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  • IPL 2026: राजस्थान की धमाकेदार एंट्री से प्लेऑफ की तस्वीर साफ, KKR-PBKS बाहर, RCB-GT-SRH-RR टॉप 4 में

    IPL 2026: राजस्थान की धमाकेदार एंट्री से प्लेऑफ की तस्वीर साफ, KKR-PBKS बाहर, RCB-GT-SRH-RR टॉप 4 में



    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में प्लेऑफ की स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। राजस्थान रॉयल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेऑफ में जगह बना ली है, जबकि पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का सफर खत्म हो गया है।

    रविवार (24 मई) को खेले गए अहम मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 30 रन से हराकर प्लेऑफ का टिकट पक्का किया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 206 रन बनाए थे, जिसके जवाब में मुंबई इंडियंस लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी।

    इस जीत के साथ ही पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), गुजरात टाइटन्स (GT) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पहले ही प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर चुकी थीं।

    अंकतालिका के अनुसार RCB पहले, गुजरात टाइटन्स दूसरे, सनराइजर्स हैदराबाद तीसरे और राजस्थान रॉयल्स चौथे स्थान पर रही।

    अब प्लेऑफ में क्वालिफायर-1 में RCB और गुजरात टाइटन्स के बीच मुकाबला होगा। यह मैच जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी, जबकि हारने वाली टीम को एक और मौका मिलेगा। वहीं एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगी।

    क्वालिफायर-1, एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 के मुकाबले क्रमशः 26, 27 और 29 मई को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा।

  • आईपीएल में रोचक मोड़: जीत मिली लेकिन MI को नहीं हुआ कोई फायदा

    आईपीएल में रोचक मोड़: जीत मिली लेकिन MI को नहीं हुआ कोई फायदा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने पंजाब किंग्स को 6 विकेट से हराया, लेकिन इसके बावजूद अंक तालिका में दोनों टीमों की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। PBKS लगातार पांच हार के बावजूद चौथे स्थान पर बनी हुई है, जबकि MI पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर है।

    आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) ने धर्मशाला में खेले गए रोमांचक मैच में पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। PBKS ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 200 रन बनाए, जिसमें प्रभसिमरन सिंह की 57 रनों की अहम पारी और अजमतुल्लाह ओमरजई के 38 रनों ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर 201 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। तिलक वर्मा ने 33 गेंदों में 75 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जबकि रयान रिकेल्टन ने 48 रन और विल जैक्स ने ताबड़तोड़ 25 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई।

    हालांकि इस जीत का असर अंक तालिका पर नहीं दिखा। मुंबई इंडियंस 12 मैचों में 8 अंकों के साथ नौवें स्थान पर बनी हुई है और पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। दूसरी ओर, पंजाब किंग्स के 12 मैचों में 13 अंक हैं और टीम चौथे स्थान पर बरकरार है, लेकिन लगातार पांच हार ने उसकी प्लेऑफ उम्मीदों को कमजोर कर दिया है।

    शीर्ष स्थान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) 16-16 अंकों के साथ क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद 14 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बनी हुई है। चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स 12-12 अंकों के साथ क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि PBKS के लिए अब हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा हो गया है, जबकि MI बाकी बचे मैचों में सम्मान बचाने के इरादे से उतरेगी।

  • CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

    CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने आईपीएल करियर और शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन और सही समय पर मिले अवसर ने उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स में जगह दिलाई।

    अश्विन ने बताया कि 2009 की आईपीएल नीलामी के दौरान जब चेन्नई सुपर किंग्स ने श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन को टीम में शामिल किया था, तब उन्हें लगा था कि टीम में जगह बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। उस समय टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका को लेकर भी काफी संदेह था।

    उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि चेन्नई के चेपॉक मैदान पर एक अहम घरेलू मैच के दौरान उन्होंने 6 विकेट झटके थे। इस प्रदर्शन ने उनके करियर की दिशा बदल दी। उस मैच में मौजूद काशी विश्वनाथन और पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने उनके खेल की तारीफ की थी और यहीं से उनका नाम चयनकर्ताओं की नजर में आया।

    अश्विन ने बताया कि उनके गुरु रहे दिवंगत वीबी चंद्रशेखर ने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई। चंद्रशेखर ने उनका खेल पिछले कई वर्षों से देखा था और उनके टैलेंट को पहचानते हुए सीएसके से जोड़ने में मदद की। इसके बाद उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स का कॉन्ट्रैक्ट मिला और यहीं से उनके आईपीएल सफर की शुरुआत हुई।

