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  • मध्य प्रदेश में 12 IPS अधिकारियों के तबादले, पांच जिलों को मिले नए SP, पुलिस मुख्यालय और विशेष सशस्त्र बल में भी बदलाव

    मध्य प्रदेश में 12 IPS अधिकारियों के तबादले, पांच जिलों को मिले नए SP, पुलिस मुख्यालय और विशेष सशस्त्र बल में भी बदलाव

    मध्य प्रदेश : में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने 28 अक्टूबर की देर रात भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 12 अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए। इस बदलाव में पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों की जिम्मेदारी बदली गई है। नर्मदापुरम, बैतूल, पन्ना, हरदा और अलीराजपुर को नए पुलिस अधीक्षक मिले हैं। इसके अलावा भोपाल पुलिस मुख्यालय, नगरीय पुलिस और विशेष सशस्त्र बल की विभिन्न इकाइयों में भी अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है।

    नर्मदापुरम जिले में दीपक कुमार शुक्ला को नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले उज्जैन में विशेष सशस्त्र बल की 32वीं वाहिनी के सेनापति के रूप में कार्यरत थे। नर्मदापुरम के पूर्व पुलिस अधीक्षक साईंकृष्ण एस. थोठा को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव के तहत जिले की पुलिस व्यवस्था की कमान नए अधिकारी को सौंपी गई है।

    बैतूल जिले में भी पुलिस अधीक्षक बदल दिया गया है। यहां अमित सक्सेना को नया एसपी नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर तैनात थे। बैतूल के पूर्व एसपी वीरेंद्र जैन को भोपाल नगरीय पुलिस में यातायात से संबंधित जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नई नियुक्ति के तहत वह भोपाल में पुलिस उपायुक्त के रूप में यातायात व्यवस्था संभालेंगे।

    पन्ना जिले में सव्यसाची सराफ को नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वह इससे पहले इंदौर में साइबर पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। पन्ना की पूर्व एसपी निवेदिता नायडू को सागर स्थित विशेष सशस्त्र बल की 10वीं वाहिनी का सेनापति नियुक्त किया गया है। इस बदलाव से पन्ना में जिला पुलिस का नेतृत्व नए अधिकारी के हाथों में आ गया है।

    हरदा जिले में अंकित जायसवाल को पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह इससे पहले भोपाल रेल पुलिस में एसपी के पद पर तैनात थे। हरदा के पूर्व एसपी शशांक को पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, अलीराजपुर जिले में समर वर्मा को नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वह उज्जैन में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत थे। अलीराजपुर के पूर्व एसपी रघुवंश कुमार सिंह को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) की जिम्मेदारी दी गई है।

    जिला पुलिस में बदलाव के साथ विशेष सशस्त्र बल की वाहिनियों में भी नई तैनाती की गई है। इंदौर में प्रथम वाहिनी के सेनापति अभिषेक आनंद को 15वीं वाहिनी का सेनापति बनाया गया है। उन्हें पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (PTC), इंदौर के पुलिस अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसी तरह श्रुतकीर्ति सोमवंशी को ग्वालियर में विशेष सशस्त्र बल की दूसरी वाहिनी का सेनापति नियुक्त किया गया है। उन्हें 14वीं वाहिनी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।

    इस प्रशासनिक बदलाव के तहत जिला पुलिस, पुलिस मुख्यालय और विशेष सशस्त्र बल में अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। पांच जिलों में नए पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति के साथ कई अधिकारियों को मुख्यालय और अन्य इकाइयों में नई भूमिका मिली है। इन आदेशों के बाद संबंधित अधिकारियों को अपनी नई पदस्थापना के अनुसार जिम्मेदारी संभालनी होगी।

  • UPSC अनुभव साझा करने वाले वीडियो पर आपत्ति के बाद IPS बुशरा बानो को SAP चौथी बटालियन में मिली नई जिम्मेदारी

    UPSC अनुभव साझा करने वाले वीडियो पर आपत्ति के बाद IPS बुशरा बानो को SAP चौथी बटालियन में मिली नई जिम्मेदारी

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में एक मुस्लिम IPS अधिकारी द्वारा अपने यूट्यूब वीडियो में ‘अस्सलामु अलैकुम’ और ‘इंशाल्लाह’ जैसे शब्दों का प्रयोग करने के बाद उनके खिलाफ एक्शन हो गया है। खबर है कि राज्य की भाजपा की सरकार ने IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वीडियो पर कुछ दक्षिणपंथी समूहों की आपत्ति जताई थी और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने पब्लिक ऑर्डर का हवाला देते हुए अधिकारी का तबादला कर दिया।

    मामला सामने आने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

    किस वीडियो पर हुआ एक्शन?

    रिपोर्ट के मुताबिक खड़गपुर की एडिशनल एसपी के पद पर तैनात डॉ बुशरा बानो ने यूट्यूब पर एक वीडियो डालकर अभ्यर्थियों के साथ यूपीएससी की तैयारी का अनुभव शेयर किया था। उन्होंने वीडियो में बताया कि सऊदी अरब से लौटने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ‘रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी’ और वहां की लाइब्रेरी से उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली। वो दूसरे अभ्यर्थियों को मोटिवेट भी करती नजर आ रही हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

    क्या हुई आपत्ति?

