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  • गौरी, किरण राव और बच्चे मौजूद, इरफान पठान ने शेयर किया खास वीडियो..

    गौरी, किरण राव और बच्चे मौजूद, इरफान पठान ने शेयर किया खास वीडियो..


    नई दिल्ली:बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 14 मार्च को अपना 61वां जन्मदिन बेहद खास अंदाज में मनाया। इस मौके पर घर की शांति और परिवार की गर्मजोशी ने माहौल को और खास बना दिया। आमिर के जन्मदिन पर परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे, जिसमें उनकी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट, पूर्व पत्नी किरण राव और बच्चे जुनैद, इरा और आजाद शामिल थे। इस खास मौके पर कुछ करीबी दोस्त और पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान भी आमिर के साथ जश्न में शामिल हुए।

    इरफान पठान ने इस सेलिब्रेशन का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया। वीडियो में आमिर खान केक काटते हुए नजर आए और उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। वीडियो के कैप्शन में इरफान ने लिखा, आमिर भाई को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। इरा खान को अगत्सु फाउंडेशन के जरिए मेंटल हेल्थ के लिए अवेयरनेस और सपोर्ट पर काम करते देखना अच्छा लगा। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर फैंस का दिल जीत लिया और बधाइयों की लड़ी लग गई।

    इस अवसर ने यह भी दिखाया कि आमिर खान अपने निजी जीवन में कितने मिलनसार और पारिवारिक मूल्यवान हैं। जहां उनके प्रोफेशनल लाइफ में वे लगातार अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध रहते हैं, वहीं अपने परिवार के साथ बिताया गया समय भी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गौरी स्प्रैट और किरण राव दोनों ही बच्चों के साथ मौजूद रहकर आमिर के जन्मदिन को और यादगार बनाते दिखे।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो आमिर खान आखिरी बार फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ में नजर आए थे। यह फिल्म 20 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था। आमिर की फिल्मों का हमेशा से ही दर्शकों पर गहरा प्रभाव पड़ा है और उनकी अदाकारी की तारीफ होती रही है।

    फिलहाल, आमिर खान प्रोडक्शंस की नई फिल्म ‘एक दिन’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। इस फिल्म में आमिर के बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में आने वाली है और इसे लेकर दर्शकों में उत्साह काफी बढ़ा हुआ है। इस फिल्म के माध्यम से आमिर खान ने अपने बेटे जुनैद को बड़े पर्दे पर लाकर नया अध्याय शुरू किया है।

    आमिर खान का जन्मदिन न केवल परिवार और करीबी दोस्तों के लिए खास रहा, बल्कि फैंस के लिए भी खुशी का अवसर बना। सोशल मीडिया पर जन्मदिन की बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी रहा। उनके फैंस ने हर जगह जन्मदिन की शुभकामनाएं भेजकर इस दिन को और भी खास बना दिया।

    इस तरह आमिर खान ने 61वें जन्मदिन को अपने परिवार और मित्रों के बीच खुशियों और प्यार के साथ सेलिब्रेट किया, जो उनके जीवन के प्रेरणादायक और सकारात्मक पक्ष को दर्शाता है।

  • इरफान पठान का बयान: CSK में युवा खिलाड़ियों को मौका, फिर भी धोनी की अहमियत बरकरार

    इरफान पठान का बयान: CSK में युवा खिलाड़ियों को मौका, फिर भी धोनी की अहमियत बरकरार


    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का कहना है कि चेन्नई सुपर किंग्स में अब युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सही समय आ गया है। हालांकि टीम में युवा खिलाड़ियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन एमएस धोनी की भूमिका अभी भी बहुत महत्वपूर्ण बनी हुई है।

    इजरायल पठान ने बातचीत करते हुए कहा कि धोनी मैदान पर और मैदान के बाहर दोनों जगह टीम के लिए योगदान देने को तैयार नजर आते हैं। उनके अनुसार ड्रेसिंग रूम में धोनी की पहचान अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों और नेताओं को दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।

    आईपीएल में फिर दिख धोनी का जलवा
    इरफान पठान ने कहा कि जैसे ही आईपीएल शुरू होगा, क्रिकेट फैंस को एक बार फिर एमएस धोनी मैदान पर नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि धोनी इस सीजन के लिए पूरी तरह तैयार और फिट दिख रहे हैं।

    पठान के अनुसार, धोनी ने सालों तक टीम की जिम्मेदारी संभाली है, लेकिन अब समय आ गया है कि युवा खिलाड़ियों को भी आगे आने का मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि आयुष म्हात्रे, डेवल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे और रुतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ियों को टीम की कमान संभालनी चाहिए।

    युवा खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें
    इरफान पठान का मानना ​​है कि सीएसके की मौजूदा टीम पेपर पर काफी रोमांचक नजर आती है। उन्होंने कहा कि इस युवा टीम में जिम्मेदारी लेने की क्षमता और निडरता साफ दिखाई देती है। उनके हिसाब से आयुष म्हात्रे, डेवल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे और कप्तान रुतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ी आने वाले समय में टीम को नई दिशा दे सकते हैं।

    अनुभवी टीम से युवा टीम की ओर बदलाव
    एक समय था जब चेन्नई सुपर किंग्स को अनुभवी और अनुभवी खिलाड़ियों की टीम माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ समय से टीम की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

    नीलामी में भी टीम ने युवाओं पर भरोसा दिखाया है। आयुष म्हात्रे, डेवल्ड ब्रेविस और सरफराज खान जैसे युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं संजू सैमसन के आने से टीम की मजबूती भी काफी मजबूत हुई है।