    अश्विन ने यह भी कहा कि जब उन्हें बाद में सीएसके में दोबारा खेलने का मौका मिला, तो उनका सपना था कि वे अपने करियर का अंत उसी टीम के साथ करें, जहां से शुरुआत हुई थी। उन्होंने चेपॉक स्टेडियम में अपने आईपीएल करियर के अंत की भी इच्छा जताई थी, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।

    अपने करियर पर नजर डालते हुए अश्विन ने कहा कि सीएसके ने उन्हें एक पहचान दी और शुरुआती अवसर ने उनके पूरे क्रिकेट जीवन की दिशा तय की। उन्होंने यह भी माना कि सही समय पर मिले मौके और मार्गदर्शन ने उन्हें एक सफल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने में मदद की।

  • जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी एसआरएच, केकेआर के सामने कठिन चुनौती

    जीत की लय बरकरार रखने उतरेगी एसआरएच, केकेआर के सामने कठिन चुनौती

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है और हर मुकाबला अब प्वाइंट्स टेबल की तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है। इसी कड़ी में रविवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच एक अहम भिड़ंत देखने को मिलेगी। दोनों टीमें इस मुकाबले में जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेंगी, लेकिन खास नजरें हैदराबाद की टीम पर होंगी, जो शानदार वापसी के बाद अब टॉप पोजिशन की ओर बढ़ रही है।

    सीजन की शुरुआत हैदराबाद के लिए खास नहीं रही थी। टीम को शुरुआती चार मुकाबलों में सिर्फ एक जीत ही मिल सकी थी, जिससे उनकी रणनीति और प्रदर्शन दोनों पर सवाल उठने लगे थे। हालांकि इसके बाद टीम ने अपने गेंदबाजी आक्रमण में जरूरी बदलाव किए, जिसका असर मैदान पर साफ दिखा। लगातार पांच मैच जीतकर टीम ने न सिर्फ आत्मविश्वास हासिल किया, बल्कि विरोधियों को भी कड़ा संदेश दिया कि वह अब पूरी तरह लय में आ चुकी है। अगर हैदराबाद इस मुकाबले को जीत लेती है, तो वह सीधे प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर पहुंच सकती है, जो टीम के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

    दूसरी ओर, कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए यह सीजन उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। टीम ने शुरुआत में लगातार हार का सामना किया, जिससे उनका आत्मविश्वास काफी प्रभावित हुआ। शुरुआती छह मैचों में से पांच हार और एक मुकाबला बेनतीजा रहने के बाद टीम दबाव में आ गई थी। हालांकि बाद के मैचों में टीम ने वापसी के संकेत दिए और लगातार दो जीत दर्ज कर स्थिति को कुछ हद तक संभाला। अब केकेआर इस लय को बनाए रखते हुए हैदराबाद जैसी मजबूत टीम को चुनौती देना चाहेगी।

    इस मुकाबले में एक दिलचस्प पहलू यह भी हो सकता है कि टीम में नए खिलाड़ियों को मौका दिया जाए। खासतौर पर एक युवा तेज गेंदबाज के डेब्यू की संभावना जताई जा रही है, जो अपनी अनोखी गेंदबाजी शैली के लिए जाना जाता है। यदि ऐसा होता है, तो यह मैच उसके करियर के लिए अहम साबित हो सकता है।

    दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों का इतिहास भी इस मैच को और रोमांचक बनाता है। आंकड़े कोलकाता के पक्ष में झुकते नजर आते हैं, लेकिन मौजूदा फॉर्म के आधार पर हैदराबाद ज्यादा संतुलित और आत्मविश्वासी दिखाई देती है। यही कारण है कि यह मुकाबला सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि वर्तमान प्रदर्शन और मानसिक मजबूती का भी इम्तिहान होगा।

  • वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी सलाह, ब्रायन लारा मॉडल अपनाने की जरूरत: कार्लोस ब्रैथवेट..

    वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी सलाह, ब्रायन लारा मॉडल अपनाने की जरूरत: कार्लोस ब्रैथवेट..

