Tag: Jabalpur crime news

  • टीआई और ड्राइवर ने पीटा, सिर फोड़ा और वर्दी फाड़ी, हवलदार का आरोप, शिकायत के बाद भी ASP ने किया सस्पेंड, जांच शुरू

    टीआई और ड्राइवर ने पीटा, सिर फोड़ा और वर्दी फाड़ी, हवलदार का आरोप, शिकायत के बाद भी ASP ने किया सस्पेंड, जांच शुरू


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में नो-एंट्री पॉइंट पर ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। शहपुरा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक लखन निषाद ने थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे उनके ड्राइवर और अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। हवलदार का दावा है कि विवाद के दौरान उनका सिर और नाक घायल हो गए एक दांत टूट गया चश्मा क्षतिग्रस्त हो गया और वर्दी भी फाड़ दी गई। दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों ने प्रधान आरक्षक को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है। मामले की जांच एसडीओपी पाटन को सौंपी गई है।

    जानकारी के अनुसार रविवार देर रात शहपुरा के बाहर नो-एंट्री पॉइंट पर बैरिकेड लगाकर भारी वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश थे कि रात एक बजे से पहले भारी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाए। रात करीब साढ़े बारह बजे तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। इसी दौरान भोपाल की ओर जा रहे एक ट्रक चालक ने जल्द आगे जाने की अनुमति देने का आग्रह किया। प्रधान आरक्षक लखन निषाद के अनुसार उन्होंने चालक को थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे का मोबाइल नंबर दिया और कहा कि यदि अधिकारी अनुमति देते हैं तो वाहन को आगे जाने दिया जा सकता है।

    बताया जा रहा है कि ट्रक चालक ने जब थाना प्रभारी को फोन किया और बताया कि नंबर हवलदार ने दिया है तो इस बात पर टीआई नाराज हो गए। इसके बाद फोन पर ही थाना प्रभारी और प्रधान आरक्षक के बीच तीखी बहस हो गई। लखन निषाद का आरोप है कि कुछ देर बाद टीआई अपने ड्राइवर राहुल गुप्ता और आरक्षक विकास कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उनके साथ गाली गलौज की गई और विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी गई। प्रधान आरक्षक का दावा है कि इस दौरान उनके हाथ पकड़े गए और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।

    लखन निषाद के मुताबिक मारपीट में उनका एक दांत टूट गया चश्मा क्षतिग्रस्त हो गया और सिर तथा नाक पर चोटें आईं। उन्होंने वर्दी फाड़ने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि घटना के बाद जब वे अपनी गाड़ी लेने थाने पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। गंभीर चोटों और हाथ में फ्रैक्चर की आशंका के चलते उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। सोमवार को वे अपनी शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी पहुंचे।

    हालांकि थाना प्रभारी प्रवीण कुमार धुर्वे ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि ग्वालियर में हुए मंदिर हादसे के बाद नो-एंट्री व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश थे। उनके अनुसार हवलदार वाहनों को जल्दी छोड़ने की बात कह रहे थे और उन्हें केवल समझाइश दी गई थी। टीआई ने किसी तरह के विवाद या मारपीट से इनकार किया है। इस तरह दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं और घटना की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी के अनुसार अमन ढाबा के पास वाहनों को रोकने के दौरान प्रधान आरक्षक लखन निषाद ने थाना प्रभारी के साथ अनुशासनहीनता की थी। इसी आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एसडीओपी पाटन को सौंपी गई है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि नो-एंट्री पॉइंट पर विवाद किस वजह से बढ़ा और मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है। पुलिसकर्मी द्वारा लगाए गए आरोपों और अधिकारियों के पक्ष को देखते हुए जांच रिपोर्ट इस मामले में अहम होगी।

  • चीफ जस्टिस के बंगले से चंद कदम दूर सनसनीखेज घटना, लूट की कोशिश के बाद एक्टिवा से फरार हुए 5 युवक

    चीफ जस्टिस के बंगले से चंद कदम दूर सनसनीखेज घटना, लूट की कोशिश के बाद एक्टिवा से फरार हुए 5 युवक


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण इलाके में लूट की कोशिश का मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के बंगले से कुछ ही दूरी पर पांच युवकों ने एक युवक को रोककर लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने चाकू निकाल लिया और युवक की ओर बढ़ने लगे। अपनी जान को खतरा देखकर पीड़ित को मौके से भागना पड़ा। घटना के बाद पीड़ित ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। वारदात से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।

