Tag: Jaisalmer

  • रामदेवरा में भादवा मेले के दौरान पार्किंग शुल्क को लेकर श्रद्धालुओं ने जबरन वसूली और दोहरी रकम लेने के आरोप लगाए

    रामदेवरा में भादवा मेले के दौरान पार्किंग शुल्क को लेकर श्रद्धालुओं ने जबरन वसूली और दोहरी रकम लेने के आरोप लगाए


    नई दिल्ली ।राजस्थान के जैसलमेर जिले स्थित रामदेवरा में बाबा रामदेव के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को भादवा मेले के दौरान पार्किंग व्यवस्था को लेकर परेशानी का सामना करने के आरोप सामने आए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर क्षेत्र के आसपास वाहनों के प्रवेश और पार्किंग के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की जा रही है और कई स्थानों पर रास्ते रोककर पैसे लिए जा रहे हैं।

    रामदेवरा में बाबा रामदेव का वार्षिक भादवा मेला शुरू हो चुका है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसे में वाहनों की आवाजाही और पार्किंग की व्यवस्था प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहती है। इस बार पार्किंग शुल्क को लेकर सामने आई शिकायतों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

    श्रद्धालुओं के अनुसार, मेले के दौरान मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और वाहनों को रोककर करीब 100 रुपये का पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है। उनका आरोप है कि कई मामलों में वाहन को पार्किंग स्थल में खड़ा नहीं करने के बावजूद शुल्क लिया जाता है। कुछ श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने आगे होटल या अन्य स्थान पर वाहन खड़ा करने की व्यवस्था कर रखी थी, फिर भी उन्हें रास्ते से आगे बढ़ने के लिए शुल्क देना पड़ा।

    श्रद्धालुओं ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार पार्किंग शुल्क जमा करने के बाद यदि वाहन किसी काम से बाहर निकलकर दोबारा लौटता है तो फिर से भुगतान करने के लिए कहा जाता है। कुछ लोगों के मुताबिक पुरानी रसीद दिखाने के बावजूद दोबारा शुल्क मांगा गया। इसके अलावा मुख्य प्रवेश मार्ग पर भुगतान करने के बाद अंदर अलग पार्किंग के नाम पर दोबारा रकम मांगने की शिकायत भी सामने आई है।

    इस व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि वे बाबा रामदेव के दर्शन और धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आते हैं। ऐसे में यदि पार्किंग की आवश्यकता नहीं होने के बावजूद शुल्क लिया जाता है या एक ही वाहन से अलग-अलग जगहों पर भुगतान कराया जाता है तो इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी होती है।

    मामले में पार्किंग ठेके से जुड़े कर्मचारियों का अलग पक्ष है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर 72 लाख रुपये से अधिक की बोली के बाद नियमानुसार पार्किंग का ठेका लिया गया है। कर्मचारियों के मुताबिक भादवा मेले के दौरान हर वर्ष पार्किंग व्यवस्था के लिए ठेका दिया जाता है और शुल्क उसी प्रक्रिया के तहत लिया जा रहा है।

    दूसरी ओर श्रद्धालुओं का कहना है कि शुल्क वसूलने और वाहनों को रोकने की प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए। उनका आरोप है कि पार्किंग व्यवस्था के नाम पर रास्ता रोकना उचित नहीं है और जिन लोगों को वाहन पार्क नहीं करना है, उनसे भी शुल्क लेना सवाल खड़ा करता है।

    श्रद्धालु दिनेश सारस्वत ने भी व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा कि रास्ते रोककर बिना रसीद शुल्क दिए लोगों को आगे नहीं जाने देना उचित नहीं है। उन्होंने इसे कुछ वर्षों से शुरू हुई व्यवस्था बताते हुए इसे बंद कराने और श्रद्धालुओं के साथ कथित गलत व्यवहार पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्थानीय विधायक से भी मामले में हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई।

    भादवा मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था, शुल्क वसूली और यातायात प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं की शिकायतों के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि निर्धारित शुल्क की वसूली किस तरह हो रही है और क्या पार्किंग नहीं करने वाले वाहनों से भी रकम लेना नियमों के अनुरूप है। इन आरोपों पर प्रशासन की स्पष्ट कार्रवाई और स्थिति की जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।