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  • वैश्विक बाजार में नई पहचान, सिंगापुर पहुंची प्रीमियम चेरी और प्लम की पहली खेप से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद

    वैश्विक बाजार में नई पहचान, सिंगापुर पहुंची प्रीमियम चेरी और प्लम की पहली खेप से किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद

    नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में शोपियां और पुलवामा से प्रीमियम अरेको चेरी और सेंटरोज प्लम की पहली खेप सिंगापुर के लिए रवाना की गई है। इस पहल को क्षेत्र के फल उत्पादकों के लिए नए अवसरों का द्वार माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ भारतीय बागवानी उत्पादों की वैश्विक पहचान को और मजबूत करना है।

    जम्मू-कश्मीर लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले शीतोष्ण फलों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहां की जलवायु, मिट्टी और प्राकृतिक परिस्थितियां ऐसे फलों की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। अरेको चेरी अपनी मिठास, आकर्षक रंग और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखने की क्षमता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विशेष मांग रखती है, जबकि सेंटरोज प्लम भी गुणवत्ता और स्वाद के आधार पर प्रीमियम श्रेणी का फल माना जाता है।

    इस निर्यात के लिए फलों की कटाई से लेकर ग्रेडिंग, पैकिंग और परिवहन तक पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप पूरी की गई। गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आधुनिक कोल्ड चेन प्रणाली का उपयोग किया गया, ताकि सिंगापुर पहुंचने तक फलों की ताजगी और गुणवत्ता पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पौध स्वच्छता से जुड़े सभी आवश्यक मानकों का पालन भी सुनिश्चित किया गया।

    इससे पहले जम्मू-कश्मीर से ताजी चेरी और प्लम का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी और दुबई जैसे बाजारों में सफलतापूर्वक किया जा चुका है। अब सिंगापुर जैसे नए और प्रीमियम बाजार में प्रवेश से क्षेत्र के बागवानी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और व्यापक होने की उम्मीद है। इससे भविष्य में अन्य देशों के साथ भी निर्यात के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

    इस पहल में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं और स्थानीय निर्यातकों के बीच समन्वय स्थापित किया गया। आधुनिक पैकिंग, गुणवत्ता परीक्षण और निर्यात प्रबंधन की मदद से यह सुनिश्चित किया गया कि उत्पाद वैश्विक बाजार की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरे उतरें। इससे स्थानीय बागवानों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पादन और प्रबंधन की नई जानकारी भी मिलेगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से किसानों को पारंपरिक बिक्री व्यवस्था की तुलना में काफी बेहतर प्रतिफल मिलने की संभावना है। बेहतर मूल्य मिलने से बागवान आधुनिक खेती तकनीकों, उन्नत पौधों, वैज्ञानिक प्रबंधन और फसल कटाई के बाद की प्रक्रियाओं में अधिक निवेश कर सकेंगे। इससे उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ेगी, फसल की बर्बादी कम होगी और निर्यात योग्य फलों की मात्रा में भी वृद्धि होगी।

    जम्मू-कश्मीर के फल उत्पादकों के लिए यह उपलब्धि केवल एक निर्यात खेप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। वैश्विक बाजारों से सीधा जुड़ाव किसानों को स्थायी आय, बेहतर बाजार विकल्प और दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्रदान कर सकता है। साथ ही भारत के उच्च गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय पहचान और मजबूत होगी, जिससे भविष्य में कृषि निर्यात को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।

  • जम्मू-कश्मीर में बारिश बनी आफत, राजौरी में अचानक आई बाढ़ से 200 से अधिक वाहन बहे, बस स्टैंड और निचले इलाके जलमग्न

    जम्मू-कश्मीर में बारिश बनी आफत, राजौरी में अचानक आई बाढ़ से 200 से अधिक वाहन बहे, बस स्टैंड और निचले इलाके जलमग्न

    नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे अधिक असर राजौरी जिले में देखने को मिला, जहां अचानक आई बाढ़ और तेज बहाव ने भारी तबाही मचा दी। लगातार वर्षा के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया और बड़ी संख्या में लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव के प्रयास जारी हैं।

    राजौरी जिले में धरहाल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया। तेज बहाव की चपेट में आकर 200 से अधिक वाहन बह गए या मलबे में दब गए। कई स्थानों पर सड़कें कीचड़ और मलबे से भर गईं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई वाहन एक-दूसरे के ऊपर फंस गए, जबकि कुछ पूरी तरह पानी में समा गए। इससे स्थानीय लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

    भारी बारिश के कारण शहर का प्रमुख बस स्टैंड भी बाढ़ की चपेट में आ गया। पूरे परिसर में पानी और मलबा भर जाने से उसकी पहचान तक मुश्किल हो गई। बस स्टैंड के आसपास का निचला इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी पानी घुस गया, जिसके कारण सामान खराब हो गया और व्यापारियों को नुकसान का सामना करना पड़ा।

