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  • US हमले के बाद मोजतबा खामेनेई की हालत पर सस्पेंस, ट्रंप का दावा- जिंदा हैं, लेकिन बुरी तरह घायल

    US हमले के बाद मोजतबा खामेनेई की हालत पर सस्पेंस, ट्रंप का दावा- जिंदा हैं, लेकिन बुरी तरह घायल



    नई दिल्ली। ईरान में चल रहे युद्ध और सत्ता परिवर्तन के बीच नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलें तेज हो गई हैं। अमेरिका ने दावा किया है कि खामेनेई भी उस हमले में घायल हुए हैं जिसमें ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया था। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि मोजतबा खामेनेई संभवतः जीवित हैं, लेकिन गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं।

    फॉक्स न्यूज रेडियो के ब्रायन किलमीड शो को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने पहली बार मोजतबा खामेनेई की स्थिति पर टिप्पणी की। उनसे जब पूछा गया कि क्या नया ईरानी नेता जीवित है, तो ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि वह शायद जिंदा हैं।” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह घायल हो सकते हैं, लेकिन किसी न किसी रूप में जीवित हैं।

    ब्रिटेन के अखबार द सन की रिपोर्ट में मोजतबा की हालत को लेकर और भी गंभीर दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई फिलहाल कोमा में हैं। हमले में उनका कम से कम एक पैर कट गया है और उनके पेट या लीवर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। बताया गया है कि तेहरान के सीना यूनिवर्सिटी अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच उनका इलाज चल रहा है।

    इस बीच मोजतबा खामेनेई की ओर से ईरानी सरकारी टेलीविजन पर एक बयान प्रसारित किया गया। हालांकि यह बयान उन्होंने खुद नहीं पढ़ा, बल्कि एक एंकर ने इसे पढ़कर सुनाया। बयान में अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद किया जाए, अन्यथा उन पर हमले किए जाएंगे।

    बयान में यह भी कहा गया कि ईरान इस ‘थोपे गए युद्ध’ के लिए दुश्मनों से हर्जाना वसूलेगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो ईरान उनकी संपत्तियों को जब्त करने या बराबर मूल्य की संपत्ति को नष्ट करने की कार्रवाई करेगा।

  • ईरान में नेतृत्व का महासंग्राम: ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को बताया 'लाइटवेट', कहा- शांति के लिए अमेरिकी दखल जरूरी।

    ईरान में नेतृत्व का महासंग्राम: ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को बताया 'लाइटवेट', कहा- शांति के लिए अमेरिकी दखल जरूरी।


    नई दिल्ली । ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हालिया मृत्यु ने न केवल तेहरान में सत्ता का शून्य पैदा किया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक युद्ध को भी जन्म दे दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए ‘एक्सियोस’ को दिए एक इंटरव्यू में सनसनीखेज बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें मोजतबा खामेनेई, जो अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, बिल्कुल भी मंजूर नहीं हैं। ट्रंप ने मोजतबा को एक ‘लाइटवेट’हल्का खिलाड़ी करार देते हुए कहा कि वह ऐसे किसी भी व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेंगे जो खामेनेई की पुरानी और कट्टरपंथी नीतियों को आगे बढ़ाए।

    ट्रंप का यह दावा केवल विरोध तक सीमित नहीं है; उन्होंने ईरान के अगले नेता की नियुक्ति में प्रत्यक्ष अमेरिकी भागीदारी की मांग की है। इसके लिए उन्होंने वेनेजुएला का उदाहरण दिया, जहाँ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारीजनवरी 2026 के बाद डेल्सी रोड्रिगेज के साथ ‘मैनेज्ड ट्रांजिशन’ किया गया था। ट्रंप का मानना है कि यदि ईरान में शांति और सौहार्द लाना है, तो वाशिंगटन को नेतृत्व चयन की प्रक्रिया का हिस्सा बनना होगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि ईरान ने फिर से किसी कट्टरपंथी को अपना नेता चुना, तो अमेरिका को अगले पांच वर्षों के भीतर दोबारा युद्ध के मैदान में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

    दूसरी ओर, ईरान का आंतरिक ढांचा इस समय भारी दबाव में है। 88 सदस्यीय विशेषज्ञों का पैनलAssembly of Experts नया उत्तराधिकारी चुनने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। मोजतबा खामेनेई, जिनके ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्सIRGC के साथ बेहद गहरे और मजबूत रिश्ते हैं, फिलहाल मौलवी संगठन में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति माने जा रहे हैं। हालांकि, ईरान का संविधान वंशानुगत शासन की अनुमति नहीं देता, लेकिन मोजतबा का प्रभाव उन्हें इस दौड़ में सबसे आगे रखता है। ट्रंप के इस हस्तक्षेप ने अब ईरान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या एक संप्रभु राष्ट्र के सर्वोच्च धार्मिक नेता का चुनाव बाहरी शक्तियों के दबाव में हो सकता है।

    ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का भी मानना है कि ट्रंप का यह रुख ईरान के साथ भविष्य के परमाणु समझौते और क्षेत्रीय स्थिरता को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। फिलहाल, ईरान ने आधिकारिक रूप से नए नेता के नाम की घोषणा को टाल दिया है, लेकिन ट्रंप के इस ताजा बयान ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच पहले से ही जारी तनाव की आग में घी डालने का काम किया है। अब पूरी दुनिया की नजरें विशेषज्ञों के उस पैनल पर टिकी हैं, जिसे कानून के अनुसार जल्द ही नया उत्तराधिकारी घोषित करना है।