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  • सिनर की चोट ने बढ़ाई टेंशन, सिनसिनाटी ओपन से नाम लिया वापस; अब यूएस ओपन पर टिकी नजरें

    सिनर की चोट ने बढ़ाई टेंशन, सिनसिनाटी ओपन से नाम लिया वापस; अब यूएस ओपन पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली । दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी यानिक सिनर को यूएस ओपन से पहले बड़ा झटका लगा है। इटली के स्टार खिलाड़ी ने दाहिने घुटने की चोट के कारण सिनसिनाटी ओपन से अपना नाम वापस ले लिया है। टूर्नामेंट आयोजकों ने सिनर के हटने की पुष्टि कर दी है। साल के आखिरी ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन की तैयारियों के लिहाज से सिनर के लिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्हें हार्ड कोर्ट पर अपनी लय हासिल करने के लिए सिनसिनाटी ओपन में उतरना था। अब उनका पूरा ध्यान चोट से उबरने और यूएस ओपन के लिए खुद को फिट करने पर होगा।

    24 वर्षीय सिनर ने अपने फैसले के बारे में बताते हुए कहा कि डॉक्टरों और अपनी टीम से सलाह लेने के बाद उन्होंने सिनसिनाटी में होने वाले मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि उनके दाहिने घुटने में परेशानी है और मेडिकल टीम उनके साथ लगातार काम कर रही है। हालांकि अभी वह मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं, इसलिए उन्होंने जोखिम लेने के बजाय आराम और रिकवरी को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

    सिनर के लिए यह इस महीने का दूसरा बड़ा हार्ड कोर्ट टूर्नामेंट होगा जिससे उन्हें बाहर रहना पड़ेगा। इससे पहले उन्होंने कैनेडियन ओपन से भी अपना नाम वापस लिया था। ऐसे में यूएस ओपन से पहले उनके पास प्रतिस्पर्धी मुकाबले के जरिए अपनी तैयारी मजबूत करने के मौके काफी कम हो गए हैं। पिछले महीने विंबलडन में अपना पांचवां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के बाद सिनर से उम्मीद की जा रही थी कि वह नॉर्थ अमेरिका के हार्ड कोर्ट टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन करते हुए यूएस ओपन में अपने खिताब की रक्षा की तैयारी करेंगे।

    सिनर ने सिनसिनाटी ओपन से हटने पर निराशा भी जताई। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट में नहीं खेल पाना उनके लिए निराशाजनक है, लेकिन इस समय सबसे जरूरी पूरी तरह फिट होना है। उन्होंने संकेत दिया कि अब उनका ध्यान यूएस ओपन की तैयारी पर रहेगा और वह चोट को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते।

    सिनर के हटने से सिनसिनाटी ओपन की स्टार पावर को भी बड़ा झटका लगा है। इससे पहले यूएस ओपन चैंपियन कार्लोस अल्काराज भी कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में सिनसिनाटी के मुख्य ड्रॉ में दो बड़े नामों की गैरमौजूदगी ने टूर्नामेंट की तस्वीर बदल दी है। वहीं सिनर के लिए इसका सीधा असर यूएस ओपन की तैयारियों पर पड़ सकता है क्योंकि अब उन्हें हार्ड कोर्ट पर प्रतिस्पर्धी अभ्यास का सीमित अवसर मिलेगा।

    सिनसिनाटी ओपन का मेन ड्रॉ 13 अगस्त से शुरू होना है, जबकि यूएस ओपन का मेन ड्रॉ 30 अगस्त से शुरू होगा। ऐसे में सिनर के पास लगभग दो सप्ताह से थोड़ा अधिक समय रहेगा जिसमें उन्हें घुटने की समस्या से पूरी तरह उबरना होगा। उनके लिए चुनौती यह होगी कि वह बिना जल्दबाजी किए फिटनेस हासिल करें और यूएस ओपन में अपने खिताब की रक्षा के लिए कोर्ट पर उतरें।

    सिनर का इस समय चोट से बचने का फैसला उनके लंबे सीजन को देखते हुए भी महत्वपूर्ण है। लगातार बड़े टूर्नामेंट खेलने के बाद शरीर पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है और घुटने की समस्या को गंभीर होने से रोकने के लिए आराम करना जरूरी हो सकता है। अब टेनिस प्रशंसकों की नजर इस बात पर होगी कि सिनर अगले कुछ हफ्तों में कितनी तेजी से रिकवरी करते हैं और क्या वह यूएस ओपन में पूरी फिटनेस के साथ अपने अभियान की शुरुआत कर पाते हैं।

  • सेमीफाइनल हार के बाद भी नहीं टूटा जोकोविच का हौसला, 25वें ग्रैंड स्लैम के लिए जारी रहेगी जंग