    रिहायशी इलाकों में भी बाढ़ का असर स्पष्ट दिखाई दिया। कई घरों में पानी भर जाने से घरेलू सामान, फर्नीचर और जरूरी वस्तुएं खराब हो गईं। कुछ मकानों को संरचनात्मक क्षति पहुंची, जबकि दो मकान पूरी तरह ढह गए। लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा और कई परिवारों ने ऊंचे इलाकों में अस्थायी रूप से शरण ली। जलभराव और मलबे के कारण सामान्य गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो गईं।

    लगातार बारिश के चलते जिले के कई हिस्सों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। नदियों और नालों के उफान पर होने से कई मार्गों पर आवाजाही मुश्किल हो गई। प्रशासनिक टीमें प्रभावित इलाकों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं और जहां आवश्यकता है वहां राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय स्तर पर जलनिकासी और मलबा हटाने का कार्य भी शुरू किया गया है ताकि सामान्य स्थिति जल्द बहाल की जा सके।

    मौसम विभाग ने क्षेत्र में अगले 48 घंटे तक भारी वर्षा की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर लोगों को नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है। आपदा की इस स्थिति ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के दौरान सतर्कता, मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था और समय पर राहत कार्यों की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

  • अमरनाथ यात्रियों से भरे काफिले में बड़ा हादसा जम्मू श्रीनगर हाईवे पर चार वाहन भिड़े 18 श्रद्धालु घायल

    अमरनाथ यात्रियों से भरे काफिले में बड़ा हादसा जम्मू श्रीनगर हाईवे पर चार वाहन भिड़े 18 श्रद्धालु घायल

    नई दिल्ली । अमरनाथ यात्रा के दौरान सोमवार को जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। रामबन जिले के चंदरकोट क्षेत्र में यात्रा काफिले के साथ चल रहे चार वाहन आपस में टकरा गए जिससे अफरा तफरी मच गई। हादसे में 18 अमरनाथ श्रद्धालु घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि सभी को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत राहत एवं बचाव अभियान चलाया और सभी घायलों को रामबन जिला अस्पताल पहुंचाया।

    जानकारी के अनुसार हादसा चंदरकोट स्थित लंगर स्थल के पास उस समय हुआ जब पहलगाम की ओर जा रहे अमरनाथ यात्रा काफिले में शामिल वाहन एक दूसरे से टकरा गए। सबसे पहले जम्मू कश्मीर सड़क परिवहन निगम की एक बस आगे चल रही दूसरी एसआरटीसी बस से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि दूसरी बस आगे चल रही कार से टकरा गई और कार ने सामने मौजूद एक निजी बस को जोरदार टक्कर मार दी। देखते ही देखते चारों वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए और यात्रियों में चीख पुकार मच गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल रामबन ले जाया गया जहां उनका उपचार शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी यात्री की हालत गंभीर नहीं है और सभी खतरे से बाहर हैं।

    अब तक दस घायलों की पहचान हो चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी हर्ष राजपूत विशाल गुप्ता और पंकज सुवनकर शामिल हैं। महाराष्ट्र के यवतमाल निवासी सुहास जीवन मोवाडे भी हादसे में घायल हुए हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी भारत भूषण और विनोद कुमार को भी चोटें आई हैं। इसके अलावा राजस्थान के बीकानेर की किरण पंजाब की सीमा रानी राजस्थान के पवन कुमार और गंगा सिन्हा भी घायलों में शामिल हैं। शेष आठ यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

    दुर्घटना के कारण जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर मार्ग को दोबारा सुचारु कराया। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना चालक की लापरवाही से हुई या किसी तकनीकी खराबी की वजह से।

    गौरतलब है कि इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हुई है और यह 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू कश्मीर पहुंच रहे हैं। अब तक दो लाख पैंतालीस हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं लेकिन इस हादसे ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षित संचालन की चुनौती को एक बार फिर सामने ला दिया है।

  • मीरवाइज को दिल्ली बुलाने के फैसले पर कायम रहे उमर अब्दुल्ला, राज्य का दर्जा बहाली की मांग से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप

    मीरवाइज को दिल्ली बुलाने के फैसले पर कायम रहे उमर अब्दुल्ला, राज्य का दर्जा बहाली की मांग से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप

    नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्रस्तावित दिल्ली रैली के लिए मीरवाइज उमर फारूक को भेजे गए निमंत्रण का खुलकर बचाव किया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से विवाद का रूप देकर राज्य का दर्जा बहाल करने की उनकी पार्टी की मांग से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रैली का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाना है।

    जम्मू में आयोजित ‘दिल्ली चलो’ रैली को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन के लिए 50 से अधिक लोगों को आमंत्रण भेजा था, लेकिन केवल एक नाम को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने लोगों को निमंत्रण भेजा गया, तब केवल मीरवाइज उमर फारूक के नाम को ही प्रमुखता से क्यों उठाया गया। उनके अनुसार यह पूरी बहस वास्तविक राजनीतिक मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास है।

