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  • एबी डिविलियर्स ने बताया विराट कोहली को देखकर कैसा था पहला इंप्रेशन, बोले- शुरुआत में घमंडी लगते थे भारतीय स्टार बल्लेबाज

    एबी डिविलियर्स ने बताया विराट कोहली को देखकर कैसा था पहला इंप्रेशन, बोले- शुरुआत में घमंडी लगते थे भारतीय स्टार बल्लेबाज

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स की दोस्ती क्रिकेट जगत में काफी लोकप्रिय रही है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए साथ खेलते हुए दोनों ने कई यादगार पारियां खेलीं और अपनी बल्लेबाजी से टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। मैदान पर उनकी साझेदारी जितनी प्रभावशाली रही, मैदान के बाहर भी दोनों के बीच दोस्ती उतनी ही मजबूत दिखाई दी। हालांकि, डिविलियर्स ने हाल ही में विराट कोहली को पहली बार देखने के बाद बनी अपनी शुरुआती धारणा के बारे में दिलचस्प खुलासा किया है।

    एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान डिविलियर्स से पूछा गया कि विराट कोहली को पहली बार देखने पर उनके मन में क्या विचार आए थे। इस सवाल के जवाब में उन्होंने मजाकिया अंदाज में स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें विराट घमंडी और मगरूर लगते थे। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है विराट खुद भी उनकी इस बात से सहमत हों। हालांकि, डिविलियर्स ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को पूरी तरह गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। वह इसे हल्के-फुल्के अंदाज में कह रहे थे और उनका मकसद विराट के व्यक्तित्व पर नकारात्मक टिप्पणी करना नहीं था।

    डिविलियर्स के मुताबिक, जब विराट कोहली 19, 20 या 21 साल के थे, तब उनके अंदर आत्मविश्वास भरपूर था। युवा उम्र में ही विराट अपने खेल को लेकर काफी दृढ़ दिखाई देते थे और उन्हें खुद की क्षमताओं पर पूरा भरोसा था। डिविलियर्स ने इसी आत्मविश्वास को उनके शुरुआती व्यवहार की एक प्रमुख वजह बताया। उनके अनुसार, कई बार किसी खिलाड़ी का खुद पर मजबूत भरोसा दूसरों को घमंड या मगरूर होने जैसा लग सकता है, जबकि वास्तविकता में वह अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त होता है।

    उन्होंने यह भी समझाया कि शीर्ष स्तर पर क्रिकेट खेलने और सफलता हासिल करने के लिए आत्मविश्वास बेहद जरूरी होता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाए रखने और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ी को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना पड़ता है। युवा खिलाड़ियों में यह विश्वास कभी-कभी उनके व्यवहार में अधिक आक्रामकता के रूप में नजर आ सकता है। विराट कोहली के मामले में भी डिविलियर्स ने उनके शुरुआती अंदाज को इसी नजरिए से देखा।

    समय के साथ विराट के व्यक्तित्व में आए बदलाव का जिक्र करते हुए डिविलियर्स ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ वह एक खिलाड़ी और इंसान के तौर पर अधिक परिपक्व हुए। उनके शुरुआती करियर में खुद को साबित करने की चुनौती काफी बड़ी थी। ऐसे दौर में उनका आक्रामक रवैया और खुद पर जरूरत से ज्यादा भरोसा होने की छवि कुछ लोगों को अलग तरह से दिखाई दे सकती थी। लेकिन अनुभव बढ़ने और क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ने के साथ उनके व्यवहार में भी बदलाव आया।

    विराट कोहली ने अपने करियर में बल्लेबाजी के दम पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी आक्रामकता और जीत के लिए लगातार प्रयास करने की प्रवृत्ति उनके खेल की पहचान रही है। मैदान पर उनका जोशीला अंदाज कई बार चर्चा का विषय बनता रहा है, लेकिन उनके प्रशंसक इसी प्रतिस्पर्धी भावना को उनकी ताकत भी मानते हैं। डिविलियर्स की टिप्पणी इसी शुरुआती छवि और समय के साथ आए बदलाव को सामने लाती है।

