Tag: Jantar Mantar

  • NEET विवाद पर बड़ा फैसला 36 दिन के आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने छोड़ा पद सरकार ने स्वीकारा इस्तीफा

    NEET विवाद पर बड़ा फैसला 36 दिन के आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने छोड़ा पद सरकार ने स्वीकारा इस्तीफा


    नई दिल्ली: देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे विवाद और दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। लंबे समय से छात्र संगठन, विपक्षी दल और विभिन्न सामाजिक संगठन परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर उनकी जवाबदेही तय करने और इस्तीफे की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले को आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    पिछले कई सप्ताह से राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सहमति नहीं बन सकी थी। आखिरकार सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ने का निर्देश दिया और उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

    इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों में उत्साह का माहौल बन गया। छात्रों ने नारेबाजी कर इसे लोकतांत्रिक संघर्ष और एकजुटता की जीत बताया। छात्र नेताओं का कहना है कि यह केवल पहला कदम है और अब सरकार को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक शिक्षा सुधारों के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

    विपक्षी दलों ने भी इस घटनाक्रम को छात्रों और जनता की आवाज की जीत बताया है। विपक्ष का दावा है कि संसद से लेकर सड़क तक लगातार बने जनदबाव और विरोध प्रदर्शनों के कारण सरकार को यह फैसला लेना पड़ा। विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने की मांग दोहराई है।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। राजनीतिक गलियारों में नए शिक्षा मंत्री के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही नए शिक्षा मंत्री की घोषणा कर सकती है और शिक्षा सुधारों के लिए नई कार्ययोजना भी सामने ला सकती है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच देशभर के छात्र और अभिभावक सरकार के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

  • CJP और सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा नहीं, कई मुद्दों पर सहमति; इस्तीफे पर कल होगा फैसला

    CJP और सरकार के बीच बातचीत बेनतीजा नहीं, कई मुद्दों पर सहमति; इस्तीफे पर कल होगा फैसला


    नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अहम बैठक हुई। करीब 10 मिनट चली इस वार्ता में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। सरकार ने इस विषय पर विचार के लिए शनिवार तक का समय मांगा है।

    बैठक में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि CJP का प्रतिनिधित्व सौरभ दास और आशुतोष रांका ने किया। वार्ता के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और घायल छात्रों को मुआवजा देने के प्रस्ताव पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। हालांकि, CJP ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े पांच सुझाव रखे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन प्रस्तावों पर आंतरिक स्तर पर चर्चा करेगी और शनिवार दोपहर होने वाली अगली बैठक में अपना विस्तृत पक्ष रखेगी।

    इससे पहले 20 जुलाई को भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन वह किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। अब शुक्रवार की बैठक को समाधान की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    उधर, NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से अब तक किए गए सुधारों और जांच की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं।

    CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार आंदोलन के दबाव में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देर रात जारी किया गया संदेश भी इसी दबाव का परिणाम है। उनका कहना है कि संगठन अपनी प्रमुख मांगों से पीछे नहीं हटेगा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा।

    इसी बीच, 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचकर उन्हें जूस पिलाया। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वांगचुक और CJP के रुख में अंतर देखने को मिला।

    राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। एहतियात के तौर पर मध्य दिल्ली के कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर परिचालन प्रभावित होने की खबर है। प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों पर दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई जारी है।

  • बातचीत को तैयार सरकार, चार बार भेजा न्योता, CJP बोली- जंतर-मंतर आएं, नड्डा के घर नहीं जाएंगे

    बातचीत को तैयार सरकार, चार बार भेजा न्योता, CJP बोली- जंतर-मंतर आएं, नड्डा के घर नहीं जाएंगे


    नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने बातचीत की इच्छा जताई है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार किसी भी समय वार्ता के लिए तैयार है और पिछले 24 घंटे में CJP को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में चर्चा के लिए चार बार आमंत्रित किया गया, लेकिन संगठन ने सभी प्रस्ताव अस्वीकार कर दिए।

    CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है तो उसके प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं या किसी तटस्थ स्थान पर बैठक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन किसी राजनीतिक नेता के घर या कार्यालय में बातचीत के लिए नहीं जाएगा।