    धोनी को शानदार विदाई देने की कोशिश
    संभावना तय जा रही है कि यह सीजन एमएस धोनी का चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आखिरी आईपीएल हो सकता है। ऐसे में कप्तान रुतुराज गायकवाड़ और अन्य युवा खिलाड़ियों के पास धोनी के साथ खेलते हुए उनसे सीखने का बड़ा मौका होगा।

    पुणे है कि चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक है। टीम ने धोनी की कप्तानी में पांच बार खिताब जीता है और इस मामले में मुंबई इंडियंस के बराबर है, जिसने रोहित शर्मा की कप्तानी में पांच ट्रॉफी जीती हैं।

    सीएसके ने आखिरी बार 2023 में आईपीएल का खिताब जीता था। अब टीम की कोशिश इस सीजन में एक बार फिर ट्रॉफी अपने दिग्गज कप्तान धोनी को शानदार विदाई देने की होगी।

    इरफान पठान के अनुसार चेन्नई सुपर किंग्स अब युवा खिलाड़ियों के दम पर आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है, लेकिन एमएस धोनी का अनुभव और मार्गदर्शन टीम के लिए अब भी सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है। आने वाला आईपीएल सीजन यह तय करेगा कि युवा जोश और अनुभवी नेतृत्व का यह मेल टीम को कितनी सफलता दिला पाता है।

  • रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया

    रोहित–विराट के बाद संकट में वनडे क्रिकेट, अश्विन–इरफान ने ICC और BCCI को चेताया


    नई दिल्ली । वनडे क्रिकेट का भविष्य एक बार फिर गंभीर चर्चा के केंद्र में आ गया है। भारत के दो सबसे बड़े सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के संभावित संन्यास को देखते हुए पूर्व क्रिकेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते बड़े फैसले नहीं लिए गए तो यह फॉर्मेट आने वाले वर्षों में अपनी प्रासंगिकता खो सकता है। खासतौर पर 2027 वनडे विश्व कप के बाद वनडे क्रिकेट का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

    पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ICC और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI को साफ शब्दों में आगाह किया है कि मौजूदा ढांचे के साथ वनडे क्रिकेट को बचाना मुश्किल होगा। दोनों का मानना है कि द्विपक्षीय सीरीज की घटती अहमियत और टूर्नामेंट्स की अधिकता ने इस फॉर्मेट की चमक फीकी कर दी है।कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां पांच मैचों की वनडे सीरीज आम बात हुआ करती थीं, वहीं अब ज्यादातर टीमें केवल तीन मैचों की औपचारिक सीरीज खेलती नजर आती हैं। कई देशों के लिए वनडे क्रिकेट अब सिर्फ विश्व कप तक सीमित होता जा रहा है, जबकि टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइज़ी लीग्स ने दर्शकों का बड़ा हिस्सा अपनी ओर खींच लिया है।

    अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल ऐश की बात में इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े नाम वनडे क्रिकेट से हटते हैं तो दर्शकों की दिलचस्पी और तेजी से कम हो सकती है। अश्विन ने घरेलू क्रिकेट का उदाहरण देते हुए बताया कि विजय हजारे ट्रॉफी को आमतौर पर सीमित दर्शक ही देखते हैं, लेकिन जब रोहित और विराट इस टूर्नामेंट में खेले, तो स्टेडियमों में भारी भीड़ देखने को मिली।उनके मुताबिक, यह साफ संकेत है कि मौजूदा दौर में वनडे क्रिकेट काफी हद तक स्टार खिलाड़ियों पर निर्भर है। अगर बड़े चेहरे नहीं होंगे, तो दर्शकों को आकर्षित करना और भी मुश्किल हो जाएगा। अश्विन ने ICC के मौजूदा टूर्नामेंट मॉडल पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि साल भर में लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कराने से फैंस में थकान पैदा हो रही है और हर इवेंट की अहमियत कम होती जा रही है।

    अश्विन ने सुझाव दिया कि ICC को फुटबॉल की तर्ज पर वनडे विश्व कप को चार साल में सिर्फ एक बार आयोजित करना चाहिए ताकि इस टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और रोमांच बना रहे। उनका कहना है कि जब कोई इवेंट दुर्लभ होता है तो उसकी वैल्यू अपने आप बढ़ जाती है।वहीं इरफान पठान ने भी वनडे क्रिकेट के गिरते ग्राफ पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सीरीज अब दर्शकों को रोमांचित नहीं कर पा रही हैं। इरफान के अनुसार, अगर वनडे क्रिकेट को फिर से लोकप्रिय बनाना है, तो ट्राई सीरीज और क्वाड्रेंगुलर सीरीज जैसे फॉर्मेट्स को दोबारा शुरू करना होगा।

    इरफान का मानना है कि जब एक ही सीरीज में तीन या चार टीमें हिस्सा लेती हैं तो मुकाबलों की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और हर मैच का महत्व भी ज्यादा होता है। इससे दर्शकों की रुचि बनी रहती है और खिलाड़ियों को भी अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का मौका मिलता है।कुल मिलाकर अश्विन और इरफान दोनों इस बात पर सहमत हैं कि अगर ICC और BCCI ने समय रहते ठोस और साहसिक फैसले नहीं लिए तो वनडे क्रिकेट धीरे-धीरे हाशिए पर चला जाएगा। 50 ओवर का यह पारंपरिक फॉर्मेट कभी क्रिकेट की पहचान हुआ करता था, लेकिन बदलते दौर में इसे बचाने के लिए बड़े और दूरदर्शी बदलाव अब जरूरी हो गए हैं।