    सेमीफाइनल हार के बाद भी नहीं टूटा जोकोविच का हौसला, 25वें ग्रैंड स्लैम के लिए जारी रहेगी जंग


    नई दिल्ली। विंबलडन 2026 के पुरुष एकल सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हार झेलने के बावजूद टेनिस महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने साफ कर दिया कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। सात बार के विंबलडन चैंपियन ने संन्यास की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वह कम से कम एक बार और इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम में वापसी करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब का सपना भी बरकरार रहने की बात कही।

    39 वर्षीय सर्बियाई स्टार को सेमीफाइनल में जैनिक सिनर ने 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पूरे मुकाबले में सिनर ने आक्रामक और संतुलित खेल दिखाया तथा जोकोविच को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। हार के बाद जब जोकोविच सेंटर कोर्ट से बाहर निकले तो दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका सम्मान किया। इसके बाद उनके संन्यास को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं, लेकिन जोकोविच ने इन सभी अटकलों को तुरंत खारिज कर दिया।

    जोकोविच ने कहा कि वह कम से कम एक बार और विंबलडन में खेलना चाहते हैं। उन्होंने माना कि इस हार से उन्हें निराशा हुई है क्योंकि उनका लक्ष्य एक और विंबलडन खिताब जीतना था। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वह लगातार मेहनत करते हैं और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं।

    उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन को सकारात्मक बताया। खास तौर पर क्वार्टर फाइनल में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे के खिलाफ मिली जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस मुकाबले ने साबित किया कि वह आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास को मजबूत करता है और बताता है कि वह अब भी शीर्ष स्तर का टेनिस खेल सकते हैं।

    जोकोविच ने स्वीकार किया कि सेमीफाइनल में वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने जैनिक सिनर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार टेनिस खेली और जीत के पूरी तरह हकदार रहे। हालांकि इस हार का दुख रहेगा, लेकिन वह इसे पीछे छोड़कर आगे की चुनौतियों पर ध्यान देना चाहते हैं।

    24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके जोकोविच की अब नजर यूएस ओपन 2026 पर होगी। यदि वह वहां खिताब जीतने में सफल रहते हैं तो यह उनके करियर का 25वां ग्रैंड स्लैम होगा और वह इस मामले में मार्गरेट कोर्ट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देंगे। यही लक्ष्य उन्हें लगातार प्रेरित कर रहा है।

    जोकोविच ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी रिकॉर्ड या बाहरी दबाव के कारण नहीं खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी टेनिस से उतना ही प्यार है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ जीत हासिल करने में सक्षम हैं। यही विश्वास उन्हें आगे भी कोर्ट पर उतरने और नई उपलब्धियां हासिल करने की प्रेरणा देता रहेगा।

  • इटैलियन ओपन पर जैनिक सिनर का कब्जा, कैस्पर रूड को हराकर हासिल की ऐतिहासिक जीत

    इटैलियन ओपन पर जैनिक सिनर का कब्जा, कैस्पर रूड को हराकर हासिल की ऐतिहासिक जीत

    नई दिल्ली । इटली की राजधानी रोम में खेले गए इटैलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला ऐतिहासिक बन गया, जहां युवा टेनिस स्टार जैनिक सिनर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल अपने करियर का एक बड़ा मुकाम हासिल किया, बल्कि घरेलू दर्शकों के सामने इटली के लंबे इंतजार को भी खत्म कर दिया। करीब पांच दशक बाद किसी इतालवी खिलाड़ी ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है, जिससे पूरे देश में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

    फाइनल मुकाबले में सिनर का सामना नॉर्वे के अनुभवी खिलाड़ी कैस्पर रूड से हुआ। शुरुआत में रूड ने आक्रामक खेल दिखाते हुए दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन सिनर ने संयम और रणनीति के साथ मैच में वापसी की। पहले सेट में बढ़त हासिल करने के बाद उन्होंने अपने खेल को और अधिक सटीक और आक्रामक बनाया। लगातार बेसलाइन से लगाए गए गहरे और नियंत्रित शॉट्स ने उन्हें मैच में मजबूत पकड़ दिलाई और धीरे-धीरे उन्होंने मुकाबले का पूरा रुख अपने पक्ष में कर लिया।

    दोनों सेटों में समान स्कोर के साथ समाप्त हुए इस फाइनल में सिनर ने मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस का बेहतरीन प्रदर्शन किया। लंबे समय तक चले इस मुकाबले में उन्होंने न केवल तकनीकी श्रेष्ठता दिखाई, बल्कि दबाव के क्षणों में भी खुद को संतुलित रखा। यही वजह रही कि वे निर्णायक पलों में बढ़त बनाए रखने में सफल रहे और खिताब जीतने में कामयाब हुए।

