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  • ईरान के रहस्यमयी परमाणु ठिकाने पर ट्रंप की नजर, पिकएक्स माउंटेन को लेकर फिर दी हमले की चेतावनी

    ईरान के रहस्यमयी परमाणु ठिकाने पर ट्रंप की नजर, पिकएक्स माउंटेन को लेकर फिर दी हमले की चेतावनी

    नई दिल्ली ।अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में ईरान के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत की तारीफ करते हुए भी उसके एक महत्वपूर्ण भूमिगत परमाणु ठिकाने पिकएक्स माउंटेन का जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के कुछ परमाणु प्रतिष्ठान अभी भी ऐसे हैं, जिनसे निपटना बाकी है। ट्रंप ने विशेष रूप से पिकएक्स माउंटेन को संभावित सैन्य लक्ष्य बताते हुए कहा कि इस पर तेजी से हमला किया जा सकता है। उनकी इस टिप्पणी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी सैन्य रणनीति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

    पिकएक्स माउंटेन ईरान के इस्फहान प्रांत में स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र है। इसे स्थानीय भाषा में कूह-ए कोलांग गज ला कहा जाता है। अंग्रेजी में इसे पिकएक्स माउंटेन नाम इसलिए दिया गया है, क्योंकि स्थानीय शब्द कोलांग का संबंध कुदाल या पहाड़ खोदने वाले औजार से है। यह स्थान ईरान के प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठान नतांज से लगभग दो किलोमीटर दक्षिण में और राजधानी तेहरान से करीब 220 किलोमीटर दूर स्थित है।

    इस पहाड़ी के भीतर सुरंगों का एक बड़ा भूमिगत परिसर विकसित किया गया है। यहां दो अलग-अलग सुरंग परिसरों के प्रवेश मार्ग बनाए गए हैं। इस ठिकाने की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राकृतिक भौगोलिक सुरक्षा है। पहाड़ के भीतर मजबूत ग्रेनाइट चट्टानों के बीच सुरंगें बनाई गई हैं। माना जाता है कि इसकी गहराई और चट्टानों की मजबूती इसे सामान्य हवाई हमलों से काफी हद तक सुरक्षित बना सकती है।

    पश्चिमी देशों के परमाणु विशेषज्ञों की चिंता इस परिसर के संभावित इस्तेमाल को लेकर है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान यहां यूरेनियम संवर्धन की सुविधा विकसित कर सकता है। ऐसी भूमिगत संरचना का उद्देश्य संवेदनशील परमाणु गतिविधियों को संभावित सैन्य हमलों से सुरक्षित रखना हो सकता है। हालांकि, अभी तक इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है कि यहां यूरेनियम संवर्धन का काम शुरू हो चुका है।

    यूरेनियम संवर्धन परमाणु ईंधन तैयार करने की प्रक्रिया है। कम संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल बिजली उत्पादन करने वाले परमाणु संयंत्रों में किया जा सकता है, जबकि अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का उपयोग परमाणु हथियार बनाने में भी संभव है। इसी वजह से ईरान की भूमिगत परमाणु सुविधाओं को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों की चिंता बनी हुई है।

    16 अक्टूबर 2026 की एक विशेषज्ञ रिपोर्ट में उपग्रह तस्वीरों के आधार पर इस परिसर की स्थिति का आकलन किया गया था। इसमें बताया गया कि सुरंगों के प्रवेश मार्गों पर मिट्टी के अवरोध अब भी मौजूद हैं। इससे संकेत मिलता है कि वहां फिलहाल नियमित परिचालन या बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधियां नहीं हो रही हैं। हालांकि, परिसर में महत्वपूर्ण उपकरण या सामग्री मौजूद होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया।

    इससे पहले जुलाई में आई मीडिया रिपोर्टों में इजरायली खुफिया एजेंसियों के हवाले से दावा किया गया था कि ईरान ने यहां सेंट्रीफ्यूज और उनके पुर्जे पहुंचाए हैं। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    इस ठिकाने को निशाना बनाने में अमेरिका के सामने सैन्य चुनौती भी कम नहीं होगी। अमेरिकी सेना के पास जीबीयू-57 जैसे शक्तिशाली बंकर बस्टर बम हैं, जिन्हें जमीन के भीतर बने मजबूत ठिकानों को भेदने के लिए तैयार किया गया है। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ के भीतर काफी गहराई में मौजूद पूरे परिसर को नष्ट करना आसान नहीं होगा।

    संभावित हमले में सुरंगों के प्रवेश द्वार, बिजली आपूर्ति, वेंटिलेशन और दूसरे सहायक ढांचे को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। लेकिन इससे यह सुनिश्चित नहीं होगा कि पहाड़ के भीतर मौजूद सभी सुविधाएं भी पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। अमेरिका के सामने एक बड़ी चुनौती संभावित परमाणु उपकरणों और सामग्री को दोबारा इस्तेमाल होने से रोकने की भी होगी।

    ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, जबकि पश्चिमी देशों को उसकी संवर्धन गतिविधियों और भूमिगत ढांचे पर संदेह है। नतांज और फोर्दो जैसे परमाणु ठिकानों पर हमलों के बाद भी पिकएक्स माउंटेन चर्चा में बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने अब तक इस परिसर का निरीक्षण नहीं किया है। ऐसे में वहां मौजूद उपकरणों, गतिविधियों और वास्तविक उद्देश्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

  • अमेरिका ने ईरान के इस्फहान पर बंकर बस्टर बम से किया हमला

    अमेरिका ने ईरान के इस्फहान पर बंकर बस्टर बम से किया हमला

    वाशिंगटन। अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर पर 2000 किलो के बंकर बस्टर बम से हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला एक हथियार डिपो पर किया गया। इस हमले के चलते इस्फहान के आसमान में आग और धुएं का विशाल गुबार देखा गया। इस हमले का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धमाके के चलते खौफनाक मंजर दिखाई दिया।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर इस वीडियो को पोस्ट किया है।
    वाल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि हमले में बड़ी संख्या में विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। जिस जगह को निशाना बनाया गया, वह एक भूमिगत ढांचा था, जिसके लिए बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल किया गया।
    इस्फहान ईरान का एक सैन्य सेंटर है और ईरान के परमाणु ठिकाने भी इस शहर के करीब ही स्थित हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर हमले की वीडियो साझा की है। हालांकि अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस्फहान की रणनीतिक अहमियत भी है और दावा किया जाता है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम का बड़ा हिस्सा, जो करीब 540 किलो है, इस्फहान के भूमिगत ठिकानों में ही रखा है।