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  • भारत की जीत की तैयारी के बीच झटका, ईशान किशन तीसरे टी20 से बाहर, प्लेइंग इलेवन में किसे मिलेगा मौका?

    भारत की जीत की तैयारी के बीच झटका, ईशान किशन तीसरे टी20 से बाहर, प्लेइंग इलेवन में किसे मिलेगा मौका?


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम को तीसरे मुकाबले से पहले झटका लगा है। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन चोट के कारण 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होने वाले तीसरे टी20 मैच में भी नहीं खेल पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने उनकी फिटनेस को लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ईशान चोट से उबर रहे हैं लेकिन अभी मैच खेलने के लिए पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम प्रबंधन को प्लेइंग इलेवन के संयोजन पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।

    बीसीसीआई के मुताबिक ईशान किशन को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान दाहिनी जांघ में हल्की चोट लगी थी। मेडिकल भाषा में इसे लो ग्रेड एडडक्टर स्ट्रेन बताया गया है। चोट के बाद से उनकी रिकवरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ईशान की स्थिति में सुधार हो रहा है लेकिन तीसरे मुकाबले तक उनके पूरी तरह फिट होने की संभावना नहीं है। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी प्रगति पर नजर बनाए हुए है। विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को भी तीसरे टी20 के लिए टीम के साथ बनाए रखा गया है।

    ईशान किशन की चोट के कारण दूसरे टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाजी का मौका मिला लेकिन वह इस अवसर को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। वैभव आठ गेंदों पर चार रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बावजूद उनकी प्रतिभा और आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें एक और मौका दे सकता है। यदि ईशान तीसरे मैच में उपलब्ध नहीं रहते हैं तो वैभव के पास अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर होगा। हालांकि अंतिम प्लेइंग इलेवन का फैसला टीम प्रबंधन ही करेगा।

    दूसरे टी20 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड के 181 रन के लक्ष्य को छह विकेट खोकर हासिल कर लिया था। भारत ने यह लक्ष्य मैच की आखिरी से पहले वाली गेंद पर पूरा किया। इस जीत में बल्लेबाजों ने अहम भूमिका निभाई और दबाव के बीच टीम को मुकाबले में बनाए रखा। तिलक वर्मा ने सिर्फ 26 गेंदों पर 51 रन की आक्रामक पारी खेलकर भारतीय पारी को मजबूती दी। उनकी बल्लेबाजी ने रन गति बढ़ाने के साथ टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में मदद की।

    नमन धीर ने भी 17 गेंदों पर 31 रन बनाकर उपयोगी योगदान दिया। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाते हुए टीम को जीत तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय बल्लेबाजों के इस प्रदर्शन से टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। अब तीसरे मुकाबले में भारत की कोशिश जीत हासिल कर सीरीज पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की होगी।

    ईशान किशन की गैरमौजूदगी टीम के लिए चुनौती जरूर है लेकिन भारतीय टीम के पास बल्लेबाजी में कई विकल्प मौजूद हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए यह खुद को साबित करने का मौका भी है। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। ऐसे में तीसरा टी20 मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम रहने वाला है। भारतीय प्रशंसकों की नजरें ईशान की रिकवरी के साथ इस बात पर भी रहेंगी कि टीम प्रबंधन उनकी जगह किस खिलाड़ी को अंतिम एकादश में शामिल करता है।

  • Ind vs NZ: दूसरा टी-20 आज….ईशान किशन हुए बाहर तो क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?

    Ind vs NZ: दूसरा टी-20 आज….ईशान किशन हुए बाहर तो क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?


    क्राइस्टचर्च।
    भारतीय टीम (Indian Team) ने न्यूजीलैंड (Zealand) के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले (India vs New Zealand) में 4 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली है. वहीं रोमांचक अंदाज में मैच भी जीत लिया. लेकिन इस जीत के बाद टीम इंड‍िया की जीत के बाद भी कई सवाल उठ रहे हैं. गेंदबाजी तो इसके केंद्र में है ही, सवाल ‘बेबी बॉस’ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की एंट्री को लेकर भी है. क्योंकि ईशान किशन (Ishan Kishan) इंजरी (दाह‍िने जांघ की मांसपेशी में ख‍िंचाव) की वजह से क्राइस्टचर्च में ही होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले से बाहर हो गए हैं।

    आज (24 अक्टूबर) को एक बार फ‍िर क्राइस्टचर्च में टीम इंड‍िया के सामने कुछ सवाल होंगे और कुछ सुधार भी जरूरी रहेंगे। क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में गुरुवार को 226 रन के टारगेट का पीछा करते हुए टीम इंडिया एक समय मुश्किल में फंस गई थी. संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर और नमन धीर की पारियों ने भारत को जीत दिलाई, लेकिन मुकाबले में कुछ ऐसी कमियां भी सामने आईं, जिन पर टीम को ध्यान देना होगा।

    भारत ने 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड के 225/4 के जवाब में 230/6 रन बनाकर जीत हासिल की. वेस्टइंडीज के खिलाफ हाई स्कोरिंग सीरीज के पांच दिन बाद भारतीय टीम एक बार फिर बड़े स्कोर वाले मुकाबले में उतरी. जीत के बावजूद फील्डिंग और गेंदबाजी के कुछ पहलुओं में सुधार की जरूरत दिखाई दी.


