Tag: IPL2026

  • आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट

    आईपीएल विवाद पर पहली बार बोले ट्रेविस हेड विराट से कोई मनमुटाव नहीं परिवार पर हुई ट्रोलिंग ने पहुंचाई गहरी चोट


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के दौरान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज ट्रेविस हेड के बीच कथित विवाद ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं। एक मैच के बाद कैमरों में कैद हुए एक छोटे से दृश्य को लेकर यह दावा किया जाने लगा कि दोनों खिलाड़ियों के रिश्तों में खटास आ गई है। हालांकि अब पहली बार ट्रेविस हेड ने पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है और उन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि विराट कोहली के साथ उनका कोई झगड़ा नहीं है और जिस तरह इस पूरे मामले को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया वह वास्तविकता से बिल्कुल अलग था।

    ट्रेविस हेड ने कहा कि मैदान पर होने वाली घटनाएं खेल का सामान्य हिस्सा होती हैं और हर खिलाड़ी उन्हें पेशेवर तरीके से लेता है। उन्होंने कहा कि मैच के बाद हाथ मिलाने को लेकर जो चर्चा शुरू हुई वह बेवजह थी क्योंकि उनके और विराट के बीच किसी तरह का विवाद था ही नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैचअप जैसी कोई स्थिति कभी बनी ही नहीं क्योंकि दोनों खिलाड़ियों के बीच मनमुटाव मौजूद नहीं था। उनके अनुसार टूर्नामेंट अपने सामान्य तरीके से आगे बढ़ा और जो कुछ भी हुआ उसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया।

    हालांकि इस पूरे विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं उसने ट्रेविस हेड को जरूर आहत किया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते वह आलोचना और टिप्पणियों के आदी हैं लेकिन जब उनके परिवार को इस विवाद में घसीटा गया तब स्थिति काफी दुखद हो गई। हेड ने बताया कि उनकी पत्नी जेसिका को भी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेशों का सामना करना पड़ा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी बेवजह निशाना बनाया गया।

    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा कि वह और उनकी पत्नी इस तरह की परिस्थितियों को समझते हैं क्योंकि सार्वजनिक जीवन में ऐसी घटनाएं कभी कभी होती रहती हैं लेकिन परिवार के बाकी लोग इस माहौल के अभ्यस्त नहीं होते। ऐसे में उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना खेल का हिस्सा हो सकती है लेकिन उनके परिवार को ऑनलाइन नफरत का शिकार बनाना किसी भी तरह उचित नहीं कहा जा सकता।

    ट्रेविस हेड ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार अधूरी जानकारी और अनुमान के आधार पर कहानियां बना दी जाती हैं जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। उन्होंने माना कि कुछ दिनों बाद लोग इन बातों को भूल जाते हैं लेकिन उस दौरान परिवार पर पड़ने वाला मानसिक दबाव काफी बड़ा होता है। यही वजह है कि उन्होंने खिलाड़ियों के निजी जीवन और परिवार का सम्मान करने की अपील की।

    हेड के इस बयान के बाद विराट कोहली और उनके बीच विवाद को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। उनका कहना है कि मैदान पर प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है लेकिन उसके आधार पर खिलाड़ियों के रिश्तों को लेकर गलत निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि खेल को खेल की भावना से देखा जाना चाहिए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली हर बात को सच मानने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है। ट्रेविस हेड की यह प्रतिक्रिया न सिर्फ विवाद पर पूर्ण विराम लगाती है बल्कि यह भी याद दिलाती है कि खिलाड़ियों के साथ साथ उनके परिवार की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना भी खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • आईपीएल में खत्म हुआ एक स्वर्णिम अध्याय 18 साल बाद चेन्नई सुपर किंग्स से अलग हुए स्टीफन फ्लेमिंग

    आईपीएल में खत्म हुआ एक स्वर्णिम अध्याय 18 साल बाद चेन्नई सुपर किंग्स से अलग हुए स्टीफन फ्लेमिंग


    नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास का एक बेहद सफल और यादगार अध्याय अब समाप्त हो गया है। पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स और उसके लंबे समय तक हेड कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग ने 18 वर्षों की ऐतिहासिक साझेदारी को आपसी सहमति से समाप्त करने का फैसला लिया है। इस घोषणा के साथ ही आईपीएल के सबसे लंबे और सबसे सफल कोचिंग कार्यकालों में से एक का अंत हो गया। फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक रूप से इसकी जानकारी देते हुए फ्लेमिंग के योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही।

    स्टीफन फ्लेमिंग का चेन्नई सुपर किंग्स से रिश्ता आईपीएल के पहले सीजन वर्ष 2008 में शुरू हुआ था। उस समय वह खिलाड़ी के रूप में टीम से जुड़े थे। अगले ही वर्ष उन्होंने हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगभग दो दशक तक उन्होंने टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल की सबसे सफल और सबसे सम्मानित फ्रेंचाइजियों में शामिल कर दिया।

    फ्लेमिंग के नेतृत्व में चेन्नई सुपर किंग्स ने पांच बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। इसके अलावा टीम ने दो बार चैंपियंस लीग टी20 का खिताब भी जीता। उनकी कोचिंग में सीएसके ने रिकॉर्ड 12 बार प्लेऑफ में जगह बनाई और 10 बार फाइनल तक का सफर तय किया। यह निरंतर सफलता उनकी रणनीति मजबूत नेतृत्व और खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने की क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण मानी जाती है।

    चेन्नई सुपर किंग्स की मालकिन रूपा गुरुनाथ ने फ्लेमिंग की विदाई पर कहा कि उन्होंने केवल टीम को जीत दिलाने का काम नहीं किया बल्कि फ्रेंचाइजी की पहचान और संस्कृति को भी मजबूत बनाया। उन्होंने कहा कि फ्लेमिंग ने लगभग दो दशकों तक समर्पण जुनून और नेतृत्व के साथ टीम को नई दिशा दी। मैदान पर उनका सफर भले ही समाप्त हो रहा हो लेकिन वह हमेशा सुपर किंग्स परिवार और उसकी विरासत का अभिन्न हिस्सा बने रहेंगे।

    फ्रेंचाइजी के मैनेजिंग डायरेक्टर काशी विश्वनाथन ने भी फ्लेमिंग के योगदान को ऐतिहासिक बताया। उनके अनुसार फ्लेमिंग ने केवल टीम की रणनीति नहीं बनाई बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जिसमें अनुशासन निरंतरता विनम्रता और टीम भावना सबसे बड़ी पहचान बन गई। खिलाड़ियों को समझने और हर खिलाड़ी की क्षमता को निखारने की उनकी कला ने चेन्नई सुपर किंग्स को लगातार सफल बनाया। उनका प्रभाव केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा बल्कि टीम की कार्यसंस्कृति का स्थायी हिस्सा बन गया।

    विदाई के अवसर पर स्टीफन फ्लेमिंग भी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि खेल की दुनिया में 18 वर्ष बहुत लंबा समय होता है और वह केवल आभार की भावना के साथ इस जिम्मेदारी से विदा ले रहे हैं। उनके अनुसार चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया गया समय उनके पूरे कोचिंग करियर का सबसे यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि इस दौरान टीम ने शानदार जीत हासिल की कठिन दौर का सामना किया और ऐसी अनगिनत यादें बनाई जो जीवनभर उनके साथ रहेंगी।

    फ्लेमिंग ने यह भी कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा उनके दिल के बेहद करीब रहेगी और भले ही अब वह टीम के हेड कोच नहीं होंगे लेकिन भविष्य में भी टीम की सफलता के लिए हमेशा शुभकामनाएं देते रहेंगे। उन्होंने फ्रेंचाइजी प्रबंधन खिलाड़ियों सहयोगी स्टाफ और करोड़ों प्रशंसकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस सफर ने उन्हें एक बेहतर कोच और बेहतर इंसान बनाया।

