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  • Update: तीन राज्यों के उपचुनाव परिणाम : दतिया में Congress, गुजरात में BJP, बांकीपुर में प्रशांत किशोर जीते

    Update: तीन राज्यों के उपचुनाव परिणाम : दतिया में Congress, गुजरात में BJP, बांकीपुर में प्रशांत किशोर जीते

    नई दिल्ली। बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के परिणाम आ गए हैं। मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की, जबकि गुजरात की मंजलपुर सीट भाजपा के खाते में गई। वहीं बिहार की बांकीपुर सीट से जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की है।

    बांकीपुर से प्रशांत किशोर जीते
    बिहार के बांकीपुर में नितिन नवीन की सीट पर प्रशांत किशोर जीत गए हैं। जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर 19,324 वोटों से जीते हैं। प्रशांत को 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 44,827 वोट मिले हैं। बांकीपुर सीट भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन का गढ़ मानी जाती है। उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके चलते उपचुनाव कराया गया।

    जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि उनके विधायक बनने से बांकीपुर रातोंरात नहीं बदलेगा, लेकिन अगले दो-तीन महीनों में लोग सकारात्मक बदलाव जरूर महसूस करेंगे। उन्होंने भाजपा नेतृत्व से बिहार के लिए बेहतर मुख्यमंत्री चुनने की भी अपील की।

    दतिया में कांग्रेस की लगातार दूसरी जी
    मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,056 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। भाजपा ने इस सीट पर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। दिलचस्प बात यह रही कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा के मतदान केंद्र बूथ नंबर-121 पर भी कांग्रेस को बढ़त मिली। यहां कांग्रेस को 291 और भाजपा को 264 वोट मिले। जीत के बाद घनश्याम सिंह ने कहा कि यह जनादेश देशभर में संदेश देगा और जनता बदलाव चाहती है।

    गुजरात के मंजलपुर में भाजपा की जीत
    गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतेन्द्रभाई (सतीश) पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के अंतर से हराया। जीत के बाद सतीश पटेल ने मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि जनता ने उन पर भी वैसा ही भरोसा जताया है जैसा पहले उनके नेतृत्व पर जताया था। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार भिखाभाई रबारी ने हार स्वीकार करते हुए मतदान के अंतिम चरण में भय का माहौल बनाए जाने का आरोप लगाया।

    30 जुलाई को हुआ था मतदा
    तीनों विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था। गुजरात की मंजलपुर सीट पर 37.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। तीनों राज्यों के उपचुनावों के नतीजों को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

  • बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की सीधी एंट्री, भाजपा के मजबूत गढ़ में मुकाबले ने बढ़ाया बिहार की राजनीति का तापमान

    बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की सीधी एंट्री, भाजपा के मजबूत गढ़ में मुकाबले ने बढ़ाया बिहार की राजनीति का तापमान

    नई दिल्ली । बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से होने वाले उपचुनाव में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। इस घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में उपचुनाव को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है और सभी प्रमुख दलों की रणनीतियों पर नजरें टिक गई हैं।

    बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। यह सीट पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। राजधानी पटना के प्रमुख शहरी क्षेत्र में स्थित इस सीट पर वर्षों से भाजपा का मजबूत प्रभाव रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला पहले की तुलना में अधिक दिलचस्प माना जा रहा है।

    जन सुराज की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों की राय और संगठन की सहमति के आधार पर प्रशांत किशोर को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी का कहना है कि वह इस चुनाव को केवल एक सीट का मुकाबला नहीं बल्कि बेहतर राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करने के अवसर के रूप में देख रही है।

    उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनती है तो वह विधानसभा में लोगों की आवाज को मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने दावा किया कि जन सुराज का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना उनकी प्राथमिकता होगी।

    प्रशांत किशोर लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे, लेकिन अब यह पहला अवसर है जब उन्होंने स्वयं चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। इससे पहले भी उनके चुनाव लड़ने को लेकर कई बार चर्चाएं हुई थीं, लेकिन उन्होंने प्रत्यक्ष राजनीति में कदम नहीं रखा था। इस बार उन्होंने औपचारिक रूप से चुनावी मुकाबले में उतरकर अपनी राजनीतिक भूमिका को नया आयाम दिया है।

    राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं कि उपचुनाव में विपक्षी दल किस रणनीति के साथ आगे बढ़ेंगे। कुछ राजनीतिक संकेत ऐसे भी मिल रहे हैं कि कुछ विपक्षी दल अपने उम्मीदवार उतारने के बजाय साझा रणनीति पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी दल की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    बांकीपुर विधानसभा सीट पर मतदान 30 जुलाई को प्रस्तावित है। भाजपा ने अभी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है, जिसके कारण राजनीतिक उत्सुकता और बढ़ गई है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा, चुनाव प्रचार और स्थानीय मुद्दों के साथ यह उपचुनाव बिहार की राजनीति का प्रमुख केंद्र बनने की संभावना रखता है। सभी दलों की नजरें अब इस प्रतिष्ठित सीट पर होने वाले मुकाबले और उसके संभावित राजनीतिक संदेश पर टिकी हुई हैं।