    जानकारी के मुताबिक रांझी निवासी वैभव दुबे एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। 12 अक्टूबर की रात करीब 1 बजकर 52 मिनट पर वह एक्टिवा से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान जब वह सिविल लाइन चौराहे पर पहुंचा तो दो एक्टिवा पर सवार पांच युवकों ने उसे रोक लिया। अचानक रास्ता रोके जाने से वैभव मुश्किल स्थिति में आ गया। आरोपियों में से एक युवक अपनी गाड़ी से उतरकर उसके करीब पहुंचा। वैभव ने हिम्मत दिखाते हुए उसे पकड़ने की कोशिश की लेकिन हालात जल्द ही बदल गए।

    बताया गया है कि वैभव के विरोध करने पर आरोपी वहां से हटने लगे। हालांकि कुछ दूरी पर जाकर वे फिर रुक गए। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने के मुताबिक आरोपियों ने चाकू निकाला और वैभव की ओर बढ़ने लगे। बदमाशों के हाथ में चाकू देखकर वैभव को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ और उसने वहां से दौड़ लगा दी। करीब 56 सेकेंड के फुटेज में आरोपी एक्टिवा पर सवार होकर तेज रफ्तार से इंद्रा मार्केट की ओर भागते नजर आ रहे हैं।

    घटना के बाद वैभव किसी तरह सिविल लाइन थाने पहुंचा और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। मामला हाईकोर्ट चीफ जस्टिस के बंगले के नजदीक का होने के कारण भी इलाके की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि और आरोपियों की भूमिका का पता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक पांच आरोपियों में से मास्क पहने एक युवक की पहचान करने में सफलता मिली है। बाकी आरोपियों की पहचान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी शशि धुर्वे के अनुसार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द हिरासत में लेने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    इस घटना में राहत की बात यह है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार युवक आरोपियों के चंगुल से निकलने में सफल रहा। अब पुलिस के सामने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी संदिग्धों की पहचान करने और घटना की पूरी कड़ी जोड़ने की चुनौती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपियों का मुख्य उद्देश्य लूट था और वारदात की योजना किस तरह बनाई गई थी।

  • जबलपुर के अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़ का आरोप, एक्सपायरी दवाओं का जखीरा मिला, युवक की मौत की जांच तेज

    जबलपुर के अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़ का आरोप, एक्सपायरी दवाओं का जखीरा मिला, युवक की मौत की जांच तेज


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में बिना आवश्यक रजिस्ट्रेशन के संचालित किए जा रहे एक अस्पताल में जांच के दौरान एक्सपायरी दवाएं मिलने का मामला सामने आया है। बेलखाड़ू के पास स्थित अश्वनी अस्पताल में मंगलवार शाम ड्रग इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में जांच की। करीब एक घंटे चली कार्रवाई के दौरान अस्पताल से 23 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं बरामद की गईं। इनमें एक्सपायरी दवाएं भी शामिल थीं। टीम ने लगभग 12 हजार रुपये की दवाएं जब्त की हैं। शुरुआती जांच में अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक अस्पताल संचालिका सरिता साहू के पास एलोपैथिक चिकित्सा की मान्य डिग्री भी नहीं थी। आरोप है कि इसके बावजूद वह लंबे समय से मरीजों का इलाज कर रही थीं।

    यह मामला 19 वर्षीय शेखर चौधरी की मौत के बाद सामने आया है। तीन दिन पहले युवक की मौत के बाद जिला प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया था। मंगलवार को जांच के लिए अस्पताल खुलवाया गया तो वहां बच्चों और गर्भवती महिलाओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी मिलीं। इससे अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया और दवाओं के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि दवाओं की स्थिति और युवक की मौत के बीच सीधा संबंध जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    जानकारी के मुताबिक बेलखाड़ू के भट्टा मोहल्ले में रहने वाले शेखर चौधरी को 2 अक्टूबर को अचानक तेज पेट दर्द हुआ था। परिजन उसे खैरी गांव स्थित अश्वनी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां सुबह तक इलाज कराने के बाद वे उसे घर ले आए। लेकिन घर पहुंचने के कुछ समय बाद ही शेखर के हाथ-पैरों में तेज जलन होने लगी। उसकी बिगड़ती हालत देखकर परिजन उसे दोबारा अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही की आशंका जताई और पुलिस से शिकायत की।

    समीर चौधरी की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि अस्पताल संचालिका सरिता साहू के कहने पर उनके मददगार सतीश साहू ने शेखर के हाथ और कमर में इंजेक्शन लगाए थे। अगले दिन उसे फिर इंजेक्शन दिया गया और ग्लूकोज की ड्रिप चढ़ाई गई। परिजनों के मुताबिक ड्रिप चढ़ने के करीब आधे घंटे बाद शेखर की मौत हो गई। पुलिस को घटनास्थल से मिली ग्लूकोज की बोतल पर नवंबर 2025 की एक्सपायरी डेट दर्ज थी। इसके बाद आधी भरी बोतल ड्रिप निडिल इंजेक्शन की खाली शीशी और दवाइयों के रैपर जब्त किए गए थे।

    मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण पटेल बीएमओ डॉ. श्रीपति मिश्रा और बेलखाड़ू चौकी प्रभारी अमित मिश्रा की टीम ने अस्पताल में रखी दवाओं की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक यहां 23 तरह की एलोपैथिक दवाएं मिलीं जिनमें एक्सपायरी दवाएं और ग्लूकोज की ड्रिप भी शामिल थी। यह आशंका भी जांच के दायरे में है कि शेखर को चढ़ाई गई ड्रिप में मिलाया गया इंजेक्शन एक्सपायरी हो सकता है। इसकी पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही होगी।

    अधिकारियों के अनुसार अस्पताल का आवश्यक रजिस्ट्रेशन नहीं मिला और संचालिका के पास एलोपैथिक इलाज करने की मान्य डिग्री भी नहीं थी। जांच टीम ने सरिता साहू को कई बार मौके पर बुलाया लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अस्पताल के संचालन दवाओं की वैधता और युवक की मौत के कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज में इस्तेमाल की गई दवाओं की कोई भूमिका थी या नहीं और इस मामले में किन लोगों की जिम्मेदारी बनती है।

  • ऑटो में बैठना पड़ा भारी, 20 रुपए की जगह 20 हजार मांगने लगे बदमाश, विरोध पर यात्री की कमर में घोंपा चाकू

    ऑटो में बैठना पड़ा भारी, 20 रुपए की जगह 20 हजार मांगने लगे बदमाश, विरोध पर यात्री की कमर में घोंपा चाकू


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में दूसरे जिले से आए एक यात्री के साथ लूट और चाकूबाजी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ऑटो चालक और उसके साथी ने यात्री से तय किराए के 20 रुपए की जगह 20 हजार रुपए की मांग की। यात्री ने जब इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो दोनों ने उसके साथ गाली गलौज और मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर एक आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया और घायल यात्री की जेब से 500 रुपए निकाल लिए। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले में एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घायल यात्री की हालत गंभीर बताई गई है और उसका अस्पताल में इलाज जारी है।
    जानकारी के मुताबिक सिंगरौली जिले के माडा गांव में रहने वाले 25 वर्षीय दिलकेश शाह 9 अक्टूबर की रात करीब डेढ़ बजे जबलपुर पहुंचे थे। उन्हें यहां से महाराष्ट्र के पुणे जाना था। बस स्टैंड से तीन पत्ती चौक पहुंचने के बाद वह रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक ऑटो में सवार होकर दो युवक वहां पहुंचे। दिलकेश ने उनसे रेलवे स्टेशन जाने का किराया पूछा तो चालक ने 20 रुपए बताया। किराया तय होने के बाद दिलकेश ऑटो में बैठ गए।
    करीब 15 मिनट बाद ऑटो स्टेशन रोड पर पहुंचा। दिलकेश जब ऑटो से उतरे और चालक को तय किए गए 20 रुपए देने लगे तो दोनों युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने उनसे 20 हजार रुपए की मांग शुरू कर दी। दिलकेश ने जब कहा कि रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए 20 रुपए किराया तय हुआ था तो इतनी बड़ी रकम क्यों दें। इस बात पर दोनों युवक भड़क गए और उनके साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगे।
    विवाद बढ़ने पर एक आरोपी ने चाकू निकाल लिया और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। अपनी जान बचाने के लिए दिलकेश वहां से भागने लगे लेकिन नाबालिग आरोपी ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। चाकू दिलकेश की कमर में लगा जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने घायल यात्री की जेब से 500 रुपए भी निकाल लिए। इसी बीच दिलकेश की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे। भीड़ जुटती देख दोनों आरोपी मौके से भाग गए।
    घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दिलकेश को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। घटना दूसरे जिले से आए यात्री के साथ होने के कारण पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।
    सिविल लाइन थाना प्रभारी शशि धुर्वें के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संबंधित नंबर का ऑटो शुभम बेन चलाता है। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस लगातार उसकी तलाश करती रही और शनिवार सुबह एक पहाड़ी से शुभम बेन तथा उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर लिया।
    पुलिस के मुताबिक शुभम बेन की उम्र 26 वर्ष है और वह गोरखपुर क्षेत्र के मांडवा का निवासी है। संबंधित ऑटो नाबालिग की मां के नाम पर पंजीकृत बताया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चाकू और लूटे गए रुपए बरामद करने के साथ ऑटो भी जब्त कर लिया है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। इस घटना ने शहर में यात्रियों की सुरक्षा और किराए के नाम पर होने वाली कथित जबरन वसूली को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
  • फ्रिज खोला तो सामने आया नशे का काला कारोबार, जबलपुर पुलिस ने 24 नशीले इंजेक्शन किए जब्त

    फ्रिज खोला तो सामने आया नशे का काला कारोबार, जबलपुर पुलिस ने 24 नशीले इंजेक्शन किए जब्त


