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  • बाजार की गिरावट में छिपा है कमाई का मौका? एक्सपर्ट्स ने बताया क्यों नहीं घबराना चाहिए और क्या हो अगली रणनीति

    बाजार की गिरावट में छिपा है कमाई का मौका? एक्सपर्ट्स ने बताया क्यों नहीं घबराना चाहिए और क्या हो अगली रणनीति


    नई दिल्ली :भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला कुछ समय काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। पिछले मात्र दो सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी में 2.5 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की करीब 11 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति पलक झपकते ही साफ हो गई। सोमवार को सेंसेक्स जहाँ 1,000 अंकों से ज्यादा टूटा, वहीं निफ्टी में भी 300 अंकों की बड़ी गिरावट आई। बाजार में घबराहट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) इंडेक्स 25 फीसदी से ज्यादा उछलकर 17.13 पर पहुंच गया, जो निकट भविष्य में तेज उतार-चढ़ाव का स्पष्ट संकेत है।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में गिरावट की आशंका बनी हुई है, लेकिन भारत की बुनियादी स्थिति यानी ‘मैक्रो स्टोरी’ अभी भी बहुत मजबूत है। आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर की तन्वी कंचन और पीएल कैपिटल के विक्रम कसाट जैसे जानकारों का कहना है कि जनवरी में 1.71 लाख करोड़ रुपये का शानदार जीएसटी कलेक्शन और सरकारी बैंकों के मजबूत तिमाही नतीजे इस बात के सबूत हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही दिशा में है। श्रीराम वेल्थ के नवल कगलवाला के अनुसार, पश्चिम एशिया का संकट भारत के लिए एक अवसर भी बन सकता है। जब वैश्विक बाजार असुरक्षित महसूस करते हैं, तो भारत जैसे मजबूत घरेलू मांग वाले देश ‘सेफ हेवन’ बनकर उभरते हैं। पिछले शुक्रवार के आंकड़े बताते हैं कि जहाँ विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 12,293 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी करके बाजार को सहारा देने की कोशिश की।

    मौजूदा हालातों में एक्सपर्ट्स निवेशकों को संयम और अनुशासन बरतने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि यह घबराहट में आकर अपनी होल्डिंग्स बेचने का समय नहीं है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें, कर्ज लेकर निवेश (लेवरेज पोजीशन) करने से बचें और अपने रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित करें। एसआईपी SIP के माध्यम से निवेश करने वालों के लिए यह संदेश है कि वे अपना निवेश जारी रखें, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से ऐसी ही गिरावटें लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण Wealth Creation का आधार बनती हैं। रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजित मिश्रा ने भी निवेशकों को सावधानी बरतने और फिलहाल अपनी पोजीशन को हल्का रखने की सलाह दी है।

  • जंग की गूंज क्रिकेट तक! ईरान-इजरायल तनाव से जिम्बाब्वे टीम की वापसी में अड़चन

    जंग की गूंज क्रिकेट तक! ईरान-इजरायल तनाव से जिम्बाब्वे टीम की वापसी में अड़चन


    नई दिल्ली। Iran और Israel के बीच जारी टकराव का असर खेल जगत पर भी साफ दिख रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में अपना अभियान समाप्त करने के बाद जिम्बाब्वे की टीम अब तक स्वदेश नहीं लौट पाई है। दरअसल, ईरान के जवाबी हमलों के बाद पश्चिम एशिया के कई देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया, जिसके चलते दुबई एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। जिम्बाब्वे की टीम को नई दिल्ली से दुबई होते हुए अपने देश लौटना था, लेकिन एयरपोर्ट बंद होने से उनकी कनेक्टिंग फ्लाइट रद्द हो गई। फिलहाल पूरी टीम दिल्ली में ठहरी हुई है और नई यात्रा योजना का इंतजार कर रही है।

    कोच जस्टिन सैमन्स बोले – स्थिति को नजरअंदाज करना मुश्किल


    टीम के मुख्य कोच Justin Sammons ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए ऐसी परिस्थिति मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि सभी खिलाड़ी सोमवार सुबह घर लौटने की तैयारी में थे, लेकिन अचानक हालात बदल गए। टीम के भीतर इस विषय पर लगातार चर्चा हो रही है और सभी अगली आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रहे हैं। कोच के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच तक भी किसी संभावित व्यवधान की जानकारी नहीं थी। ऐसे में अचानक फ्लाइट रद्द होने से खिलाड़ियों की योजनाएं प्रभावित हुईं।
    वैकल्पिक रूट पर विचार, ICC भी सक्रिय

    दुबई मार्ग बाधित होने के बाद अब अदीस अबाबा के रास्ते इथियोपियन एयरलाइंस से टीम को भेजने का विकल्प तलाशा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने भी स्पष्ट किया है कि विश्व कप के बाद घर लौटने वाली टीमों और अधिकारियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा कार्यक्रम में बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी खिलाड़ी या स्टाफ को जोखिम का सामना न करना पड़े।

    मैदान पर शानदार सफर, सुपर-8 में थमी रफ्तार


    Sikandar Raza की कप्तानी में जिम्बाब्वे ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों को हराकर सुपर-8 में जगह बनाई। हालांकि, अगले दौर में वेस्टइंडीज, भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा और अभियान यहीं समाप्त हो गया। अब टीम की नजरें सुरक्षित स्वदेश वापसी पर टिकी हैं। खेल खत्म हो चुका है, लेकिन हालात ने खिलाड़ियों की यात्रा को अनिश्चित बना दिया है। सभी को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और टीम सकुशल घर लौटेगी।