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  • जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत की टीम में वापसी की तैयारी…न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलते आएंगे नजर!

    जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत की टीम में वापसी की तैयारी…न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेलते आएंगे नजर!


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट फैन्स (Indian Cricket Fans) के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है. टीम इंडिया (Team India) के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) और आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) एक साथ मैदान पर वापसी करने की तैयारी कर रहे हैं।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ 19 नवंबर से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से ठीक पहले यह दोनों धाकड़ खिलाड़ी भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेले जाने वाले तीसरे अनऑफिशियल टेस्ट मैच में एक्शन में दिखाई दे सकते हैं। यह मुकाबला 7 से 10 नवंबर के बीच लिंकन में खेला जाएगा।

    न्यूजीलैंड दौरे की उड़ान भरने से पहले दोनों स्टार खिलाड़ी इस समय बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई (BCCI) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं. भारतीय टेस्ट टीम में इन दोनों ही खिलाड़ियों का अहम रोल रहता है।

    अक्टूबर की शुरुआत में एशियन गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद से जसप्रीत बुमराह मैदान से बाहर थे. वेस्टइंडीज सीरीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में आराम देने के बाद अब बीसीसीआई के ‘रिटर्न-टू-प्ले’ प्रोटोकॉल के तहत वे पूरी तरह फिट होकर 1 नवंबर को न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे।


    पंत और बुमराह की हो सकती है वापसी

    ईरानी कप के दौरान साइड स्ट्रेन की समस्या से जूझ रहे ऋषभ पंत ने भी बेंगलुरु में हल्की बैटिंग प्रैक्टिस शुरू कर दी है. हालांकि, उन्हें बीसीसीआई मेडिकल टीम से हरी झंडी मिलना बाकी है. पंत की अनुपस्थिति में भारत ‘ए’ के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए कुमार कुशाग्र को बैकअप के रूप में शामिल किया गया था।

    अगर मेडिकल टीम पंत को पूरी तरह फिट घोषित कर देती है तो 7 नवंबर को न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ मैच में भारतीय फैन्स को बुमराह की यॉर्कर और पंत के तूफानी छक्के एक साथ देखने को मिलेंगे, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा बूस्टर डोज साबित होगा।

  • भुवनेश्वर कुमार पर फिर भरोसा, क्या टीम इंडिया के पास तेज गेंदबाजों की कमी, बुमराह के बाद कौन बनेगा अगला सहारा

    भुवनेश्वर कुमार पर फिर भरोसा, क्या टीम इंडिया के पास तेज गेंदबाजों की कमी, बुमराह के बाद कौन बनेगा अगला सहारा


