटों, सोशल मीडिया प्रचार और कुछ चुनिंदा पारियों से प्रभावित हो जाते हैं। नतीजा यह होता है कि फ्रेंचाइजी ऐसे खिलाड़ियों पर बड़ी रकम खर्च कर देती हैं जो बाद में टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी करोड़ों में खरीदा जाए और फिर उसे कुछ मैचों के बाद बेंच पर बैठा दिया जाए, तो यह स्काउटिंग सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।

    “डमी बेच दिया जाता है”
    गावस्कर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार फ्रेंचाइजियों को ऐसे खिलाड़ी “बेच” दिए जाते हैं जिनकी क्षमता IPL स्तर की नहीं होती। उनका इशारा इस ओर था कि कुछ खिलाड़ी स्थानीय प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन के कारण जरूरत से ज्यादा मूल्य पा लेते हैं।

    एक मैच के प्रदर्शन पर मिल जाता है नया कॉन्ट्रैक्ट
    गावस्कर ने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ी पूरे सीजन में संघर्ष करते हैं, लेकिन किसी एक कम दबाव वाले मुकाबले में अच्छी पारी खेल देते हैं। फिर उसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अगले सीजन के लिए दोबारा खरीद लिया जाता है। उनके अनुसार IPL में ऐसे “वन-मैच परफॉर्मर्स” की पूरी टीम बनाई जा सकती है, जिन्हें बार-बार मौके मिलते रहते हैं।

    IPL टीमों के लिए संदेश
    गावस्कर का साफ संदेश है कि फ्रेंचाइजियों को केवल रन, छक्के या सोशल मीडिया चर्चा देखकर खिलाड़ी नहीं चुनने चाहिए। स्काउट्स को तकनीक, मानसिक मजबूती और उच्च स्तर के क्रिकेट में प्रदर्शन की क्षमता का भी गहराई से मूल्यांकन करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब Indian Premier League में कई महंगे खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, जबकि कुछ कम कीमत वाले खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को फायदा पहुंचाया।

  • IPL में खेलने से इनकार करना पड़ सकता है भारी, नीलामी की रकम भी जा सकती है, दो साल का बैन भी संभव

    IPL में खेलने से इनकार करना पड़ सकता है भारी, नीलामी की रकम भी जा सकती है, दो साल का बैन भी संभव


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) नीलामी किसी भी क्रिकेटर के करियर का बड़ा मोड़ होती है। करोड़ों की बोली लगना और रातों-रात स्टार बनना जितना आकर्षक है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी लेकर आता है। अक्सर यह सवाल उठता है कि अगर कोई खिलाड़ी नीलामी में बिकने के बाद अपनी मर्जी से IPL खेलने से इनकार कर दे, तो क्या उसे पूरी रकम मिलती है? IPL के नियम इस मामले में बेहद स्पष्ट हैं और काफी सख्त भी।

    IPL पूरी तरह BCCI द्वारा संचालित टूर्नामेंट है। नीलामी में भाग लेने वाला हर खिलाड़ी पहले से तय नियम और शर्तों को स्वीकार करता है।

    नीलामी में बिकने के बाद खिलाड़ी और फ्रेंचाइजी के बीच एक पेशेवर अनुबंध बन जाता है, जिसमें खिलाड़ी की यह जिम्मेदारी होती है कि वह टूर्नामेंट में उपलब्ध रहे और टीम के लिए खेले।

    अगर कोई खिलाड़ी बिना वैध और ठोस कारण के खेलने से इनकार करता है, तो उसे नीलामी में मिली पूरी रकम नहीं दी जाती। IPL में लागू नियम ‘नो प्ले, नो पे’ के तहत स्पष्ट करते हैं कि यदि खिलाड़ी मैदान पर नहीं उतरता, तो उसे भुगतान का पूरा हक नहीं मिलता। इसका मकसद यह भी है कि फ्रेंचाइजी पर किए गए खर्च का नुकसान न हो।

    नीलामी में बिकने के बाद अचानक नाम वापस लेना BCCI के नियमों के तहत गंभीर उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में खिलाड़ी पर अगले दो IPL सीजन और नीलामी से प्रतिबंध लगाया जा सकता है। यह प्रतिबंध केवल सजा नहीं है, बल्कि संदेश भी देता है कि खिलाड़ी नीलामी में शामिल होने से पहले पूरी गंभीरता से निर्णय लें।

