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  • भारत-वेस्टइंडीज पांचवें टी20 में ईशान किशन का तूफान, छक्का मारकर स्टेडियम के बाहर पहुंचाई गेंद, अंपायरों को मंगानी पड़ी नई बॉल

    भारत-वेस्टइंडीज पांचवें टी20 में ईशान किशन का तूफान, छक्का मारकर स्टेडियम के बाहर पहुंचाई गेंद, अंपायरों को मंगानी पड़ी नई बॉल


    नई दिल्ली ।
    भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवें टी20 मुकाबले में ईशान किशन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दर्शकों का ध्यान खींचा। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में बारिश के कारण खेल प्रभावित हुआ और मैच को घटाकर नौ-नौ ओवर का कर दिया गया। टॉस जीतने के बाद वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी, लेकिन शुरुआती ओवर में ही उसे पहला झटका लग गया।

    वेस्टइंडीज के गेंदबाज कीमो पॉल ने अभिषेक शर्मा को छह रन के निजी स्कोर पर आउट कर भारत को शुरुआती नुकसान पहुंचाया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए ईशान किशन ने तेजी से रन बनाकर भारतीय पारी को गति दी। उन्होंने क्रीज पर आते ही कैरेबियाई गेंदबाजों पर आक्रमण शुरू कर दिया। उनकी बल्लेबाजी में बड़े शॉट खेलने का अंदाज साफ दिखाई दिया और कुछ ही गेंदों में उन्होंने मुकाबले का माहौल बदल दिया।

    ईशान की पारी का सबसे खास क्षण रोमारियो शेफर्ड के ओवर में देखने को मिला। उन्होंने लेग साइड की ओर हटकर घुटने के बल बैठते हुए फाइन लेग के ऊपर से स्कूप शॉट खेला। गेंद इतनी दूर गई कि स्टेडियम की सीमा पार कर बाहर जा गिरी। इस जोरदार छक्के के बाद मैच में नई गेंद की जरूरत पड़ी और अंपायरों को गेंद बदलनी पड़ी। उनके इस शॉट ने मैदान पर मौजूद दर्शकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया।

    ईशान किशन ने अपनी पारी में केवल 10 गेंदों का सामना किया और 30 रन बनाकर आउट हो गए। शमर जोसेफ की गेंद पर रोवमैन पॉवेल ने उनका कैच पकड़ा। हालांकि, उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चली, लेकिन कम गेंदों में बनाए गए रनों ने भारतीय बल्लेबाजी को तेज शुरुआत देने में मदद की। इस दौरान उन्होंने बड़े शॉट लगाने की अपनी क्षमता दिखाई। मुकाबले में लगाया गया छक्का सीरीज के छक्कों का शतक पूरा होने से भी जुड़ा रहा।

    बारिश के कारण मैच की परिस्थितियों में बदलाव करना पड़ा। मुकाबले को नौ-नौ ओवर का किए जाने के बाद गेंदबाजों के लिए भी विशेष नियम लागू किए गए। नए खेल नियमों के अनुसार, प्रत्येक टीम का कोई भी गेंदबाज अधिकतम दो ओवर डाल सकता है, जबकि एक गेंदबाज को केवल एक ओवर करने की अनुमति होगी। छोटे प्रारूप में बल्लेबाजों को कम समय में तेजी से रन बनाने का मौका मिलता है, वहीं गेंदबाजों के सामने भी सीमित ओवरों में विकेट निकालने की चुनौती रहती है।

    ह मुकाबला सीरीज के लिहाज से बेहद अहम था, क्योंकि पांचवें टी20 से पहले भारत और वेस्टइंडीज के बीच श्रृंखला 2-2 से बराबर थी। ऐसे में दोनों टीमों के लिए यह मैच निर्णायक महत्व रखता था। बारिश से प्रभावित खेल में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दौरान गलतियों की गुंजाइश कम हो गई थी। भारत की ओर से ईशान की तेज पारी ने शुरुआती चरण में टीम को आक्रामक रुख अपनाने का अवसर दिया।

    इस मुकाबले के लिए भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए। चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले भुवनेश्वर कुमार को मयंक यादव की जगह शामिल किया गया। भारत की प्लेइंग इलेवन में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, प्रिंस यादव और अर्शदीप सिंह शामिल रहे।

