Tag: Ishan Kishan

  • महज 15 साल की उम्र में कप्तानी का मौका ईशान किशन के चोटिल होते ही वैभव सूर्यवंशी बने ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान

    महज 15 साल की उम्र में कप्तानी का मौका ईशान किशन के चोटिल होते ही वैभव सूर्यवंशी बने ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान


    नई दिल्ली। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए रविवार का दिन बेहद खास रहा। ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में सूर्यवंशी को पहली बार सीनियर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला। ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन चोटिल होने के कारण मैदान से बाहर चले गए जिसके बाद टीम के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने कुछ समय के लिए कार्यवाहक कप्तान की भूमिका निभाई। इतनी कम उम्र में सीनियर क्रिकेट में कप्तानी की जिम्मेदारी मिलना सूर्यवंशी के लगातार बढ़ते कद को दर्शाता है।

    दरअसल सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी के दौरान विकेटकीपिंग कर रहे ईशान किशन के दाहिने अंगूठे में चोट लग गई। चोट के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी कुमार कुशाग्र ने संभाली जबकि ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी को टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई। यह सूर्यवंशी का सीनियर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कप्तानी का पहला अनुभव रहा। इससे पहले वह अपनी बल्लेबाजी और कभी कभी गेंदबाजी को लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं।

    दलीप ट्रॉफी में सूर्यवंशी का प्रदर्शन पहले से ही चर्चा में रहा है। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उनके बल्ले से केवल आठ रन निकले थे लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने शानदार योगदान दिया। उन्होंने महज 11 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। इस प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि सूर्यवंशी केवल बल्लेबाजी तक सीमित नहीं हैं बल्कि जरूरत पड़ने पर गेंद से भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

    सूर्यवंशी ने खुद अपनी गेंदबाजी को लेकर दिलचस्प बात साझा की थी। उनका कहना था कि बल्लेबाजों को अक्सर गेंदबाजी करने में मजा आता है और गेंदबाजों को बल्लेबाजी करने में। ईस्ट जोन के पिछले मुकाबले में जब विरोधी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे तब उन्हें दो तीन ओवर गेंदबाजी करने के लिए कहा गया था। सूर्यवंशी ने खुद को विकेट लेने वाला खिलाड़ी बताते हुए मजाकिया अंदाज में कहा था कि ईशान किशन को शायद पता नहीं था कि वह विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं।

    ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के सेमीफाइनल में टॉस जीतकर ईस्ट जोन ने रजत पाटीदार की कप्तानी वाली सेंट्रल जोन टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। सेंट्रल जोन की टीम में सारांश जैन की भी वापसी हुई है। सारांश ने इसी महीने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था।

    पहले दिन के शुरुआती सत्र में ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन पर दबाव बनाए रखा। 32 ओवर के बाद सेंट्रल जोन का स्कोर 81 रन पर तीन विकेट था। अभिजीत के सरकार और मुकेश कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए विकेट हासिल किए। अभिजीत ने पहले घंटे में अमन मोखाडे और कुणाल चंदेला को पवेलियन भेजा जबकि भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने दूसरे घंटे के अंत में कप्तान रजत पाटीदार को 12 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर दिया।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह बेहद कम उम्र में लगातार बड़े मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चर्चा में आए सूर्यवंशी अब कप्तानी और गेंदबाजी जैसे पहलुओं में भी अनुभव हासिल कर रहे हैं। ईशान किशन की चोट से पैदा हुई स्थिति ने उन्हें अचानक नेतृत्व की भूमिका में ला खड़ा किया लेकिन यह मौका उनके क्रिकेटिंग सफर में एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है। आने वाले समय में उनके खेल के साथ नेतृत्व क्षमता पर भी सभी की नजर रहेगी।

  • शतक छोड़ टीम को चुना, ईशान किशन बोले व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं भारत की जीत सबसे बड़ी प्राथमिकता