    हालांकि, हर स्थिति में सजा तय नहीं होती। अगर खिलाड़ी किसी गंभीर चोट से जूझ रहा हो या राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना जरूरी हो, तो उसे छूट दी जा सकती है। इसके लिए मेडिकल रिपोर्ट या संबंधित बोर्ड की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक होती है। बिना पुख्ता कारण या सबूत के इनकार मान्य नहीं होगा।

    फ्रेंचाइजी के लिए भी यह नियम बेहद महत्वपूर्ण हैं। नीलामी के दौरान टीम अपनी रणनीति खिलाड़ियों पर तैयार करती है। किसी खिलाड़ी पर बड़ी रकम खर्च करने के बाद यदि वह आखिरी वक्त पर खेलने से मना कर दे, तो टीम का संतुलन बिगड़ जाता है। इसलिए BCCI ने सख्त नियम बनाए हैं ताकि लीग की विश्वसनीयता और फ्रेंचाइजी के हित सुरक्षित रह सकें।

    विदेशी खिलाड़ियों के मामले में यह नियम और भी जरूरी हो जाता है। कई विदेशी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल या निजी कारणों से IPL से हटना चाहते हैं। BCCI यह सुनिश्चित करता है कि कोई खिलाड़ी बिना ठोस वजह के लीग को हल्के में न ले।
    यदि कोई खिलाड़ी पूरे टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेता, तो आम तौर पर उसे पूरी रकम नहीं मिलती। हालांकि कुछ विशेष मामलों में फ्रेंचाइजी और खिलाड़ी के बीच आपसी सहमति से आंशिक भुगतान या अलग व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन यह पूरी तरह अनुबंध और नियमों पर निर्भर करता है।

    कुल मिलाकर, IPL नीलामी में बिकना केवल फायदे की बात नहीं है, बल्कि इसके साथ अनुशासन और जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। बिना ठोस कारण IPL खेलने से इनकार करना खिलाड़ी के करियर और छविदोनों के लिए भारी पड़ सकता है। नियमों का पालन करना और टीम के प्रति प्रतिबद्ध रहना हर खिलाड़ी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

  • IPL 2026 Mini Auction: स्टीव स्मिथ और जैक फ्रेजर समेत 5 बड़े नाम अनसोल्ड

    IPL 2026 Mini Auction: स्टीव स्मिथ और जैक फ्रेजर समेत 5 बड़े नाम अनसोल्ड


    नई दिल्ली:आईपीएल 2026 का मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में हुआ। 156 खिलाड़ियों के लिए बोली लगी, जिसमें 10 टीमों ने 77 खिलाड़ी खरीदे और कुल 215.45 करोड़ रुपये खर्च किए। केकेआर ने कैमरन ग्रीन को 25.20 करोड़ रुपये में और मथीशा पथिराना को 18 करोड़ में खरीदा।

    हालांकि, कई बड़े नाम इस बार अनसोल्ड रहे। आइए जानते हैं टॉप-5 खिलाड़ियों के बारे में जिन्हें कोई खरीदार नहीं मिला:

    – जैक फ्रेजर मैकगर्क बेस प्राइस: 2 करोड़ रुपये पिछले सीजन तक: दिल्ली कैपिटल्स
    आईपीएल 2024-2025 में 15 मैच, 385 रन ऑक्शन में कोई रुचि नहीं दिखी और वह अनसोल्ड रहे

    – स्टीव स्मिथ बेस प्राइस:2करोड़ रुपये आखिरी आईपीएल सीजन: 2021 IPL करियर:103 मैच, 2485 रन दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रह चुके इस बार किसी ने उन्हें खरीदा नहीं

    – महेश थीक्षणा पिछले सीजन तक: राजस्थान रॉयल्स बेस प्राइस: नीलामी में 4.40 करोड़ रुपये में खरीदे गए थे इससे पहले CSK का हिस्सा रहे इस बार ऑक्शन में अनसोल्ड