    स्टीफन फ्लेमिंग और चेन्नई सुपर किंग्स की यह साझेदारी आईपीएल इतिहास में हमेशा एक आदर्श उदाहरण के रूप में याद की जाएगी। लगातार सफलता स्थिर नेतृत्व और मजबूत टीम संस्कृति की जो मिसाल इस जोड़ी ने पेश की है वह आने वाले वर्षों तक फ्रेंचाइजी क्रिकेट के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि चेन्नई सुपर किंग्स फ्लेमिंग के बाद टीम की कमान किसे सौंपती है और नया दौर किस दिशा में आगे बढ़ता है।

  • सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

    सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इस समय केवल एक ही नाम की गूंज सुनाई दे रही है और वह नाम है 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी का। अपनी असाधारण प्रतिभा और मैदान के हर कोने में शॉट लगाने की काबिलियत से चयनकर्ताओं को प्रभावित करने वाले वैभव अब इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। इस महीने के अंत में भारतीय क्रिकेट टीम को दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए आयरलैंड का दौरा करना है और इसके ठीक बाद टीम पांच मैचों की सीरीज के लिए इंग्लैंड रवाना होगी। इस व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के शीर्ष अधिकारी सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को आजमाने की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस दौड़ में वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे आगे चल रहा है क्योंकि आईपीएल के हालिया सीजन में उनके बल्ले से जो रनों का तूफान निकला है, उसने क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया है। अगर चयन समिति उन्हें आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम इंडिया की जर्सी सौंप देती है, तो वह भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का करीब 37 साल पुराना एक महाकीर्तिमान ध्वस्त कर देंगे।

    सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 में जब पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था, तब उनकी उम्र महज 16 साल थी और वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। अब ठीक 37 साल बाद 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी इस चमत्कार को दोहराने के बेहद करीब नजर आ रहे हैं। अगर वह मैदान पर उतरते हैं, तो वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले इतिहास के सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। हालांकि सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने का रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में यह गौरव ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के नाम है। सुंदर ने साल 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 18 साल और 80 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। ऐसे में यदि वैभव सूर्यवंशी आगामी सीरीज में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते हैं, तो वह वॉशिंगटन सुंदर के इस 9 साल पुराने रिकॉर्ड को भी बेहद आसानी से पीछे छोड़ देंगे।

    वैभव सूर्यवंशी की इस दावेदारी को उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन से सबसे ज्यादा मजबूती मिली है। उन्होंने इस सीजन के 16 मुकाबलों में लगभग 48.50 की बेहतरीन औसत और 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ कुल 776 रन कूटे हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतक और पांच अर्धशतक निकले हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 103 रन रहा है। इतना ही नहीं, अपनी आक्रामक शैली का मुजाहिरा पेश करते हुए उन्होंने पूरे सीजन में रिकॉर्डतोड़ 72 छक्के भी जड़े हैं। उनके इसी गैरमामूली टैलेंट को देखते हुए उन्हें पहले ही इंडिया ए टीम में शामिल किया जा चुका है, जहां वह श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के खिलाफ होने वाली त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इंडिया ए की इस टीम में वह कप्तान तिलक वर्मा के नेतृत्व में खेलेंगे, जबकि सीनियर खिलाड़ी ऋतुराज गायकवाड़ भी मार्गदर्शन के लिए टीम में मौजूद रहेंगे। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की यह टाइमिंग और खेल की समझ उन्हें लंबी रेस का घोड़ा बनाती है। उपकप्तान रियान पराग के चोटिल होने के बाद वैभव के लिए मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे और तेजी से खुल गए हैं और अब खेल प्रेमियों की नजरें चयनकर्ताओं के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

  • पंजाब किंग्स का खराब प्रदर्शन जारी, कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड

    पंजाब किंग्स का खराब प्रदर्शन जारी, कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड


    नई दिल्ली ।  आईपीएल 2026 के 58वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (PBKS) को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। टीम को मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जो इस सीजन में उनकी लगातार पांचवीं हार रही। इस हार के साथ पंजाब किंग्स की प्लेऑफ की राह और कठिन हो गई है।

    इस मुकाबले में एक ओर जहां पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 200 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, वहीं मुंबई इंडियंस ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इस लक्ष्य को 19.5 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    PBKS की ओर से सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 32 गेंदों में 57 रन बनाए। उनके अलावा अजमतुल्लाह उमरजई ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए 17 गेंदों पर 38 रन जड़े, जिसमें 2 चौके और 4 छक्के शामिल रहे।

    हालांकि, लक्ष्य का बचाव करते हुए पंजाब का गेंदबाजी आक्रमण प्रभावी नहीं दिखा और मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। MI की ओर से तिलक वर्मा ने शानदार पारी खेलते हुए 33 गेंदों पर 75 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 6 छक्के शामिल थे। रयान रिकेल्टन ने 23 गेंदों पर 48 रन की अहम पारी खेली, जबकि विल जैक्स 10 गेंदों पर 25 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत दिलाई।

    इस हार के साथ पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। आंकड़ों के अनुसार, अय्यर अब आईपीएल इतिहास में ऐसे पहले कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने 200 से अधिक रनों के लक्ष्य का बचाव करते हुए सबसे ज्यादा 7 मैच गंवाए हैं। इससे पहले कोई भी कप्तान इस स्थिति में 5 से ज्यादा हार का सामना नहीं कर पाया था।

    आईपीएल में बतौर कप्तान अय्यर ने कुल 20 ऐसे मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया है, जहां 200+ रन का बचाव करना था। इनमें से 12 मैचों में उन्हें जीत मिली, जबकि 7 में हार का सामना करना पड़ा। यह आंकड़ा बताता है कि बड़े स्कोर का बचाव करते समय उनकी टीम को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

    इसके अलावा, यह हार इसलिए भी खास रही क्योंकि 2022 के बाद मुंबई इंडियंस के खिलाफ बतौर कप्तान अय्यर की पहली हार है। इससे पहले उन्होंने MI के खिलाफ लगातार 7 मुकाबले जीते थे, लेकिन यह रिकॉर्ड अब टूट गया है।

    मैच में पंजाब द्वारा बनाए गए 200 रन भी जीत के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुए, जिससे टीम की गेंदबाजी रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर साबित किया कि वह बड़े लक्ष्यों का पीछा करने में माहिर टीम है।

    इस हार ने पंजाब किंग्स की प्लेऑफ उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है, जबकि मुंबई इंडियंस की स्थिति मजबूत हो गई है।

  • दीप दासगुप्ता का बड़ा बयान: राशिद खान ने फिर पकड़ी अपनी क्लासिक फॉर्म, बल्लेबाज़ों पर बरपाया कहर

    दीप दासगुप्ता का बड़ा बयान: राशिद खान ने फिर पकड़ी अपनी क्लासिक फॉर्म, बल्लेबाज़ों पर बरपाया कहर


