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  • शुरुआती करियर में अमिताभ और जया के बीच असली प्यार और सम्मान का रिश्ता

    शुरुआती करियर में अमिताभ और जया के बीच असली प्यार और सम्मान का रिश्ता


    नई दिल्ली/ महाराष्ट्र : कुछ रिश्ते फिल्मी कहानी की तरह होते हैं, जो संघर्ष और कठिनाइयों से शुरू होकर समय के साथ मजबूत और परिपक्व अंजाम तक पहुँचते हैं। ऐसा ही रिश्ता जया बच्चन और अमिताभ बच्चन के बीच देखने को मिला। जब अमिताभ बच्चन हिंदी सिनेमा में अभी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब जया बंगाली और हिंदी फिल्मों की उभरती हुई अभिनेत्री थीं। उनकी शांत और सुलझी छवि ने उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम दिलाया। 9 अप्रैल को जया बच्चन 78 वर्ष की हो गई हैं, और इसी मौके पर उनके जीवन और करियर की कुछ अनसुनी बातें याद की जा रही हैं।

    कहते हैं कि उगते सूरज को हर कोई सलाम करता है, लेकिन जया और अमिताभ का रिश्ता इसका अपवाद था। जया ने अमिताभ को उस समय अपना दिल दे दिया जब वे किसी बड़े नाम तक नहीं पहुंचे थे, जबकि जया बचपन से ही फिल्मों में काम कर रही थीं। बाल कलाकार के रूप में बंगाली और हिंदी फिल्मों में सक्रिय रहने के बावजूद जया का दिल उस सादगी और पर्सनैलिटी वाले अभिनेता पर आ गया था।

    जया ने अपनी सहेलियों से भी अमिताभ के बारे में अपने विचार साझा किए, लेकिन उनकी सहेलियों को वह अभिनेता बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने अमिताभ को ‘लकड़ी’ कहा और केवल बड़ी-बड़ी आंखों वाला बताया। यह सुनकर जया भड़क गईं और उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अमिताभ हिंदी सिनेमा में कुछ बड़ा करेंगे।

    दूसरी ओर, अमिताभ बच्चन ने जया की खूबसूरती का अनुभव एक फोटोशूट के जरिए किया और उनकी संस्कारी yet आधुनिक छवि ने उन्हें आकर्षित किया। फिल्म ‘गुड्डी’ के सेट पर दोनों की नजदीकियां बढ़ीं, हालांकि उस समय जया का ज्यादा समय धर्मेंद्र के साथ शूटिंग में जाता था। उन्होंने अमिताभ के बारे में धर्मेंद्र से भी चर्चा की, जिससे दोनों के बीच संबंध और मजबूत हुए।

    अमिताभ के शुरुआती करियर में कई फ्लॉप फिल्में थीं और कई अभिनेत्रियों ने उनके साथ काम करने से मना कर दिया था। ऐसे समय में जया ने ‘जंजीर’ फिल्म में काम करने का निर्णय लिया। यह फिल्म सुपरहिट रही और अमिताभ को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। इसी फिल्म ने दोनों के रिश्ते और उनकी फिल्मी पहचान को स्थायीत्व दिया और हिंदी सिनेमा में अमिताभ का मुकाम तय किया।

  • राज्यसभा में तीखी नोकझोंक: जया बच्चन और स्पीकर के बीच गरमागरम बहस

    राज्यसभा में तीखी नोकझोंक: जया बच्चन और स्पीकर के बीच गरमागरम बहस


    नई दिल्ली।बुधवार को राज्यसभा में ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े एक विधेयक पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन और डिप्टी कमिश्नर पैनल के सदस्य दिनेश शर्मा के बीच माहौल नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान जया बच्चन ने असंतोष जताते हुए यहां तक ​​कह दिया कि जितना समय देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, जिससे सदन में कुछ देर के लिए हलचल मच गई।

    बोलने के दौरान भटका ध्यान, बताते असंतोष

    दरअसल, जया बच्चन जब विधेयक पर अपनी बात रखने के लिए खड़ी हुईं, उसी दौरान तनावपूर्ण बेंच के कुछ सदस्य आपसी बातचीत करने लगे। इससे उनका ध्यान भटक गया और उन्होंने बीच में ही बोलना रोक दिया। उन्होंने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि जब कोई बोल रहा हो तो बाकी लोगों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई और बात करेगा तो ध्यान वहीं होगा और स्पीकर की बात अनसुनी रह जाएगी।

    स्पीकर से माहौल बहस, विवाद बढ़ाएँ

    स्थिति तब और माहौल हो गई जब जया बच्चन ने स्पीकर से कहा कि उन्हें टोकने के बजाय उन सदस्यों पर कार्रवाई की जाए जो बाधाएं पैदा कर रहे हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। लेकिन जया बच्चन इससे कार्यकर्ता नहीं दिखीं और उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि समय आपके हाथ में है, जितना देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, कमजोर लोगों को तो वैसे भी आश्रित जा रहा है। इस दौरान दोनों के बीच कई बार तीखे संवाद हुए।

    विपक्ष ने विधेयक पर उठाए सवाल

    इस बहस के बीच विपक्षी दलों ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े इस विधेयक को अन्यायपूर्ण समझाए हुए इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। जया बच्चन ने भी सवाल उठाया कि बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को लाने की क्या जरूरत थी और कहा कि इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि यह समुदाय सामाजिक रूप से पहले ही कमजोर है और उसके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

    सरकार पर लगे आरोप, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

    वहीं टीकाकरण कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दबाव में फैसला ले रही है और इस मुद्दे पर पूछताछ की जा रही है। दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विरोध पर पलटवार करते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने इस समुदाय के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच टकराव बहस देखने को मिली।

  • सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन की शादी: सानिया चंडोक संग मुंबई में रचाई जोड़ी, अमिताभ, अंबानी, धोनी-द्रविड़ समेत सितारे हुए शामिल

    सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन की शादी: सानिया चंडोक संग मुंबई में रचाई जोड़ी, अमिताभ, अंबानी, धोनी-द्रविड़ समेत सितारे हुए शामिल


    नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक की शादी का भव्य समारोह मुंबई में संपन्न हुआ। शादी के फेरे 3 मार्च को आयोजित किए गए, जिसमें बॉलीवुड और क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज शामिल हुए। समारोह में अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी जया बच्चन ने शिरकत की, वहीं भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ उपस्थित रहे।
    इसके अलावा राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले, अजिंक्य रहाणे, सुरेश रैना और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स भी समारोह में मौजूद रहे।

    अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक के प्री-वेडिंग फंक्शन का आयोजन 27 फरवरी को गुजरात के जामनगर में अंबानी परिवार के घर हुआ था। अर्जुन और सानिया ने अगस्त 2025 में सगाई की थी। सानिया चंडोक ग्रैविस ग्रुप के चेयरमैन रवि घई की पोती हैं और मुंबई में मिस्टर पॉज पैट स्पा एंड स्टोर एलएलपी (Mr. Paws Pet Spa & Store LLP) की डायरेक्टर और पार्टनर हैं। यह संस्था 2022 में शुरू की गई थी और यह पालतू जानवरों की ग्रूमिंग, स्किनकेयर और उससे संबंधित सेवाएं प्रदान करती है।

    सानिया का परिवार, घई परिवार, हॉस्पिटैलिटी और फूड वर्ल्ड में जाना-माना नाम है। उनका इंटरकॉन्टिनेंटल होटल्स ग्रुप है, जिसकी मल्टीनेशनल वैल्यू 1.6 लाख करोड़ रुपए (18.43 बिलियन डॉलर) आंकी जाती है। इसके अलावा, चंडोक परिवार फेमस आइसक्रीम ब्रांड ब्रूकलिन क्रीमरी का भी मालिक है।

    शादी समारोह में शामिल हुए मेहमानों और क्रिकेट दिग्गजों ने अर्जुन और सानिया को बधाई दी। समारोह की भव्यता और फंक्शन के दौरान किए गए स्वागत और आयोजन ने इसे और भी यादगार बना दिया।

    इस शादी में क्रिकेट और बॉलीवुड की दुनिया की कई बड़ी हस्तियों का शामिल होना इसे मीडिया और फैंस के लिए खास बना रहा।

    अर्जुन तेंदुलकर, जो अपने पिता सचिन तेंदुलकर की तरह ही क्रिकेट से जुड़े हैं, और सानिया चंडोक की शादी ने मुंबई में और देशभर में फैंस और मीडिया का ध्यान खींचा। इस शादी के आयोजन से दोनों परिवारों के बीच रिश्तों की मजबूती और सामाजिक प्रतिष्ठा का भी पता चलता है।

    इस भव्य शादी समारोह ने क्रिकेट और बॉलीवुड प्रेमियों में खुशी और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया। अर्जुन और सानिया की जोड़ी को शुभकामनाएं देते हुए सभी मेहमान और परिवारजन समारोह के हर पल का आनंद लेते नजर आए।

  • इनफ-इनफ-इनफ, पैपराजी पर फिर भड़कीं जया बच्चन, करण जौहर बोले, 'मेरी वजह से आप लोगों को..

    इनफ-इनफ-इनफ, पैपराजी पर फिर भड़कीं जया बच्चन, करण जौहर बोले, 'मेरी वजह से आप लोगों को..


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की दिग्गज एक्टर जया बच्चन अपने जमाने की टॉप एक्ट्रेसेस में गिनी जाती थीं। कई शानदार फिल्में देने वाली जया ने न सिर्फ एक्टिंग बल्कि राजनीति में भी खुद को साबित किया। जया अपनी पर्सनल लाइफ के अलावा भी अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। वो सोशल मीडिया पर अक्सर अपने बेबाक अंदाज को लेकर छाई रहती हैं। खासतौर पर अपने गुस्से वाले वीडियोज को लेकर जो आए दिन इंटरनेट पर चर्चा में रहते हैं। इसी बीच अब जया का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वो पैपराजी पर जमकर भड़कती नजर आ रही हैं। फिल्ममेकर करण जौहर भी इस वायरल वीडियो में उनके साथ नजर आ रही हैं।

    करण ने लगाया जया को गले

    दरअसल जया बच्चन हाल ही में मुंबई में हॉनर अवॉर्ड नाइट इवेंट का हिस्सा बनीं। इस दौरान जया के साथ फिल्ममेकर करण जौहर भी नजर आए। पहले जया कुछ महिलाओं के साथ चिट-चैट करती दिखीं। इसके बाद करण जया को लगाते नजर आ रहे हैं। इस दौरान दोनों एक-दूसरे से मिलकर काफी खुश नजर आ रहे हैं। ऐसे में भला पैपराजी इस खास पल को कैमरे में कैद करने का मौका हाथ से जाने कैसे देते। वहीं इस दौरान बार-बार पैप्स उनसे फोटो खिंचवाने की गुजारिश करते रहे। पहले एक्ट्रेस ने उन्हें घूरते हुए इनकार किया और फिर इग्नोर करने लगीं। लेकिन हमेशा की तरह बाद में जया को काफी गुस्सा आया।

    पैप्स पर बरसी जया

    इसके बाद करण जौहर की एंट्री हुई जिनसे जया बच्चन ने बात की। इस बीच भी एक्ट्रेस ने उंगली से इशारा करते हुए उन्हें मना किया लेकिन फिर भी वे नहीं माने। करण जौहर ने जाते-जाते पैप्स के साथ मजाक किया ‘मेरी वजह से मिला फोटो। फिर उन्होंने जया से भी यही बात की और फिर दोनों हंसने लगे। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है।

    लोगों ने किए जमकर कमेंट्स
    जया बच्चन का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो पर यूजर्स के जमकर कमेंट्स आ रहे हैं। इस पर कमेंट कर एक यूजर ने लिखा ‘क्या जरूरत है इनकी फोटो लेने की।’ एक दूसरा यूजर लिखता है ‘आंटी मुझे क्रोधित मत करू।’ एक ने कहा ‘आखिर क्यों मीडिया उन्हें अकेला नहीं छोड़ती।’ एक ने लिखा ‘क्यों चाहिए उनका फोटो जब पता है कि वो गुस्सा करेंगी।’ ऐसे कई और कमेंट्स इस वीडियो पर आ रहे हैं।
  • अभिषेक बच्चन का छलका दर्द: पिता अमिताभ की तारीफों और फिल्मी असफलताओं पर खुलकर बोले जूनियर बी

    अभिषेक बच्चन का छलका दर्द: पिता अमिताभ की तारीफों और फिल्मी असफलताओं पर खुलकर बोले जूनियर बी


    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन अक्सर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपने बेटे अभिषेक बच्चन के अभिनय और उनकी मेहनत की सराहना करते नजर आते हैं। पिता का यह स्नेह जहां प्रशंसकों को पसंद आता है, वहीं कई बार अभिषेक को इसके कारण आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता है। हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान अभिषेक बच्चन ने इन तमाम पहलुओं पर अपनी बेबाक राय रखी और बताया कि एक ‘सुपरस्टार’ पिता के साये में रहकर अपनी पहचान बनाना कितना चुनौतीपूर्ण होता है।

    साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिषेक ने स्वीकार किया कि 25 साल बीत जाने के बाद भी पिता से उनकी तुलना का दबाव कम नहीं हुआ है। अब 50 वर्ष के हो चुके अभिनेता ने माना कि लगातार मिलती सार्वजनिक असफलताएं और आलोचनाएं किसी भी इंसान को मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि जब आप हफ्ते दर हफ्ते जनता के बीच असफल साबित होते हैं, तो नकारात्मकता से दूर रहना और निराशावादी न होना बेहद मुश्किल हो जाता है। हालांकि, उन्होंने कड़वाहट पालने के बजाय हमेशा अपने काम पर ध्यान देने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की है।

    अमिताभ बच्चन द्वारा उनकी प्रशंसा किए जाने पर अभिषेक ने बहुत ही मानवीय दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि दुनिया अक्सर उनके पिता को एक ‘लार्जर देन लाइफ’ व्यक्तित्व के रूप में देखती है और मानती है कि उन्हें एक सामान्य इंसान की तरह व्यवहार करने की अनुमति नहीं है। लेकिन वास्तविकता यह है कि वह भी एक इंसान हैं, एक पिता हैं और एक दादा हैं। उन्हें भी अपने बच्चों की उपलब्धि पर गर्व महसूस करने और एक सामान्य माता-पिता की तरह प्रतिक्रिया देने का पूरा हक है।

    अभिषेक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके माता-पिता, अमिताभ और जया बच्चन, उनके बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के बजाय उनकी मेहनत और प्रयासों पर गर्व करते हैं। उनके लिए सफलता का पैमाना हिट फिल्में नहीं, बल्कि ईमानदारी से किया गया काम है। वर्कफ्रंट की बात करें तो हाल ही में ‘हाउसफुल 5’ में नजर आए अभिषेक अब बड़े पर्दे पर धमाका करने को तैयार हैं। वह शाहरुख खान और सुहाना खान की बहुचर्चित फिल्म ‘किंग’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखेंगे, जिससे दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं।

  • 55 साल की उम्र में सुनीता आहूजा कर रही हैं धमाल बोलीं– भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं

    55 साल की उम्र में सुनीता आहूजा कर रही हैं धमाल बोलीं– भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा हमेशा अपने बेबाक और खुले अंदाज के लिए जानी जाती हैं। पिछले कुछ सालों से वह मीडिया और इंटरव्यूज में चर्चा में हैंलेकिन हाल ही में उन्होंने अपने जीवन और पहचान को लेकर एक खास खुलासा किया। सुनीता ने कहा कि अब वह 55 साल की उम्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैंऔर लोग उन्हें सिर्फ गोविंदा की पत्नी नहीं बल्कि सुनीता आहूजा के नाम से जानने लगे हैं।मिस मालिनी के साथ बातचीत में सुनीता ने बतायाआज मेरे नसीब ने 55 साल में नामइज्जत और शोहरत देने का मौका दिया है। लोग मुझे अब सुनीता आहूजा के नाम से जानते हैं। गोविंदा की पत्नी तो हूंयह सबको पता है। लेकिन मैंने अपनी भी तो पहचान बनानी है। यहां तक कि अब मैं भूल गई हूं कि मैं गोविंदा की पत्नी हूं! पति हैं लेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए ना।

    सुनीता ने अपने उदाहरण में जया बच्चन को भी बताया। उन्होंने कहाजैसे जया जी को संसद में एक बार जया अमिताभ बच्चन कहकर बुलाया गया था। लेकिन वह जया भादुड़ी हैं! प्लीज सभी को यह समझना चाहिए कि उनके पास अमिताभ हैंलेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए। दरअसलयह वह घटना थी जब जया बच्चन को उनके पति अमिताभ बच्चन के नाम से जोड़ा गया था और उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने नाम और पहचान की वजह से अलग हैं।सुनीता आहूजा अब इसी रास्ते पर चल रही हैं। वह खुद को एक स्वतंत्र और पहचान बनाने वाली महिला के रूप में स्थापित करना चाहती हैं। उन्होंने अपने इंटरव्यूज में पति गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर भी बात की थीजिसके बारे में गोविंदा ने सफाई दी कि उनकी पत्नी किसी साजिश का शिकार हुई हैं।

    इस बीच सुनीता को उनके फैंस और मीडिया द्वारा मिली पहचान ने उन्हें और भी प्रेरित किया है। वह कहती हैं कि अब लोग उन्हें सिर्फ गोविंदा की पत्नी के रूप में नहीं देखतेबल्कि उनके अपने व्यक्तित्व और उपलब्धियों की वजह से जानते हैं। सुनीता का यह बेबाक अंदाज और अपने नाम के लिए जुझारूपन उन्हें और भी लोकप्रिय बनाता है।55 साल की उम्र में अपनी पहचान बनाने की यह कहानी बताती है कि उम्र कभी भी किसी की पहचान या महत्व को कम नहीं कर सकती। सुनीता आहूजा का यह उदाहरण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता हैजो अपने जीवन में व्यक्तिगत पहचान बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

  • कुली फिल्म सेट पर अमिताभ बच्चन का एक्सीडेंट: ICU में जिंदगी और परिवार की चिंता

    कुली फिल्म सेट पर अमिताभ बच्चन का एक्सीडेंट: ICU में जिंदगी और परिवार की चिंता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के जीवन का जुलाई 1982 का महीना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। इस दौरान वे बेंगलुरु में फिल्म ‘कुली’ की शूटिंग कर रहे थे, जब उन्हें एक गंभीर एक्सीडेंट में चोट लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि उनके लिए जानलेवा स्थिति बन गई। तत्काल एयर एम्बुलेंस के जरिए उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया।अस्पताल में अमिताभ की गंभीर हालत के कारण इंडस्ट्री और परिवार के लोग लगातार मिलने आए। इस दौरान अभिनेता के ससुर, जया बच्चन के पिता तरुण कुमार, भी अपनी बेटी के साथ ICU में पहुंचे। तरुण कुमार ने बाद में अपने लेख में इस पूरे घटनाक्रम का विवरण साझा किया।

    तरुण कुमार ने लिखा कि जब उन्हें एक्सीडेंट की खबर मिली, तो वे और उनकी बेटी जया कुछ समय पहले लंदन गए हुए थे। लखनऊ लौटने के बाद उन्होंने तुरंत मुंबई के लिए रवाना होना तय किया। पूरे देश में लोग अमिताभ की सुरक्षित वापसी और ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहे थे। तरुण कुमार ने अपने लेख में इसे चिकित्सीय चमत्कार बताया और कहा कि अगर अमिताभ नहीं बचते, तो सभी डॉक्टरों को दोषी ठहराया जाता।उन्होंने लिखा, “हम लखनऊ से मुंबई के लिए रवाना हुए। पूरा देश एक आदमी के ठीक होने के लिए दुआ कर रहा था। जब अमिताभ बच गए, तो मेरी पत्नी और लाखों लोगों ने इसे ईश्वर की कृपा बताया। मैं इससे सहमत नहीं हूं। मेरे लिए यह ब्रीच कैंडी अस्पताल की चिकित्सा टीम का चमत्कार था।”

    इस कठिन समय में जया बच्चन ने भी पूरी मजबूती दिखाई। तरुण कुमार ने अपने लेख में विस्तार से बताया कि अस्पताल में भर्ती अमिताभ के दौरान जया ने संयम और धैर्य बनाए रखा। उन्होंने मनके और ताबीज पहनकर और दिल से प्रार्थना करते हुए अमिताभ के जल्दी ठीक होने की कामना की। बाहरी तौर पर जया शांत और संयमित दिखीं, लेकिन अंदर से उन्होंने स्थिति को स्वीकार किया और सबसे बुरे हालात के लिए भी तैयार रहीं।तरुण कुमार ने लिखा कि जया बच्चन ने इस समय में अपनी हिम्मत और धैर्य से परिवार के लिए मिसाल पेश की। उन्होंने अस्पताल में रहने वाले अमिताभ की देखभाल और मानसिक समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाई।

    इस घटना ने न केवल अमिताभ के परिवार को बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया। मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी साझा कर रही थी। अमिताभ के जल्द स्वस्थ होने और अस्पताल से बाहर निकलने के बाद देश में राहत की लहर दौड़ गई।कुली फिल्म सेट पर हुए इस एक्सीडेंट ने यह भी साबित किया कि संकट के समय परिवार और चिकित्सकीय टीम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह घटना बॉलीवुड इतिहास में यादगार और महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में दर्ज हुई है, जिसने परिवार और इंडस्ट्री दोनों के लिए धैर्य, साहस और सहनशीलता की मिसाल पेश की।

  • ऐपल का 2026 मेगा प्लान: 50वें जन्मदिन पर 20 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स, फोल्डेबल आईफोन से Apple Glasses तक रिपोर्ट

    ऐपल का 2026 मेगा प्लान: 50वें जन्मदिन पर 20 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स, फोल्डेबल आईफोन से Apple Glasses तक रिपोर्ट

    नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले हिंदुस्तानी भाऊ उर्फ विकास पाठक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अभिनेत्री जया बच्चन के पपराजी को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदुस्तानी भाऊ ने जया बच्चन की टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए पपराजी से अपील की है कि वे उन जगहों पर कवरेज न करें, जहां उन्हें सम्मान नहीं दिया जाता।दरअसल, हाल ही में जया बच्चन ने वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त के चर्चित शो वी द वुमन में पपराजी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि मीडिया से उनके संबंध अच्छे हैं, लेकिन पपराजी से नहीं। जया बच्चन ने पपराजी के व्यवहार और पहनावे पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सिर्फ मोबाइल फोन होने का मतलब यह नहीं कि कोई भी किसी की तस्वीर खींच सकता है या मनचाहे कमेंट कर सकता है।जया बच्चन के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने उनके बयान को निजता से जोड़कर सही ठहराया, तो वहीं कई यूजर्स ने इसे पपराजी का अपमान बताया। इसी बीच हिंदुस्तानी भाऊ ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान हिंदुस्तानी भाऊ ने जया बच्चन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पपराजी की वजह से ही कई कलाकार और सार्वजनिक हस्तियां चर्चा में बनी रहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पपराजी ही पहचान दिलाते हैं, तो फिर उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जाता है।हिंदुस्तानी भाऊ ने कहा,उन्होंने कपड़ों पर कमेंट किया। अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन खुद सस्ती साड़ी पहनती हैं और दूसरों को गरीब बोलती हैं। ऐसे लोगों के पीछे क्यों जाते हो, जहां आपकी इज्जत नहीं होती।

    उन्होंने पपराजी से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि आत्मसम्मान सबसे जरूरी है और जहां सम्मान न मिले, वहां जाना ही नहीं चाहिए। भाऊ ने कहा कि पपराजी की मेहनत से ही कई सेलिब्रिटीज जनता के बीच बने रहते हैं।उन्होंने आगे कहा,आप लोगों की वजह से ही ये लोग दिखते हैं। अगर आप इन्हें दिखाना बंद कर दो, तो कोई इन्हें जानता भी नहीं। जहां इज्जत न मिले, वहां मत जाओ। आप लोग ही इन्हें बनाते हो।हिंदुस्तानी भाऊ ने यह भी कहा कि अगर पपराजी एकजुट होकर ऐसे लोगों को कवरेज देना बंद कर दें, तो उन्हें अपनी गलती का एहसास जरूर होगा। उन्होंने इसे सिर्फ पेशे का नहीं, बल्कि आत्मसम्मान का सवाल बताया।

    दूसरी ओर, जया बच्चन के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर पहले से ही तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि सेलिब्रिटीज को भी निजता का अधिकार है, जबकि कई लोगों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वालों को आलोचना और कैमरों का सामना करना पड़ता है।जया बच्चन ने शो में कहा था,पपराजी को लगता है कि मोबाइल कैमरा होने से वे किसी के घर में चूहे की तरह घुस सकते हैं। वे जैसे कपड़े पहनते हैं और जैसे कमेंट करते हैं, वह मुझे बिल्कुल पसंद नहीं।इस पूरे विवाद के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि सेलिब्रिटीज और पपराजी के बीच रिश्तों की सीमाएं क्या होनी चाहिए और सम्मान दोनों पक्षों से कितना जरूरी है। फिलहाल, हिंदुस्तानी भाऊ का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस मुद्दे पर खुलकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।

  • जब अमिताभ बच्चन ने मीडिया को बायकॉट कर दिया था: बिना नाम के छपते थे उनकी फिल्मों के रिव्यू

    जब अमिताभ बच्चन ने मीडिया को बायकॉट कर दिया था: बिना नाम के छपते थे उनकी फिल्मों के रिव्यू


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने न केवल अपनी शानदार एक्टिंग से करोड़ों दिलों को जीता बल्कि एक समय ऐसा भी आया था जब उन्होंने मीडिया से दूरी बना ली थी। यह घटना उनके करियर के सबसे शानदार दौर के दौरान घटी जब अमिताभ की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट हो रही थीं और वह बॉलीवुड के सुपरस्टार बन चुके थे। फिर भी उन्होंने मीडिया को बायकॉट करने का फैसला किया था।

    मीडिया से दूरी का कारण
    अमिताभ बच्चन ने मीडिया से इस समय दूरी बना ली थी जब वह अपनी फिल्मों शोले दीवार और त्रिशूल जैसी हिट फिल्मों के साथ दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना चुके थे। मीडिया में उनके बारे में नकारात्मक रिपोर्ट्स और अफवाहों की भरमार थी। इन अफवाहों के चलते अमिताभ ने मीडिया से संवाद कम कर दिया था। यह स्थिति उस समय के जर्नलिस्टों और फिल्म समीक्षकों के लिए चौंकाने वाली थी क्योंकि उनकी फिल्मों के रिव्यू अब उनके नाम के बिना ही छपने लगे थे।

    तरन आदर्श का बयान
    हाल ही में फिल्म ट्रेड एनालिस्ट और जर्नलिस्ट तरन आदर्श ने इस मुद्दे पर ANI से बात की। उन्होंने कहा किसी भी जर्नलिस्ट के पास यह ताकत नहीं है कि वह किसी स्टार को बना दे या गिरा दे। अमिताभ बच्चन ने अपने करियर के सबसे अच्छे दौर में मीडिया को बायकॉट कर दिया था और इसके बावजूद वह अपनी पहचान बनाने में सफल रहे। तरन आदर्श ने यह भी बताया कि उस समय अमिताभ की हिट फिल्मों का रिव्यू बिना उनके नाम के ही छपता था जो इस बात का प्रमाण है कि उनके काम से ही लोग जुड़े थे न कि मीडिया की कवरेज से।
    अमिताभ का सुपरस्टार बनने का सफर
    अमिताभ बच्चन का करियर फिल्म इंडस्ट्री में असाधारण रहा है। चाहे वह शोले जैसी क्लासिक फिल्म हो या दीवार और त्रिशूल जैसी हिट फिल्में उनके अभिनय ने भारतीय सिनेमा के मानक को नया रूप दिया। हालांकि मीडिया के बायकॉट के बावजूद वह सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए। उनकी अभिनय क्षमता और पर्दे पर उनकी मौजूदगी ने उन्हें दर्शकों के बीच एक अद्वितीय स्थान दिलाया। इस समय के बाद भी अमिताभ का करियर एक लंबी यात्रा पर चलता रहा और वह आज भी बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में से एक माने जाते हैं।
    मीडिया और अमिताभ बच्चन का रिश्ता
    मीडिया और अमिताभ बच्चन के रिश्ते में एक वक्त ऐसा भी आया जब दोनों के बीच विवाद गहरा गया था। लेकिन फिल्म कुली के सेट पर हुए एक खतरनाक एक्सीडेंट के बाद यह संबंध कुछ बेहतर हुए। इसके बाद जब अमिताभ ने 1984 में राजनीति में कदम रखा और चुनाव लड़ा तो मीडिया ने अहम भूमिका निभाई। यह समय था जब अमिताभ और मीडिया के रिश्ते में सुधार हुआ।
    जया बच्चन का विरोध
    हालांकि आज भी अमिताभ और मीडिया के रिश्ते में कोई खास समस्या नहीं है लेकिन उनकी पत्नी जया बच्चन का मीडिया से कुछ अलग नजरिया है। हाल में जया ने पापराजी कल्चर का खुलकर विरोध किया था और कहा था कि यह स्टार्स के निजी जीवन में हस्तक्षेप करने की हद से आगे बढ़ चुका है। अमिताभ और मीडिया के रिश्ते की यह जटिल कहानी इस बात को दर्शाती है कि कैसे एक अभिनेता अपने काम और व्यक्तित्व के साथ पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है भले ही वह मीडिया के साथ नहीं हो।