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  • ‘तड़प-तड़प’ सुनकर फूट-फूटकर रो पड़े थे सलमान खान! इस्माइल दरबार ने सुनाया भावुक किस्सा

    ‘तड़प-तड़प’ सुनकर फूट-फूटकर रो पड़े थे सलमान खान! इस्माइल दरबार ने सुनाया भावुक किस्सा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों और यादगार फिल्मों में शामिल Hum Dil De Chuke Sanam आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखती है। फिल्म की कहानी, किरदारों और संगीत ने इसे एक क्लासिक फिल्म का दर्जा दिलाया। खासकर इसका दर्दभरा गीत Tadap Tadap Ke आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है। अब फिल्म के संगीतकार Ismail Darbar ने इस गाने से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया है।

    एक हालिया इंटरव्यू में इस्माइल दरबार ने बताया कि यह गाना सिर्फ दर्शकों को ही नहीं, बल्कि फिल्म के मुख्य अभिनेता Salman Khan को भी गहराई से प्रभावित करता था। उनके अनुसार, जब भी सलमान यह गाना सुनते थे तो भावुक हो जाते थे और कई बार उनकी आंखों से आंसू निकल आते थे।

    इस्माइल दरबार ने बताया कि एक दिन फिल्म के निर्देशक Sanjay Leela Bhansali के साथ गाने की रिकॉर्डिंग और सुनवाई का दौर चल रहा था। उसी दौरान माहौल अचानक गंभीर हो गया। जब उन्होंने कारण पूछा तो सलमान ने कहा कि यह गाना उन्हें बेहद दर्द देता है और जब भी वह इसे सुनते हैं तो भावनाओं पर काबू नहीं रख पाते।

    संगीतकार के मुताबिक सलमान ने उनसे अनुरोध भी किया था कि इस गाने को उनके सामने बार-बार न बजाया जाए, क्योंकि इसके बोल और संगीत उनके दिल को गहराई से छू जाते हैं। इस्माइल दरबार ने कहा कि उन्होंने सलमान को उस समय बेहद बेचैन और भावुक अवस्था में देखा था। उनके अनुसार, अभिनेता को कई बार रोते और दर्द में चिल्लाते हुए भी देखा गया।

    फिल्म से जुड़ी यादों को साझा करते हुए इस्माइल दरबार ने यह भी कहा कि उस दौर में पूरी टीम के बीच पारिवारिक माहौल था। यही वजह थी कि फिल्म में दिखी भावनाएं पर्दे पर भी वास्तविक महसूस हुईं।

    इससे पहले निर्देशक Sanjay Leela Bhansali भी फिल्म के सेट के माहौल को याद कर चुके हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि फिल्म के दौरान कलाकारों और तकनीकी टीम के बीच सिर्फ पेशेवर रिश्ता नहीं था, बल्कि सभी एक परिवार की तरह जुड़े हुए थे। सेट पर प्यार, सम्मान और अपनापन साफ दिखाई देता था।

    गौरतलब है कि फिल्म में Aishwarya Rai Bachchan और सलमान खान की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। फिल्म की रिलीज के बाद दोनों के रिश्तों को लेकर भी काफी चर्चाएं हुईं। हालांकि बाद के वर्षों में दोनों ने कभी साथ काम नहीं किया।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान हाल ही में Sikandar में नजर आए थे। वहीं आने वाले समय में वह नई फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते दिखाई देंगे। दूसरी ओर, ‘तड़प-तड़प’ जैसे गीत आज भी यह साबित करते हैं कि अच्छा संगीत समय की सीमाओं से परे जाकर लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहता है।


  • 20 साल बाद इस्माइल दरबार का दमदार कमबैक, बेटे जैद ने लौटाई खोई पहचान; इंडियन आइडल के मंच पर छलके आंसू

    20 साल बाद इस्माइल दरबार का दमदार कमबैक, बेटे जैद ने लौटाई खोई पहचान; इंडियन आइडल के मंच पर छलके आंसू


    नई दिल्ली। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर संगीतकार Ismail Darbar एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपने मधुर संगीत और यादगार धुनों से लाखों दिलों पर राज करने वाले इस्माइल दरबार ने करीब 20 साल बाद संगीत की दुनिया में शानदार वापसी की है। इस खास वापसी के पीछे किसी निर्माता, निर्देशक या बड़ी म्यूजिक कंपनी का हाथ नहीं, बल्कि उनके बेटे Zaid Darbar का अटूट विश्वास और मेहनत है।

    बीते कई वर्षों से इस्माइल दरबार फिल्मी दुनिया और संगीत के मुख्यधारा मंचों से दूर थे। हालांकि उनके प्रशंसक आज भी उनकी रचनाओं को उतना ही पसंद करते हैं, लेकिन निजी कारणों और फिल्म निर्माताओं के साथ रचनात्मक मतभेदों के चलते उन्होंने धीरे-धीरे काम करना कम कर दिया था। ऐसे में उनके करियर का यह नया अध्याय न सिर्फ उनके लिए बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी बेहद खास बन गया है।

    हाल ही में लोकप्रिय टीवी शो Indian Idol के मंच पर इस्माइल दरबार और उनके बेटे जैद दरबार ने इस खुशखबरी को साझा किया। इस दौरान इस्माइल दरबार ने खुलकर बताया कि लंबे समय से जैद उन्हें फिर से संगीत की दुनिया में सक्रिय होने के लिए प्रेरित कर रहे थे।

    उन्होंने कहा कि जैद अक्सर उनसे पूछते थे कि वे काम क्यों नहीं कर रहे हैं। इस्माइल ने बताया कि उन्हें लगता था कि वे जिस तरह का संगीत बनाना चाहते हैं, उसे वह स्वतंत्र रूप से नहीं कर पा रहे थे। इसी वजह से उन्होंने खुद को काम से दूर कर लिया था। लेकिन बेटे ने हार नहीं मानी।

    इस्माइल दरबार के अनुसार, जैद ने उनके नाम से एक यूट्यूब चैनल तैयार किया और उनसे कहा कि अब वे किसी के दबाव या नियंत्रण के बिना अपनी पसंद का संगीत बना सकते हैं। यही बात उन्हें दोबारा संगीत रचना के लिए प्रेरित कर गई। अब इस प्लेटफॉर्म के जरिए इस्माइल दरबार अपना स्वतंत्र संगीत सीधे दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं।

    कार्यक्रम के दौरान इस्माइल दरबार ने अपने बेटे की जमकर तारीफ की। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जिस तरह एक पिता अपने बेटे के लिए मेहनत करता है, वैसा ही काम यहां बेटा अपने पिता के लिए कर रहा है। यह सुनकर जैद दरबार भावुक हो गए और मंच पर ही उनकी आंखें नम हो गईं।

    पिता-पुत्र के इस भावनात्मक पल ने दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स का दिल जीत लिया। फैंस जैद दरबार की सराहना करते हुए उन्हें एक आदर्श बेटे का उदाहरण बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहां रिश्तों में दूरियां बढ़ती जा रही हैं, वहां जैद ने अपने पिता के सपनों को फिर से जीवित कर एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।

    इस्माइल दरबार की वापसी संगीत प्रेमियों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है। अब उनके प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में वे एक बार फिर अपनी जादुई धुनों से संगीत जगत में नया इतिहास रचेंगे।