    1. फील्डिंग में सुधार जरूरी

    प‍िछले मैच में भारतीय फील्डर से कैच छूटा, म‍िसफील्ड‍िंंग हुई… न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में मयंक यादव की गेंद पर डेरिल मिचेल ने लॉन्ग ऑन की तरफ सीधा शॉट खेला. वहां तैनात अभिषेक शर्मा के पास कैच लेने का अच्छा मौका था, लेकिन वह इसे पकड़ नहीं सके. मिचेल को जीवनदान मिला और भारत के खाते में एक अहम विकेट जुड़ने से रह गया. म‍िचेल ने मैच में 10 गेंदों पर 28 रन बनाए।

    टी20 क्रिकेट में एक कैच मैच का रुख बदल सकता है. ऐसे में भारतीय टीम को फील्डिंग में अपनी चुस्ती और कैच पकड़ने की क्षमता पर काम करना होगा.


    2. शुरुआती ओवरों में लगाम लगानी होगी

    भारतीय गेंदबाजी में शुरुआती ओवर भी चिंता का विषय रहे. नई गेंद से विकेट निकालने और विपक्षी टीम के रनरेट पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी संभालने वाले अर्शदीप को शुरुआत में रन रोकने होंगे. न्यूजीलैंड जैसी आक्रामक बल्लेबाजी वाली टीम के खिलाफ शुरुआती ओवरों में ज्यादा रन देना आगे के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा सकता है.

    भारत को पावरप्ले में सही लाइन-लेंथ और बेहतर गेंदबाजी योजनाओं के साथ उतरना होगा, ताकि विरोधी बल्लेबाजों को शुरुआत से ही खुलकर खेलने का मौका न मिले. यहां ध्यान देना होगा भुवनेश्वर कुमार ने अपनी इंटरनेशनल वापसी में पहले ओवर में 4 रन द‍िए लेकिन अगले ओवर में 17 रन लुटवा द‍िए. इसी तरह अर्शदीप ने अपने पहले ओवर ओवर में 8 रन द‍िए, तो दूसरे ओवर में उनहों ने भी 17 रन पड़वाए. न्यूजीलैंड ने क्राइस्टचर्च में पावरप्ले (शुरुआती 6 ओवर्स) में 65 रन बनाए.

    भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद शुरुआती ओवरों में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा और डेथ ओवर्स में भी उन्होंने ठीक गेंदबाजी की. हालांकि, बीच के ओवरों में वह महंगे साबित हुए. टी20 मुकाबलों में मिडिल ओवर्स का महत्व काफी बढ़ जाता है, क्योंकि इसी दौरान बल्लेबाज पारी को आगे बढ़ाने के साथ बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं.


    3. अक्षर पटेल को मिलेगा सेंटनर-ब्रेसवेल जैसा स्पिन पार्टनर?

    न्यूजीलैंड के स्पिनरों मिचेल सेंटनर और माइकल ब्रेसवेल ने भारतीय बल्लेबाजों को मिडिल ओवर्स में परेशान किया. दोनों ने दो-दो विकेट लेकर मैच में भारत की रफ्तार रोक दी. भारत 93 रन पर बिना विकेट गंवाए मजबूत स्थिति में था, लेकिन इसके बाद 22 गेंदों के भीतर 29 रन पर चार विकेट गंवा दिए. ब्रेसवेल ने हाईस्कोर‍िंग मुकाबले में 4 ओवर्स में 37 रन देकर 2 विकेट लिए, वहीं सेंटनर ने भी 4 ओवर में 39 रन देकर 2 विकेट लिए थे.

    ऐसे में सवाल है कि क्या भारत को अक्षर के साथ मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने और रन रोकने वाला एक और प्रभावी स्पिन विकल्प उतारना चाहिए? सेंटनर और ब्रेसवेल ने जिस तरह भारतीय बल्लेबाजों को बांधा, उससे भारत के स्पिन विभाग के संतुलन पर चर्चा जरूर होगी. हालांकि अक्षर ने 4 ओवर्स में 51 रन देकर 1 विकेट हास‍िल किया. वो सबसे महंगे गेंदबाज रहे. अब देखना होगा कि कुलदीप यादव या वरुण चक्रवर्ती में से किसे टीम में जगह म‍िलेगी?


