Tag: ISI conspiracy India

  • भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को धमकी: ISI समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी का आतंकी नेटवर्क, रॉकेट लॉन्चर से उड़ाने की चेतावनी

    भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को धमकी: ISI समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी का आतंकी नेटवर्क, रॉकेट लॉन्चर से उड़ाने की चेतावनी

    लखनऊ। लखनऊ में भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को लेकर एक बड़ा और गंभीर सुरक्षा अलर्ट सामने आया है। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर सक्रिय गैंगस्टर शहजाद भट्टी भारतीय यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को खुलेआम जान से मारने की धमकियां दे रहा है, जिसमें रॉकेट लॉन्चर और हैंड ग्रेनेड से हमला करने जैसी बातें शामिल हैं।

    सूत्रों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क उन भारतीय इन्फ्लुएंसरों को निशाना बना रहा है जो सोशल मीडिया पर गोरक्षा और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। आरोप है कि ये इन्फ्लुएंसर लगातार पाकिस्तानी सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स और गैंगस्टरों को चुनौती देते रहे हैं, जिसके बाद उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

    इस पूरे मामले का खुलासा उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) की कार्रवाई के बाद हुआ है। एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से दो आरोपियों तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और समीर खान—को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ये दोनों आरोपी शहजाद भट्टी के संपर्क में थे और भारत में स्लीपर सेल नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों को लखनऊ, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र और बिहार की कई संवेदनशील जगहों पर हमले की ट्रेनिंग दी गई थी। इसमें हैंड ग्रेनेड जैसे हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी भी शामिल थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं।

    एटीएस को आरोपियों के मोबाइल से कई ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली हैं, जिनमें भारतीय इन्फ्लुएंसरों को धमकाया जा रहा है। इनमें गाजियाबाद के दो यूट्यूबर अभिषेक ठाकुर और दक्ष चौधरी का नाम विशेष रूप से सामने आया है। रिकॉर्डिंग में उन्हें रॉकेट लॉन्चर और ग्रेनेड से हमला करने की धमकी दी गई है, साथ ही बेहद आपत्तिजनक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल भी किया गया है।

    बताया जा रहा है कि दोनों इन्फ्लुएंसर लंबे समय से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और गोरक्षा व हिंदुत्व से जुड़े विषयों पर मुखर रहते हैं। इसी कारण उन्हें लगातार टारगेट किया जा रहा है। हालांकि पहले इन दोनों पर कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई भी हो चुकी है।

    एटीएस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को गंभीरता से लिया जा रहा है और सोशल मीडिया पर सक्रिय बड़े इन्फ्लुएंसरों की सुरक्षा और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। खासकर उन लोगों पर नजर रखी जा रही है जिनकी पोस्ट धार्मिक या वैचारिक रूप से संवेदनशील मानी जाती हैं।

    सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह मामला केवल ऑनलाइन धमकियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित आतंकी और स्लीपर सेल नेटवर्क की आशंका भी है, जिसकी गहन जांच जारी है।

  • ISI की बड़ी साजिश का खुलासा, भारत में दहशत फैलाने की थी योजना, जानिए जांच में क्‍या हुए खुलासे

    ISI की बड़ी साजिश का खुलासा, भारत में दहशत फैलाने की थी योजना, जानिए जांच में क्‍या हुए खुलासे


    नई दिल्ली।
    पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें भारत में बड़े पैमाने पर दहशत फैलाने की योजना बनाई गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आतंकी मॉड्यूल को दिल्ली सहित देश के किसी एक स्थान पर 100 से अधिक राउंड गोलियां चलाने का निर्देश दिया गया था, ताकि भय का माहौल पैदा किया जा सके।

    जांच में हुए ये खुलासे
    जांच में सामने आया है कि अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाला मुख्य आरोपी शाहबाज अंसारी बांग्लादेश में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उसका पारिवारिक बैकग्राउंड भी हथियार तस्करी से जुड़ा रहा है। इस मॉड्यूल के जरिए आईएसआई का उद्देश्य भारत में अशांति और डर फैलाना था।

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क को धार्मिक आयोजनों, त्योहारों और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों को निशाना बनाने का टारगेट दिया गया था। अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि शाहबाज का भाई दुबई में आईएसआई अधिकारियों के संपर्क में आया, जिसके बाद इस नेटवर्क की कड़ियां मजबूत हुईं। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर भारत में हथियार भेजे जा रहे थे।

    डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, आरोपी इमरान और कामरान इस अवैध हथियार सप्लाई मॉड्यूल के सक्रिय सदस्य थे और शाहबाज अंसारी के निर्देश पर काम कर रहे थे। दोनों नेपाल जाकर हथियारों की खेप लाते थे, जिन्हें सीमा पार गुप्त रास्तों से भारत में पहुंचाया जाता था। पुलिस से बचने के लिए हथियारों को अलग-अलग हिस्सों में तोड़कर लाया जाता था और फिर सुरक्षित ट्रांजिट पॉइंट्स के जरिए सप्लाई किया जाता था।

    दूध डेयरी की आड़ में अवैध हथियारों का कारोबार
    जांच में यह भी सामने आया कि इमरान, जो उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद का रहने वाला है, अपने भाई के साथ दूध डेयरी की आड़ में अवैध हथियारों के कारोबार को अंजाम दे रहा था। वहीं कामरान, जो बुलंदशहर में चूड़ी की दुकान पर काम करता था, इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। दोनों ही आरोपी शाहबाज अंसारी के करीबी रिश्तेदार हैं और उसके निर्देशों का पालन करते थे।

    नेटवर्क की अहम कड़ी था शाहबाज अंसारी
    पुलिस के अनुसार, फरार शाहबाज अंसारी इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी था, जो विदेश में बैठे आकाओं और भारत-नेपाल-पाकिस्तान में काम कर रहे गुर्गों के बीच समन्वय स्थापित करता था। हथियारों की तस्करी का रूट भी बेहद सुनियोजित था—पहले पाकिस्तान से खरीद, फिर थाईलैंड के रास्ते नेपाल भेजना और अंत में भारत में अवैध रूप से पहुंचाना।