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  • पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अटकलों पर विवाद बढ़ा, सैन्य प्रवक्ता के खंडन के बाद PTI का अलग दावा

    पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अटकलों पर विवाद बढ़ा, सैन्य प्रवक्ता के खंडन के बाद PTI का अलग दावा

    नई दिल्ली । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान की जेल में मौत की खबर सामने आने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अमेरिका में रह रहे पत्रकार वजाहत एस. खान ने सैन्य सूत्रों के हवाले से इमरान खान की मौत को लेकर आशंका जताने का दावा किया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके सूत्रों ने इमरान खान को मृत अवस्था में नहीं देखा है।

    इमरान खान की मौत से जुड़े इस दावे के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस यानी ISPR ने इन खबरों को मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है। इसलिए फिलहाल इमरान खान की मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से उनकी पार्टी PTI और पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान के बीच तनाव बना हुआ है। ऐसे में जेल में उनकी स्थिति को लेकर सामने आई किसी भी खबर का राजनीतिक असर काफी व्यापक माना जा रहा है।

    इस बीच PTI ने इमरान खान की स्थिति को लेकर अलग दावा किया है। पार्टी के अनुसार, उनके परिवार के सदस्यों ने जेल की CCTV लाइव फीड में इमरान खान को देखा है। पार्टी का यह दावा सेना की ओर से मौत की खबरों को झूठा बताए जाने के बाद सामने आया है।

    PTI लंबे समय से इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति और जेल में उनके परिवार, वकीलों तथा चिकित्सकों से मुलाकात को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी का आरोप है कि इमरान खान से मिलने पर प्रतिबंधों के कारण उनके स्वास्थ्य की जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

    इमरान खान की बहन डॉ. उजमा और पार्टी नेताओं ने भी उनकी सुरक्षा तथा स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। PTI की ओर से उनकी आंखों की रोशनी और इलाज से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि परिवार और चिकित्सकों को उनसे नियमित मुलाकात की अनुमति मिलनी चाहिए।

    इमरान खान की जेल में स्थिति को लेकर विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान में PTI समर्थक उनकी रिहाई की मांग लगातार उठाते रहे हैं। हाल के दिनों में उनकी रिहाई और राजनीतिक अधिकारों को लेकर समर्थकों की गतिविधियां भी चर्चा में रही हैं।

    इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान की राजनीति में PTI और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच टकराव लगातार बना हुआ है। ऐसे माहौल में उनकी मौत की अपुष्ट खबर ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। हालांकि, किसी भी दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय प्रत्यक्ष प्रमाण जरूरी हैं।

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इमरान खान की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ने मौत से जुड़ी खबरों को झूठा बताया है, जबकि PTI ने CCTV के आधार पर उनके जीवित होने का दावा किया है। इन विरोधाभासी दावों के बीच इमरान खान की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक और स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी का इंतजार बना हुआ है।

    ऐसे में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सामने आ रही अपुष्ट खबरों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। इमरान खान की स्थिति से जुड़ी कोई निर्णायक जानकारी सामने आने पर ही उनकी मौत या स्वास्थ्य को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

  • असीम मुनीर का भारत पर बिना नाम हमला, बोले- आतंकवाद, दुष्प्रचार और बाहरी ताकतें पाकिस्तान की तरक्की नहीं रोक सकतीं

    असीम मुनीर का भारत पर बिना नाम हमला, बोले- आतंकवाद, दुष्प्रचार और बाहरी ताकतें पाकिस्तान की तरक्की नहीं रोक सकतीं


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने बलूचिस्तान की धरती से एक बार फिर भारत का नाम लिए बिना कड़ा बयान दिया है। अपने संबोधन में उन्होंने बाहरी ताकतों पर पाकिस्तान में आतंकवाद फैलाने और दुष्प्रचार चलाने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसी कोशिशें देश की तरक्की और स्थिरता को रोक नहीं सकतीं।

    मुनीर ने कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, क्वेटा में अधिकारियों और सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान का “निश्चित उदय” किसी भी प्रकार के प्रॉक्सी वॉर, गलत सूचना अभियान या आतंकवाद से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना और जनता मिलकर देश से आतंकवाद का पूरी तरह सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    अपने भाषण में उन्होंने बलूचिस्तान में तैनात सैन्य अधिकारियों की ट्रेनिंग और पेशेवर क्षमता की भी सराहना की। मुनीर ने कहा कि आधुनिक युद्ध तेजी से बदल रहा है और ऐसे में सेना को मल्टी-डोमेन ऑपरेशन, नई तकनीक और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल पर लगातार काम करना होगा।

    उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते सुरक्षा हालात में निरंतर प्रशिक्षण और उच्च स्तर की परिचालन तैयारी बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी चुनौती का प्रभावी जवाब दिया जा सके।

    मुनीर ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ “शत्रु ताकतें” पाकिस्तान के खिलाफ फर्जी खबरों और दुष्प्रचार के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन सेना और जनता की एकता के आगे ये प्रयास सफल नहीं होंगे।

    बलूचिस्तान में स्थायी शांति और विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र की प्रगति सुरक्षा, समावेशी विकास और बेहतर शासन पर निर्भर करती है।

  • जनरल द्विवेदी के बयान से बौखलाया पाकिस्तान, परमाणु ताकत का जिक्र कर दी बड़ी चेतावनी

    जनरल द्विवेदी के बयान से बौखलाया पाकिस्तान, परमाणु ताकत का जिक्र कर दी बड़ी चेतावनी


    नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की पाकिस्तान पर की गई सख्त टिप्पणी के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान की सेना ने भारतीय आर्मी चीफ के बयान को “उकसावे वाला” बताते हुए परमाणु ताकत का जिक्र कर अप्रत्यक्ष चेतावनी दी है।

    दरअसल, नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर निशाना साधते हुए कहा था कि पाकिस्तान को तय करना होगा कि वह “भूगोल का हिस्सा बना रहना चाहता है या इतिहास बनना चाहता है।” उनका यह बयान तेजी से चर्चा में आ गया।

    भारतीय सेना प्रमुख की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग ISPR ने बयान जारी किया। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि पाकिस्तान एक “घोषित परमाणु शक्ति” है और दक्षिण एशिया के भूगोल व इतिहास का स्थायी हिस्सा रहेगा।

    ISPR ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाले हैं और दक्षिण एशिया को संघर्ष की ओर धकेल सकते हैं। बयान में यह भी कहा गया कि अगर पाकिस्तान पर हमला हुआ तो उसके परिणाम “व्यापक और पारस्परिक” होंगे।

    पाकिस्तानी सेना ने भारत पर “सभ्यतागत श्रेष्ठता” दिखाने और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने का आरोप भी लगाया। साथ ही दावा किया कि जिम्मेदार परमाणु देशों को संयम और रणनीतिक संतुलन बनाए रखना चाहिए।

    हालांकि भारत की ओर से लंबे समय से यह कहा जाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता रहा है और सीमा पार आतंकी गतिविधियां दोनों देशों के रिश्तों में सबसे बड़ी बाधा हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में बढ़ी बयानबाजी और सुरक्षा मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव फिर से तेज होता दिखाई दे रहा है।

  • भारत से परमाणु जंग की सोच भी पागलपन, ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पाकिस्तान का बड़ा कबूलनामा

    भारत से परमाणु जंग की सोच भी पागलपन, ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पाकिस्तान का बड़ा कबूलनामा

    नई दिल्ली। Pakistan की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के खिलाफ तीखे बयान दिए। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग Inter-Services Public Relations ने दावा किया कि उसने “मरका-ए-हक” अभियान के दौरान भारत को रणनीतिक रूप से मात दी थी। साथ ही पाकिस्तान ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध की संभावना को गंभीरता से लेना “पागलपन” होगा।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस को आईएसपीआर के महानिदेशक Ahmed Sharif Chaudhry ने संबोधित किया। उनके साथ पाकिस्तानी नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि उसने बहु-आयामी सैन्य अभियान चलाकर भारत के खिलाफ रणनीतिक बढ़त हासिल की।

    पाकिस्तान ने खुद को बताया विजेता
    आईएसपीआर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान ने “मरका-ए-हक” और बाद में बुनयानुम मरसूस नाम से अभियान चलाया था। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारत का पाकिस्तान को आतंकवाद से जोड़ने वाला नैरेटिव कमजोर पड़ा है।पाकिस्तानी अधिकारियों ने पहलगाम हमले को लेकर भी भारत से सबूत मांगे और आरोप लगाया कि पाकिस्तान पर बिना प्रमाण के आरोप लगाए गए।

    परमाणु युद्ध पर क्या बोला पाकिस्तान?
    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तानी सेना ने कहा कि दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच पूर्ण युद्ध की बात करना गैरजिम्मेदाराना और “पागलपन” है। सेना ने दावा किया कि पाकिस्तान क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की भूमिका निभा रहा है।

    फिर गरमाया भारत-पाकिस्तान मुद्दा
    पाकिस्तानी सेना के इन बयानों को दक्षिण एशिया में जारी रणनीतिक तनाव और प्रचार युद्ध का हिस्सा माना जा रहा है। भारत की ओर से इस बयान पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि दोनों देशों के बीच बयानबाजी आने वाले समय में और तेज हो सकती है।