    नई दिल्ली । करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। 36 साल की उम्र में टीम इंडिया के पेस अटैक में दोबारा जगह बनाने वाले भुवनेश्वर के लिए यह वापसी उनके अनुभव और शानदार प्रदर्शन का इनाम मानी जा रही है। लेकिन इसके साथ ही भारतीय तेज गेंदबाजी की गहराई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुने गए भुवनेश्वर की वापसी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जसप्रीत बुमराह के बाद भारतीय तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी उठाने के लिए भरोसेमंद विकल्प कौन है।
    भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ही खेला था। अब उसी टीम के विरुद्ध उनकी वापसी की कहानी दिलचस्प संयोग लेकर आई है। भुवनेश्वर ने अपने करियर में 21 टेस्ट 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय और 121 वनडे मुकाबले खेले हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता रही है। इसके अलावा वह सटीक यॉर्कर और नियंत्रित लाइन लेंथ से बल्लेबाजों को परेशान करने में माहिर हैं। पिछले दो आईपीएल सीजन में उनके प्रदर्शन ने भी चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। करीब आठ की इकॉनमी से 45 विकेट लेने वाले भुवनेश्वर ने साबित किया है कि अनुभव और कौशल के दम पर वह अब भी प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।
    भुवनेश्वर की वापसी को समझने के लिए भारतीय क्रिकेट के पुराने उदाहरणों पर भी नजर डालना जरूरी है। पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने भी 2011 विश्व कप के बाद करीब पांच साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने के बाद 2016 में टीम इंडिया में वापसी की थी। उस समय उनकी उम्र भी लगभग 36 साल थी। नेहरा ने इसके बाद भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित की और 2017 में संन्यास लिया। ऐसे में भुवनेश्वर की वापसी को उम्र के लिहाज से असामान्य नहीं कहा जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या यह वापसी केवल उनके मौजूदा प्रदर्शन का परिणाम है या भारतीय टीम को अनुभवी तेज गेंदबाजों की कमी भी महसूस हो रही है।
    जसप्रीत बुमराह भारतीय गेंदबाजी की सबसे मजबूत कड़ी हैं लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में टीम को संतुलित रखने की चुनौती बनी रहती है। मोहम्मद शमी लंबे समय तक इस भूमिका को मजबूती से निभाते रहे हैं लेकिन उन्हें लगातार मौके मिलने को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मोहम्मद सिराज ने भी कई मुकाबलों में अपनी क्षमता दिखाई है लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी भूमिका और निरंतरता को लेकर चर्चा जारी है। दूसरी ओर अर्शदीप सिंह प्रसिद्ध कृष्णा हर्षित राणा और मयंक यादव जैसे गेंदबाजों ने अलग-अलग मौकों पर उम्मीद जगाई है। इसके बावजूद किसी एक तेज गेंदबाज को तीनों प्रारूपों में लंबे समय तक भरोसेमंद विकल्प मानना अभी आसान नहीं है।
    भारतीय क्रिकेट के पास बड़ा घरेलू ढांचा आईपीएल जैसा प्रतिस्पर्धी मंच और खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। बल्लेबाजी में हर दौर के बाद नई पीढ़ी सामने आती रही है। सचिन तेंदुलकर सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी आए। अब युवा बल्लेबाज भी अपनी जगह बनाने लगे हैं। तेज गेंदबाजी में हालांकि ऐसी निरंतरता उतनी स्पष्ट दिखाई नहीं देती। चोटें कार्यभार प्रबंधन और प्रदर्शन में उतार चढ़ाव तेज गेंदबाजों के करियर को प्रभावित करते रहे हैं।
    भुवनेश्वर कुमार की वापसी इसलिए केवल एक खिलाड़ी की वापसी नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट व्यवस्था के सामने एक बड़ा सवाल भी है। बुमराह जैसा गेंदबाज हर पीढ़ी में नहीं मिलता और किसी दूसरे खिलाड़ी से हूबहू उनकी जगह लेने की उम्मीद करना भी सही नहीं होगा। लेकिन टीम के पास ऐसे विकल्प जरूर होने चाहिए जो उनकी अनुपस्थिति में गेंदबाजी को मजबूती दे सकें। न्यूजीलैंड सीरीज भुवनेश्वर के लिए खुद को दोबारा साबित करने का मौका होगी। साथ ही यह चयनकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण परीक्षा होगी कि वे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा तेज गेंदबाजों को किस तरह तैयार करते हैं। आखिरकार सबसे बड़ा सवाल यही है कि भुवी के बाद कौन और भविष्य में बुमराह की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया की अगुवाई कौन करेगा।
  • बुमराह की गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी की नई परीक्षा, श्रीलंका दौरे पर किस पर दांव लगाएगा भारत?

    बुमराह की गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी की नई परीक्षा, श्रीलंका दौरे पर किस पर दांव लगाएगा भारत?


    नई दिल्ली । भारत के श्रीलंका दौरे से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोट के कारण दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। बाएं घुटने में लगातार बनी परेशानी और अंतिम फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाने के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें आराम देने का फैसला किया है। उनकी जगह जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।

    बुमराह की गैरमौजूदगी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का पूरा संतुलन बदल दिया है। पिछले कुछ वर्षों में नई गेंद से बुमराह और मोहम्मद सिराज की जोड़ी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है। अब टीम प्रबंधन को श्रीलंका की परिस्थितियों के अनुसार नई रणनीति तैयार करनी होगी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सिराज के साथ नई गेंद कौन संभालेगा।

