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  • IPL 2026 Mini Auction: स्टीव स्मिथ और जैक फ्रेजर समेत 5 बड़े नाम अनसोल्ड

    IPL 2026 Mini Auction: स्टीव स्मिथ और जैक फ्रेजर समेत 5 बड़े नाम अनसोल्ड


    नई दिल्ली:आईपीएल 2026 का मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में हुआ। 156 खिलाड़ियों के लिए बोली लगी, जिसमें 10 टीमों ने 77 खिलाड़ी खरीदे और कुल 215.45 करोड़ रुपये खर्च किए। केकेआर ने कैमरन ग्रीन को 25.20 करोड़ रुपये में और मथीशा पथिराना को 18 करोड़ में खरीदा।

    हालांकि, कई बड़े नाम इस बार अनसोल्ड रहे। आइए जानते हैं टॉप-5 खिलाड़ियों के बारे में जिन्हें कोई खरीदार नहीं मिला:

    – जैक फ्रेजर मैकगर्क बेस प्राइस: 2 करोड़ रुपये पिछले सीजन तक: दिल्ली कैपिटल्स
    आईपीएल 2024-2025 में 15 मैच, 385 रन ऑक्शन में कोई रुचि नहीं दिखी और वह अनसोल्ड रहे

    – स्टीव स्मिथ बेस प्राइस:2करोड़ रुपये आखिरी आईपीएल सीजन: 2021 IPL करियर:103 मैच, 2485 रन दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रह चुके इस बार किसी ने उन्हें खरीदा नहीं

    – महेश थीक्षणा पिछले सीजन तक: राजस्थान रॉयल्स बेस प्राइस: नीलामी में 4.40 करोड़ रुपये में खरीदे गए थे इससे पहले CSK का हिस्सा रहे इस बार ऑक्शन में अनसोल्ड

    -रहमानुल्लाह गुरबाज अफगानिस्तान के विकेटकीपर-बैटर  बेस प्राइस: -50 करोड़ रुपये पिछले सीजन केकेआर का हिस्सा  ऑक्शन में किसी ने खरीदा नहीं

    – डेवोन कॉनवे न्यूजीलैंड के बैटर बेस प्राइस: 2 करोड़ रुपये पिछले सीजन तक CSK का हिस्सा
    पिछली बार सीएसके ने 6.25 करोड़ में बरकरार रखा था

    इस बार अनसोल्ड 

    इस साल के IPL 2026 मिनी ऑक्शन में बड़े खिलाड़ियों के अनसोल्ड रहना दर्शाता है कि फ्रेंचाइजी इस बार नई रणनीतियों और टीम बैलेंस पर ज्यादा फोकस कर रही हैं।

  • IPL 2026 मिनी ऑक्शन: विदेशी खिलाड़ियों पर 18 करोड़ की लिमिट, अबू धाबी में 16 दिसंबर को लगेगी बोली

    IPL 2026 मिनी ऑक्शन: विदेशी खिलाड़ियों पर 18 करोड़ की लिमिट, अबू धाबी में 16 दिसंबर को लगेगी बोली


    नई दिल्ली /इंडियन प्रीमियर लीग IPL 2026 के मिनी ऑक्शन को लेकर क्रिकेट फैंस के बीच उत्साह चरम पर है। यह मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में आयोजित किया जाएगा। इस बार ऑक्शन में कुल 359 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनमें से 77 खिलाड़ियों को 10 आईपीएल टीमें खरीद सकेंगी। इनमें 31 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन पर खासतौर पर सभी फ्रेंचाइजियों की नजर रहने वाली है। इस मिनी ऑक्शन की सबसे बड़ी खासियत आईपीएल का नया नियम है, जिसके तहत किसी भी विदेशी खिलाड़ी को अधिकतम 18 करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं मिल सकेंगे, चाहे ऑक्शन में बोली कितनी भी ऊंची क्यों न चली जाए।

    क्या है Maximum Fee Rule?
    बीसीसीआई BCCI ने आईपीएल में वित्तीय संतुलन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए Maximum Fee Rule लागू किया है। इस नियम के अनुसार, विदेशी खिलाड़ियों की अधिकतम कीमत दो मानकों में से कम राशि के आधार पर तय होती है-हाईएस्ट रिटेंशन स्लैबपिछले मेगा ऑक्शन में सबसे महंगे खिलाड़ी की कीमत आईपीएल 2026 के लिए हाईएस्ट रिटेंशन स्लैब 18 करोड़ रुपए तय किया गया है। वहीं, पिछले मेगा ऑक्शन में ऋषभ पंत 27 करोड़ रुपए में बिके थे। नियम के मुताबिक, इन दोनों में से कम राशि को अधिकतम सीमा माना जाता है। इसी वजह से इस बार विदेशी खिलाड़ियों के लिए 18 करोड़ रुपए की कैप लागू की गई है।

    ज्यादा बोली लगी तो पैसा कहां जाएगा?
    अगर कोई टीम किसी विदेशी खिलाड़ी पर, मान लीजिए, 20 करोड़ रुपए की बोली लगाती है, तो खिलाड़ी को सिर्फ 18 करोड़ रुपए ही मिलेंगे।बचे हुए 2 करोड़ रुपए सीधे BCCI के पास जाएंगे।
    बीसीसीआई ने साफ किया है कि यह अतिरिक्त राशि खिलाड़ियों के कल्याण, विकास और क्रिकेट से जुड़ी योजनाओं में इस्तेमाल की जाएगी। हालांकि, टीम के कुल पर्स बजट से पूरी 20 करोड़ रुपए की राशि घटा दी जाएगी। यानी टीम को आर्थिक नुकसान होगा, लेकिन खिलाड़ी को तय सीमा से ज्यादा पैसा नहीं मिलेगा।इस नियम का मकसद ऑक्शन में बेलगाम बोली को रोकना और लीग में आर्थिक संतुलन बनाए रखना है। मिनी ऑक्शन से पहले टीमों की स्थिति आईपीएल 2026 मिनी ऑक्शन से पहले कुछ टीमों के पास भारी भरकम बजट मौजूद है। कोलकाता नाइट राइडर्स KKR के पास सबसे ज्यादा 64.30 करोड़ रुपए बचे हैं। चेन्नई सुपर किंग्स CSK के पास 43.40 करोड़ रुपए का पर्स उपलब्ध है। इन दोनों टीमों के पास विदेशी और घरेलू दोनों तरह के खिलाड़ियों पर खुलकर बोली लगाने का मौका रहेगा। हालांकि विदेशी खिलाड़ियों के लिए 18 करोड़ की सीमा उनकी रणनीति को प्रभावित कर सकती है।

    रणनीति और रोमांच का संगम
    IPL 2026 का यह मिनी ऑक्शन सिर्फ खिलाड़ियों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह रणनीति, बजट मैनेजमेंट और दूरदर्शिता की भी परीक्षा होगा।टीमों को यह तय करना होगा कि वे सीमित स्लॉट्स में किस खिलाड़ी पर दांव लगाएं और कहां पैसा बचाकर संतुलित टीम बनाएं। बीसीसीआई का यह नया नियम लीग को लंबे समय तक स्थिर और प्रतिस्पर्धी बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ टीमों के बीच बराबरी बनी रहेगी, बल्कि खिलाड़ियों के हितों की भी रक्षा होगी। मिनी ऑक्शन के बाद यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि कौन-सी टीम अपनी रणनीति में सफल रहती है, कौन-से विदेशी सितारे 18 करोड़ की लिमिट तक पहुंचते हैं और किस फ्रेंचाइजी की बोली सबसे ज्यादा चर्चा में रहती है।