    नई दिल्ली । क्रिकेट फैंस ने एक बार फिर उस राशिद खान को देखा, जो अपनी घातक स्पिन गेंदबाजी के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। गुजरात टाइटंस (GT) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेले गए मुकाबले में राशिद ने 4 ओवर में 33 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और अपनी टीम को 77 रनों की बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने राशिद खान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राशिद इस मैच में पूरी तरह अपनी पुरानी लय में नजर आए और उनकी गेंदबाजी का फोकस लगातार स्टंप्स पर था।
    “हर गेंद स्टंप्स पर लग रही थी” दीप दासगुप्ता
    एक क्रिकेट चर्चा के दौरान दीप दासगुप्ता ने कहा कि जब राशिद अपने बेस्ट फॉर्म में होते हैं, तो उनकी गेंदें लगातार बल्लेबाज को परेशानी में डालती हैं। इस मैच में भी उन्होंने वही पुरानी धार दिखाई। उन्होंने खास तौर पर शुभम दुबे के विकेट का जिक्र करते हुए कहा कि राशिद ने बेहतरीन लाइन और लेंथ के साथ मिडिल स्टंप को लगातार टारगेट किया। दासगुप्ता के अनुसार, राशिद की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह लगातार स्टंप्स पर हमला करते हैं, जिससे बल्लेबाज के पास गलती की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है।
    घातक गेंदबाजी से RR की पारी ध्वस्त
    राशिद खान ने इस मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, फरेरा और शुभम दुबे को पवेलियन भेजा। खास बात यह रही कि उनके तीन विकेट क्लीन बोल्ड और एक विकेट एलबीडब्ल्यू के रूप में आया, जो उनकी सटीकता को दर्शाता है। राजस्थान रॉयल्स की टीम 230 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 152 रन पर सिमट गई, और पूरी टीम ऑलआउट हो गई।
    GT की शानदार जीत और टॉप-2 में एंट्री
    गुजरात टाइटंस के लिए कप्तान शुभमन गिल ने 44 गेंदों में 84 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि साई सुदर्शन ने 55 रनों का योगदान दिया। टीम ने इस जीत के साथ अपना सातवां मुकाबला जीतकर अंक तालिका में दूसरा स्थान हासिल कर लिया।
    राशिद खान का यह प्रदर्शन न सिर्फ गुजरात टाइटंस के लिए अहम साबित हुआ, बल्कि यह भी संकेत देता है कि वह एक बार फिर अपनी घातक फॉर्म में लौट आए हैं। दीप दासगुप्ता की टिप्पणी भी यही बताती है कि जब राशिद लय में होते हैं, तो उन्हें खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता।
  • जोश इंग्लिस ने मचाया धमाल, CSK के होम ग्राउंड पर IPL 2026 में ठोका तूफानी फिफ्टी

    जोश इंग्लिस ने मचाया धमाल, CSK के होम ग्राउंड पर IPL 2026 में ठोका तूफानी फिफ्टी


    नई दिल्ली । चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 के 53वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बल्लेबाज जोश इंग्लिस ने ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की, जिसने पूरे मैच का रुख ही बदल दिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ इंग्लिस ने मात्र 17 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर इस मैदान पर सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।  इंग्लिस ने इस मुकाबले में 33 गेंदों पर 85 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 257 के आसपास रहा, जो इस मैच की सबसे बड़ी खासियत रही।

    LSG की धमाकेदार शुरुआत, पावरप्ले में ही दबदब
    जोश इंग्लिस की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत लखनऊ सुपर जायंट्स ने बेहद तेज शुरुआत की। टीम ने सिर्फ 3.4 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए, जो फ्रेंचाइजी के इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे तेज अर्धशतकों में से एक रहा। पावरप्ले के दौरान इंग्लिस ने अकेले 25 गेंदों में 74 रन बनाकर गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।

    इंग्लिस और मिचेल मार्श के बीच पहले विकेट के लिए 31 गेंदों में 77 रनों की साझेदारी ने LSG को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि मार्श 10 रन बनाकर आउट हो गए और इसके बाद निकोलस पूरन और कप्तान ऋषभ पंत भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। पूरन सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हुए, जबकि ऋषभ पंत 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद इंग्लिस ने एक छोर संभाले रखा और लगातार रन बरसाते रहे।

    शतक से चूके, लेकिन छोड़ दिया बड़ा असर
    जोश इंग्लिस शतक के बेहद करीब पहुंचकर भी उसे पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी पारी ने मैच का पूरा माहौल बदल दिया। उनकी बल्लेबाजी ने यह साफ कर दिया कि वह LSG के लिए एक मैच विनिंग बल्लेबाज बनते जा रहे हैं।