    शतक छोड़ टीम को चुना, ईशान किशन बोले व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं भारत की जीत सबसे बड़ी प्राथमिकता


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाजी करने वाले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपनी निस्वार्थ सोच से क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेलने वाले ईशान शतक से केवल 19 रन दूर रह गए थे लेकिन उन्होंने साफ कहा कि उनके दिमाग में व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि टीम के लिए अधिक से अधिक रन बनाने की सोच थी। उनका मानना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए टीम की जरूरत हमेशा व्यक्तिगत उपलब्धि से बड़ी होती है।

    हरारे में खेले गए मुकाबले में ईशान ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने अपनी पारी में 9 चौके और 2 छक्के लगाए और भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई और भारत ने 90 रन की बड़ी जीत दर्ज करते हुए तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।

    मैच के बाद ईशान किशन ने कहा कि उनके पास थोड़ा धीमा खेलकर अपना शतक पूरा करने का मौका था लेकिन उन्होंने ऐसा करने के बारे में कभी नहीं सोचा। उनका लक्ष्य हर गेंद पर सकारात्मक क्रिकेट खेलना और टीम के स्कोर को अधिकतम स्तर तक पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि टीम की सफलता सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अगर तेज बल्लेबाजी करते हुए विकेट भी गंवाना पड़े तो वह टीम के हित में स्वीकार्य है।

    ईशान ने अपनी शानदार पारी का श्रेय तिलक वर्मा को भी दिया जिन्होंने केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाकर भारत की रन गति को लगातार बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 94 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की जिसने मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। ईशान ने कहा कि तिलक ने क्रीज पर आते ही बिना समय गंवाए आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी जिससे उन्हें भी खुलकर खेलने का आत्मविश्वास मिला।

    उन्होंने यह भी बताया कि हरारे की पिच उतनी आसान नहीं थी जितनी स्कोरबोर्ड देखकर लग रही थी। गेंद कभी उछाल ले रही थी तो कभी नीचे रह रही थी। ऐसे में दोनों बल्लेबाज लगातार एक दूसरे से बातचीत करते रहे और परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बनाते रहे। यही समझदारी बड़ी साझेदारी और विशाल स्कोर की वजह बनी।

    ईशान किशन ने मैच के दौरान स्टेडियम में मौजूद भारतीय प्रशंसकों का भी विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे में भी भारतीय टीम को घरेलू मैदान जैसा समर्थन मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और यही वजह रही कि पूरी टीम ने मुकाबले का भरपूर आनंद लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्थकों के साथ तस्वीरें खिंचवाना और उनसे मिलना हमेशा खास अनुभव होता है।

    ईशान की यह पारी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रही बल्कि इसने यह भी दिखाया कि टीम की सफलता को व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर रखने वाला खिलाड़ी ही बड़े मंच पर असली मैच विजेता बनता है।

  • हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका

    हरारे में भारत का दमदार प्रदर्शन आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर नंबर वन बनी टीम इंडिया इंग्लैंड दूसरे स्थान पर खिसका


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 रन की बड़ी जीत दर्ज की और इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। हरारे में मिली इस जीत ने टीम इंडिया को आईसीसी टी20 रैंकिंग में फिर से दुनिया की नंबर एक टीम बना दिया। भारत ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया और यह साबित कर दिया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उसकी ताकत आज भी बरकरार है।

    कुछ समय पहले इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में 0-4 की हार के बाद भारतीय टीम को नंबर एक की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। उस हार के बाद इंग्लैंड ने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया था लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत ने वापसी की और एक बार फिर विश्व रैंकिंग में सबसे ऊपर पहुंच गया। यह उपलब्धि टीम के लगातार बेहतर प्रदर्शन और खिलाड़ियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।

