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  • 5 दिग्गज क्रिकेटर्स जिन्होंने कभी आईपीएल में नहीं खेला, लेकिन बने हैं यादगार

    5 दिग्गज क्रिकेटर्स जिन्होंने कभी आईपीएल में नहीं खेला, लेकिन बने हैं यादगार


    नई दिल्ली। आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है। लीग में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की किस्मत रातों-रात चमकती है, लेकिन कुछ ऐसे दिग्गज खिलाड़ी भी रहे, जिन्हें कभी आईपीएल खेलने का मौका नहीं मिला।

    1. जेम्स एंडरसन
    इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का नाम उन खिलाड़ियों में शामिल है जिन्हें आईपीएल का अवसर नहीं मिला। 42 साल की उम्र में उन्होंने ऑक्शन में हिस्सा लिया, लेकिन किसी टीम ने उन्हें खरीदा नहीं। एंडरसन टेस्ट क्रिकेट में 700 से ज्यादा विकेट लेने वाले एकमात्र तेज गेंदबाज हैं।

    2. स्टुअर्ट ब्रॉड
    इंग्लिश तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को भी आईपीएल खेलने का मौका नहीं मिला। 2011 में पंजाब किंग्स ने उन्हें खरीदा था, लेकिन चोट के कारण ब्रॉड टूर्नामेंट से बाहर हो गए। इसके बाद उन्होंने आईपीएल से दूरी बना ली और टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी।

    3. एलिस्टर कुक
    इंग्लैंड के टेस्ट दिग्गज बल्लेबाज एलिस्टर कुक को टी20 का फॉर्मेट पसंद नहीं आया। कुक इंग्लैंड की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं और उन्होंने अपने करियर में 12,472 रन बनाए। आईपीएल में खेलने का अवसर उन्हें कभी नहीं मिला।

    4. मुशफिकुर रहीम
    बांग्लादेश के विकेटकीपर-बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने कई बार आईपीएल ऑक्शन में भाग लिया, लेकिन किसी भी टीम ने उन्हें नहीं खरीदा। रहीम टी20 और वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं, फिर भी आईपीएल में उनका नाम शामिल नहीं हुआ।

    5. रीजा हेंड्रिक्स
    साउथ अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज रीजा हेंड्रिक्स कई अन्य टी20 लीग में खेल चुके हैं, लेकिन आईपीएल में किसी भी टीम का भरोसा नहीं जीत सके।

  • 63 गेंदों में 120 रन ठोक धोनी से छीनी जीत फिर अचानक गायब हो गया IPL का ये हीरो

    63 गेंदों में 120 रन ठोक धोनी से छीनी जीत फिर अचानक गायब हो गया IPL का ये हीरो


    नई दिल्ली:  इंडियन प्रीमियर लीग को अक्सर किस्मत बदलने वाली लीग कहा जाता है जहां एक शानदार प्रदर्शन खिलाड़ी को रातोंरात स्टार बना देता है। लेकिन हर कहानी का अंत खुशहाल नहीं होता। कुछ खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं जो एक समय चमकते हैं और फिर अचानक गुमनामी में खो जाते हैं। ऐसी ही कहानी है Paul Valthaty की
    साल 2011 का आईपीएल सीजन इस खिलाड़ी के नाम रहा। 13 अप्रैल 2011 को Kings XI Punjab और Chennai Super Kings के बीच मोहाली में मुकाबला खेला गया। चेन्नई की टीम उस समय MS Dhoni की कप्तानी में थी और उन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए 188 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। उस दौर में यह स्कोर जीत के लिए काफी माना जाता था

    लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने सबको हैरान कर दिया। पंजाब की ओर से ओपनिंग करने उतरे पॉल वल्थाटी ने अकेले दम पर मैच पलट दिया। उन्होंने 63 गेंदों में नाबाद 120 रन ठोक दिए जिसमें 19 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उनकी इस विस्फोटक पारी की बदौलत पंजाब ने 19.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। यह पारी आज भी आईपीएल इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है

    वल्थाटी सिर्फ एक मैच के हीरो नहीं थे। पूरे 2011 सीजन में उन्होंने 14 मैचों में 463 रन बनाए और 7 विकेट भी लिए। उस समय वह ऑरेंज कैप की दौड़ में भी शामिल थे और बड़े खिलाड़ियों को टक्कर दे रहे थे। ऐसा लग रहा था कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल गया है

    लेकिन किस्मत ने अचानक करवट बदल ली। शानदार सीजन के बाद वल्थाटी को कलाई में गंभीर चोट लग गई। उन्होंने वापसी की कोशिश जरूर की लेकिन पुरानी लय हासिल नहीं कर सके। 2012 में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा और 2013 में भी वह कुछ खास नहीं कर पाए। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और फिर किसी फ्रेंचाइजी ने उन्हें मौका नहीं दिया धीरे धीरे वह आईपीएल और क्रिकेट की मुख्यधारा से गायब हो गए। एक समय जो खिलाड़ी सुर्खियों में था वह अब फैंस की यादों में भी धुंधला पड़ गया

    हालांकि क्रिकेट से उनका रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। अब वह अमेरिका में कोचिंग के जरिए अपनी नई पारी खेल रहे हैं और युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने खेल से संन्यास के बाद नौकरी भी की और क्रिकेट प्रशासन से भी जुड़े

    पॉल वल्थाटी की कहानी क्रिकेट की उस सच्चाई को दिखाती है जहां सफलता और असफलता के बीच की दूरी बहुत कम होती है। एक पारी आपको आसमान पर पहुंचा सकती है और एक चोट आपको जमीन पर ला सकती है यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं बल्कि उस अनिश्चितता की है जो क्रिकेट जैसे खेल को इतना रोमांचक और भावनात्मक बनाती है