    टीम में वापसी और रणनीतिक बदलाव
    इस मुकाबले के लिए LSG ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो अहम बदलाव किए थे। जोश इंग्लिस की टीम में वापसी हुई, जबकि आवेश खान को मयंक यादव की जगह शामिल किया गया। यह बदलाव पूरी तरह सफल साबित हुआ, खासकर इंग्लिस के प्रदर्शन के कारण।

    जोश इंग्लिस की यह पारी IPL 2026 की सबसे यादगार पारियों में से एक बन गई है। चेपॉक जैसे मुश्किल मैदान पर इतनी तेज बल्लेबाजी करना उनके आत्मविश्वास और आक्रामक शैली को दर्शाता है। भले ही वह शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने मैच को पूरी तरह LSG के पक्ष में मोड़ दिया।

  • मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

    मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने


    नई दिल्ली । चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए IPL 2026 के 53वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श ने भले ही छोटी पारी खेली हो, लेकिन उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मात्र 10 रन की पारी खेलते हुए मार्श ने LSG के लिए सबसे कम पारियों में 1,000 रन पूरे करने का कीर्तिमान स्थापित किया।

    इस मैच में मार्श ने 10 गेंदों में 10 रन बनाए, जिसमें एक शानदार छक्का भी शामिल था। हालांकि उनकी पारी छोटी रही, लेकिन उन्होंने जोश इंग्लिस के साथ मिलकर 5.1 ओवर में 77 रनों की तेज साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    IPL में लगातार शानदार प्रदर्श
    मिचेल मार्श ने IPL 2025 में पहली बार LSG का प्रतिनिधित्व किया था और तभी से वे टीम के अहम खिलाड़ी बन गए। अपने पहले सीजन में उन्होंने 13 पारियों में 48.23 की औसत से 627 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और 6 अर्धशतक शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें टीम का प्रमुख सलामी बल्लेबाज बना दिया।

    IPL 2026 के मौजूदा सीजन में भी उनका फॉर्म जारी है। 11 मैचों में उन्होंने 34.27 की औसत से 377 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक शामिल है। खास बात यह है कि पिछले ही मुकाबले में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 111 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी, जिससे LSG ने डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 9 रन से जीत दर्ज की थी।

    इतिहास में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले खिलाड़
    LSG के लिए 1,000 रन सबसे कम पारियों में पूरा करने के साथ मिचेल मार्श ने कई बड़े नामों के क्लब में जगह बना ली है। हालांकि यह रिकॉर्ड IPL इतिहास में सबसे तेज नहीं है, लेकिन LSG फ्रेंचाइजी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।

    IPL इतिहास में सबसे कम पारियों में 1,000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है, जिन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए सिर्फ 20 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी। उनके बाद शॉन मार्श, लिंडल सिमंस, केएल राहुल और डेवोन कॉन्वे जैसे दिग्गज बल्लेबाज इस सूची में शामिल हैं, जिन्होंने 21 से 24 पारियों के बीच यह आंकड़ा छुआ था।

    मिचेल मार्श का यह प्रदर्शन साबित करता है कि वे LSG के लिए लगातार मैच विनिंग खिलाड़ी बनते जा रहे हैं। भले ही इस मैच में उनका योगदान छोटा रहा हो, लेकिन इतिहास रचने वाली यह उपलब्धि उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की गवाही देती है। आने वाले मैचों में उनसे और भी बड़े धमाकों की उम्मीद की जा रही है।

  • आईपीएल में तहलका मचा रहे वैभव सूर्यवंशी, मोहम्मद कैफ ने बताया भविष्य का सुपरस्टार

    आईपीएल में तहलका मचा रहे वैभव सूर्यवंशी, मोहम्मद कैफ ने बताया भविष्य का सुपरस्टार

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का जलवा लगातार चर्चा में बना हुआ है। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा ओपनर ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 36 गेंदों में शतक ठोककर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। उनकी इस पारी के बाद पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने उनकी जमकर तारीफ की और उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सुपरस्टार बताया।

