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  • मिडिल ईस्ट में जंग की आहट तेज: अमेरिका ने 82 हजार करोड़ के हथियार उतारे, ईरान पर बड़ा घेराव तैयार

    मिडिल ईस्ट में जंग की आहट तेज: अमेरिका ने 82 हजार करोड़ के हथियार उतारे, ईरान पर बड़ा घेराव तैयार


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच हालात एक बार फिर बड़े टकराव की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों को अरबों डॉलर के हथियार देकर साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। ईरान के साथ टकराव के बीच यह सैन्य तैयारी सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि संभावित बड़े संघर्ष की आहट भी मानी जा रही है।

    अमेरिका ने इजरायल, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों को करीब 8.6 अरब डॉलर (करीब 82 हजार करोड़ रुपये) के हथियार और सैन्य सिस्टम देने की मंजूरी दी है। इस फैसले को अमेरिकी विदेश विभाग ने ‘आपात राष्ट्रीय सुरक्षा’ का मामला बताते हुए तेजी से आगे बढ़ाया। इसमें एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम (APKWS), पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और बैटल कमांड सिस्टम जैसे आधुनिक हथियार शामिल हैं, जो मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में बेहद अहम माने जाते हैं।

    दरअसल, हाल के महीनों में ईरान की ओर से इजरायल और खाड़ी देशों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद इन देशों के डिफेंस सिस्टम पर भारी दबाव पड़ा है। ऐसे में अमेरिका अपने सहयोगियों के हथियारों के स्टॉक को फिर से मजबूत कर रहा है, ताकि किसी बड़े हमले की स्थिति में वे तैयार रहें।

    इस बीच डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का रुख भी सख्त बना हुआ है। अमेरिका और इजरायल दोनों ही ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमता को खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। दूसरी ओर ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं है और वह अपने प्रॉक्सी समूहों तथा मिसाइल कार्यक्रम के जरिए जवाबी रणनीति मजबूत कर रहा है।

    स्थिति को और संवेदनशील बनाता है हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जहां अमेरिका की नौसेना की मौजूदगी और नाकेबंदी के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। यह इलाका दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है और यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

    अभी भले ही सीजफायर लागू है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दोनों पक्ष लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहे हैं। इजरायल हाई अलर्ट पर है, अमेरिका लगातार हथियारों की सप्लाई बढ़ा रहा है और ईरान भी अपने नेटवर्क के जरिए दबाव बनाए हुए है।

    कुल मिलाकर, शांति की कोशिशों के बीच हथियारों का यह बड़ा खेल साफ संकेत दे रहा है कि मिडिल ईस्ट में हालात बेहद नाजुक हैं। अगर बातचीत में प्रगति नहीं हुई, तो यह टकराव किसी भी वक्त बड़े युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को झटका दे सकता है।

  • डिमोना-अराद मिसाइल स्ट्राइक: ईरान ने इजरायल के न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाया

    डिमोना-अराद मिसाइल स्ट्राइक: ईरान ने इजरायल के न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाया


    नई दिल्ली । इजरायल के दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद में शनिवार को ईरान ने बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला किया जिसमें 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में से 11 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इजरायली मीडिया के अनुसार ईरान की ओर से ताबड़तोड़ हमलों में इजरायली एयर डिफेंस कम से कम दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहा।

    हमलों के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि देश अपने दुश्मनों से हर मोर्चे पर लड़ता रहेगा। हमलों में गंभीर रूप से घायल लोगों में डिमोना में हुए हमले के कारण 12 साल का एक लड़का और अराद में 5 साल की एक लड़की शामिल हैं।

    डिमोना इलाके में ईरान ने कई मिसाइल हमले किए जिन्हें न्यूक्लियर रिसर्च फैसिलिटी को निशाना बनाने के लिए किया गया था। यह फैसिलिटी डिमोना से लगभग 10 किलोमीटर और अराद से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। ईरानी मीडिया ने बताया कि यह हमला इजरायल के परमाणु केंद्रों पर बदले के तौर पर किया गया है। अमेरिका और इजरायल पहले से ही ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए लगातार दबाव डाल रहे हैं।

    इजरायल के मैगन डेविड एडोम इमरजेंसी सर्विस के अनुसार डिमोना में हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल लड़के के अलावा 30 साल की एक महिला को भी कांच के टुकड़ों से मामूली चोटें आईं। शहर में 31 अन्य लोगों को हल्की चोटों का इलाज किया गया जबकि 14 लोगों को एक्यूट एंग्जायटी के लिए मेडिकल सहायता मिली। एमडीए पैरामेडिक कार्मेल कोहेन ने कहा कि हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मची हुई थी और बहुत ज्यादा नुकसान हुआ।

    बीर्शेबा के सोरोका मेडिकल सेंटर ने जानकारी दी कि हमले में घायल सात लोगों को भर्ती किया गया जिनमें गंभीर रूप से घायल 12 साल का बच्चा भी शामिल था। बच्चों और अन्य गंभीर घायलों का इलाज ट्रॉमा रूम और सर्जिकल इमरजेंसी रूम में किया जा रहा है।

    डिमोना में हुए हमले के कुछ घंटों बाद पास के अराद में भी एक बैलिस्टिक मिसाइल के टकराने से कई इमारतों को नुकसान हुआ। एमडीए की टीम ने अराद में हमले के दौरान 71 लोगों का इलाज किया और उन्हें अस्पताल भेजा। इसमें 10 गंभीर घायल शामिल थे जिनमें 5 साल की बच्ची भी थी। 13 लोगों की हालत स्थिर बताई गई जबकि 48 लोगों को हल्की चोटें आईं। चार और लोगों को अतिरिक्त इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    इस हमले ने इजरायल के न्यूक्लियर शहरों और नागरिक सुरक्षा पर गंभीर संकट उत्पन्न किया है। विशेषज्ञ इसे ईरान की ओर से इजरायल के परमाणु कार्यक्रम और सुरक्षा रणनीति पर बड़ा प्रहार मान रहे हैं। इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक रणनीतिक स्थिरता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।