    4. क्या नीतीश की जगह श‍िवम दुबे अंदर आएंगे

    भारत ने इस मुकाबले में शिवम दुबे की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को मौका दिया. इसके चलते अक्षर पटेल को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया. अक्षर ने 14 गेंदों में 24 रन बनाकर श्रेयस अय्यर के साथ 24 गेंदों में 45 रन की साझेदारी की. इस साल 18 टी20 इंटरनेशनल पारियों में अक्षर का औसत 8.66 और स्ट्राइक रेट 106.55 रहा था, हालांकि वह ज्यादातर आठवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे. नीतीश ने गेंदबाजी में 4 ओवर्स में 40 रन द‍िए और 1 विकेट लिए, वहीं बल्लेबाजी में वो 2 रन पर नाबाद रहे. हालांक‍ि, नीतीश को बाहर कर श‍िवम दुबे के आने की संभावना कम है, लेक‍िन वो ईशान किशन की जगह टीम में आ सकते हैं. ऐसे में त‍िलक वर्मा नंबर 3 पर ही खेलते द‍िख सकते हैं.


    5. दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 पर नजर

    पहले मुकाबले में भारत की जीत के बावजूद दूसरे टी20 के लिए टीम कॉम्ब‍िनेशन चर्चाओं का बाजार गर्म. ईशान किशन के बाहर होने और वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 में जगह को लेकर कंफ्यूजन के बीच भारतीय टीम को यह तय करना होगा कि बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी विकल्पों में किस तरह का बैलेंस रखा जाए. क्या ईशान की जगह श‍िवम दुबे को लाया जाएगा, या वैभव भी एक ऑप्शन के तौर पर ईशान किशन की जगह नंबर 3 पर खेलते द‍िख सकते हैं.

    पहले मैच ने दिखाया कि भारत के पास बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए बल्लेबाजी में गहराई है, लेकिन फील्डिंग और गेंदबाजी में निरंतरता भी उतनी ही जरूरी है. सीरीज के अगले मुकाबले में टीम इंडिया इन कमियों को कितना सुधार पाती है, इस पर नजर रहेगी।


    क्राइस्टचर्च में होने वाले दूसरे टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग XI:
    वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह और मयंक यादव.


    क्राइस्टचर्च में होने वालेदूसरे टी20 में न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग XI:
    फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, बेवन जैकब्स, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, काइल जेमिसन, मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन.


    भारत का फुल स्क्वॉड:
    संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (दूसरे मैच से बाहर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नमन धीर, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, प्रिंस यादव, मयंक यादव, कुलदीप यादव, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी.


    न्यूजीलैंड का फुल स्क्वॉड:
    फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेवोन कॉन्वे, ग्लेन फिलिप्स, डेरिल मिचेल, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, काइल जेमिसन, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, जोश क्लार्कसन, जैकब डफी, बेवन जैकब्स, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर.


    भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा

    पहला टी20: 22 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च, भारत की 4 विकेट से जीत
    दूसरा टी20: 24 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च, दोपहर 12:30 बजे
    तीसरा टी20: 27 अक्टूबर, वेलिंगटन, दोपहर 12:30 बजे
    चौथा टी20: 30 अक्टूबर, ऑकलैंड, दोपहर 12:30 बजे
    पांचवां टी20: 1 नवंबर, हैमिल्टन, दोपहर 12:30 बजे
    पहला वनडे: 4 नवंबर, ऑकलैंड, सुबह 7:30 बजे
    दूसरा वनडे: 7 नवंबर, वेलिंगटन, सुबह 7:30 बजे
    तीसरा वनडे: 10 नवंबर, हैमिल्टन, सुबह 7:30 बजे
    चौथा वनडे: 13 नवंबर, माउंट माउंगानुई, सुबह 7:30 बजे
    पांचवां वनडे: 15 नवंबर, माउंट माउंगानुई, सुबह 7:30 बजे
    पहला टेस्ट: 19 से 23 नवंबर, वेलिंगटन, सुबह 3:30 बजे
    दूसरा टेस्ट: 27 से 1 द‍िसंबर, क्राइस्टचर्च, सुबह 3:30 बजे

  • टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, ईशान किशन को लगी चोट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे विकेटकीपर-बल्लेबाज

    टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, ईशान किशन को लगी चोट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे विकेटकीपर-बल्लेबाज


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को दूसरे मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन चोट के कारण दूसरे टी20 मैच में नहीं खेल पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से दी। बोर्ड के मुताबिक ईशान को सीरीज के पहले मुकाबले के दौरान चोट लगी थी और फिलहाल मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है। भारतीय टीम के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह कितनी जल्दी फिट होकर मैदान पर वापसी कर पाते हैं।