    इस वीडियो पर ‘हिंदू लीगल फंड’ नामक संगठन ने आपत्ति जताते हुए राज्य की गृह सचिव संघमित्रा घोष को शिकायत भेजी। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अधिकारी ने वीडियो की शुरुआत ‘अस्सलामु अलैकुम’ से की और ‘इंशाल्लाह’ और ‘जज़ाकल्लाह’ जैसे शब्द भी कहे। शिकायत की गई कि अधिकारी ने एक बार भी ‘जय हिंद’ या ‘वंदे मातरम’ नहीं बोला। संगठन ने लिखा कि एक ऑन-ड्यूटी अधिकारी को सार्वजनिक तौर पर शब्दों का इस्तेमाल करते समय निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए।

    शिकायत के बाद अब बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर की एडिशनल एसपी पद से हटाकर उन्हें अब स्टेट आर्म्ड पुलिस (SAP) की चौथी बटालियन में ‘डिप्टी कमांडेंट’ बनाया गया है। वहीं चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल डीसी पार्थ घोष को खड़गपुर में बुशरा बानो की जगह नया एडिशनल एसपी तैनात किया गया है।

    भड़क गईं महुआ मोइत्रा

    IPS अधिकारी के ट्रांसफर की खबर आते ही टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा कि देश नफरत और कट्टरता से भरता जा रहा है। महुआ मोइत्रा ने लिखा, “जिस देश के प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन का उद्घाटन सेंगोल और साधुओं के साथ किया था, उस देश में एक मुस्लिम आईपीएस अधिकारी का सिर्फ ‘अस्सलामु अलैकुम’ और ‘इंशाअल्लाह’ कहने पर तबादला कर देना हास्यास्पद है।” उन्होंने आगे कहा, “हम एक ऐसे देश में बदलते जा रहे हैं, जो नफरत और कट्टरता से भरा हुआ है। भगवान ही भारत को बचाए।”

  • भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान

    भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान


    भोपाल । भोपाल में एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, जहां एक IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी ने आत्महत्या कर ली। यह घटना हबीबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पॉश इलाके चार इमली की बताई जा रही है, जहां छात्रा ने अपने घर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।

    जानकारी के अनुसार मृतिका 12वीं कक्षा की छात्रा थी और अपने परिवार के साथ रहती थी। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और तत्काल हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    मृतिका की पहचान IPS अधिकारी संजीव कंचन की बेटी के रूप में हुई है, जो वर्तमान में पुलिस मुख्यालय PHQ में AIG के पद पर पदस्थ हैं। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में गहरा शोक फैल गया है।

    पुलिस को शुरुआती जांच में मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है।

    जांच के तहत पुलिस मृतिका के मोबाइल फोन को खंगाल रही है, साथ ही उसके संपर्कों और हाल की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे की वजहों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही इस पूरे मामले में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल इस घटना ने पूरे शहर में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

  • राज्य प्रशासनिक सेवा के 25 अधिकारियों को नहीं मिली पदोन्नति79 को मिलेगा लाभ

    राज्य प्रशासनिक सेवा के 25 अधिकारियों को नहीं मिली पदोन्नति79 को मिलेगा लाभ


    भोपाल । मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए विभागीय पदोन्नति समिति डीपीसी की बैठक शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कीजिसमें 79 अधिकारियों को पदोन्नति देने का निर्णय लिया गयाजबकि 25 अधिकारियों को विभागीय जांच और प्रतिकूल गोपनीय चरित्रावली के कारण पदोन्नति से रोक दिया गया। यह पदोन्नति 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।

    पदोन्नति प्रक्रिया

    बैठक में अधिकारियों के विभिन्न पदों पर पदोन्नति के लिए चर्चा की गई। डिप्टी कलेक्टर से संयुक्त कलेक्टर के पद के लिए 9 अधिकारियों पर विचार किया गयाजिनमें से 7 अधिकारियों को पदोन्नति दी गईजबकि दो के नाम रोके गए। इसी तरहसंयुक्त कलेक्टर से अतिरिक्त कलेक्टर के पद के लिए 72 अधिकारियों को पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया। हालांकिइस श्रेणी में 13 अधिकारियों को विभिन्न कारणों से पदोन्नति के योग्य नहीं माना गया।इसके अतिरिक्तकुछ अधिकारियों को उच्च वेतनमान देने का भी निर्णय लिया गयाजबकि कुछ अधिकारियों की पदोन्नति रोकी गई।

    विभागीय जांच और प्रतिकूल गोपनीय चरित्रावली

    25 अधिकारियों के नाम पदोन्नति सूची से बाहर किए गएक्योंकि उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी या उनके गोपनीय चरित्रावली में प्रतिकूल प्रविष्टियां थीं। इन अधिकारियों के पदोन्नति का निर्णय फिलहाल रोक दिया गया है। यह निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया हैताकि पदोन्नति केवल उन्हीं अधिकारियों को मिलेजिनकी कार्यक्षमता और चरित्र साफ-सुथरा हो।

    आइपीएस अधिकारियों के लिए पदोन्नति

    आइपीएस अधिकारियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक 19 दिसंबर को प्रस्तावित की गई है। इसमें तीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को विशेष महानिदेशकदो पुलिस महानिरीक्षक को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक16 पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को उप पुलिस महानिरीक्षक और आठ अधिकारियों को सलेक्शन ग्रेड में पदोन्नति देने का प्रस्ताव है।

    भविष्य की दिशा

    पदोन्नति प्रक्रिया से यह साफ हो जाता है कि प्रशासनिक सेवा में पारदर्शिता और ईमानदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों के चयन में उनकी कार्यक्षमता के साथ-साथ उनके चरित्र का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। हालांकिपदोन्नति से जुड़े विवाद और अड़चनों से बचने के लिए यह जरूरी होगा कि अधिकारियों के खिलाफ चल रही विभागीय जांच पूरी पारदर्शिता से पूरी की जाए। यह निर्णय निश्चित रूप से राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैजो उनके कार्यक्षेत्र में दक्षता और ईमानदारी को बढ़ावा देगा।