    मुख्यमंत्री ने भाजपा और मीडिया के एक वर्ग पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ मंचों पर इस निमंत्रण को इस तरह प्रस्तुत किया गया, मानो पार्टी ने किसी अलगाववादी एजेंडे को बढ़ावा देने का प्रयास किया हो। उन्होंने कहा कि यह व्याख्या तथ्यों के अनुरूप नहीं है और इससे केवल भ्रम पैदा किया जा रहा है। उनके अनुसार राज्य का दर्जा बहाल करने जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होने के बजाय राजनीतिक विमर्श को दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ा जा रहा है।

    उमर अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार के उन दावों का भी उल्लेख किया, जिनमें कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियां अब समाप्त हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह दावा सही है, तो फिर उसी आधार पर किसी व्यक्ति को अलगाववादी बताकर विवाद खड़ा करना विरोधाभासी प्रतीत होता है। उनका कहना था कि दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं और इस विषय पर स्पष्टता आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी पार्टी का प्रमुख लक्ष्य जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है, ताकि इस मांग को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके। उनके अनुसार यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष के समर्थन या विरोध का नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक अपेक्षाओं से जुड़ा हुआ है।

    उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू में आयोजित रैली में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है। उनके अनुसार जनता इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और राजनीतिक दलों को भी इसी विषय पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि लोकतांत्रिक माध्यमों से उठाई जा रही यह मांग आगे भी मजबूती के साथ जारी रहेगी।

    दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले इस निमंत्रण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर नेशनल कॉन्फ्रेंस इसे राज्य का दर्जा बहाल करने के अभियान का हिस्सा बता रही है, वहीं विपक्षी दल इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा जम्मू-कश्मीर की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में भी महत्वपूर्ण बना रह सकता है।

  • जम्मू-कश्मीर को लेकर ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन का बड़ा बयान, PoK समेत पूरा..भारत के साथ होना चाहिए

    जम्मू-कश्मीर को लेकर ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन का बड़ा बयान, PoK समेत पूरा..भारत के साथ होना चाहिए


    नई दिल्ली। ब्रिटेन के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने जम्मू-कश्मीर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला PoK भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। ब्लैकमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने की उनकी मांग नई नहीं है, बल्कि यह तीन दशक से अधिक पुरानी है। उनका रुख 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के फैसले से प्रेरित नहीं है, बल्कि 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद से उन्होंने इसे अपनाया था।
    जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में आयोजित एक हाई-टी कार्यक्रम में बोलते हुए ब्लैकमैन ने कहा कि उनका यह दृष्टिकोण 1992 में बन गया था, जब कश्मीरी पंडितों को उनके पैतृक घरों से बाहर निकाल दिया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने ब्रिटेन में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अन्याय पर ध्यान आकर्षित करने के लिए कई प्रयास किए थे। ब्लैकमैन ने कहा, “हमने उस समय एक बड़ी बैठक आयोजित की थी ताकि यह बताया जा सके कि धर्म के आधार पर लोगों को उनके घरों से निकालना एक गंभीर अन्याय है।
    मैं हमेशा से मानता आया हूं कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत के शासन के तहत ही सुरक्षित और स्थिर रहेगा।”

    बॉब ब्लैकमैन ने इस क्षेत्र में आतंकवाद की लगातार निंदा की है और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले हिस्सों की आलोचना की है। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि पूरे जम्मू और कश्मीर रियासत को भारत के शासन में शामिल किया जाना चाहिए। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय को रोकना चाहिए।”

    उन्होंने पहलागाम में हुए आतंकी हमले की भी कड़ी निंदा की, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। ब्लैकमैन ने कहा कि ब्रिटेन की सरकार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।

    उनका मानना है कि भारत और पश्चिमी देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना जरूरी है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता और शांति कायम रह सके।

    इससे पहले, जून में ऑपरेशन सिंदूर ग्लोबल आउटरीच के दौरान ब्लैकमैन ने पाकिस्तान को “नाकाम देश” करार दिया और वहां के नागरिक-सैन्य संतुलन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान के लोकतांत्रिक संस्थान कार्यरत हैं या सेना के जनरल शासन कर रहे हैं।

    ब्लैकमैन ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान से भारत में आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भारत के साथ एकजुट होना अनिवार्य है।

    ब्लैकमैन का यह बयान दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का रुख जम्मू-कश्मीर और आतंकवाद के मुद्दों पर मजबूत समर्थन पा रहा है। उनका यह दृष्टिकोण केवल राजनीतिक बयान नहीं बल्कि मानवाधिकार और शांति के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत के साथ जोड़ना न केवल न्यायसंगत है, बल्कि यह क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक जरूरी कदम भी है।