    सबसे मजबूत दावेदार के रूप में प्रसिध कृष्णा का नाम सामने आ रहा है। उनकी अतिरिक्त उछाल और लंबी कद-काठी श्रीलंका की पिचों पर उपयोगी साबित हो सकती है। यदि टीम तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरती है तो आकिब नबी को भी डेब्यू का मौका मिल सकता है। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन और इंडिया ए के लिए प्रभावी गेंदबाजी ने उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचाया है।

    हालांकि आकिब नबी का अंतरराष्ट्रीय अनुभव नहीं है लेकिन चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताकर साफ संकेत दिया है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को अवसर दिया जाएगा। जम्मू कश्मीर से आने वाले आकिब नबी घरेलू क्रिकेट में पिछले दो सत्रों में 100 से अधिक विकेट लेकर चर्चा में आए थे और इंडिया ए के लिए भी प्रभावशाली प्रदर्शन कर चुके हैं।

    श्रीलंका की पिचें आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं लेकिन नई गेंद से शुरुआती विकेट निकालना हमेशा अहम रहता है। ऐसे में मोहम्मद सिराज पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। उन्हें न सिर्फ आक्रमण की अगुवाई करनी होगी बल्कि युवा गेंदबाजों का मार्गदर्शन भी करना पड़ेगा। भारतीय टीम चाहे दो तेज गेंदबाजों के साथ खेले या तीन के साथ लेकिन सिराज की भूमिका निर्णायक रहने वाली है।

    टीम प्रबंधन के सामने एक और चुनौती गेंदबाजों के कार्यभार को संतुलित रखने की होगी। आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को देखते हुए बुमराह पर किसी तरह का जोखिम नहीं लिया गया है। यही वजह है कि मेडिकल टीम और चयन समिति ने उन्हें पूरी तरह फिट होने तक आराम देने का फैसला किया है ताकि वह भविष्य की महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं में पूरी क्षमता के साथ वापसी कर सकें।

    अब सभी की नजर भारत की अंतिम प्लेइंग इलेवन पर रहेगी। क्या टीम अनुभव पर भरोसा करेगी या फिर युवा आकिब नबी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिलेगा यह मैच से पहले साफ होगा। इतना तय है कि बुमराह की अनुपस्थिति ने भारतीय टीम को प्लान बी पर काम करने के लिए मजबूर कर दिया है और श्रीलंका दौरा युवा तेज गेंदबाजों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच बन सकता है।

  • सीरीज जीत की जंग शुरू लॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी पर उतरा बुमराह की गैरमौजूदगी बढ़ाएगी भारत की चुनौती

    सीरीज जीत की जंग शुरू लॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी पर उतरा बुमराह की गैरमौजूदगी बढ़ाएगी भारत की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में शुरू हो गया है। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है और ऐसे में तीसरा मुकाबला दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसा बन गया है। टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। उनका मानना है कि पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल दिखाई दे रही है और पहले बड़ा स्कोर बनाकर टीम दबाव बनाने की कोशिश करेगी।

    टॉस के दौरान हैरी ब्रूक ने बताया कि इंग्लैंड की टीम में एक बदलाव किया गया है। साकिब महमूद की जगह तेज गेंदबाज जोश टंग की टीम में वापसी हुई है। इंग्लैंड की कोशिश होगी कि घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर सीरीज अपने नाम की जाए।

    भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि यदि टॉस उनके पक्ष में आता तो वह भी पहले गेंदबाजी करना पसंद करते। उन्होंने बताया कि टीम को बड़ा झटका लगा है क्योंकि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के कारण इस अहम मुकाबले का हिस्सा नहीं हैं। उनकी जगह टीम में अर्शदीप सिंह को मौका दिया गया है जबकि केएल राहुल और प्रिंस यादव भी अंतिम एकादश में शामिल किए गए हैं।

    बुमराह की अनुपस्थिति भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है। डेथ ओवरों में उनकी सटीक गेंदबाजी और शुरुआती सफलता दिलाने की क्षमता टीम के लिए बेहद अहम रही है। अब अर्शदीप सिंह प्रसिद्ध कृष्णा और अन्य युवा गेंदबाजों पर इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकने की जिम्मेदारी होगी।

    भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो अनुभवी रोहित शर्मा और विराट कोहली पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। रोहित शर्मा पिछले दोनों मुकाबलों में बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं जबकि विराट कोहली से भी निर्णायक मुकाबले में अहम योगदान की उम्मीद रहेगी। कप्तान शुभमन गिल और मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर तथा ईशान किशन की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होगी।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की बल्लेबाजी में जो रूट सबसे बड़े खतरे के रूप में मौजूद हैं। उन्होंने पिछले दोनों मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और दूसरे वनडे में नाबाद 99 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी। इसके अलावा कप्तान हैरी ब्रूक जोस बटलर और बेन डकेट भी इंग्लैंड की बल्लेबाजी को मजबूती देते हैं।

    अब सभी की नजरें इस निर्णायक मुकाबले पर हैं जहां जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम करेगी। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद की जा रही है।

  • 968 दिन बाद वनडे में वापसी, बुमराह ने रचा इतिहास, इंग्लैंड की धरती पर बनाए दो बड़े रिकॉर्ड

    968 दिन बाद वनडे में वापसी, बुमराह ने रचा इतिहास, इंग्लैंड की धरती पर बनाए दो बड़े रिकॉर्ड


    बर्मिंघम। लंबे इंतजार के बाद वनडे क्रिकेट में वापसी करने वाले जसप्रीत बुमराह ने अपनी वापसी को यादगार बना दिया। 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद पहली बार 50 ओवर के प्रारूप में उतरे बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में खेले गए मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

    968 दिन बाद वनडे मैदान पर लौटे बुमराह ने न सिर्फ अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए, बल्कि इंग्लैंड की धरती पर भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बन गए।

    150 वनडे विकेट पूरे, शमी और कुलदीप के खास क्लब में शामिल
    जसप्रीत बुमराह ने वनडे क्रिकेट में 150 विकेट का आंकड़ा महज 4605 गेंदों में पूरा किया। इसके साथ ही वह भारत के लिए सबसे कम गेंदों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए।

    भारत के लिए सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज
    मोहम्मद शमी – 4070 गेंद
    कुलदीप यादव – 4513 गेंद
    जसप्रीत बुमराह – 4605 गेंद
    अजीत आगरकर – 5027 गेंद
    इरफान पठान – 5131 गेंद

    बुमराह ने मुकाबले के 13.1वें ओवर में अपनी पहली ही गेंद पर इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को आउट कर दिया। उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी, जिसमें अतिरिक्त उछाल और बाहर की ओर मूवमेंट देखने को मिला। ब्रूक ने गेंद को थर्ड मैन की दिशा में खेलने की कोशिश की, लेकिन बल्ले का बाहरी किनारा लग गया। पहली स्लिप पर मौजूद रोहित शर्मा ने आसान कैच पकड़कर उन्हें पवेलियन भेज दिया।

    लंबे अंतराल के बाद वापसी के बावजूद बुमराह की गेंदबाजी में वही पुरानी धार नजर आई। उनकी रफ्तार, सटीक लाइन और खतरनाक मूवमेंट ने साबित कर दिया कि वह अब भी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सबसे बड़े हथियारों में शामिल हैं।

    इंग्लैंड में बुमराह का जलवा, बने नंबर-1 भारतीय गेंदबाज
    इंग्लैंड की परिस्थितियों में बुमराह का प्रदर्शन हमेशा प्रभावशाली रहा है। इस मुकाबले के बाद वह इंग्लैंड की धरती पर वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए।

    इंग्लैंड में भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले गेंदबाज
    जसप्रीत बुमराह – 31 विकेट
    रवींद्र जडेजा – 30 विकेट
    भुवनेश्वर कुमार – 28 विकेट
    मदन लाल – 27 विकेट
    मोहम्मद शमी – 26 विकेट

    वापसी के साथ मिला रिकॉर्ड का तोहफा
    बुमराह के लिए यह मुकाबला केवल टीम में वापसी का मौका नहीं था, बल्कि अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का भी अवसर था। चोट के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैदान पर उतरते ही उन्होंने दिखा दिया कि क्यों उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में गिना जाता है। करीब 968 दिन का इंतजार खत्म हुआ और बुमराह ने अपनी वापसी में वही पुराना अंदाज दिखाया—सटीक गेंदबाजी, घातक रफ्तार और रिकॉर्ड बनाने की क्षमता।