    आईपीएल के दौरान विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए लंबे समय तक साथ खेला। दोनों के बीच तालमेल ने टीम को कई मुकाबलों में मजबूत स्थिति दिलाई। बल्लेबाजी के दौरान एक-दूसरे की शैली को समझना और मैदान पर बेहतरीन साझेदारियां करना उनकी जोड़ी की खासियत रही। साथ खेलने के दौरान उनकी दोस्ती भी मजबूत हुई और दोनों कई मौकों पर एक-दूसरे की तारीफ करते दिखाई दिए।

    डिविलियर्स का यह बयान विराट कोहली के शुरुआती दिनों की उनकी व्यक्तिगत धारणा पर आधारित है। उन्होंने इसे मजाकिया संदर्भ में रखते हुए विराट के आत्मविश्वास और समय के साथ उनके परिपक्व होने की बात कही। उनकी टिप्पणी से यह भी स्पष्ट होता है कि किसी खिलाड़ी के शुरुआती व्यवहार को समझने के लिए उसकी उम्र, अनुभव और करियर की परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।

  • IPL 2027 से पहले CSK ने जहीर खान को बनाया नया हेड कोच, स्टीफन फ्लेमिंग की जगह संभालेंगे कमान

    IPL 2027 से पहले CSK ने जहीर खान को बनाया नया हेड कोच, स्टीफन फ्लेमिंग की जगह संभालेंगे कमान

    नई दिल्ली ।चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2027 से पहले अपनी कोचिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। टीम ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान को नया मुख्य कोच नियुक्त किया है। जहीर अब लंबे समय तक टीम की कमान संभालने वाले स्टीफन फ्लेमिंग की जगह जिम्मेदारी निभाएंगे। इस नियुक्ति के साथ चेन्नई की कोचिंग व्यवस्था में एक नए दौर की शुरुआत हो गई है।

    स्टीफन फ्लेमिंग का चेन्नई सुपर किंग्स के साथ करीब 18 साल का जुड़ाव रहा। उन्होंने 2008 में खिलाड़ी के रूप में टीम से जुड़ने के बाद 2009 से मुख्य कोच की भूमिका संभाली थी। उनके कार्यकाल में टीम ने पांच आईपीएल खिताब जीते। फ्लेमिंग ने 2026 के बाद चेन्नई से अलग होने का फैसला किया और अब इंग्लैंड की टेस्ट टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

    जहीर खान के लिए यह आईपीएल में किसी फ्रेंचाइजी के मुख्य कोच के रूप में पहला कार्यकाल होगा। हालांकि, वह कोचिंग और खिलाड़ी विकास से जुड़े पदों पर पहले भी काम कर चुके हैं। भारतीय टीम के साथ वह 2017 में गेंदबाजी सलाहकार की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा मुंबई इंडियंस के साथ उन्होंने क्रिकेट संचालन और खिलाड़ी विकास से जुड़े पदों पर काम किया।

    जहीर लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ भी मेंटर की भूमिका निभा चुके हैं। इस अनुभव के कारण वह आईपीएल के माहौल और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की जरूरतों से परिचित हैं। अब उन्हें चेन्नई की टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के विकास से जुड़ी जिम्मेदारी संभालनी होगी।

    जहीर का नाम चेन्नई की टीम के भीतर चर्चा के बाद तय किया गया। टीम के प्रबंधन से जुड़े फैसलों में महेंद्र सिंह धोनी, कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और अन्य प्रमुख सदस्यों की राय भी शामिल रही। जहीर और धोनी भारतीय टीम के दौर से एक-दूसरे को जानते हैं और 2011 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं।