    इस जीत के साथ सिनर ने अपने करियर का एक और बड़ा अध्याय जोड़ा है। लगातार कई बड़े टूर्नामेंट जीतते हुए उन्होंने विश्व टेनिस में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। इस सफलता के साथ वे उस चुनिंदा सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने एटीपी मास्टर्स स्तर पर सभी प्रमुख खिताब अपने नाम किए हैं, जो उनके निरंतर प्रदर्शन और उच्च स्तर की क्षमता को दर्शाता है।

    मैच के बाद भावुक होते हुए सिनर ने अपने प्रदर्शन और टीम के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जीत उनके लिए केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने अपनी टीम के समर्थन को इस सफलता की नींव बताया, जिसने पूरे सीजन उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखा।

    वहीं, फाइनल में हार के बावजूद कैस्पर रूड ने सिनर के प्रदर्शन की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने माना कि घरेलू दर्शकों के सामने इस तरह का प्रदर्शन करना असाधारण उपलब्धि है और यह मैच उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण मुकाबलों में से एक रहा। उन्होंने सिनर को इस ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनका खेल वर्तमान टेनिस युग में एक नई ऊंचाई स्थापित कर रहा है।

    रोम के दर्शकों के लिए यह मुकाबला यादगार बन गया, जहां घरेलू खिलाड़ी की जीत ने पूरे स्टेडियम को उत्साह से भर दिया। इस जीत ने न केवल सिनर के करियर को नई दिशा दी, बल्कि इटली में टेनिस के प्रति बढ़ते जुनून को भी और मजबूत कर दिया है।

  • इंडियन वेल्स ओपन: सेमीफाइनल में मेदवेदेव ने अल्काराज को हराया, फाइनल में होगा सिनर का मुकाबला

    इंडियन वेल्स ओपन: सेमीफाइनल में मेदवेदेव ने अल्काराज को हराया, फाइनल में होगा सिनर का मुकाबला


    नई दिल्ली। डेनियल मेदवेदेव ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इंडियन वेल्स ओपन के फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में मेदवेदेव ने दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज को 6-3, 7-6(3) से हराकर फाइनल में जगह बनाई। 2026 में लगातार 16 मैच जीतने के बाद अल्काराज की यह पहली हार थी।

    मेदवेदेव ने 2024 इंडियन वेल्स चैंपियनशिप मैच के बाद अपने पहले एटीपी मास्टर्स 1000 फाइनल में जगह बनाई है।

    मेदवेदेव ने आक्रामकता के साथ मैच में कदम रखा था। सटीक ग्राउंडस्ट्रोक और लगातार सर्विंग से रैलियों को नियंत्रित किया। शुरुआती सेट में अल्काराज की सर्विस तोड़ी और डीप रिटर्न और सॉलिड बेसलाइन प्ले से दबाव बनाए रखा।

    अल्काराज, जिन्होंने 2023 और 2024 दोनों में इंडियन वेल्स फाइनल में मेदवेदेव को हराया था, ने दूसरे सेट में वापसी करने की कोशिश की, लेकिन दबाव में मेदवेदेव का शांत रहना अहम साबित हुआ। 4-5 पर दो सेट पॉइंट का सामना करते हुए, रूसी खिलाड़ी ने मजबूत सर्व की और स्पेन के खिलाड़ी से गलतियाँ करवाईं, आखिरकार सेट को टाई-ब्रेक तक ले गए।

    वहां पहुंचने के बाद, मेदवेदेव ने अपनी रफ्तार बनाए रखी। उन्होंने अपने बनाए दोनों ब्रेक मौकों को भुनाया और अपने सामने आए पांच में से चार ब्रेक पॉइंट जीते। उन्होंने अपनी दूसरी सर्व के पीछे भी दबदबा बनाया, और उन पॉइंट्स में से 74 प्रतिशत जीते।
    जीत के बाद मेदवेदेव ने कहा कि अल्काराज का सामना करना एक चुनौती है।

    इस नतीजे से मेदवेदेव को इस सीजन में अपनी टूर-लीडिंग 18वीं जीत मिली है। वह साल के अपने तीसरे फाइनल में पहुंच गए हैं। 30 साल के मेदवेदेव पहले ही 2026 में ब्रिस्बेन इंटरनेशनल और दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैंपियनशिप में टाइटल जीत चुके हैं। वह इस सीजन में फाइनल में अपने परफेक्ट रिकॉर्ड को और आगे बढ़ाना चाहेंगे।