    बीसीसीआई ने बताया कि ईशान किशन को लो-ग्रेड राइट एडिक्टर स्ट्रेन हुआ है। यह चोट शरीर के दाहिने हिस्से में जांघ के ऊपरी अंदरूनी क्षेत्र की मांसपेशियों से जुड़ी होती है। ऐसी चोट में खिलाड़ी को दौड़ने दिशा बदलने और तेजी से मूवमेंट करने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से मेडिकल टीम की सलाह और फिटनेस का आकलन खिलाड़ी की वापसी तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। फिलहाल बोर्ड ने उनकी चोट को लेकर निगरानी जारी रहने की जानकारी दी है।

    ईशान किशन का दूसरे टी20 से बाहर होना भारतीय टीम के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि वह मध्यक्रम में बल्लेबाजी को मजबूती देने के साथ विकेटकीपिंग का विकल्प भी हैं। हालांकि पहले टी20 में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए ईशान केवल तीन गेंदों पर एक रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बावजूद उनकी आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने की योग्यता टीम के लिए उपयोगी मानी जाती है।

    भारत ने सीरीज के पहले मुकाबले में 226 रन का लक्ष्य हासिल करके शानदार जीत दर्ज की थी। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। अब दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम की कोशिश जीत का सिलसिला जारी रखने और सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी। ईशान की अनुपस्थिति में टीम संयोजन और बल्लेबाजी क्रम पर भी ध्यान देना पड़ सकता है। हालांकि उनकी जगह किस खिलाड़ी को मौका मिलेगा इसे लेकर अंतिम फैसला टीम प्रबंधन करेगा।

    28 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन अब तक 67 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में 1955 रन बना चुके हैं। उनके नाम एक शतक और 13 अर्धशतक दर्ज हैं जबकि उनका सर्वाधिक स्कोर 103 रन है। ये आंकड़े बताते हैं कि वह टीम के लिए तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। मध्यक्रम में जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी करने की उनकी योग्यता भी टीम को कई विकल्प देती है।

    भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि ईशान की चोट जल्द ठीक हो जाए और वह 27 अक्टूबर को होने वाले तीसरे टी20 मुकाबले से पहले फिटनेस हासिल कर लें। हालांकि उनकी वापसी को लेकर अभी निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है। मेडिकल टीम की निगरानी और फिटनेस आकलन के बाद ही उनकी उपलब्धता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल भारत के सामने दूसरे टी20 में जीत की लय बरकरार रखने की चुनौती है जबकि ईशान की चोट टीम प्रबंधन के लिए एक अहम चिंता बनी हुई है।

  • Ind vs NZ: टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, ईशान किशन के पास कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका

    Ind vs NZ: टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, ईशान किशन के पास कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका


    क्राइस्टचर्च।
    ईशान किशन (Ishan Kishan) के पास न्यूजीलैंड (New Zealand) के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज (Five-match T20I series) में बल्ले से धमाल मचाने के साथ कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है. भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज T20 इंटरनेशनल में 2000 रन पूरे करने से सिर्फ 46 रन दूर हैं. इसके अलावा वह सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) और पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान (Mohammad Rizwan) के रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज गुरुवार (22 अक्टूबर) से शुरू होगी. पहला मुकाबला क्राइस्टचर्च (Christchurch) में खेला जाएगा. ईशान इस साल शानदार फॉर्म में हैं और नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है।


    1-सूर्या का रिकॉर्ड तोड़ने से सिर्फ 7 रन दूर

    ईशान किशन ने अब तक 66 T20 इंटरनेशनल मैचों की 66 पारियों में 31.51 के एवरेज और 148.81 के स्ट्राइक रेट से 1,954 रन बनाए हैं. इसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 103 रन है।

    ईशान इस साल T20 इंटरनेशनल में 34 पारियों में 37.35 की औसत और 172.06 के स्ट्राइक रेट से 1,158 रन बना चुके हैं. उनके नाम एक शतक और सात अर्धशतक हैं. अब वह सिर्फ सात रन बनाते ही सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ देंगे. सूर्या ने 2022 में 1,164 रन बनाए थे, जो एक कैलेंडर ईयर में किसी भारतीय बल्लेबाज के सबसे ज्यादा T20I रन का रिकॉर्ड है।


    2-पाकिस्तानी बैटर मोहम्मद रिजवान भी निशाने पर

    ईशान किशन के निशाने पर पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान का रिकॉर्ड भी है. रिजवान ने 2021 में 29 पारियों में 1,326 T20I रन बनाए थे. इस दौरान उन्होंने एक शतक और 12 अर्धशतक लगाए थे. ईशान को टेस्ट खेलने वाले देशों के बल्लेबाजों के बीच एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा T20I रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए 139 रन और चाहिए।