    जहीर का अंतरराष्ट्रीय करियर भी शानदार रहा है। उन्होंने भारत के लिए 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। तीनों प्रारूपों में उनके नाम कुल 610 विकेट हैं। 2011 विश्व कप में उन्होंने 21 विकेट हासिल किए थे और भारतीय टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    आईपीएल में जहीर ने 100 मुकाबले खेले और 102 विकेट लिए। उन्होंने मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली की टीम का प्रतिनिधित्व किया। खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट प्रशासन, मेंटरशिप और खिलाड़ी विकास की भूमिकाओं में कदम बढ़ाया।

    चेन्नई सुपर किंग्स के लिए जहीर की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब टीम लगातार तीन सत्रों से प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी है। 2025 और 2026 में टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। ऐसे में नई कोचिंग व्यवस्था के सामने टीम के प्रदर्शन में सुधार के साथ खिलाड़ियों के संयोजन और रणनीति को मजबूत करने की चुनौती होगी।

    आईपीएल 2027 में जहीर के सामने चेन्नई की टीम को नए सिरे से तैयार करने और उसके मौजूदा खिलाड़ियों की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी होगी। धोनी और टीम प्रबंधन के साथ उनका तालमेल भी चेन्नई की आगामी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।

  • प्रीति जिंटा संग रिश्ते की चर्चाओं पर ब्रेट ली ने तोड़ी चुप्पी, अफेयर की अफवाहों का बताया सच

    प्रीति जिंटा संग रिश्ते की चर्चाओं पर ब्रेट ली ने तोड़ी चुप्पी, अफेयर की अफवाहों का बताया सच


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने आखिरकार उन चर्चाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है जो वर्षों तक उनके और बॉलीवुड अभिनेत्री तथा पंजाब किंग्स की सह मालकिन प्रीति जिंटा के रिश्ते को लेकर होती रहीं। आईपीएल के शुरुआती सीजन से दोनों के नाम को जोड़कर कई तरह की अफवाहें सामने आती रहीं लेकिन अब ब्रेट ली ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके और प्रीति जिंटा के बीच कभी भी प्रेम संबंध नहीं था। दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त थे और आज भी उनकी दोस्ती बरकरार है।

    एक इंटरव्यू में ब्रेट ली ने कहा कि उन्होंने कभी किसी बॉलीवुड अभिनेत्री को डेट नहीं किया। उन्होंने बताया कि प्रीति जिंटा उस समय पंजाब टीम की मालिक थीं और उनके साथ हमेशा एक सम्मानजनक और दोस्ताना रिश्ता रहा। ली ने कहा कि प्रीति बेहद समझदार और सम्मानित महिला हैं और वह उनका बहुत आदर करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की अटकलों और अफवाहों ने उन्हें कभी परेशान नहीं किया क्योंकि उन्हें हमेशा सच पता था। उनके अनुसार लोग अपनी तरफ से कहानियां बनाते रहे लेकिन उन्होंने कभी इन बातों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

    दरअसल साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत के साथ ब्रेट ली किंग्स इलेवन पंजाब टीम से जुड़े थे। वह 2010 तक इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे। इसी दौरान मैदान पर और टीम के कार्यक्रमों में प्रीति जिंटा और ब्रेट ली कई बार साथ दिखाई दिए। दोनों की अच्छी बॉन्डिंग को देखकर अफेयर की चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि उस समय दोनों में से किसी ने भी इन अफवाहों पर विस्तार से प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

    दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2010 में प्रीति जिंटा ने भी इन चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि हर साल उनका नाम ब्रेट ली के साथ जोड़ दिया जाता है लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त हैं और इससे ज्यादा कुछ नहीं।

    ब्रेट ली की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही है। उन्होंने वर्ष 2006 में एलिजाबेथ केम्प से शादी की थी और दोनों का एक बेटा है। बाद में दोनों का रिश्ता टूट गया और 2009 में उनका तलाक हो गया। इसके बाद वर्ष 2014 में ब्रेट ली ने लाना एंडरसन से दूसरी शादी की और अब उनके दो बच्चे हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह कमेंट्री और विभिन्न खेल आयोजनों से जुड़े रहते हैं।