    इधर, प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने कनॉट प्लेस स्थित दुकानों, दफ्तरों और रेस्तरां संचालकों से गुरुवार शाम 6:30 बजे तक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की है।

    जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का आंदोलन 20 जून से लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं और फिलहाल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं।

    इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब CJP का प्रदर्शन 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है। वहीं, सोनम वांगचुक का अनशन भी 26 दिन से जारी है और उनका इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा है।

    धरनास्थल पर देशभर से लोगों का समर्थन भी देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों के लिए विभिन्न राज्यों से भोजन भेजा जा रहा है, जबकि छात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सैनिटरी पैड जैसी आवश्यक सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। वहीं, प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं।

  • जंतर-मंतर पर देर रात बवाल: प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प, हालात काबू करने के लिए छोड़े गए आंसू गैस के गोले

    जंतर-मंतर पर देर रात बवाल: प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प, हालात काबू करने के लिए छोड़े गए आंसू गैस के गोले


    नई दिल्ली।
    राजधानी के जंतर-मंतर पर देर रात प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प के बाद स्थिति बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को मोर्चा संभालना पड़ा। हालात नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई।

    पुलिस पर डंडे छीनने की कोशिश का आरोप

    स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और आरएएफ के जवान मौके पर पहुंच गए। पुलिस का आरोप है कि उग्र प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों से डंडे छीनने का प्रयास किया, जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए।

    आंसू गैस छोड़कर भीड़ को हटाया गया

    बढ़ते तनाव को देखते हुए आरएएफ ने आंसू गैस के गोले दागकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से इलाके में स्थिति को नियंत्रित किया गया।

    एसीपी घायल, सुरक्षा बढ़ाई गई

    झड़प के दौरान एक एसीपी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • NEET मुद्दे पर देशभर में तेज हुआ आंदोलन, शहर-शहर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, जंतर-मंतर पर CJP का धरना जारी

    NEET मुद्दे पर देशभर में तेज हुआ आंदोलन, शहर-शहर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, जंतर-मंतर पर CJP का धरना जारी


    नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था और NEET परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब राष्ट्रीय स्तर पर फैलता नजर आ रहा है। जंतर-मंतर से शुरू हुए आंदोलन में अब छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के साथ कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भी शामिल हो गए हैं। संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी की हिरासत के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।

    जंतर-मंतर से शुरू होकर कई राज्यों तक पहुंचा आंदोलन
    दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ प्रदर्शन अब कई राज्यों में फैल चुका है। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज की स्थिति बनी तथा कई लोगों को हिरासत में लिया गया। सोशल मीडिया पर घायल छात्रों के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद इस मुद्दे पर देशभर में चर्चा तेज हो गई।

    राहुल गांधी की हिरासत के बाद बढ़ा सियासी तापमान
    मंगलवार शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वहीं, सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।

    संसद में भी गूंजा मामला
    संसद के मानसून सत्र में भी NEET और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है और प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना नियमों के विरुद्ध है।

    बारिश के बीच भी जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी
    बुधवार सुबह दिल्ली में बारिश के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या पहले से अधिक दिखाई दी। आयोजकों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    अहमदाबाद सहित कई शहरों में प्रदर्शन
    दिल्ली के अलावा अहमदाबाद में करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। वहीं हैदराबाद, मुंबई, प्रयागराज सहित कई शहरों में भी प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।

    प्रीति जिंटा ने दी प्रतिक्रिया
    बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने कहा कि छात्रों का समर्थन करना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उचित है, लेकिन यह भी जरूरी है कि शांतिपूर्ण आंदोलन का दुरुपयोग देशविरोधी तत्व न कर सकें। उन्होंने सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत और विभाजनकारी माहौल पर भी चिंता जताई।

    राज्यसभा में चर्चा की मांग
    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सदन का कामकाज स्थगित कर NEET-UG पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की कथित विफलता, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर चर्चा कराने की मांग की है।

    आंदोलन जारी रखने का ऐलान
    जंतर-मंतर पर धरना दे रहे आयोजकों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं कांग्रेस ने भी राहुल गांधी की हिरासत के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज करने के संकेत दिए हैं।