    दूसरे टी20 मुकाबले में भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी नौ गेंदों में 20 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में जरूर आई लेकिन इसके बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को शानदार ढंग से संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ईशान किशन पूरे मुकाबले में बेहतरीन लय में नजर आए। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रन की शानदार पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 25 रन का उपयोगी योगदान दिया। इसके बाद तिलक वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे। रिंकू सिंह ने भी 12 रन जोड़कर टीम का स्कोर 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    220 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 129 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की ओर से ब्रायन बेनेट ने सबसे अधिक 32 रन बनाए जबकि तदीवानाशे मारुमनी ने 24 रन का योगदान दिया लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। अभिषेक शर्मा ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित करते हुए 17 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। यश ठाकुर ने दो विकेट लिए जबकि प्रिंस यादव ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने भारत की जीत को और भी आसान बना दिया।

    इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। साथ ही आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर वापसी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय टीम विश्व क्रिकेट में लगातार अपनी श्रेष्ठता कायम रखने की क्षमता रखती है। अब टीम की नजर श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने और अपनी नंबर एक रैंकिंग को और मजबूत करने पर होगी।

  • सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए

    सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है वह हैं महज 15 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत करने वाले इस युवा बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में केवल 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सभी को प्रभावित किया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया लेकिन भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी इस बात का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं कि इतनी कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके खेल पर असर न डाले।

    भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने दूसरे टी20 मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पूरी टीम की कोशिश है कि युवा बल्लेबाज का ध्यान सोशल मीडिया की चर्चाओं और बाहरी शोर से हटाकर केवल क्रिकेट पर केंद्रित रहे। ईशान के अनुसार कम उम्र में प्रसिद्धि मिलने के साथ कई तरह के आकर्षण और दबाव भी आते हैं लेकिन सही मार्गदर्शन मिलने पर खिलाड़ी लंबा और सफल करियर बना सकता है।

    ईशान किशन ने कहा कि वैभव काफी समझदार खिलाड़ी हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि मैदान पर कैसे खेलना है और मैदान के बाहर किस तरह व्यवहार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस माहौल और पृष्ठभूमि से वैभव आते हैं वहां कई बार दोस्त और सोशल मीडिया जैसी चीजें ध्यान भटका सकती हैं। ऐसे में टीम के सीनियर खिलाड़ी लगातार उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि केवल वह ही नहीं बल्कि अभिषेक शर्मा अक्षर पटेल और टीम के कई अन्य खिलाड़ी भी वैभव से लगातार बातचीत करते रहते हैं। सभी का उद्देश्य यही है कि युवा बल्लेबाज सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं या आलोचनाओं से प्रभावित न हो। अगर किसी मैच में रन नहीं बनते हैं तो भी उसका असर उनकी बॉडी लैंग्वेज या आत्मविश्वास पर नहीं पड़ना चाहिए। सीनियर खिलाड़ी चाहते हैं कि वैभव अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दें क्योंकि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी होगी।

    दूसरी ओर ईशान किशन ने भी दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। उनके साथ तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की बेहतरीन साझेदारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों का पूरा साथ दिया और जिम्बाब्वे की टीम को लक्ष्य तक पहुंचने का मौका नहीं दिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिला जो आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को सीनियर क्रिकेटरों का मार्गदर्शन मिलना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अगर वह इसी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखते हैं तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है।

  • IND vs ZIM: दूसरे टी20 में इन 5 खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें, वैभव फिर मचा सकते हैं धमाल!

    IND vs ZIM: दूसरे टी20 में इन 5 खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें, वैभव फिर मचा सकते हैं धमाल!