    वहीं प्रीति जिंटा फिल्मों के साथ साथ क्रिकेट की दुनिया में भी सक्रिय हैं। वह आईपीएल में पंजाब किंग्स की सह मालकिन के रूप में लगातार अपनी टीम का उत्साह बढ़ाती नजर आती हैं। हाल के दिनों में वह अपनी आगामी फिल्म बंटवारा 1947 को लेकर भी चर्चा में हैं जिसमें उनके साथ सनी देओल मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे। यह फिल्म जल्द सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

    ब्रेट ली के इस बयान के बाद वर्षों से चली आ रही अफवाहों पर लगभग विराम लग गया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनके और प्रीति जिंटा के बीच सिर्फ दोस्ती का रिश्ता था और दोनों ने हमेशा एक दूसरे का सम्मान किया है। यह बयान उन तमाम अटकलों का जवाब है जो लंबे समय तक क्रिकेट और फिल्म जगत में चर्चा का विषय बनी रहीं।

  • आईपीएल के दौरान उड़ी अफेयर की चर्चाओं पर वर्षों बाद बोले ब्रेट ली, प्रीति जिंटा संग रिश्ते को लेकर दिया साफ जवाब

    आईपीएल के दौरान उड़ी अफेयर की चर्चाओं पर वर्षों बाद बोले ब्रेट ली, प्रीति जिंटा संग रिश्ते को लेकर दिया साफ जवाब

    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने वर्षों से चली आ रही उन चर्चाओं पर आखिरकार अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें उनका नाम बॉलीवुड अभिनेत्री और पंजाब किंग्स की सह-मालिक प्रीति जिंटा के साथ जोड़ा जाता रहा। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शुरुआती सीजन में दोनों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन अब ब्रेट ली ने साफ कर दिया है कि उनके और प्रीति जिंटा के बीच कभी भी प्रेम संबंध नहीं था।

    ब्रेट ली ने हालिया बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी किसी बॉलीवुड अभिनेत्री को डेट नहीं किया। उन्होंने बताया कि प्रीति जिंटा उनके लिए हमेशा एक अच्छी दोस्त रही हैं और आज भी दोनों के बीच सम्मान और मित्रता का वही रिश्ता कायम है। उन्होंने कहा कि उस समय प्रीति टीम की मालिक थीं और उनके साथ पेशेवर और दोस्ताना संबंध थे, जिन्हें लोगों ने अलग नजरिए से देखना शुरू कर दिया।

    पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने कहा कि अफवाहों का उन पर कभी कोई खास असर नहीं पड़ा क्योंकि उन्हें सच्चाई पता थी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के बारे में इस तरह की बातें अक्सर होती रहती हैं, लेकिन उन्होंने कभी इन चर्चाओं को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, लोगों की धारणाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन वास्तविकता वही होती है जो संबंधित लोग जानते हैं।

    ब्रेट ली और प्रीति जिंटा का नाम सबसे अधिक वर्ष 2008 से 2011 के बीच चर्चा में रहा। उस समय ब्रेट ली आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलते थे, जबकि प्रीति जिंटा फ्रेंचाइजी की सह-मालिक थीं। मैचों, टीम के कार्यक्रमों और विभिन्न प्रचार अभियानों में दोनों अक्सर एक साथ दिखाई देते थे। बाद में एक रेस्तरां में दोनों की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद अफेयर की अटकलों ने और जोर पकड़ लिया था।

    हालांकि उस समय भी प्रीति जिंटा ने इन खबरों का सार्वजनिक रूप से खंडन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया था कि उनके और ब्रेट ली के बीच केवल दोस्ती का रिश्ता है। उन्होंने यह भी कहा था कि हर वर्ष एक ही तरह की अफवाहों को दोहराया जाना निराधार है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

    ब्रेट ली की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2006 में एलिजाबेथ केम्प से शादी की थी। इस विवाह से उनका एक बेटा हुआ, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्होंने लाना एंडरसन से विवाह किया। वर्तमान में वे अपने परिवार के साथ खुशहाल वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

