Tag: Jahangirabad police station

  • पुलिसकर्मियों पर वकील को पीटने का आरोप: कीचड़ में पटककर डंडे बरसाने की शिकायत रात 3 बजे तक थाने का घेराव

    पुलिसकर्मियों पर वकील को पीटने का आरोप: कीचड़ में पटककर डंडे बरसाने की शिकायत रात 3 बजे तक थाने का घेराव


    भोपाल । भोपाल में अधिवक्ता से कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले ने मंगलवार देर रात जमकर तूल पकड़ लिया। करीब 50 वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि अधिवक्ता देर रात करीब 3 बजे तक थाने के बाहर डटे रहे। प्रदर्शनकारी वकीलों का आरोप है कि उनके साथी के साथ पुलिसकर्मियों ने पहले बदसलूकी की और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। वकील संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

    शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे वह खटलापुरा मंदिर की तरफ से अपने वाहन से आ रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया और उन्हें थाने चलने के लिए कहा। रावल के मुताबिक उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि उनके वाहन में पेट्रोल नहीं है। आरोप है कि इसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली गलौज शुरू कर दी। उन्होंने जब इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। अधिवक्ता का आरोप है कि उन्हें कीचड़ में पटक दिया गया और डंडों से पीटा गया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में वकील जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। देखते ही देखते थाने के बाहर अधिवक्ताओं की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि यदि किसी अधिवक्ता के साथ पुलिसकर्मियों ने गलत व्यवहार किया है और मारपीट की गई है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वकीलों ने थाना प्रभारी राजन अहिरवार और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

    प्रदर्शन के दौरान वकीलों की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया। इसमें शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल के पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उनके कपड़े भी कीचड़ से सने हुए नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारी वकीलों ने इन चोटों को कथित मारपीट से जोड़ते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि पूरे मामले में पुलिस का पक्ष और घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच अभी सामने आना बाकी है।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि घटना के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। पुलिस की ओर से मामले के तथ्यों की जांच की जा रही है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    वकीलों के देर रात तक थाने पर प्रदर्शन के कारण जहांगीराबाद क्षेत्र में भी हलचल बनी रही। अधिवक्ताओं का कहना था कि उनके साथी के साथ हुई घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। दूसरी ओर पुलिस अधिकारी मामले की जानकारी जुटाने की बात कह रहे हैं। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किस स्तर तक होती है। फिलहाल अधिवक्ताओं के प्रदर्शन और पुलिसकर्मियों पर लगाए गए मारपीट के आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है।

  • भोपाल में विधायक के रिश्तेदारों पर मारपीट का आरोप: मौलाना से थाने के सामने की गई कथित पिटाई, गिरफ्तारी की मांग तेज

    भोपाल में विधायक के रिश्तेदारों पर मारपीट का आरोप: मौलाना से थाने के सामने की गई कथित पिटाई, गिरफ्तारी की मांग तेज


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद से जुड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। विधायक के रिश्तेदारों पर एक मौलाना से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना जहांगीराबाद थाने के सामने हुई बताई जा रही है जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है। मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार विधायक आरिफ मसूद के साले रिजवान और भांजे एहतिशाम पर आरोप है कि उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर मौलाना के साथ कथित रूप से मारपीट की। बताया जा रहा है कि यह विवाद एक सार्वजनिक बयान को लेकर शुरू हुआ। पीड़ित मौलाना ने बुरहानपुर में दिए गए एक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी जिससे विधायक पक्ष नाराज बताया जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते विवाद बढ़ा और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

    आरोप है कि जहांगीराबाद थाने के सामने अचानक करीब एक दर्जन लोग पहुंचे और मौलाना के साथ मारपीट की। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद कुछ ही देर में उग्र हो गया। हालांकि पुलिस ने मामले में शिकायत मिलने की पुष्टि की है और जांच शुरू कर दी है।

    इस घटना के बाद सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कमेटी के अध्यक्ष शमशुल हसन ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक समुदाय के हितैषी होने का दावा करते हैं लेकिन उनके करीबी ही समुदाय के लोगों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं।

    कमेटी की ओर से पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं विधायक पक्ष की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घटना ने राजधानी की सियासत को गरमा दिया है। एक ओर जहां विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर हमलावर हो सकते हैं वहीं कांग्रेस के लिए भी यह मामला असहज स्थिति पैदा कर सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।