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी और उसकी कोशिश होगी कि जीत हासिल कर सीरीज पर कब्जा जमा लिया जाए। दूसरी ओर जिम्बाब्वे के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा होगा। यदि मेजबान टीम को सीरीज में बने रहना है तो उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

    पहले मुकाबले में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। उन्होंने केवल 19 गेंदों में अर्धशतक जड़ते हुए साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर भी बेखौफ अंदाज में खेलने का माद्दा रखते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह बिगाड़ दी थी। दूसरे मुकाबले में भी उनसे इसी तरह की धमाकेदार शुरुआत की उम्मीद रहेगी। यदि उनका बल्ला फिर चला तो भारतीय टीम को बड़ी बढ़त मिल सकती है।

    विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन भी शानदार लय में दिखाई दे रहे हैं। पहले मैच में उन्होंने तेज गति से रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद ईशान अब लगातार बड़ी पारियां खेलकर अपनी जगह और मजबूत करना चाहेंगे। उनकी तेज शुरुआत विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    गेंदबाजी विभाग में सबसे बड़ी उम्मीद तेज गेंदबाज मयंक यादव से होगी। चोट से वापसी के बाद उन्होंने पहले ही मुकाबले में अपनी रफ्तार और सटीक लाइन लेंथ से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर दो विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यदि मयंक इसी लय में गेंदबाजी करते हैं तो जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं होगा।

    हालांकि भारतीय टीम को जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा से सतर्क रहना होगा। रजा बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। इस साल टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और घरेलू परिस्थितियों का उन्हें पूरा फायदा मिलता है। यदि वह लंबी पारी खेलने में सफल रहे तो भारत के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

    तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी भी जिम्बाब्वे के सबसे प्रभावी खिलाड़ियों में शामिल हैं। पहले मुकाबले में उन्होंने नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया था और दो अहम विकेट भी अपने नाम किए थे। उनकी अतिरिक्त उछाल और स्विंग भारतीय शीर्ष क्रम की परीक्षा ले सकती है।

    कुल मिलाकर दूसरे टी20 मुकाबले में भारत के पास सीरीज जीतने का शानदार मौका है, लेकिन जिम्बाब्वे भी वापसी के लिए पूरा दम लगाएगा। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, मयंक यादव, सिकंदर रजा और ब्लेसिंग मुजारबानी जैसे खिलाड़ी इस मुकाबले के सबसे बड़े गेमचेंजर साबित हो सकते हैं।

  • आईसीसी टी20 रैंकिंग जारी, ईशान किशन शीर्ष पर, आदिल रशीद और जैकब बेथेल को बड़ा फायदा

    आईसीसी टी20 रैंकिंग जारी, ईशान किशन शीर्ष पर, आदिल रशीद और जैकब बेथेल को बड़ा फायदा


    नई दिल्ली ।  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की नई रैंकिंग जारी कर दी है। बल्लेबाजों की सूची में भारतीय टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपना नंबर-1 स्थान बरकरार रखा है, जबकि युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। भारतीय बल्लेबाजों का यह दबदबा एक बार फिर टी20 क्रिकेट में उनकी निरंतरता को दर्शाता है।

    ताजा रैंकिंग में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान तीसरे स्थान पर हैं, जबकि इंग्लैंड के विस्फोटक ओपनर फिल साल्ट चौथे नंबर पर कायम हैं। श्रीलंका के पाथुम निसांका पांचवें स्थान पर हैं। भारत के तिलक वर्मा छठे और इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जोस बटलर सातवें स्थान पर हैं।

    इस सप्ताह की रैंकिंग में सबसे बड़ी छलांग इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने लगाई है। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में नाबाद 76 रन की शानदार पारी खेलने का उन्हें बड़ा फायदा मिला। बेथेल सात स्थान ऊपर चढ़कर सीधे आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के मिशेल मार्श नौवें और दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस दसवें स्थान पर हैं।

    गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान पहले स्थान पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने एक स्थान की बढ़त के साथ तीसरा स्थान हासिल कर लिया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के एडम जांपा भी एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं।

    भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को दो स्थान का नुकसान हुआ है और अब वह पांचवें स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के नाथन एलिस और दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बोश ने एक-एक स्थान की बढ़त के साथ क्रमशः छठा और सातवां स्थान हासिल किया है। भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह दो स्थान फिसलकर आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं। श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा नौवें और अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान दसवें स्थान पर काबिज हैं।

    भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में अभी दो मुकाबले और बाकी हैं। ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के पास अपने प्रदर्शन के दम पर अगली आईसीसी रैंकिंग में और सुधार करने का अच्छा मौका रहेगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब आगामी मुकाबलों पर होगी, जहां कई खिलाड़ी अपनी रैंकिंग बेहतर करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।

  • आईपीएल 2026: ऑरेंज कैप की रेस में ईशान किशन की एंट्री, बढ़ा रोमांच

    आईपीएल 2026: ऑरेंज कैप की रेस में ईशान किशन की एंट्री, बढ़ा रोमांच


    मध्यप्रदेश । राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के 67वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को 55 रनों से हराकर जोरदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले में SRH के बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया और पूरे मैच में आरसीबी पर दबाव बनाए रखा।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 255 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अभिषेक शर्मा, हेनरिक क्लासेन और ईशान किशन ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। ईशान किशन ने 79 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की टीम 4 विकेट खोकर 200 रन ही बना सकी। कप्तान रजत पाटीदार ने 56 रनों की अच्छी पारी खेली, जबकि वेंकटेश अय्यर ने 44 रन जोड़े, लेकिन टीम जीत तक नहीं पहुंच सकी।

    इस प्रदर्शन के साथ ईशान किशन अब ऑरेंज कैप की रेस में टॉप-5 बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं। वह इस सीजन 14 मैचों में 569 रन बना चुके हैं। फिलहाल ऑरेंज कैप गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन के पास है, जिन्होंने 638 रन बनाए हैं। दूसरे नंबर पर शुभमन गिल और तीसरे पर हेनरिक क्लासेन मौजूद हैं।

    दूसरी ओर गेंदबाजी में भी रोमांच जारी है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार 24 विकेट लेकर पर्पल कैप पर कब्जा जमाए हुए हैं। उनके बराबर ही गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा भी 24 विकेट के साथ टक्कर में बने हुए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज 21 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर हैं।

    हालांकि हार के बावजूद आरसीबी ने अंक तालिका में शीर्ष स्थान बनाए रखा है और पहले क्वालिफायर में अपनी जगह पक्की कर ली है। वहीं SRH की यह जीत टीम के आत्मविश्वास को मजबूत करने वाली साबित हुई है।

  • परिवार के दर्द को दिल में दबाकर मैदान में उतरे ईशान किशन, तूफानी पारी खेल SRH को दिलाई यादगार जीत

    परिवार के दर्द को दिल में दबाकर मैदान में उतरे ईशान किशन, तूफानी पारी खेल SRH को दिलाई यादगार जीत

    नई दिल्ली ।  चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ सनराइजर्स हैदराबाद को आईपीएल 2026 के मैच में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले ईशान किशन एक असहनीय दर्द में थे। यह दर्द उनके शरीर में नहीं, बल्कि उनके दिल और दिमाग पर हावी था। 70 रनों की मैच विनिंग पारी खेलने के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए ईशान किशन ने बताया कि उनके कजिन की बहन का हाल ही में देहांत हो गया था। वह उनके लिए आज की पारी की मोटिवेशन था। उनका कजिन स्टैंड्स में था। पूरे परिवार के लिए मैंने यह मैच जीता।

    पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में ईशान किशन ने कहा, “मुझे लगता है, जब मैं विकेट कीपिंग कर रहा था, तो मुझे लगा कि यह विकेट आसान नहीं है। मुझे अब भी लगता है कि इस टोटल का पीछा करना थोड़ा मुश्किल था, क्योंकि विकेट बिल्कुल भी आसान नहीं था, खासकर जब स्पिनर बॉलिंग कर रहे थे और वे स्लो बॉल बहुत अच्छी तरह से काम कर रही थीं, लेकिन साथ ही, नंबर तीन बैटर के तौर पर, मुझे लगा कि मेरा काम बस गेम खत्म करने की कोशिश करना है, क्योंकि बैट्समैन जो अंदर आ रहे हैं, खासकर बैक एंड पर, उनके लिए सिंगल लेना और साथ ही बाउंड्री लगाना मुश्किल होता है। इसलिए मुझे बस आखिरी ओवर तक खेलना था।”
    IPL 2026 News in Hindi – आईपीएल 2026 न्यूज़,आईपीएल समाचार
    ऐसी पिच पर कैसे अप्रोच करनी चाहिए? इस पर ईशान ने कहा, “यह बस वहां रहने, खुद पर विश्वास करने के बारे में था। कभी-कभी वह सिचुएशन मुश्किल होती है, लेकिन हम सब जानते हैं कि कैसे, ये गेम जीते जाते हैं, क्योंकि आपको खुद पर विश्वास करने की जरूरत होती है। आप किसी भी समय खुद पर शक नहीं कर सकते। इसलिए मैं बस इसे सिंपल रखने की कोशिश कर रहा था, जितना हो सके उतने ओवर बैटिंग करने की कोशिश कर रहा था, क्योंकि लेफ्ट-हैंडर होने के नाते, बीच में होने के कारण, बॉलर्स के लिए हर बार एरिया सही रखना मुश्किल होता है। ऐसे में, मैं बस इसे सिंपल रख रहा था और आखिरी ओवर तक खेलने की कोशिश कर रहा था।”

    परिवार में आई त्रासदी को लेकर ईशान किशन ने कहा, “कभी-कभी मुझे लगता है कि यह मोटिवेशन के बारे में भी है और मेरे लिए मेरा मोटिवेशन आज था, मेरा कजिन बस वहीं खड़ा था। उसने अपनी बहन को खो दिया। यह हमारे परिवार में एक मुश्किल समय था और वे यहां पहली बार मैच देख रहे थे। इसलिए मैं बस उनके लिए गेम फिनिश करना चाहता था और मुझे खुशी है कि वे इस इनिंग्स को देखने के लिए यहां थे और मैं यह गेम खत्म कर पाया। मैं भगवार का शुक्रगुजार हूं। मुझे पावर का एहसास हो रहा था।
  • आईपीएल 2026 में SRH का जलवा, पंजाब को हराकर प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर कब्जा

    आईपीएल 2026 में SRH का जलवा, पंजाब को हराकर प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर कब्जा


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद का विजयी अभियान लगातार मजबूत होता जा रहा है। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में एसआरएच ने पंजाब किंग्स को 33 रन से हराकर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया। हैदराबाद की यह 11 मैचों में सातवीं जीत रही, जबकि पंजाब को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पंजाब किंग्स दूसरे स्थान पर खिसक गई है।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड की जोड़ी ने पावरप्ले में पंजाब के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। अभिषेक ने केवल 13 गेंदों में 35 रन ठोककर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जबकि ट्रेविस हेड ने 19 गेंदों में 38 रन बनाकर रनगति को लगातार ऊंचा बनाए रखा।

    दोनों सलामी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन ने पारी को संभालते हुए पंजाब की मुश्किलें बढ़ा दीं। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 55 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें चार छक्के शामिल रहे। वहीं हेनरिक क्लासेन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। क्लासेन ने 43 गेंदों में 69 रन बनाए और पंजाब के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। आखिर में नितीश रेड्डी ने ताबड़तोड़ 29 रन बनाकर टीम का स्कोर 235 रन तक पहुंचा दिया।

    236 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती दो विकेट केवल 4 रन पर गंवा दिए। ऐसे मुश्किल समय में युवा बल्लेबाज कूपर कॉनली ने अकेले मोर्चा संभाला और हैदराबाद के गेंदबाजों के खिलाफ दमदार बल्लेबाजी की। उन्होंने पहले मार्कस स्टोइनिस और फिर सूर्यांश शेडगे के साथ उपयोगी साझेदारियां कीं।