    ब्रेट ली के इस बयान के बाद वर्षों से चली आ रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। उनके स्पष्ट जवाब ने यह साफ कर दिया है कि आईपीएल के शुरुआती दौर में दोनों के बारे में जो अफवाहें फैली थीं, वे केवल अटकलें थीं और उनके बीच हमेशा दोस्ती का ही रिश्ता रहा।

  • बुमराह की जगह टीम इंडिया में जगह बनाने वाले आकिब नबी, जानिए कितनी है उनकी अनुमानित नेटवर्थ

    बुमराह की जगह टीम इंडिया में जगह बनाने वाले आकिब नबी, जानिए कितनी है उनकी अनुमानित नेटवर्थ

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम में पहली बार जगह बनाने वाले जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी इन दिनों चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। श्रीलंका दौरे के लिए घोषित भारतीय टेस्ट टीम में उन्हें चोटिल जसप्रीत बुमराह के स्थान पर शामिल किया गया है। इस चयन के साथ ही उनके क्रिकेट करियर के अलावा उनकी कमाई और नेटवर्थ को लेकर भी दिलचस्पी बढ़ गई है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2026 की शुरुआत तक आकिब नबी की अनुमानित कुल संपत्ति 10 से 15 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है।

    आकिब नबी पिछले कई वर्षों से घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2018 से जम्मू-कश्मीर के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया और 2020 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। लगातार मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने खुद को देश के उभरते तेज गेंदबाजों में शामिल किया।

    उनके करियर में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब आईपीएल 2026 की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। इस बड़ी बोली ने उन्हें सीजन के सबसे चर्चित अनकैप्ड खिलाड़ियों में जगह दिलाई। आईपीएल अनुबंध के बाद उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और क्रिकेट जगत में उनकी पहचान तेजी से मजबूत हुई।

    घरेलू क्रिकेट में भी आकिब का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में उन्होंने सबसे अधिक 60 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें राष्ट्रीय टीम के लिए मजबूत दावेदार माना जाने लगा था। अब भारतीय टेस्ट टीम में चयन के साथ उनका सपना भी पूरा हो गया है।

    आंकड़ों पर नजर डालें तो आकिब नबी अब तक 43 प्रथम श्रेणी मुकाबले खेल चुके हैं। इन मैचों की 71 पारियों में उन्होंने 162 विकेट हासिल किए हैं। इसके अलावा 36 लिस्ट-ए मैचों में उनके नाम 56 विकेट दर्ज हैं। टी20 प्रारूप में उन्होंने 39 मुकाबलों में 43 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है।

    आईपीएल में उन्हें अभी सीमित अवसर मिले हैं। अपने पहले आईपीएल सीजन में उन्होंने पांच मुकाबले खेले, हालांकि इन मैचों में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। इसके बावजूद फ्रेंचाइजी और चयनकर्ताओं ने उनकी प्रतिभा और घरेलू प्रदर्शन पर भरोसा जताया, जिसका परिणाम अब भारतीय टीम में चयन के रूप में सामने आया है।

    आईपीएल अनुबंध के बाद आकिब नबी की लोकप्रियता में भी तेजी से इजाफा हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क्रिकेट के अलावा उन्हें विज्ञापन और ब्रांड एंडोर्समेंट के अवसर भी मिलने लगे हैं, जिससे उनकी आय के स्रोत बढ़े हैं। हालांकि उनके वाहन संग्रह या अन्य निजी संपत्तियों को लेकर अभी विस्तृत सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    भारतीय टीम में चयन आकिब नबी के करियर का अब तक का सबसे बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। श्रीलंका दौरे पर अच्छा प्रदर्शन उनके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्थायी जगह बनाने का अवसर होगा। यदि वह इस मौके का पूरा फायदा उठाने में सफल रहते हैं तो आने वाले समय में उनकी पेशेवर पहचान के साथ-साथ उनकी कमाई और ब्रांड वैल्यू में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।

  • 18 साल पहले अधूरा रह गया सुनील शेट्टी का आईपीएल सपना, बोले- आर्थिक सहयोग मिलता तो आज मेरी भी होती टीम

