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  • अमेरिका का बड़ा एंटी-ISIS ऑपरेशन: अफ्रीका में छिपा नंबर-2 कमांडर ढेर, ट्रम्प का दावा,संगठन की कमर टूटी

    अमेरिका का बड़ा एंटी-ISIS ऑपरेशन: अफ्रीका में छिपा नंबर-2 कमांडर ढेर, ट्रम्प का दावा,संगठन की कमर टूटी



    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अफ्रीका में एक बड़े सैन्य ऑपरेशन के दौरान आतंकी संगठन ISIS का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर अबू बिलाल अल मिनुकी मारा गया है। यह कार्रवाई अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई, जिसमें लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

    ट्रम्प के अनुसार, यह आतंकी संगठन के सबसे सक्रिय और रणनीतिक दिमागों में से एक था, जो फंडिंग नेटवर्क और हमलों की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाता था। उसके मारे जाने से ISIS के कमांड स्ट्रक्चर और वित्तीय नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस ऑपरेशन की सटीक जगह और समय को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, अबू बिलाल अल मिनुकी का जन्म 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में हुआ था और वह लंबे समय से अफ्रीका में छिपकर ISIS की गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उसे 2023 में अमेरिका ने “ग्लोबल टेररिस्ट” घोषित किया था, जिसके बाद उसकी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई थीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी।

    ISIS के इस नंबर-2 कमांडर को संगठन के भीतर “शैडो ऑपरेटर” माना जाता था, क्योंकि वह सीधे सामने नहीं आता था और नेटवर्क व फंडिंग को नियंत्रित करता था। उसके कई नाम भी बताए जाते थे, लेकिन उसकी कोई आधिकारिक तस्वीर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं थी।

    नाइजीरिया और आसपास के पश्चिमी अफ्रीकी देशों में ISIS और उससे जुड़े संगठनों की गतिविधियां लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई हैं। बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस जैसे संगठन इस क्षेत्र में लगातार हिंसा फैला रहे हैं, जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऑपरेशन को ISIS के खिलाफ एक बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है, लेकिन संगठन के पूरी तरह खत्म होने की संभावना अभी भी नहीं है क्योंकि इसके नेटवर्क कई देशों में फैले हुए हैं और यह समय-समय पर नए नेतृत्व के साथ सक्रिय हो जाता है।

    कुल मिलाकर, यह कार्रवाई अफ्रीका में आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक अहम उदाहरण मानी जा रही है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • ISIS कनेक्शन वाले परिवारों की ऑस्ट्रेलिया वापसी से हड़कंप, सीरिया कैंप से लौटे 13 लोग; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    ISIS कनेक्शन वाले परिवारों की ऑस्ट्रेलिया वापसी से हड़कंप, सीरिया कैंप से लौटे 13 लोग; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट




    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में उस वक्त सुरक्षा एजेंसियां ​​सतर्क हो गई जब इस्लामिक स्टेट से कथित संबंध रखने वाली महिलाओं और बच्चों को लेकर दो फ्लाइट्स देश पहुंचीं। ये लोग कई वर्षों तक सीरिया के रेगिस्तानी कैंपों में रह रहे थे।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक विमान मेलबर्न पहुंचा, जिसमें तीन महिलाएं और आठ बच्चे सवार थे। वहीं दूसरी फ्लाइट सिडनी उतरी, जिसमें एक महिला और उसका बेटा मौजूद था। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने पुष्टि की है कि कुल 13 लोगों को वापस लाया गया है।

    महिलाओं पर हो सकती है जांच
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिलाओं के खिलाफ संभावित आपराधिक जांच की जा सकती है। जांच इस बात को लेकर होगी कि उन्होंने आईएसआईएस  के कथित खिलाफत काल के दौरान सीरिया और इराक में क्या भूमिका थी।हालांकि अभी तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों फ्लाइट्स दोहा  से रवाना हुई थीं।

    सुरक्षा बनाम मानवाधिकार की बहस तेज
    इस वापसी के बाद ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक और सुरक्षा बहस तेज हो गई है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित पुनर्वास और सामाजिक सहायता मिलनी चाहिए।

    वहीं सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि संभावित कट्टरपंथ और सुरक्षा जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी वजह से लौटने वाले सभी लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में ISIS के कमजोर पड़ने के बाद कई देश अपने नागरिकों को वापस लाने की नीति पर काम कर रहे हैं, लेकिन इसके साथ सुरक्षा चुनौतियां भी लगातार बनी हुई हैं।