    कॉनली ने मैच के अंतिम ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला आईपीएल शतक पूरा किया। उन्होंने 59 गेंदों में नाबाद 107 रन बनाए, जिसमें 8 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, जिसके कारण पंजाब की टीम 20 ओवर में 202 रन ही बना सकी।

    सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से कप्तान पैट कमिंस और शिवांग कुमार ने दो-दो विकेट हासिल किए। टीम की गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत एसआरएच ने सीजन में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

  • ईशान किशन की कप्तानी में पहला मुकाबला हार के बाद भी आत्मविश्वास से भरा बयान

    ईशान किशन की कप्तानी में पहला मुकाबला हार के बाद भी आत्मविश्वास से भरा बयान


    नई दिल्ली:आईपीएल 2026 में Ishan Kishan ने अपने कप्तानी डेब्यू का अनुभव शानदार बैटिंग के बावजूद हार के रूप में झेला सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच पहले मुकाबले में SRH को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा ईशान किशन ने हालांकि बल्लेबाजी में कोई कमी नहीं रखी उन्होंने केवल 38 गेंदों में 8 चौके और 5 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 80 रन बनाए और टीम को निर्धारित 20 ओवर में 201 के स्कोर तक पहुँचाने में अहम योगदान दिया

    हालांकि SRH के गेंदबाज इस लक्ष्य को रोकने में सफल नहीं हो पाए और Virat Kohli के नाबाद अर्धशतक की मदद से आरसीबी ने महज 15.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। मैच के बाद ईशान किशन ने अपने अनुभव और सीख को साझा करते हुए कहा कि पहले 3-4 ओवरों में विकेट ने बल्लेबाजों को अच्छा साथ दिया लेकिन शुरुआती विकेट गंवाने के कारण टीम को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा उन्होंने बताया कि अगली बार उन्हें शॉट चयन में और समझदारी दिखानी होगी

    ईशान किशन ने बल्लेबाजों की तारीफ भी की और कहा कि पटरी से उतरने के बाद भी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया जिससे आत्मविश्वास मिला। खासकर विराट कोहली की बल्लेबाजी ने मैच का रुख बदल दिया और ऐसे खिलाड़ी को जल्दी आउट करना जरूरी होता है नहीं तो वह टीम के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। उन्होंने यह भी माना कि यह पहला मैच है और शुरुआती गलतियां स्वीकार्य हैं बॉलिंग रणनीति में सुधार की जरूरत है ताकि टीम अगले मैच में और मजबूत होकर उतर सके

    कप्तानी अनुभव पर ईशान किशन ने कहा कि इस हार के बावजूद उन्होंने हर पल का आनंद लिया और यह IPL है इसलिए कभी-कभी घबराहट होना सामान्य है। उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि टीम के रूप में अनुभव और मेहनत से वे आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और टूर्नामेंट में आगे बढ़ना आसान होगा

    ईशान किशन की यह प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि वह हार को केवल एक सीख के रूप में लेते हैं और टीम के साथ मिलकर सुधार करने का उत्साह रखते हैं यह रवैया कप्तान के रूप में उनके आत्मविश्वास और लीडरशिप की झलक दिखाता है। उनके इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि टीम हार से निराश नहीं होगी बल्कि प्रत्येक मैच से सीखकर मजबूत बनकर निकलेगी

    आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुभव और सीखना बहुत महत्वपूर्ण होता है ईशान किशन ने अपने डेब्यू मैच में कप्तानी की जिम्मेदारी को भलीभांति निभाते हुए अपनी टीम के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया और व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ टीम भावना को बनाए रखा उनकी सकारात्मकता और आत्मविश्वास भविष्य में टीम के लिए लाभकारी साबित होंगे और आगामी मैचों में बेहतर रणनीति अपनाने में मदद करेंगे