    मोहम्मद कैफ ने कहा कि इतनी कम उम्र में वैभव जिस तरह के गेंदबाजों के सामने बिना किसी डर के बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह उन्हें खास बनाता है। उन्होंने याद दिलाया कि वैभव ने एक ही ओवर में चार छक्के जड़कर विपक्षी गेंदबाज को पूरी तरह दबाव में ला दिया था और पिछले मुकाबले की हार का जवाब भी मैदान पर दिया।

    कैफ के मुताबिक वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर रवैया है। उन्होंने बताया कि वह नाम या बड़े गेंदबाजों को देखकर अपनी सोच नहीं बदलते, बल्कि हर गेंद को अटैक करने के इरादे से खेलते हैं। पैट कमिंस जैसे अनुभवी गेंदबाज के सामने भी उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर अपनी मंशा साफ कर दी।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने यह भी कहा कि वैभव की लगातार दो सीजन में शतक लगाने की क्षमता और तेज स्ट्राइक रेट इस बात का सबूत है कि उनकी मानसिकता बेहद मजबूत है। उनके अनुसार वैभव गेंद की लेंथ को जल्दी समझ लेते हैं और क्रीज पर उनका संतुलन उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग करता है।

    अंत में कैफ ने कहा कि अगर वैभव इसी तरह फिट रहते हैं और अपने खेल पर फोकस बनाए रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा खिलाड़ी मिल सकता है जो लंबे समय तक टीम की रीढ़ बन सकता है।

  • क्रिकेट का महाकुंभ IPL में रिकॉर्डों की बारिश एक दिन में 986 रन और इतिहास की सबसे बड़ी चेज

    क्रिकेट का महाकुंभ IPL में रिकॉर्डों की बारिश एक दिन में 986 रन और इतिहास की सबसे बड़ी चेज


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का 25 अप्रैल क्रिकेट इतिहास में एक ऐसे दिन के रूप में दर्ज हो गया है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इस दिन मैदान पर जो कुछ हुआ वह किसी सपने से कम नहीं था। चार टीमों ने मिलकर ऐसा धमाका किया कि रिकॉर्ड बुक पूरी तरह बदल गई। एक ही दिन में कुल 986 रन बने जो आईपीएल इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले कभी भी एक दिन में 900 रन का आंकड़ा पार नहीं हुआ था।

    इस ऐतिहासिक दिन पर दिल्ली कैपिटल्स पंजाब किंग्स राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद ने मिलकर रन बरसाए। बल्लेबाजों का ऐसा दबदबा देखने को मिला कि गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। इस दिन कुल 59 छक्के लगाए गए जो इस बात का सबूत है कि मैच पूरी तरह बल्लेबाजों के नाम रहा।

    इस दिन का सबसे बड़ा आकर्षण रही ऐतिहासिक रनचेज। पंजाब किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 265 रन का विशाल लक्ष्य हासिल कर लिया जो न सिर्फ आईपीएल बल्कि पूरे टी20 क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी सफल रनचेज बन गई। यह मुकाबला दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर रहा जहां आखिरी तक नतीजा तय नहीं था।

    दूसरी ओर सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 229 रन का लक्ष्य हासिल कर आईपीएल इतिहास की टॉप पांच रनचेज में अपनी जगह बना ली। इस तरह एक ही दिन में दो बड़ी चेज ने क्रिकेट फैंस को रोमांच का डबल डोज दिया।

    व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो केएल राहुल ने 152 रन की नाबाद पारी खेलकर इतिहास रच दिया। यह आईपीएल में किसी भारतीय बल्लेबाज की अब तक की सबसे बड़ी पारी बन गई। उन्होंने 150 से ज्यादा रन बनाकर खुद को टी20 के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों की सूची में और ऊपर पहुंचा दिया।