    18 साल पहले अधूरा रह गया सुनील शेट्टी का आईपीएल सपना, बोले- आर्थिक सहयोग मिलता तो आज मेरी भी होती टीम


    नई दिल्ली । अभिनेता सुनील शेट्टी ने इंडियन प्रीमियर लीग के शुरुआती दौर से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2008 में वह भी आईपीएल टीम खरीदने की इच्छा रखते थे, लेकिन पर्याप्त आर्थिक सहयोग नहीं मिलने के कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय उन्हें सही निवेशक और वित्तीय साझेदार मिल जाते तो वह भी लीग की किसी फ्रेंचाइजी के मालिक बन सकते थे। उनके इस खुलासे ने आईपीएल के शुरुआती दौर की कारोबारी परिस्थितियों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

    सुनील शेट्टी ने बताया कि आईपीएल की शुरुआत के समय आज जैसी निवेश की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। वर्तमान में बड़े निवेशक और फंडिंग पार्टनर खेल और मनोरंजन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए आसानी से आगे आ जाते हैं, लेकिन उस दौर में इतनी बड़ी राशि जुटाना आसान नहीं था। यही वजह रही कि चाहने के बावजूद वह अपनी योजना को अमल में नहीं ला सके।

    उन्होंने कहा कि उस समय अकेले इतनी बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी उठाना संभव नहीं था। यदि किसी मजबूत निवेशक का साथ मिल जाता तो परिस्थितियां अलग हो सकती थीं। उनके अनुसार उस दौर में आईपीएल जैसी नई लीग में निवेश को लेकर भी लोगों के मन में काफी अनिश्चितता थी, जबकि आज यह दुनिया की सबसे सफल क्रिकेट लीगों में शामिल है और इसकी फ्रेंचाइजी का मूल्य कई गुना बढ़ चुका है।

    बातचीत के दौरान सुनील शेट्टी ने अभिनेता शाहरुख खान की व्यावसायिक सोच की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान ने सही समय पर सही निर्णय लिया और उपयुक्त साझेदारों के साथ मिलकर कोलकाता नाइट राइडर्स फ्रेंचाइजी में निवेश किया। उनके अनुसार दूरदर्शिता और सही समय पर लिया गया फैसला किसी भी बड़े व्यवसाय की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि शाहरुख ने अपने करियर में जिस भी क्षेत्र में कदम रखा, वहां पूरी तैयारी और स्पष्ट सोच के साथ आगे बढ़े।

    सुनील शेट्टी लंबे समय से क्रिकेट के बड़े प्रशंसक रहे हैं और खेल से उनका जुड़ाव किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों पर क्रिकेट के प्रति अपने लगाव का जिक्र किया है। उनका मानना है कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और टीमवर्क की सीख भी देता है। यही कारण था कि वह आईपीएल जैसी प्रतिष्ठित लीग का हिस्सा बनना चाहते थे।

    अभिनय के मोर्चे पर भी सुनील शेट्टी लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में वह मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में नजर आए, जिसमें कई प्रमुख कलाकारों ने साथ काम किया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की। इसके साथ ही सुनील शेट्टी आने वाले समय में भी विभिन्न फिल्मों और नए प्रोजेक्ट्स के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते नजर आएंगे।

    सुनील शेट्टी का यह खुलासा इस बात की याद दिलाता है कि बड़े अवसर केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि सही समय, मजबूत आर्थिक सहयोग और दूरदर्शी फैसलों से भी जुड़े होते हैं। आईपीएल की शुरुआती यात्रा में जो सपना अधूरा रह गया, वह आज भारतीय खेल और मनोरंजन उद्योग के विकास की एक दिलचस्प कहानी बन चुका है।

  • IPL 2026: राजस्थान की धमाकेदार एंट्री से प्लेऑफ की तस्वीर साफ, KKR-PBKS बाहर, RCB-GT-SRH-RR टॉप 4 में