    रूसी खिलाड़ी मेदवेदेव का फाइनल में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी जानिक सिनर से होगा। सिनर ने अलेक्जेंडर जेवरेव को हराकर फाइनल में जगह बनाई है।

    सिनर ने चौथे सीड जेवरेव को 6-2, 6-4 से हराकर सेमी-फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। इटैलियन खिलाड़ी ने बेसलाइन से कॉन्फिडेंस के साथ स्ट्राइक किया और अपनी पहली सर्व के पीछे 83 प्रतिशत अंक जीते। इस जीत ने जेवरेव पर सिनर की लगातार छठी टूर-लेवल जीत को मार्क किया और इंडियन वेल्स फाइनल में उनकी पहली एंट्री पक्की कर दी। वह टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाले पहले इटैलियन खिलाड़ी बन गए हैं।

  • इंडियन वेल्स ओपन में जैनिक सिनर का जलवा, फोंसेका को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह

    इंडियन वेल्स ओपन में जैनिक सिनर का जलवा, फोंसेका को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह


    नई दिल्ली:
    दुनिया के नंबर-2 टेनिस खिलाड़ी Jannik Sinner ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Indian Wells Open के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। इटली के 24 वर्षीय स्टार खिलाड़ी ने ब्राजील के युवा टेनिस खिलाड़ी João Fonseca को कड़े मुकाबले में 7-6 (6), 7-6 (4) से हराया। दोनों सेट टाई-ब्रेक तक पहुंचे, लेकिन अहम मौकों पर सिनर ने संयम दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया।

    टाई-ब्रेक में दिखाया जबरदस्त धैर्य
    मैच की शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहले सेट में किसी भी खिलाड़ी को आसानी से ब्रेक नहीं मिला। टाई-ब्रेक में João Fonseca ने 5-2 की बढ़त बना ली थी और ऐसा लग रहा था कि वह सेट अपने नाम कर लेंगे। लेकिन Jannik Sinner ने शानदार वापसी करते हुए लगातार पांच अंक जीत लिए और तीन सेट पॉइंट बचाकर पहला सेट अपने नाम कर लिया। इस शानदार वापसी ने मैच का रुख बदल दिया।

    दूसरे सेट में भी रोमांचक मुकाबला
    दूसरे सेट में सिनर ने 4-2 और फिर 5-2 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से मैच जीत जाएंगे। हालांकि João Fonseca ने हार नहीं मानी और शानदार वापसी की।

    जब सिनर 5-3 पर मैच के लिए सर्व कर रहे थे, तब फोंसेका ने उन्हें लव पर ब्रेक कर दिया और अगले 14 में से 12 अंक जीतकर सेट को फिर से टाई-ब्रेक में पहुंचा दिया। लेकिन टाई-ब्रेक के निर्णायक क्षणों में सिनर ने फिर अपना बेहतरीन खेल दिखाया। उन्होंने आखिरी चार अंक लगातार जीतकर मैच को अपने नाम कर लिया।

    मास्टर्स 1000 में नया रिकॉर्ड
    इस जीत के साथ Jannik Sinner ने एक खास उपलब्धि भी हासिल की। 2024 की शुरुआत से खेले गए 12 ATP Masters 1000 टूर्नामेंट में से 11 में उन्होंने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया है।

    इसके अलावा यह उनकी मास्टर्स 1000 स्तर पर 97वीं जीत भी रही। इस जीत के साथ ही वह इस स्तर पर सबसे ज्यादा मैच जीतने वाले इटैलियन खिलाड़ी बन गए और उन्होंने अपने हमवतन Fabio Fognini को पीछे छोड़ दिया।

    सिनर ने की फोंसेका की तारीफ
    मैच के बाद सिनर ने युवा खिलाड़ी फोंसेका की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा,
    “जोआओ एक जबरदस्त खिलाड़ी हैं और उनमें काफी प्रतिभा है। वह दोनों तरफ से बेहद शक्तिशाली शॉट खेलते हैं और उनकी सर्विस भी शानदार थी। मुझे लगा कि आक्रामक खेलना ही इस मैच को जीतने का सबसे अच्छा तरीका था।” उन्होंने यह भी माना कि दूसरे सेट के अंत में उनकी तीव्रता थोड़ी कम हो गई थी, जिसका फायदा फोंसेका ने उठाया।

    क्वार्टर फाइनल में होगी कड़ी टक्कर
    अब क्वार्टर फाइनल में Jannik Sinner का मुकाबला अमेरिका के युवा खिलाड़ी Learner Tien से होगा। सिनर शानदार फॉर्म में हैं और इस टूर्नामेंट में खिताब के प्रबल दावेदारों में से एक माने जा रहे हैं। ऐसे में क्वार्टर फाइनल मुकाबला भी बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।