    जबलपुर । जबलपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गोरखपुर थाना पुलिस ने सेठीनगर निवासी बड़कू सोनकर को उसके घर से पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 24 प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। इनमें 11 बुप्रेनोरफिन और 13 फेनिरामाइन मैलेट के इंजेक्शन शामिल हैं। पुलिस ने नशीले इंजेक्शनों की बिक्री से मिले 3950 रुपए भी जब्त किए हैं। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के मुताबिक 9 सितंबर को गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सेठीनगर निवासी बड़कू सोनकर अपने घर से नशीले इंजेक्शनों की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने टीम तैयार की और बताए गए स्थान पर दबिश देने के लिए पहुंच गई। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी नशीले इंजेक्शनों को किसी सुरक्षित जगह पर छिपाकर रख सकता है।

    पुलिस टीम ने घर की तलाशी शुरू की। इसी दौरान आंगन में निर्माणाधीन कमरे में रखा एक फ्रिज पुलिस के निशाने पर आया। फ्रिज की तलाशी लेने पर उसके अंदर एक थैला मिला। जब पुलिस ने थैला खोला तो उसमें प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन रखे हुए थे। गिनती करने पर कुल 24 इंजेक्शन बरामद हुए। इनमें 11 इंजेक्शन बुप्रेनोरफिन के जबकि 13 इंजेक्शन फेनिरामाइन मैलेट के बताए गए हैं।

    पुलिस ने मौके से नशीले इंजेक्शनों की बिक्री से प्राप्त 3950 रुपए भी जब्त किए। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह इन प्रतिबंधित इंजेक्शनों को नशे के आदी लोगों को बेचता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई कहां से मिलती थी और इस अवैध कारोबार में उसके साथ और कौन लोग जुड़े हुए हैं।

    जांच के दौरान पुलिस को आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला है। पुलिस के अनुसार बड़कू सोनकर आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से छह से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट के साथ सट्टा एक्ट एनडीपीएस एक्ट और आबकारी एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। इस वजह से पुलिस आरोपी से पूछताछ में पुराने मामलों और नशे के नेटवर्क से जुड़े पहलुओं को भी खंगाल रही है।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अब जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद इंजेक्शन किस माध्यम से आरोपी तक पहुंचे थे और इनकी सप्लाई किन लोगों तक की जाती थी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से नशीले इंजेक्शनों की अवैध सप्लाई से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।

    थाना प्रभारी नितिन कमल के नेतृत्व में पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • बाल पकड़कर घसीटा, बैंक ले जाकर निकाले 6 लाख: Jabalpur में सनसनीखेज मामला

    बाल पकड़कर घसीटा, बैंक ले जाकर निकाले 6 लाख: Jabalpur में सनसनीखेज मामला


    नई दिल्ली। जबलपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक घरेलू कामगार महिला के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि उससे लाखों रुपये की ठगी करने का भी आरोप है। घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

     बाल पकड़कर घसीटा, थप्पड़ों से की पिटाई
    आधारताल थाना क्षेत्र में रहने वाली पूनम बर्मन ने आरोप लगाया है कि उसकी मालकिन अंजू पांडे ने मामूली विवाद के बाद उसे थप्पड़ मारे और बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जो अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा है।

     नशीली गोली देकर कराए साइन, खाते से निकाले 6 लाख
    पीड़िता का आरोप है कि उसे साजिश के तहत नशीली गोली दी गई, जिससे वह बेसुध हो गई। इस दौरान उससे चेक पर साइन करवाए गए और फिर उसे जबरन बैंक ले जाकर उसके खाते से करीब 6 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़िता की बहन के अनुसार, पूनम के खाते में लगभग 6.30 लाख रुपये जमा थे, जो पूरी तरह निकाल लिए गए। साथ ही उसके बैंक दस्तावेज और कमाई भी आरोपियों ने अपने पास रख ली।

     विरोध किया तो और बढ़ी प्रताड़ना
    होश में आने के बाद जब पूनम ने विरोध किया, तो उसके साथ और ज्यादा मारपीट की गई। पीड़िता का कहना है कि वह कई महीनों से काम कर रही थी, लेकिन अचानक उससे पैसे मांगने शुरू कर दिए गए और मना करने पर उसे निशाना बनाया गया।

     पुलिस जांच में जुटी, वीडियो बना सबूत
    पीड़िता ने एएसपी को शिकायत और वीडियो सौंपा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

     सवालों के घेरे में सुरक्षा और भरोसा
    यह घटना घरेलू कामगारों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले शोषण पर गंभीर सवाल खड़े करती है। समाज में भरोसे के रिश्ते किस तरह टूट रहे हैं, यह मामला उसकी एक कड़वी मिसाल बनकर सामने आया है।