  • 4 विकेट और 102 का औसत, IPL 2026 में नहीं चला बुमराह का जादू

    4 विकेट और 102 का औसत, IPL 2026 में नहीं चला बुमराह का जादू


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन कई खिलाड़ियों के लिए यादगार रहा, लेकिन Jasprit Bumrah के लिए यह टूर्नामेंट किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। अपनी सटीक यॉर्कर, घातक डेथ बॉलिंग और मैच जिताने वाली क्षमता के लिए मशहूर बुमराह पूरे सीजन संघर्ष करते नजर आए। नतीजा यह रहा कि 13 मुकाबलों में वह सिर्फ 4 विकेट ही अपने नाम कर सके, जो उनके कद और अनुभव के हिसाब से बेहद निराशाजनक आंकड़ा है।

    टी20 क्रिकेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार बुमराह से इस सीजन भी बड़ी उम्मीदें थीं। खासकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि वह आईपीएल में भी अपनी टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित होंगे। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनकी लय नजर नहीं आई। बल्लेबाजों पर दबाव बनाने और विकेट निकालने में माहिर बुमराह कई मैचों में पूरी तरह बेअसर दिखाई दिए।

    आंकड़े उनकी मुश्किलों की कहानी खुद बयां करते हैं। पूरे सीजन में उनका गेंदबाजी औसत 102.50 रहा, जो 30 से अधिक ओवर फेंकने वाले गेंदबाजों में सबसे खराब रिकॉर्ड माना जा रहा है। इतना ही नहीं, 13 में से 9 मुकाबलों में वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। पूरे सीजन में कोई भी ऐसा मैच नहीं रहा, जिसमें उन्होंने एक से अधिक विकेट लिए हों।

    अगर बुमराह के आईपीएल करियर पर नजर डालें तो यह उनका सबसे खराब सीजन माना जा रहा है। हालांकि 2013 और 2015 में भी उन्होंने सिर्फ 3-3 विकेट लिए थे, लेकिन उन वर्षों में उन्होंने बेहद कम मैच खेले थे। इसके विपरीत आईपीएल 2026 में उन्हें लगातार मौके मिले, फिर भी वह अपनी छाप छोड़ने में असफल रहे।

    बुमराह की खराब फॉर्म का असर सीधे तौर पर Mumbai Indians के प्रदर्शन पर भी पड़ा। मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी लंबे समय से बुमराह के इर्द-गिर्द घूमती रही है। जब टीम का सबसे भरोसेमंद गेंदबाज विकेट लेने में नाकाम रहा तो अन्य गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया। विपक्षी बल्लेबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया और मुंबई की गेंदबाजी को लगातार निशाना बनाया।

    मुंबई इंडियंस के लिए यह सीजन कुल मिलाकर बेहद निराशाजनक रहा। टीम 14 मुकाबलों में सिर्फ 4 जीत दर्ज कर सकी, जबकि 10 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। अंक तालिका में नौवें स्थान पर रहकर पांच बार की चैंपियन टीम ने अपना अभियान समाप्त किया। टीम की असफलता के पीछे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों की कमजोरियां जिम्मेदार रहीं, लेकिन बुमराह की फीकी फॉर्म सबसे बड़ा झटका साबित हुई।

    अब भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर टिकी हैं। फैंस को उम्मीद होगी कि आईपीएल 2026 का यह खराब दौर यहीं समाप्त हो और बुमराह एक बार फिर टीम इंडिया के लिए अपनी पुरानी धार और लय हासिल करें।

  • स्टेज पर हुई चूक के बाद राम चरण ने जसप्रीत बुमराह से माफी मांगी

    स्टेज पर हुई चूक के बाद राम चरण ने जसप्रीत बुमराह से माफी मांगी


    नई दिल्ली।  साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार राम चरण इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘पेड्डी’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। इसी कड़ी में हाल ही में वह भोपाल पहुंचे, जहां फिल्म का म्यूजिक लॉन्च इवेंट आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान एक हल्की-फुल्की लेकिन चर्चा में आ जाने वाली गलती ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    इवेंट के दौरान स्टेज पर एक रैपिड फायर सेशन रखा गया था, जिसमें राम चरण से भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ियों के बारे में सवाल पूछे गए। जब सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली के बारे में सवाल किए गए, तो राम चरण ने उनके जवाब बड़े ही सहज अंदाज में दिए। लेकिन जब बात तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की आई, तो एक्टर से एक बड़ी भूल हो गई।