    वहीं युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने भी तूफानी अंदाज में 36 गेंदों पर शतक जड़ दिया। उन्होंने अपनी इस पारी में 12 छक्के लगाकर दर्शकों को हैरान कर दिया। खास बात यह रही कि इससे पहले भी वह 35 गेंदों पर शतक जड़ चुके हैं जो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का प्रमाण है।

    हालांकि इस दिन की सबसे दिलचस्प और भावुक बात यह रही कि इतने शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन के बावजूद केएल राहुल और वैभव सूर्यवंशी दोनों ही खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा। यानी उनके शतक टीम के काम नहीं आ सके।

    इस ऐतिहासिक दिन में कुल 2 शतक और 6 अर्धशतक लगे जो यह दिखाता है कि बल्लेबाज किस तरह फॉर्म में थे। 25 अप्रैल 2026 को आईपीएल में जो कुछ हुआ उसने यह साबित कर दिया कि यह लीग क्यों दुनिया की सबसे रोमांचक टी20 लीग मानी जाती है।

    कुल मिलाकर यह दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं था जहां हर मैच में रिकॉर्ड टूटे और नए इतिहास बने। आने वाले समय में जब भी आईपीएल के सबसे यादगार पलों की बात होगी तो 25 अप्रैल 2026 का नाम सबसे ऊपर जरूर लिया जाएगा।

  • लखनऊ में LSG vs KKR का हाई-वोल्टेज मुकाबला, बदले और वापसी की जंग में कौन मारेगा बाजी?

    लखनऊ में LSG vs KKR का हाई-वोल्टेज मुकाबला, बदले और वापसी की जंग में कौन मारेगा बाजी?

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का 38वां मुकाबला आज शाम 7:30 बजे लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है क्योंकि इस सीजन में दोनों का प्रदर्शन अब तक काफी निराशाजनक रहा है और प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए अब हर मैच निर्णायक बन चुका है।

    लखनऊ सुपर जायंट्स ने इस सीजन में अब तक 7 मुकाबलों में सिर्फ 2 जीत हासिल की हैं और टीम अंकतालिका में नौवें स्थान पर है। लगातार हार ने टीम की लय को बिगाड़ दिया है, लेकिन घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा उन्हें मिल सकता है। टीम इस मैच को जीतकर वापसी करने और अपने अभियान को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश करेगी।

    वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का हाल भी कुछ बेहतर नहीं रहा है। टीम ने अब तक 7 मैचों में केवल एक जीत दर्ज की है और वह अंकतालिका में सबसे नीचे यानी दसवें स्थान पर है। हालांकि पिछले मुकाबले में मिली जीत से टीम को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन अब उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इस मुकाबले में केकेआर के पास पिछली हार का हिसाब बराबर करने का भी मौका है।

    दोनों टीमों के बीच इस सीजन की पहली भिड़ंत बेहद करीबी रही थी, जहां लखनऊ ने सिर्फ 3 रन से जीत हासिल की थी। उस हार ने केकेआर को काफी नुकसान पहुंचाया था, इसलिए इस बार टीम बदले की भावना के साथ मैदान में उतरेगी, जबकि एलएसजी अपनी पिछली जीत की लय को बनाए रखना चाहेगी।

    इकाना स्टेडियम की पिच आमतौर पर गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में उछाल और मूवमेंट मिलता है, जिससे बल्लेबाजों को संभलकर खेलना पड़ता है। इस सीजन में यहां बड़े स्कोर कम देखने को मिले हैं, जिससे यह साफ है कि इस बार भी रन बनाना आसान नहीं होगा और गेंदबाजों की भूमिका अहम रहने वाली है।

    मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद है और बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे मैच बिना किसी रुकावट के पूरा होने की संभावना है।

    अब तक दोनों टीमों के बीच खेले गए मुकाबलों में लखनऊ का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है, लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए इस बार मुकाबला काफी रोमांचक और बराबरी का रहने की उम्मीद है। दोनों टीमों के लिए यह मैच सिर्फ अंक हासिल करने का नहीं बल्कि आत्मविश्वास वापस पाने का भी बड़ा मौका है।