    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर कार्लोस ब्रैथवेट ने 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक अहम राय दी है। उनका कहना है कि इस तरह के प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जल्दबाजी में नहीं उतारना चाहिए, बल्कि उन्हें सही तरीके से तैयार करके आगे बढ़ाना चाहिए ताकि उनका करियर लंबे समय तक सफल रह सके।

    ब्रैथवेट ने उदाहरण देते हुए ब्रायन लारा का नाम लिया और कहा कि वेस्टइंडीज क्रिकेट ने लारा को बहुत सोच-समझकर तैयार किया था। उन्हें शुरुआत में सीधे अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं डाला गया, बल्कि सीनियर खिलाड़ियों के साथ अभ्यास और सीखने का मौका दिया गया, जिससे उनका खेल और मजबूत हुआ।

    उन्होंने सुझाव दिया कि वैभव सूर्यवंशी को भी इसी तरह धीरे-धीरे तैयार किया जाना चाहिए। उन्हें भारतीय क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ियों जैसे विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ समय बिताने और सीखने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे खेल की बारीकियों को बेहतर समझ सकें।

    वैभव सूर्यवंशी ने हाल के समय में अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। कम उम्र में ही उन्होंने बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहचान बनाई है। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और निडर खेल शैली ने उन्हें चर्चा में ला दिया है।

    आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें भविष्य का बड़ा खिलाड़ी माना जाने लगा है। कई मौकों पर उन्होंने कम गेंदों में तेजी से रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है।

    हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतारना सही नहीं होगा। सही मार्गदर्शन और धीरे-धीरे आगे बढ़ाने की प्रक्रिया उनके करियर को और मजबूत बना सकती है और वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • 63 गेंदों में 120 रन ठोक धोनी से छीनी जीत फिर अचानक गायब हो गया IPL का ये हीरो

    63 गेंदों में 120 रन ठोक धोनी से छीनी जीत फिर अचानक गायब हो गया IPL का ये हीरो


    नई दिल्ली:  इंडियन प्रीमियर लीग को अक्सर किस्मत बदलने वाली लीग कहा जाता है जहां एक शानदार प्रदर्शन खिलाड़ी को रातोंरात स्टार बना देता है। लेकिन हर कहानी का अंत खुशहाल नहीं होता। कुछ खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं जो एक समय चमकते हैं और फिर अचानक गुमनामी में खो जाते हैं। ऐसी ही कहानी है Paul Valthaty की
    साल 2011 का आईपीएल सीजन इस खिलाड़ी के नाम रहा। 13 अप्रैल 2011 को Kings XI Punjab और Chennai Super Kings के बीच मोहाली में मुकाबला खेला गया। चेन्नई की टीम उस समय MS Dhoni की कप्तानी में थी और उन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए 188 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। उस दौर में यह स्कोर जीत के लिए काफी माना जाता था

    लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने सबको हैरान कर दिया। पंजाब की ओर से ओपनिंग करने उतरे पॉल वल्थाटी ने अकेले दम पर मैच पलट दिया। उन्होंने 63 गेंदों में नाबाद 120 रन ठोक दिए जिसमें 19 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उनकी इस विस्फोटक पारी की बदौलत पंजाब ने 19.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। यह पारी आज भी आईपीएल इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है

    वल्थाटी सिर्फ एक मैच के हीरो नहीं थे। पूरे 2011 सीजन में उन्होंने 14 मैचों में 463 रन बनाए और 7 विकेट भी लिए। उस समय वह ऑरेंज कैप की दौड़ में भी शामिल थे और बड़े खिलाड़ियों को टक्कर दे रहे थे। ऐसा लग रहा था कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल गया है

    लेकिन किस्मत ने अचानक करवट बदल ली। शानदार सीजन के बाद वल्थाटी को कलाई में गंभीर चोट लग गई। उन्होंने वापसी की कोशिश जरूर की लेकिन पुरानी लय हासिल नहीं कर सके। 2012 में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा और 2013 में भी वह कुछ खास नहीं कर पाए। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया और फिर किसी फ्रेंचाइजी ने उन्हें मौका नहीं दिया धीरे धीरे वह आईपीएल और क्रिकेट की मुख्यधारा से गायब हो गए। एक समय जो खिलाड़ी सुर्खियों में था वह अब फैंस की यादों में भी धुंधला पड़ गया