    राम चरण ने बुमराह को क्रिकेटर की जगह फुटबॉलर कह दिया। उन्होंने कहा कि वह बुमराह के बड़े फैन हैं और उन्हें फुटबॉल को आगे बढ़ाते हुए देखकर गर्व महसूस होता है। यह बयान जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, तेजी से वायरल हो गया और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देने लगे।

    वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों बाद राम चरण को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बुमराह से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि नामों को लेकर कभी-कभी उनसे गलती हो जाती है और यह एक मानवीय भूल थी, जो इवेंट की भीड़ और उत्साह के बीच हो गई।

    राम चरण ने अपने माफीनामे में यह भी कहा कि वह जसप्रीत बुमराह के खेल के बड़े प्रशंसक हैं और जब वह बल्लेबाजों को लगातार बैकफुट पर धकेलते हैं, तो हर भारतीय गर्व महसूस करता है। उन्होंने बुमराह के प्रति अपनी गहरी सम्मान भावना भी व्यक्त की।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं दीं, जहां कुछ लोगों ने इसे एक सामान्य मानवीय भूल बताया, वहीं कुछ ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में लिया।

    गौरतलब है कि राम चरण की फिल्म ‘पेड्डी’ का निर्देशन बुची बाबू सना कर रहे हैं। इस फिल्म में राम चरण के साथ जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म में शिव राजकुमार, जगपति बाबू और दिव्येंदु जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म 4 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

  • जसप्रीत बुमराह के पहले ओवर ने बदला मैच का पूरा समीकरण, मुंबई इंडियंस की बड़ी जीत में अहम भूमिका

    जसप्रीत बुमराह के पहले ओवर ने बदला मैच का पूरा समीकरण, मुंबई इंडियंस की बड़ी जीत में अहम भूमिका


    नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस के मुकाबले में मुंबई ने एक बार फिर अपनी रणनीतिक समझ और दमदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। इस मैच में सबसे बड़ी चर्चा का विषय रहा जसप्रीत बुमराह को पारी का पहला ओवर देना, जिसने मैच की दिशा शुरुआती गेंदों में ही बदल दी। बुमराह ने पहली ही गेंद पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को बड़ा झटका दिया और अपने कप्तान हार्दिक पांड्या के फैसले को पूरी तरह सही साबित कर दिया। इस निर्णय की क्रिकेट विशेषज्ञों द्वारा भी जमकर सराहना की गई और इसे एक साहसिक और प्रभावी रणनीति माना गया जिसने मुंबई इंडियंस को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    पूर्व न्यूजीलैंड तेज गेंदबाज और आईपीएल में मुंबई इंडियंस का हिस्सा रह चुके मिशेल मैक्लेनाघन ने इस फैसले को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनका मानना था कि टीम को लंबे समय से नई गेंद से प्रभाव डालने की जरूरत थी और ऐसे में बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज को शुरुआती ओवर में आक्रमण के लिए इस्तेमाल करना सही कदम था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गुजरात टाइटंस की ओपनिंग साझेदारी पर उनकी टीम काफी निर्भर रहती है और शुरुआती विकेट गिरने से उनका पूरा मध्यक्रम दबाव में आ जाता है। इस रणनीति ने मैच में वही प्रभाव पैदा किया और गुजरात की बल्लेबाजी बिखरती नजर आई।

    मैक्लेनाघन के अनुसार, पिछले कुछ मैचों में बुमराह को विकेट हासिल करने में सफलता नहीं मिल रही थी, लेकिन इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा। यह भरोसा आखिरकार रंग लाया और बुमराह ने महत्वपूर्ण विकेट लेकर अपनी लय में वापसी के संकेत दिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक तेज गेंदबाज के लिए सिर्फ रन रोकना ही नहीं बल्कि विकेट लेना भी उतना ही जरूरी होता है क्योंकि यही असली संतोष और आत्मविश्वास देता है। लगातार विकेट न मिलने का दबाव किसी भी गेंदबाज के लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन इस मैच में मिली सफलता ने बुमराह के लिए राहत का काम किया।

    मैच की बात करें तो मुंबई इंडियंस ने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्धारित ओवरों में पांच विकेट पर 199 रन बनाए। टीम के लिए सबसे बड़ी पारी तिलक वर्मा ने खेली, जिन्होंने नाबाद 101 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में गुजरात टाइटंस की टीम मुंबई की धारदार गेंदबाजी के सामने पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई और केवल 100 रन पर सिमट गई। मुंबई इंडियंस ने यह मुकाबला 99 रन के बड़े अंतर से अपने नाम किया और अपने प्रदर्शन से एक मजबूत संदेश दिया।

  • मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी कमजोर, टीम को जल्द सुधार की जरूरत..

    मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी कमजोर, टीम को जल्द सुधार की जरूरत..


    नई दिल्ली: 
     इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन इस समय लगातार गिरता हुआ नजर आ रहा है। टीम को एक के बाद एक हार का सामना करना पड़ रहा है और इसी बीच सबसे बड़ी चिंता का कारण जसप्रीत बुमराह का विकेट न ले पाना बन गया है। पिछले छह मुकाबलों में विकेट हासिल करने में नाकाम रहने के कारण उनकी फॉर्म पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। टीम के लिए यह स्थिति इसलिए भी मुश्किल है क्योंकि बुमराह लंबे समय से गेंदबाजी आक्रमण की सबसे मजबूत कड़ी माने जाते रहे हैं और इस सीजन उनका प्रभावी प्रदर्शन नहीं आ पा रहा है।

    मैच के बाद टीम के मुख्य कोच ने स्थिति पर सफाई देते हुए बताया कि बुमराह शुरुआती मैचों में हल्की चोट के साथ खेल रहे थे। इस वजह से उनकी गेंदबाजी की गति और लय पर असर पड़ा। कोच के अनुसार शुरुआती चरण में उन्हें पूरी तरह फिट होने के लिए समय दिया गया ताकि उनकी स्थिति को धीरे धीरे बेहतर किया जा सके। अब वह पहले की तुलना में बेहतर महसूस कर रहे हैं और उनकी गति में भी सुधार देखने को मिला है। टीम प्रबंधन का मानना है कि जैसे ही वह पूरी तरह अपनी लय में लौटेंगे, उनका प्रदर्शन भी पहले जैसा प्रभावी हो जाएगा।

    कोच ने यह भी माना कि केवल बुमराह को ही जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा क्योंकि टीम की पूरी गेंदबाजी यूनिट अपेक्षित दबाव बनाने में असफल रही है। टी20 क्रिकेट में शुरुआती ओवरों में विपक्षी टीम पर दबाव बनाना बेहद जरूरी होता है लेकिन इस सीजन मुंबई इंडियंस के गेंदबाज लगातार पावरप्ले में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं। इसका असर यह हुआ है कि विपक्षी बल्लेबाज आसानी से सेट होकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहे हैं और गेंदबाजों के पास विकेट लेने के मौके कम हो जा रहे हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि कई बार गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन करते हैं लेकिन उन्हें उसका परिणाम विकेट के रूप में नहीं मिलता। बुमराह के साथ भी कुछ ऐसा ही देखा जा रहा है जहां वह अपनी गेंदबाजी में अनुशासन बनाए हुए हैं लेकिन सफलता उनके पक्ष में नहीं आ रही है। टीम प्रबंधन का मानना है कि एक या दो सफल स्पेल उन्हें फिर से आत्मविश्वास दे सकते हैं और उसके बाद उनका प्रभाव और भी खतरनाक हो सकता है।

    मुंबई इंडियंस की मौजूदा स्थिति टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में असंतुलन नजर आ रहा है। लगातार हार के कारण टीम पर दबाव बढ़ गया है और रणनीति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। गेंदबाजी में शुरुआती विकेट न मिलना और मध्य ओवरों में रन रोकने में असफलता टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बन गई है।

    टीम को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में परिस्थितियां बदलेंगी और खिलाड़ी अपने पुराने लय में लौटेंगे। बुमराह की वापसी और उनका फॉर्म में आना मुंबई इंडियंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उनकी गेंदबाजी टीम के पूरे आक्रमण को दिशा देने की क्षमता रखती है।

  • सप्रीत बुमराह का आईपीएल सफर: 145 मैचों में 183 विकेट की कहानी

    सप्रीत बुमराह का आईपीएल सफर: 145 मैचों में 183 विकेट की कहानी

    नई दिल्ली।  जसप्रीत बुमराह, मुंबई इंडियंस के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज, आईपीएल के 13वें सीजन में भी टीम का अहम हिस्सा बनने जा रहे हैं। अब तक बुमराह ने 145 आईपीएल मुकाबले खेले हैं और शानदार प्रदर्शन करते हुए 183 विकेट हासिल किए हैं। उनका औसत 22.02 का रहा है और उन्होंने दो बार पारी में फाइव विकेट हॉल भी अपने नाम किया है। इसके अलावा, उन्होंने चार बार आईपीएल में एक ही सीजन में 20 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है।

    बुमराह का आईपीएल सफर साल 2013 में शुरू हुआ, जब उन्हें मुंबई इंडियंस की ओर से केवल दो मैच खेलने का मौका मिला। इन दो मुकाबलों में उन्होंने कुल 42 गेंदें फेंकी और तीन विकेट लिए। अगले साल यानी 2014 में बुमराह को 11 मुकाबलों में खेलने का मौका मिला, लेकिन केवल पांच सफलताएं ही हासिल कर पाए।

    आईपीएल 2015 में बुमराह ने चार मैच खेले और तीन विकेट हासिल किए। हालांकि, उनके करियर का स्वर्णिम दौर साल 2016 से शुरू हुआ। इस साल उन्होंने 14 मुकाबलों में 15 विकेट चटकाए और अपनी प्रतिभा का प्रमाण दिया। 2017 में बुमराह ने 16 मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 विकेट लिए। साल 2018 में उन्होंने 14 मुकाबलों में 17 विकेट हासिल किए।

    आईपीएल 2019 में बुमराह ने 16 मैच खेले और 409 रन खर्च कर 19 विकेट निकाले। उनके प्रदर्शन में निरंतरता दिखी और 2020/21 के सीजन में उन्होंने 15 मैचों में 27 विकेट चटकाए। 2021 में भी बुमराह ने अपने काबिलियत का लोहा मनवाया और 14 मुकाबलों में 410 रन खर्च कर 21 विकेट हासिल किए। अगले साल, 2022 में उन्होंने 14 मैच खेले और 15 विकेट लिए, जिसमें सबसे खास उनका प्रदर्शन कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ रहा, जब उन्होंने एक मैच में केवल 10 रन खर्च कर पांच विकेट झटके।

    आईपीएल 2024 में बुमराह ने 13 मुकाबलों में 20 विकेट हासिल किए और इस दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ पारी में 21 रन खर्च कर पांच विकेट अपने नाम किए। आईपीएल 2025 में 12 मैच खेलते हुए बुमराह ने 17.55 की औसत के साथ 18 विकेट लिए। बुमराह का यह लगातार प्रदर्शन उन्हें ना केवल मुंबई इंडियंस के लिए बल्कि पूरे आईपीएल में सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में गिनता है।

    बुमराह की खासियत उनके निरंतर और दबावपूर्ण परिस्थितियों में भी मैच बदलने की क्षमता है। चाहे आखिरी ओवर हो या शुरुआत की जल्दी विकेट लेने की जरूरत, बुमराह हमेशा अपनी टीम के लिए एक भरोसेमंद विकल्प साबित हुए हैं। उनका अनुभव और गेंदबाजी तकनीक उन्हें आईपीएल में हमेशा खतरनाक बनाती है।

    इस तरह, जसप्रीत बुमराह ने आईपीएल में अपने करियर के हर चरण में अलग-अलग रिकॉर्ड और उपलब्धियां बनाई हैं और अब उनका लक्ष्य नई ऊँचाइयों को छूना है। मुंबई इंडियंस और क्रिकेट प्रेमियों के लिए बुमराह का यह सफर हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा है।