    3-एक साल में 2000 T20 रन बनाने का मौका

    ईशान किशन इस साल सभी तरह के T20 मुकाबलों में भी जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने 49 मैचों की 49 पारियों में 38.26 की औसत और 175 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 1,760 रन बनाए हैं. इसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच T20I मैचों के बाद दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज भी खेली जानी है. ईशान को इस कैलेंडर ईयर में 2,000 T20 रन पूरे करने के लिए 240 रन और बनाने हैं. अब तक यह उपलब्धि वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन (2,331 रन) और मोहम्मद रिजवान (2024 में 2,036 रन) हासिल कर चुके हैं. ईशान ऐसा करने वाले पहले भारतीय बन सकते हैं।


    न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की T20I टीम

    श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव।

  • 2.5 ओवर में 50 रन ठोककर भारत ने रचा इतिहास, बारिश ने रोका मुकाबला, नमन धीर ने 6 गेंदों में जड़े 24 रन

    2.5 ओवर में 50 रन ठोककर भारत ने रचा इतिहास, बारिश ने रोका मुकाबला, नमन धीर ने 6 गेंदों में जड़े 24 रन


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ बेंगलुरु में खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से नया रिकॉर्ड बना दिया। टीम इंडिया ने महज 2.5 ओवर यानी 17 गेंदों में 50 रन पूरे कर लिए। यह टी20 क्रिकेट में भारत का सबसे तेज अर्धशतक रहा। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही तेज रफ्तार से रन बनाए और विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाया। हालांकि बारिश के कारण मुकाबला पूरा नहीं हो सका और आखिरकार मैच रद्द करना पड़ा।
    एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बारिश के कारण टॉस में काफी देरी हुई। इसके बाद दोनों टीमों के बीच मैच को नौ-नौ ओवरों का कर दिया गया। भारतीय बल्लेबाजों ने कम ओवरों में बड़ा स्कोर खड़ा करने के इरादे से आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने केवल 2.5 ओवरों में 50 रन का आंकड़ा छूकर अपना पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। यह प्रदर्शन भारतीय बल्लेबाजी की तेज गति और छोटे प्रारूप में बड़े लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ने की क्षमता को दिखाता है।
    इससे पहले इसी सीरीज में भारत ने हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन ओवर में 50 रन पूरे किए थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ गुवाहाटी में भारतीय टीम ने 3.1 ओवर में यह आंकड़ा हासिल किया था। एशियन गेम्स 2026 के दौरान जापान के निस्शिन में पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने 3.2 ओवर में अर्धशतक पूरा किया था। वहीं अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में भारतीय बल्लेबाजों ने 3.3 ओवर में 50 रन पूरे किए थे। बेंगलुरु में बनाया गया नया रिकॉर्ड इन सभी उपलब्धियों से आगे निकल गया।
    भारतीय पारी में ईशान किशन ने तेज शुरुआत करते हुए केवल 10 गेंदों में 30 रन बनाए। उनकी पारी में पांच बाउंड्री शामिल रहीं। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 14 गेंदों में 22 रन जोड़े। संजू सैमसन ने 16 रन का योगदान दिया। वहीं नमन धीर ने कम गेंदों में तेजी से रन बनाकर दर्शकों का ध्यान खींचा। वह छह गेंदों पर 24 रन बनाकर नाबाद रहे। इन पारियों की मदद से भारतीय टीम ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में भी बड़े स्कोर की ओर तेजी से कदम बढ़ाए।
    वेस्टइंडीज की ओर से कीमो पॉल और शमार स्प्रिंगर ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि शमार जोसेफ को एक सफलता मिली। भारतीय टीम ने 7.4 ओवरों की समाप्ति तक पांच विकेट खोकर 118 रन बना लिए थे। इसके बाद बारिश ने एक बार फिर खेल रोक दिया। मौसम में सुधार नहीं होने के कारण मुकाबले को रद्द करने का फैसला किया गया। इस तरह दर्शकों को मैच का पूरा रोमांच देखने का अवसर नहीं मिल सका।
    भले ही पांचवां टी20 मुकाबला पूरा नहीं हो पाया लेकिन भारतीय टीम का तेज अर्धशतक चर्चा का विषय बन गया। कम गेंदों में 50 रन पूरे करना टी20 प्रारूप में आक्रामक बल्लेबाजी का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की तेज पारियों के साथ नमन धीर की विस्फोटक बल्लेबाजी ने भारतीय पारी को रफ्तार दी। बेंगलुरु में बना यह रिकॉर्ड भारतीय टी20 क्रिकेट के सबसे तेज अर्धशतकों में खास स्थान रखेगा।

  • होलकर स्टेडियम में आज बनेगा इतिहास? अभिषेक शर्मा तोड़ सकते हैं सूर्या के दो रिकॉर्ड, ईशान और श्रेयस के पास भी बड़ा मौका