    वेस्टइंडीज की टीम में शाई होप कप्तान और विकेटकीपर की भूमिका में उतरे। उनके साथ ज्वेल एंड्रयू, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, रोस्टन चेज, कीमो पॉल, शमर स्प्रिंगर, गुडाकेश मोटी और शमर जोसेफ को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। सीरीज बराबर होने के कारण दोनों टीमें निर्णायक मुकाबले में जीत हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से उतरीं।

  • मायावती का नया फैसला, आकाश और दीपिका को जिम्मेदारी नहीं; ईशान आनंद को फिर मिलेगा पार्टी में मौका

    मायावती का नया फैसला, आकाश और दीपिका को जिम्मेदारी नहीं; ईशान आनंद को फिर मिलेगा पार्टी में मौका


    नई दिल्ली ।
    बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने परिवार के सदस्यों की पार्टी में भूमिका को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को अब पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार के परिवार से ईशान आनंद को सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने की बात कही है।

    मायावती ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय अपने अनुभवों और पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए लिया है। उनके मुताबिक राजनीति में सफलता और समाज के लिए काम करने के लिए व्यक्ति को अपने भाई-बहनों और नजदीकी रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठकर पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि बहुजन समाज ही उनका असली परिवार है। उनके अनुसार शोषित वर्ग को सत्ता में भागीदारी दिलाकर उसके हित और कल्याण को सुनिश्चित करना उनका प्रमुख राजनीतिक लक्ष्य है। इसी उद्देश्य के तहत वह जरूरत पड़ने पर अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी निर्णय लेने के लिए तैयार हैं।

    आकाश आनंद को लेकर मायावती ने कहा कि उनके भाई आनंद कुमार के विशेष आग्रह पर उन्हें राजनीति में आगे बढ़ाया गया था। हालांकि, शादी के बाद आकाश के रवैये और गतिविधियों को लेकर उन्होंने असहमति जताई। मायावती ने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों के कारण आकाश को कुछ समय पहले पार्टी से अलग करना पड़ा।

    मायावती ने आकाश आनंद की पार्टी में वापसी की संभावना से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें दोबारा पार्टी में जिम्मेदारी देना संगठन के हित में उचित नहीं होगा। उनके मुताबिक आकाश और उनकी बहन दीपिका को अब पार्टी की किसी भी जिम्मेदारी से पूरी तरह दूर रखा जाएगा और इस फैसले में बदलाव नहीं किया जाएगा।

    दीपिका को लेकर मायावती ने कहा कि पहले उनके परिवार के किसी सदस्य को आगे बढ़ाने को लेकर उनके मन में दुविधा थी। लेकिन भविष्य में पारिवारिक परिस्थितियों के कारण संगठन के सामने किसी तरह की परेशानी पैदा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने दीपिका को भी पार्टी की जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला किया है।

    इसके स्थान पर ईशान आनंद को आगे बढ़ाने की घोषणा की गई है। मायावती ने कहा कि आनंद कुमार के परिवार में से अब केवल ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ईशान ने भविष्य में कोई गंभीर पार्टी विरोधी गतिविधि की, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    मायावती ने कहा कि ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी अन्य सदस्य को भी पार्टी में छोटी या बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके बजाय संगठन में काम कर रहे दलित वर्ग के किसी समर्पित और वफादार कार्यकर्ता को आगे बढ़ाया जाएगा।

    अपने फैसले को स्पष्ट करते हुए मायावती ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपने नजदीकी रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ देने से दूरी बनाए रखी थी और अपना जीवन बहुजन समाज के हित के लिए समर्पित किया।

    मायावती ने डॉ. आंबेडकर के 23 फरवरी 1956 के एक पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पत्र में सार्वजनिक संपत्ति और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के मामले में व्यक्तिगत रिश्तों से ऊपर नियम और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देने का संदेश मिलता है।

    मायावती ने बताया कि देश, जनहित और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए 23 सितंबर को BSP की ऑल इंडिया बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि इस बैठक के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठन के काम में पूरी मजबूती और निष्ठा के साथ जुटने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।