    IPL 2026: राजस्थान की धमाकेदार एंट्री से प्लेऑफ की तस्वीर साफ, KKR-PBKS बाहर, RCB-GT-SRH-RR टॉप 4 में



    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में प्लेऑफ की स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। राजस्थान रॉयल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेऑफ में जगह बना ली है, जबकि पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का सफर खत्म हो गया है।

    रविवार (24 मई) को खेले गए अहम मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 30 रन से हराकर प्लेऑफ का टिकट पक्का किया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 206 रन बनाए थे, जिसके जवाब में मुंबई इंडियंस लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी।

    इस जीत के साथ ही पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), गुजरात टाइटन्स (GT) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पहले ही प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर चुकी थीं।

    अंकतालिका के अनुसार RCB पहले, गुजरात टाइटन्स दूसरे, सनराइजर्स हैदराबाद तीसरे और राजस्थान रॉयल्स चौथे स्थान पर रही।

    अब प्लेऑफ में क्वालिफायर-1 में RCB और गुजरात टाइटन्स के बीच मुकाबला होगा। यह मैच जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी, जबकि हारने वाली टीम को एक और मौका मिलेगा। वहीं एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगी।

    क्वालिफायर-1, एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 के मुकाबले क्रमशः 26, 27 और 29 मई को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा।

  • आईपीएल में रोचक मोड़: जीत मिली लेकिन MI को नहीं हुआ कोई फायदा

    आईपीएल में रोचक मोड़: जीत मिली लेकिन MI को नहीं हुआ कोई फायदा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने पंजाब किंग्स को 6 विकेट से हराया, लेकिन इसके बावजूद अंक तालिका में दोनों टीमों की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। PBKS लगातार पांच हार के बावजूद चौथे स्थान पर बनी हुई है, जबकि MI पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर है।

    आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) ने धर्मशाला में खेले गए रोमांचक मैच में पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। PBKS ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 200 रन बनाए, जिसमें प्रभसिमरन सिंह की 57 रनों की अहम पारी और अजमतुल्लाह ओमरजई के 38 रनों ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर 201 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। तिलक वर्मा ने 33 गेंदों में 75 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि रयान रिकेल्टन ने 48 रन और विल जैक्स ने ताबड़तोड़ 25 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई।

    हालांकि इस जीत का असर अंक तालिका पर नहीं दिखा। मुंबई इंडियंस 12 मैचों में 8 अंकों के साथ नौवें स्थान पर बनी हुई है और पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। दूसरी ओर, पंजाब किंग्स के 12 मैचों में 13 अंक हैं और टीम चौथे स्थान पर बरकरार है, लेकिन लगातार पांच हार ने उसकी प्लेऑफ उम्मीदों को कमजोर कर दिया है।

    शीर्ष स्थान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) 16-16 अंकों के साथ क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद 14 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बनी हुई है। चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स 12-12 अंकों के साथ क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि PBKS के लिए अब हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा हो गया है, जबकि MI बाकी बचे मैचों में सम्मान बचाने के इरादे से उतरेगी।

  • CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

    CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने आईपीएल करियर और शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन और सही समय पर मिले अवसर ने उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स में जगह दिलाई।

    अश्विन ने बताया कि 2009 की आईपीएल नीलामी के दौरान जब चेन्नई सुपर किंग्स ने श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन को टीम में शामिल किया था, तब उन्हें लगा था कि टीम में जगह बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। उस समय टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका को लेकर भी काफी संदेह था।

    उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि चेन्नई के चेपॉक मैदान पर एक अहम घरेलू मैच के दौरान उन्होंने 6 विकेट झटके थे। इस प्रदर्शन ने उनके करियर की दिशा बदल दी। उस मैच में मौजूद काशी विश्वनाथन और पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने उनके खेल की तारीफ की थी और यहीं से उनका नाम चयनकर्ताओं की नजर में आया।