    -रहमानुल्लाह गुरबाज अफगानिस्तान के विकेटकीपर-बैटर  बेस प्राइस: -50 करोड़ रुपये पिछले सीजन केकेआर का हिस्सा  ऑक्शन में किसी ने खरीदा नहीं

    – डेवोन कॉनवे न्यूजीलैंड के बैटर बेस प्राइस: 2 करोड़ रुपये पिछले सीजन तक CSK का हिस्सा
    पिछली बार सीएसके ने 6.25 करोड़ में बरकरार रखा था

    इस बार अनसोल्ड 

    इस साल के IPL 2026 मिनी ऑक्शन में बड़े खिलाड़ियों के अनसोल्ड रहना दर्शाता है कि फ्रेंचाइजी इस बार नई रणनीतियों और टीम बैलेंस पर ज्यादा फोकस कर रही हैं।

  • मैच के बाद बिगड़ी यशस्वी जायसवाल की तबीयत, तेज पेट दर्द के चलते अस्पताल में भर्ती..

    मैच के बाद बिगड़ी यशस्वी जायसवाल की तबीयत, तेज पेट दर्द के चलते अस्पताल में भर्ती..

    नई दिल्ली/भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। टीम इंडिया के उभरते सितारे और विस्फोटक सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह घटना सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सुपर लीग मुकाबले के तुरंत बाद की है, जब जायसवाल मैदान पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद अचानक तेज पेट दर्द से जूझने लगे।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे में खेले गए मुंबई बनाम राजस्थान के अहम मुकाबले के दौरान ही यशस्वी जायसवाल को पेट में ऐंठन की शिकायत महसूस होने लगी थी। हालांकि, टीम के लिए उनकी अहमियत को देखते हुए उन्होंने दर्द के बावजूद मैदान नहीं छोड़ा और मैच में हिस्सा लिया। मुकाबला समाप्त होने के कुछ घंटों बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें तुरंत पिंपरी-चिंचवड़ स्थित आदित्य बिड़ला अस्पताल ले जाया गया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि यशस्वी जायसवाल एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस से पीड़ित हैं। यह पेट से जुड़ी एक समस्या है, जिसमें तेज दर्द, ऐंठन और कमजोरी जैसी शिकायतें होती हैं। डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उनका अल्ट्रासाउंड USGऔर सीटी स्कैन कराया। इसके साथ ही उन्हें ड्रिप के जरिए जरूरी दवाइयां दी गईं और पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई।राहत की बात यह है कि फिलहाल जायसवाल की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं। मेडिकल टीम का कहना है कि यदि उनकी तबीयत में सुधार जारी रहा, तो कुछ ही दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। हालांकि, पूरी तरह फिट होने के लिए उन्हें पर्याप्त आराम की जरूरत होगी।

    बीमारी के बावजूद जायसवाल का मैदान पर उतरना उनके जज्बे और प्रोफेशनलिज्म को दर्शाता है। राजस्थान के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने 217 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 16 गेंदों में 15 रन बनाए। यह मैच मुंबई की टीम ने तीन विकेट से अपने नाम किया। कप्तान अजिंक्य रहाणे की नाबाद 72 रनों की शानदार पारी और सरफराज खान की 22 गेंदों में 73 रनों की तूफानी बल्लेबाजी ने टीम को जीत दिलाई। हालांकि, इस जीत के बावजूद मुंबई की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।यशस्वी जायसवाल की सेहत को लेकर फिलहाल BCCI की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञ अब बोर्ड के अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। हालिया फॉर्म की बात करें तो जायसवाल शानदार लय में चल रहे हैं। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने तीन मैचों में 145 रन बनाए हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में भी उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा था।

    अच्छी खबर यह है कि फिलहाल भारतीय टीम का कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय दौरा तुरंत नहीं है। यशस्वी जायसवाल इस समय T20I टीम का हिस्सा नहीं हैं, जिससे उन्हें पूरी तरह रिकवर होने का समय मिल सकता है। भारतीय टीम नए साल की शुरुआत 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि तब तक जायसवाल पूरी तरह फिट होकर एक बार फिर मैदान पर वापसी करेंगे और अपने बल्ले से फैंस को खुश करेंगे।