    हालांकि क्रिकेट से उनका रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। अब वह अमेरिका में कोचिंग के जरिए अपनी नई पारी खेल रहे हैं और युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने खेल से संन्यास के बाद नौकरी भी की और क्रिकेट प्रशासन से भी जुड़े

    पॉल वल्थाटी की कहानी क्रिकेट की उस सच्चाई को दिखाती है जहां सफलता और असफलता के बीच की दूरी बहुत कम होती है। एक पारी आपको आसमान पर पहुंचा सकती है और एक चोट आपको जमीन पर ला सकती है यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं बल्कि उस अनिश्चितता की है जो क्रिकेट जैसे खेल को इतना रोमांचक और भावनात्मक बनाती है

  • बेंच पर बैठा खिलाड़ी बना अरबों की टीम का मालिक आर्यमान बिड़ला की चौंकाने वाली कहानी

    बेंच पर बैठा खिलाड़ी बना अरबों की टीम का मालिक आर्यमान बिड़ला की चौंकाने वाली कहानी


    नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के आगाज से ठीक पहले Royal Challengers Bengaluru ने ऐसा कदम उठाया है जिसने क्रिकेट और बिजनेस दोनों दुनिया को चौंका दिया है। टीम की मालिकाना हक में बदलाव हुआ है और अब इसकी कमान एक ऐसे शख्स के हाथ में है जो कभी खुद मैदान पर मौका पाने के लिए तरसा था।

    साल 2018 की आईपीएल नीलामी में Rajasthan Royals ने आर्यमान बिड़ला को 30 लाख रुपये में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 20 साल थी और उम्मीद थी कि उन्हें जल्द ही मौका मिलेगा। लेकिन पूरा सीजन गुजर गया और वह एक भी मैच नहीं खेल पाए। मैदान पर उतरने का सपना अधूरा ही रह गया।

    इस निराशा के बाद उन्होंने 2019 में क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया। यह फैसला आसान नहीं था लेकिन उन्होंने अपने परिवार के बिजनेस को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना। उनके पिता Kumar Mangalam Birla के नेतृत्व में Aditya Birla Group पहले से ही देश की बड़ी कंपनियों में शामिल था और आर्यमान ने इसी दुनिया में अपनी नई पहचान बनानी शुरू की।

    समय बदला और किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अन्य निवेशकों के साथ मिलकर RCB को लगभग 16660 करोड़ रुपये में खरीद लिया। यह सौदा आईपीएल इतिहास के सबसे बड़े सौदों में शामिल हो गया। इस ऐतिहासिक डील के बाद आर्यमान बिड़ला को टीम का चेयरमैन बनाया गया।

    क्रिकेट से उनका रिश्ता पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेला और रणजी ट्रॉफी में भी नजर आए। खास बात यह है कि वह मौजूदा RCB कप्तान Rajat Patidar के साथ ओपनिंग भी कर चुके हैं। उनके फर्स्ट क्लास करियर में 9 मैचों में 414 रन शामिल हैं जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक भी है।

    अब उनकी नई भूमिका मैदान के अंदर नहीं बल्कि बोर्डरूम में है जहां वह टीम की रणनीति और भविष्य को दिशा देंगे। यह सफर सिर्फ एक खिलाड़ी का नहीं बल्कि उस सोच का उदाहरण है जहां असफलता अंत नहीं बल्कि नई शुरुआत बन जाती है।

    आर्यमान बिड़ला की कहानी यह बताती है कि अगर एक रास्ता बंद हो जाए तो दूसरा रास्ता और भी बड़ा अवसर लेकर आ सकता है। कभी डेब्यू के लिए इंतजार करने वाला यह खिलाड़ी आज पूरी टीम का मालिकाना संभाल रहा है और आईपीएल के सबसे बड़े मंच पर अपनी नई पारी शुरू कर चुका है।

  • कोहली डिविलियर्स से लेकर गिल सुदर्शन तक IPL की ऐतिहासिक पार्टनरशिप्स

    नई दिल्ली:इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL में बल्लेबाजी साझेदारी हमेशा मैच का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाती है। जब दो बल्लेबाज क्रीज पर जम जाते हैं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य आसान नजर आने लगता है। IPL के इतिहास में भी कई ऐसी साझेदारियां हुई हैं, जिन्होंने रिकॉर्ड बुक में खास जगह बनाई है

    सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड विराट कोहली और एबी डिविलियर्स के नाम दर्ज है। साल 2016 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 229 रन जोड़े थे। गुजरात लायंस के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में कोहली ने 109 रन और डिविलियर्स ने नाबाद 129 रन की पारी खेली थी

    दूसरे स्थान पर भी यही जोड़ी काबिज है। 2015 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ दोनों ने 215 रन की साझेदारी कर एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। उस मैच में डिविलियर्स ने 133 रन और कोहली ने नाबाद 82 रन बनाए थे

    तीसरे नंबर पर केएल राहुल और क्विंटन डी कॉक की जोड़ी आती है। 2022 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हुए दोनों ने पहले विकेट के लिए 210 रन की नाबाद साझेदारी की थी, जिसमें डी कॉक ने 140 रन की शानदार पारी खेली थी

    इसी सूची में शुभमन गिल और साई सुदर्शन का नाम भी शामिल है। 2024 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ दोनों ने 210 रन की ओपनिंग साझेदारी की थी, जिसमें दोनों बल्लेबाजों ने शतक जड़े थे

    2011 के सीजन में शॉन मार्श और एडम गिलक्रिस्ट ने भी कमाल किया था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ इस जोड़ी ने 206 रन जोड़े थे, जो उस समय की सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल थी

    इसके अलावा गिल और सुदर्शन की एक और 205 रन की साझेदारी भी IPL के इतिहास में दर्ज है, जिसमें गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकेट से हराया था

    इन सभी साझेदारियों ने यह साबित किया है कि क्रिकेट में टीमवर्क और तालमेल कितना अहम होता है। IPL के इतिहास में ये रिकॉर्ड न सिर्फ आंकड़े हैं, बल्कि वो यादगार पल हैं जब बल्लेबाजों ने अपने दमदार प्रदर्शन से मैच को एकतरफा बना दिया

  • इतिहास की सबसे मजबूत टी20 टीम ,रिकी पोंटिंग ने भारतीय टीम की ताकत को किया सलाम

    इतिहास की सबसे मजबूत टी20 टीम ,रिकी पोंटिंग ने भारतीय टीम की ताकत को किया सलाम


    नई दिल्ली । हाल ही में संपन्न आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने बड़ा बयान देते हुए मौजूदा भारतीय टीम को अब तक की सबसे मजबूत टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम करार दिया है। पोंटिंग के अनुसार इस टीम की असली ताकत उसकी गहराई अनुभव और लगातार शानदार प्रदर्शन है जिसने उसे सफेद गेंद के क्रिकेट में एक अलग ही मुकाम पर पहुंचा दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता और इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार इस ट्रॉफी को अपने नाम किया।

    भारतीय टीम का प्रदर्शन केवल इस एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं रहा है बल्कि पिछले कुछ वर्षों में उसने सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार दबदबा बनाए रखा है। 2023 के अंत से अब तक खेले गए चार बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को केवल दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इनमें एक हार 2023 के एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और दूसरी 2026 टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आई। इसके बावजूद टीम ने जिस तरह से वापसी की वह उसकी मानसिक मजबूती और सामूहिक क्षमता को दर्शाता है।

    आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल पोंटिंग ने आईसीसी के कार्यक्रम द आईसीसी रिव्यू में कहा कि मौजूदा भारतीय टीम की श्रेष्ठता पर सवाल उठाना आसान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बीते पांच-छह वर्षों में भारत का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है और टीम ने हर बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित की है। पोंटिंग के मुताबिक इस टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन संतुलन मौजूद है जो उसे हर परिस्थिति में मजबूत बनाता है।

    पोंटिंग ने यह भी माना कि इंडियन प्रीमियर लीग का भारतीय खिलाड़ियों के विकास में बड़ा योगदान रहा है। उनका कहना है कि आईपीएल में खेलने से खिलाड़ियों को बड़े मैचों के दबाव को संभालने की आदत हो जाती है क्योंकि यहां हर मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसा ही चुनौतीपूर्ण होता है। यही कारण है कि भारतीय खिलाड़ी किसी भी बड़े मंच पर घबराते नहीं हैं और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करते हैं।

    सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार को पोंटिंग ने टीम के लिए एक जरूरी झटका बताया। उनका मानना है कि लगातार जीत के बीच कभी-कभी हार टीम को अपनी कमियों को समझने और सुधार करने का मौका देती है। भारत ने इस हार के बाद शानदार वापसी करते हुए अपने बाकी मुकाबलों में आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और तीन मैचों में 250 से अधिक का स्कोर खड़ा किया जिसमें सेमीफाइनल और फाइनल जैसे अहम मुकाबले भी शामिल थे। इस तरह भारतीय टीम ने न सिर्फ खिताब जीता बल्कि अपने खेल संतुलन और निरंतरता से यह साबित कर दिया कि वह टी20 क्रिकेट के इतिहास की सबसे प्रभावशाली और मजबूत टीमों में से एक बन चुकी है।

  • अबरार अहमद विवाद: IPL की तरह ‘द हंड्रेड’ से हटाना संभव नहीं, ECB करेगा फैसला

    अबरार अहमद विवाद: IPL की तरह ‘द हंड्रेड’ से हटाना संभव नहीं, ECB करेगा फैसला


    नई दिल्ली। पाकिस्तानी मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित टी20 लीग ‘द हंड्रेड 2026’ में सनराइजर्स लीड्स ने साइन किया है। भारत में क्रिकेट फैन्स का विरोध भले तेज हो, लेकिन सवाल यह है कि क्या अबरार का IPL जैसा हाल होगा, जब बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को BCCI के आदेश पर IPL 2026 से हटाया गया था।

    दरअसल, जनवरी 2026 में BCCI ने सुरक्षा और राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए मुस्ताफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग से हटाने का आदेश दिया था। कोलकाता नाइट राइडर्स ने BCCI के निर्देश पर उन्हें रिलीज किया और रिप्लेसमेंट खिलाड़ी शामिल किया। अब सवाल है कि क्या अबरार पर वही कार्रवाई हो सकती है।

    हालांकि, स्थिति बिल्कुल अलग है। IPL में BCCI का पूरा नियंत्रण होता है, जबकि ‘द हंड्रेड’ इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के अधिकार क्षेत्र में आता है। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया कि यह मामला भारतीय बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। किसी खिलाड़ी को ‘द हंड्रेड’ से हटाने का निर्णय केवल ECB के नियम और प्रक्रिया के तहत ही लिया जा सकता है।

    अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने £1,90,000 (लगभग ₹2.34 करोड़) में खरीदा। टीम की CEO काव्या मारन, जो IPL में भी Sunrisers Hyderabad की CEO हैं, नीलामी में मौजूद थीं। जैसे ही घोषणा हुई, सोशल मीडिया पर भारतीय फैन्स ने विरोध शुरू कर दिया और कई अकाउंट्स को सस्पेंड करना पड़ा।

    ‘द हंड्रेड’ के नियमों के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी केवल तब रिप्लेसमेंट रोस्टर में शामिल हो सकता है, जब उसने ऑक्शन या वाइल्डकार्ड ड्राफ्ट के लिए रजिस्ट्रेशन किया हो। किसी फ्रेंचाइजी की इच्छा पर खिलाड़ी को बाहर नहीं किया जा सकता। असाधारण स्थिति में टीम ECB की Competition Technical Committee को लिखित अनुरोध भेज सकती है, और मंजूरी मिलने पर ही रिप्लेसमेंट खिलाड़ी साइन किया जा सकता है।

    लीग के नियमों के अनुसार हर टीम को 100 गेंदों में बल्लेबाजी का मौका मिलता है। गेंदबाज लगातार 5 या 10 गेंद फेंक सकते हैं, एक मैच में अधिकतम 20 गेंद। हर टीम को 25 गेंद का पावरप्ले मिलता है, जिसमें केवल 2 फील्डर 30 यार्ड सर्कल के बाहर खड़े हो सकते हैं। मैच की अवधि लगभग 2.5 घंटे होती है। जीतने वाली टीम को 4 अंक मिलते हैं, जबकि टाई या बारिश की स्थिति में दोनों टीमों को 2-2 अंक।

    संक्षेप में, अबरार अहमद IPL की तरह BCCI आदेश से नहीं हटाए जा सकते। उनका भविष्य पूरी तरह ECB के नियम और प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। भारतीय फैन्स का विरोध जितना तेज है, लेकिन फ्रेंचाइजी और बोर्ड की सीमित भूमिका के कारण फिलहाल अबरार ‘द हंड्रेड 2026’ में खेलते रहेंगे।