    अश्विन ने बताया कि उनके गुरु रहे दिवंगत वीबी चंद्रशेखर ने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई। चंद्रशेखर ने उनका खेल पिछले कई वर्षों से देखा था और उनके टैलेंट को पहचानते हुए सीएसके से जोड़ने में मदद की। इसके बाद उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स का कॉन्ट्रैक्ट मिला और यहीं से उनके आईपीएल सफर की शुरुआत हुई।

    अश्विन ने यह भी कहा कि जब उन्हें बाद में सीएसके में दोबारा खेलने का मौका मिला, तो उनका सपना था कि वे अपने करियर का अंत उसी टीम के साथ करें, जहां से शुरुआत हुई थी। उन्होंने चेपॉक स्टेडियम में अपने आईपीएल करियर के अंत की भी इच्छा जताई थी, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।

    अपने करियर पर नजर डालते हुए अश्विन ने कहा कि सीएसके ने उन्हें एक पहचान दी और शुरुआती अवसर ने उनके पूरे क्रिकेट जीवन की दिशा तय की। उन्होंने यह भी माना कि सही समय पर मिले मौके और मार्गदर्शन ने उन्हें एक सफल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने में मदद की।

  • जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी एसआरएच, केकेआर के सामने कठिन चुनौती

    जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी एसआरएच, केकेआर के सामने कठिन चुनौती

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है और हर मुकाबला अब प्वाइंट्स टेबल की तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है। इसी कड़ी में रविवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच एक अहम भिड़ंत देखने को मिलेगी। दोनों टीमें इस मुकाबले में जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेंगी, लेकिन खास नजरें हैदराबाद की टीम पर होंगी, जो शानदार वापसी के बाद अब टॉप पोजिशन की ओर बढ़ रही है।

    सीजन की शुरुआत हैदराबाद के लिए खास नहीं रही थी। टीम को शुरुआती चार मुकाबलों में सिर्फ एक जीत ही मिल सकी थी, जिससे उनकी रणनीति और प्रदर्शन दोनों पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि इसके बाद टीम ने अपने गेंदबाजी आक्रमण में जरूरी बदलाव किए, जिसका असर मैदान पर साफ दिखा। लगातार पांच मैच जीतकर टीम ने न सिर्फ आत्मविश्वास हासिल किया, बल्कि विरोधियों को भी कड़ा संदेश दिया कि वह अब पूरी तरह लय में आ चुकी है। अगर हैदराबाद इस मुकाबले को जीत लेती है, तो वह सीधे प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर पहुंच सकती है, जो टीम के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

    दूसरी ओर, कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यह सीजन उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। टीम ने शुरुआत में लगातार हार का सामना किया, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी प्रभावित हुआ। शुरुआती छह मैचों में से पांच हार और एक मुकाबला बेनतीजा रहने के बाद टीम दबाव में आ गई थी। हालांकि बाद के मैचों में टीम ने वापसी के संकेत दिए और लगातार दो जीत दर्ज कर स्थिति को कुछ हद तक संभाला। अब केकेआर इस लय को बनाए रखते हुए हैदराबाद जैसी मजबूत टीम को चुनौती देना चाहेगी।

    इस मुकाबले में एक दिलचस्प पहलू यह भी हो सकता है कि टीम में नए खिलाड़ियों को मौका दिया जाए। खासतौर पर एक युवा तेज गेंदबाज के डेब्यू की संभावना जताई जा रही है, जो अपनी अनोखी गेंदबाजी शैली के लिए जाना जाता है। यदि ऐसा होता है, तो यह मैच उसके करियर के लिए अहम साबित हो सकता है।

    दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों का इतिहास भी इस मैच को और रोमांचक बनाता है। आंकड़े कोलकाता के पक्ष में झुकते नजर आते हैं, लेकिन मौजूदा फॉर्म के आधार पर हैदराबाद ज्यादा संतुलित और आत्मविश्वासी दिखाई देती है। यही कारण है कि यह मुकाबला सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि वर्तमान प्रदर्शन और मानसिक मजबूती का भी इम्तिहान होगा।