    होलकर स्टेडियम में आज बनेगा इतिहास? अभिषेक शर्मा तोड़ सकते हैं सूर्या के दो रिकॉर्ड, ईशान और श्रेयस के पास भी बड़ा मौका


    नई दिल्ली। इंदौर के होलकर स्टेडियम में रविवार 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भारतीय बल्लेबाजों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की नजरें सूर्यकुमार यादव के दो बड़े रिकॉर्ड पर टिकी हैं। वहीं ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर के पास भी भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने का मौका है। ऐसे में इस मुकाबले में रोमांचक क्रिकेट के साथ कई व्यक्तिगत उपलब्धियों पर भी दर्शकों की निगाहें रहेंगी।
    अभिषेक शर्मा इस समय शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और उनके पास टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 2000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है। अभिषेक अब तक 64 मुकाबलों की 63 पारियों में 1967 रन बना चुके हैं और इसके लिए उन्होंने 1009 गेंदों का सामना किया है। तीसरे टी20 में 33 रन बनाते ही वह 2000 रन के आंकड़े तक पहुंच जाएंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड सूर्यकुमार यादव के नाम है जिन्होंने अपनी 1164वीं गेंद पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2000 रन पूरे किए थे। अभिषेक को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए सूर्यकुमार से कम गेंदों में यह आंकड़ा पार करना होगा। इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के आरोन फिंच और ग्लेन मैक्सवेल भी शामिल हैं।
    अभिषेक के निशाने पर सूर्यकुमार का एक और बड़ा रिकॉर्ड है। एक कैलेंडर वर्ष में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में सूर्यकुमार शीर्ष पर हैं। उन्होंने 2022 में 31 मुकाबलों में 68 छक्के लगाए थे। अभिषेक 2026 में अब तक 31 मैचों में 63 छक्के जड़ चुके हैं। उन्हें सूर्यकुमार का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तीसरे टी20 में कम से कम छह छक्के लगाने होंगे। अगर अभिषेक ऐसा करने में सफल रहते हैं तो वह एक कैलेंडर वर्ष में पूर्ण सदस्य देशों के बल्लेबाजों के बीच सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन सकते हैं।
    अभिषेक के पास टी20 क्रिकेट के सभी मुकाबलों में भी अपना ही रिकॉर्ड बेहतर करने का मौका है। उन्होंने 2025 में 41 मैचों में 108 छक्के लगाए थे। इस साल वह 46 मुकाबलों में 106 छक्के लगा चुके हैं। यानी अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के लिए उन्हें तीन और छक्कों की जरूरत है। इंदौर में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी इस उपलब्धि को खास बना सकती है।
    ईशान किशन भी इस मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। उन्होंने 2026 में अब तक 31 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 1085 रन बनाए हैं। भारत के लिए एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल सूर्यकुमार यादव के नाम है जिन्होंने 2022 में 1164 रन बनाए थे। ईशान को इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए तीसरे टी20 में कम से कम 80 रन बनाने होंगे। ऐसे में उनकी बल्लेबाजी भी मैच का अहम आकर्षण रहेगी।
    भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के पास भी रिकॉर्ड बनाने का अवसर है। उन्होंने 2026 में भारत की कप्तानी करते हुए 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 551 रन बनाए हैं। एक कैलेंडर वर्ष में भारतीय कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम है। रोहित ने 2022 में 29 मैचों में 656 रन बनाए थे। श्रेयस को उनसे आगे निकलने के लिए 106 रन बनाने होंगे। कुल मिलाकर इंदौर में होने वाला यह मुकाबला भारतीय बल्लेबाजों के लिए उपलब्धियों के लिहाज से बेहद खास हो सकता है। अब देखना होगा कि अभिषेक ईशान और श्रेयस में से कौन अपने प्रदर्शन से नया इतिहास रचता है।
  • महज 15 साल की उम्र में कप्तानी का मौका ईशान किशन के चोटिल होते ही वैभव सूर्यवंशी बने ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान

    महज 15 साल की उम्र में कप्तानी का मौका ईशान किशन के चोटिल होते ही वैभव सूर्यवंशी बने ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान


    नई दिल्ली। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए रविवार का दिन बेहद खास रहा। ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में सूर्यवंशी को पहली बार सीनियर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला। ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन चोटिल होने के कारण मैदान से बाहर चले गए जिसके बाद टीम के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने कुछ समय के लिए कार्यवाहक कप्तान की भूमिका निभाई। इतनी कम उम्र में सीनियर क्रिकेट में कप्तानी की जिम्मेदारी मिलना सूर्यवंशी के लगातार बढ़ते कद को दर्शाता है।

