Tag: Jain sadhvi accident

  • साध्वियों को कुचलने वाले मामले में सख्त रुख: एक्सपर्ट बोले-‘अनकंट्रोल नहीं थी कार’, ड्राइवर पर हत्या का आरोप मानने की मांग

    साध्वियों को कुचलने वाले मामले में सख्त रुख: एक्सपर्ट बोले-‘अनकंट्रोल नहीं थी कार’, ड्राइवर पर हत्या का आरोप मानने की मांग


    रीवा । रीवा में तेज रफ्तार कार से कुचलकर दो जैन साध्वियों की मौत के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज और विशेषज्ञों की राय ने इस पूरे प्रकरण को एक साधारण सड़क दुर्घटना के बजाय एक संदिग्ध मामला बना दिया है। इसी के चलते जैन समाज ने आरोपी पर दर्ज ‘गैर इरादतन हत्या’ की धारा को हटाकर सीधे ‘हत्या’ का मामला दर्ज करने की मांग तेज कर दी है।

    घटना में पूज्य श्रुति मति माता और उपसमिति माता की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य आर्यिका माता गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है। शुरुआती पुलिस जांच में इसे सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले की दिशा बदल गई है।

    फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार मेन रोड पर सामान्य गति से चल रही थी और अचानक मोड़ लेकर पैदल चल रही साध्वियों को कुचल देती है। इसके बाद वाहन तेज गति से मौके से निकल जाता है। इसी आधार पर एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए हैं कि यह घटना अनियंत्रित वाहन का परिणाम नहीं बल्कि नियंत्रण में चल रही कार द्वारा की गई कार्रवाई प्रतीत होती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चालक को झपकी आई होती या वाहन अनियंत्रित होता, तो कार का मूवमेंट अलग प्रकार का होता और वह या तो सीधा आगे बढ़ती या अधिक कोण पर मुड़ती। लेकिन फुटेज में वाहन का सटीक मोड़ लेकर साध्वियों की ओर जाना इस मामले को संदिग्ध बनाता है।

    घटना शहर के वीआईपी क्षेत्र में हुई, जहां कलेक्ट्रेट, पुलिस कंट्रोल रूम, सिविल लाइन थाना और एसपी कार्यालय कुछ ही दूरी पर स्थित हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

    जैन समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा है कि जब घटना CCTV में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, तो इसे सड़क दुर्घटना मानना उचित नहीं है। समाज ने आरोपियों पर हत्या की धाराएं लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    पुलिस ने आरोपी रशीद आबाद अली शाह को गिरफ्तार कर लिया है, जो नागपुर का रहने वाला बताया गया है। घटना के बाद वह फरार हो गया था और बाद में उसे जबलपुर के बहोरीपार टोल नाके से पकड़ा गया।

    एडिशनल एसपी के अनुसार, पूरे मामले की जांच CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल जैन समाज की मांग है कि मामले में SIT या न्यायिक जांच कराई जाए और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए।

  • सड़क पर मातम: जैन साध्वियों को कार ने कुचला, VIDEO सामने आने के बाद हड़कंप

    सड़क पर मातम: जैन साध्वियों को कार ने कुचला, VIDEO सामने आने के बाद हड़कंप


    मध्यप्रदेश। रीवा शहर में उस समय हड़कंप मच गया जब कलेक्ट्रेट के सामने तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे शांतिपूर्वक पैदल विहार कर रही तीन जैन साध्वियों को जोरदार टक्कर मार दी। यह पूरा हादसा 20 मई की दोपहर का बताया जा रहा है, जिसका सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है और जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

    वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि साध्वियां नियम अनुसार सड़क किनारे पैदल चल रही थीं, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत बचाव में जुट गए।

    हादसे में पूज्य श्रुति मति माता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उपसमिति माता ने इलाज के दौरान संजय गांधी अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं तीसरी साध्वी आर्यिका माता की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

    घटना के तुरंत बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दो साध्वियों की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद बुधवार को एक साध्वी का अंतिम संस्कार रीवा में ही किया गया, जिससे माहौल बेहद भावुक हो गया।

    हादसे को अंजाम देने के बाद कार चालक रशीद आबाद अली शाह मौके से फरार हो गया था। पुलिस की जांच में पता चला कि वह घटना के बाद करीब 270 किलोमीटर दूर जबलपुर तक भाग गया था, जहां बरगी पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

    घटना के बाद जैन समाज में भारी आक्रोश है और इसे केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही या संभावित साजिश के रूप में देखा जा रहा है। समाज ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और सभी डिजिटल व सीसीटीवी साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं।

    जैन समाज ने यह भी मांग की है कि देशभर में पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति बनाई जाए। साथ ही दोषी को कठोर से कठोर सजा देने की अपील की गई है।

    इस घटना के विरोध में 25 मई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया गया है, जिसमें जैन समाज मौन रैली निकालकर अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाएगा।