पुलिस के मुताबिक घटना 22 अक्टूबर की सुबह की है। पनागर थाना क्षेत्र में रहने वाली 25 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह सुबह करीब 5 बजे किसी काम से घर से बाहर गई थी। काम पूरा करने के बाद जब वह वापस लौट रही थी तभी गांव के रहने वाले राजेश चक्रवर्ती ने कथित तौर पर गलत नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया। महिला ने विरोध करते हुए अपना हाथ छुड़ाया। आरोप है कि इस दौरान राजेश ने उसका मंगलसूत्र भी तोड़ दिया। घटना से परेशान महिला घर पहुंची और अपने पति के साथ सास और ससुर को पूरी बात बताई।
महिला की शिकायत सुनने के बाद उसके ससुर प्यारेलाल चक्रवर्ती आरोपी राजेश को समझाने के लिए पहुंचे थे। परिवार को उम्मीद थी कि बातचीत के जरिए विवाद सुलझ जाएगा लेकिन मामला शांत होने के बजाय बढ़ गया। पुलिस के अनुसार इस दौरान राजेश के साथ उसका भाई भागचंद चक्रवर्ती और पिता कालीचरण चक्रवर्ती भी मौजूद थे। तीनों ने पहले प्यारेलाल के साथ गाली-गलौज की और फिर कथित तौर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
हमले में प्यारेलाल के सिर के अलावा हाथ-पैर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए उनका इलाज लगातार जारी था। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेंगे लेकिन 30 अक्टूबर की शाम करीब 6:30 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है।
पुलिस को 31 अक्टूबर को अस्पताल से उनकी मौत की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआत में मारपीट और चोटों से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था लेकिन घायल बुजुर्ग की मौत होने के बाद पुलिस ने प्रकरण में हत्या की धाराएं बढ़ा दीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
पुलिस ने पूछताछ के लिए कालीचरण चक्रवर्ती उम्र 75 वर्ष उसके बेटे भागचंद चक्रवर्ती उम्र 42 वर्ष और राजेश चक्रवर्ती उम्र 32 वर्ष को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद शनिवार और रविवार की दरमियानी रात तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई लाठियां भी जब्त कर ली हैं। फिलहाल मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।