    दरअसल सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी के दौरान विकेटकीपिंग कर रहे ईशान किशन के दाहिने अंगूठे में चोट लग गई। चोट के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी कुमार कुशाग्र ने संभाली जबकि ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी को टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई। यह सूर्यवंशी का सीनियर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कप्तानी का पहला अनुभव रहा। इससे पहले वह अपनी बल्लेबाजी और कभी कभी गेंदबाजी को लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं।

    दलीप ट्रॉफी में सूर्यवंशी का प्रदर्शन पहले से ही चर्चा में रहा है। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उनके बल्ले से केवल आठ रन निकले थे लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने शानदार योगदान दिया। उन्होंने महज 11 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। इस प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि सूर्यवंशी केवल बल्लेबाजी तक सीमित नहीं हैं बल्कि जरूरत पड़ने पर गेंद से भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

    सूर्यवंशी ने खुद अपनी गेंदबाजी को लेकर दिलचस्प बात साझा की थी। उनका कहना था कि बल्लेबाजों को अक्सर गेंदबाजी करने में मजा आता है और गेंदबाजों को बल्लेबाजी करने में। ईस्ट जोन के पिछले मुकाबले में जब विरोधी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे तब उन्हें दो तीन ओवर गेंदबाजी करने के लिए कहा गया था। सूर्यवंशी ने खुद को विकेट लेने वाला खिलाड़ी बताते हुए मजाकिया अंदाज में कहा था कि ईशान किशन को शायद पता नहीं था कि वह विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं।

    ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के सेमीफाइनल में टॉस जीतकर ईस्ट जोन ने रजत पाटीदार की कप्तानी वाली सेंट्रल जोन टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। सेंट्रल जोन की टीम में सारांश जैन की भी वापसी हुई है। सारांश ने इसी महीने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था।

    पहले दिन के शुरुआती सत्र में ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन पर दबाव बनाए रखा। 32 ओवर के बाद सेंट्रल जोन का स्कोर 81 रन पर तीन विकेट था। अभिजीत के सरकार और मुकेश कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए विकेट हासिल किए। अभिजीत ने पहले घंटे में अमन मोखाडे और कुणाल चंदेला को पवेलियन भेजा जबकि भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने दूसरे घंटे के अंत में कप्तान रजत पाटीदार को 12 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर दिया।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह बेहद कम उम्र में लगातार बड़े मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चर्चा में आए सूर्यवंशी अब कप्तानी और गेंदबाजी जैसे पहलुओं में भी अनुभव हासिल कर रहे हैं। ईशान किशन की चोट से पैदा हुई स्थिति ने उन्हें अचानक नेतृत्व की भूमिका में ला खड़ा किया लेकिन यह मौका उनके क्रिकेटिंग सफर में एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है। आने वाले समय में उनके खेल के साथ नेतृत्व क्षमता पर भी सभी की नजर रहेगी।

  • शतक छोड़ टीम को चुना, ईशान किशन बोले व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं भारत की जीत सबसे बड़ी प्राथमिकता

    शतक छोड़ टीम को चुना, ईशान किशन बोले व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं भारत की जीत सबसे बड़ी प्राथमिकता


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाजी करने वाले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपनी निस्वार्थ सोच से क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेलने वाले ईशान शतक से केवल 19 रन दूर रह गए थे लेकिन उन्होंने साफ कहा कि उनके दिमाग में व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि टीम के लिए अधिक से अधिक रन बनाने की सोच थी। उनका मानना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए टीम की जरूरत हमेशा व्यक्तिगत उपलब्धि से बड़ी होती है।

    हरारे में खेले गए मुकाबले में ईशान ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने अपनी पारी में 9 चौके और 2 छक्के लगाए और भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई और भारत ने 90 रन की बड़ी जीत दर्ज करते हुए तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।

    मैच के बाद ईशान किशन ने कहा कि उनके पास थोड़ा धीमा खेलकर अपना शतक पूरा करने का मौका था लेकिन उन्होंने ऐसा करने के बारे में कभी नहीं सोचा। उनका लक्ष्य हर गेंद पर सकारात्मक क्रिकेट खेलना और टीम के स्कोर को अधिकतम स्तर तक पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि टीम की सफलता सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अगर तेज बल्लेबाजी करते हुए विकेट भी गंवाना पड़े तो वह टीम के हित में स्वीकार्य है।

    ईशान ने अपनी शानदार पारी का श्रेय तिलक वर्मा को भी दिया जिन्होंने केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाकर भारत की रन गति को लगातार बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 94 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की जिसने मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। ईशान ने कहा कि तिलक ने क्रीज पर आते ही बिना समय गंवाए आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी जिससे उन्हें भी खुलकर खेलने का आत्मविश्वास मिला।

    उन्होंने यह भी बताया कि हरारे की पिच उतनी आसान नहीं थी जितनी स्कोरबोर्ड देखकर लग रही थी। गेंद कभी उछाल ले रही थी तो कभी नीचे रह रही थी। ऐसे में दोनों बल्लेबाज लगातार एक दूसरे से बातचीत करते रहे और परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बनाते रहे। यही समझदारी बड़ी साझेदारी और विशाल स्कोर की वजह बनी।

    ईशान किशन ने मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद भारतीय प्रशंसकों का भी विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे में भी भारतीय टीम को घरेलू मैदान जैसा समर्थन मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और यही वजह रही कि पूरी टीम ने मुकाबले का भरपूर आनंद लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्थकों के साथ तस्वीरें खिंचवाना और उनसे मिलना हमेशा खास अनुभव होता है।

    ईशान की यह पारी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रही बल्कि इसने यह भी दिखाया कि टीम की सफलता को व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर रखने वाला खिलाड़ी ही बड़े मंच पर असली मैच विजेता बनता है।

  • हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका

    हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 रन की बड़ी जीत दर्ज की और इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। हरारे में मिली इस जीत ने टीम इंडिया को आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर एक टीम बना दिया। भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया और यह साबित कर दिया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उसकी ताकत आज भी बरकरार है।

    कुछ समय पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में 0-4 की हार के बाद भारतीय टीम को नंबर एक की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। उस हार के बाद इंग्लैंड ने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया था लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत ने वापसी की और एक बार फिर विश्व रैंकिंग में सबसे ऊपर पहुंच गया। यह उपलब्धि टीम के लगातार बेहतर प्रदर्शन और खिलाड़ियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।

    दूसरे टी20 मुकाबले में भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी नौ गेंदों में 20 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में जरूर आई लेकिन इसके बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को शानदार ढंग से संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ईशान किशन पूरे मुकाबले में बेहतरीन लय में नजर आए। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इसके बाद तिलक वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। रिंकू सिंह ने भी 12 रन जोड़कर टीम का स्कोर 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए जबकि तदीवानाशे मारुमनी ने 24 रन का योगदान दिया लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। अभिषेक शर्मा ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित करते हुए 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। यश ठाकुर ने दो विकेट लिए जबकि प्रिंस यादव ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने भारत की जीत को और भी आसान बना दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर वापसी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय टीम विश्व क्रिकेट में लगातार अपनी श्रेष्ठता कायम रखने की क्षमता रखती है। अब टीम की नजर श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने और अपनी नंबर एक रैंकिंग को और मजबूत करने पर होगी।

  • सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए

    सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है वह हैं महज 15 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत करने वाले इस युवा बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में केवल 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सभी को प्रभावित किया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया लेकिन भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी इस बात का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं कि इतनी कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके खेल पर असर न डाले।

    भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने दूसरे टी20 मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पूरी टीम की कोशिश है कि युवा बल्लेबाज का ध्यान सोशल मीडिया की चर्चाओं और बाहरी शोर से हटाकर केवल क्रिकेट पर केंद्रित रहे। ईशान के अनुसार कम उम्र में प्रसिद्धि मिलने के साथ कई तरह के आकर्षण और दबाव भी आते हैं लेकिन सही मार्गदर्शन मिलने पर खिलाड़ी लंबा और सफल करियर बना सकता है।

    ईशान किशन ने कहा कि वैभव काफी समझदार खिलाड़ी हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि मैदान पर कैसे खेलना है और मैदान के बाहर किस तरह व्यवहार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस माहौल और पृष्ठभूमि से वैभव आते हैं वहां कई बार दोस्त और सोशल मीडिया जैसी चीजें ध्यान भटका सकती हैं। ऐसे में टीम के सीनियर खिलाड़ी लगातार उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि केवल वह ही नहीं बल्कि अभिषेक शर्मा अक्षर पटेल और टीम के कई अन्य खिलाड़ी भी वैभव से लगातार बातचीत करते रहते हैं। सभी का उद्देश्य यही है कि युवा बल्लेबाज सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं या आलोचनाओं से प्रभावित न हो। अगर किसी मैच में रन नहीं बनते हैं तो भी उसका असर उनकी बॉडी लैंग्वेज या आत्मविश्वास पर नहीं पड़ना चाहिए। सीनियर खिलाड़ी चाहते हैं कि वैभव अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दें क्योंकि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी होगी।

    दूसरी ओर ईशान किशन ने भी दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। उनके साथ तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की बेहतरीन साझेदारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों का पूरा साथ दिया और जिम्बाब्वे की टीम को लक्ष्य तक पहुंचने का मौका नहीं दिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिला जो आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को सीनियर क्रिकेटरों का मार्गदर्शन मिलना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अगर वह इसी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखते हैं तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है।