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  • Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी पर भूल से भी न करें इन चीजों का दान, वरना भगवान विष्णु हो जाएंगे नाराज

    Jaya Ekadashi 2026: जया एकादशी पर भूल से भी न करें इन चीजों का दान, वरना भगवान विष्णु हो जाएंगे नाराज

    नई दिल्ली | Jaya Ekadashi 2026 Daan NIyam: जया एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा, व्रत और सही चीजों का दान करने से व्यक्ति के जीवन से दुख-कष्ट दूर होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है। लेकिन शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि जया एकादशी के दिन कुछ चीजों का दान करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पूजा का फल कम हो सकता है और भगवान विष्णु अप्रसन्न हो सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि जया एकादशी पर किन चीजों का दान नहीं करना चाहिए।

    मांस और शराब से जुड़ी चीजें
    जया एकादशी के दिन सात्विकता का विशेष महत्व होता है। इस दिन भूलकर भी मांस, मछली, अंडा या शराब जैसी तामसिक चीजों का दान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्रत की पवित्रता भंग होती है।

    काले तिल और लोहे की चीजें
    शास्त्रों के अनुसार, जया एकादशी के दिन लोहे या उससे निर्मित किसी भी उपकरण का दान नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही काले तिल का दान करने से भी बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ये वस्तुएं शनि ग्रह से संबंधित मानी जाती हैं, इसलिए इस दिन इनका दान करने से जीवन में अचानक बाधाएं आ सकती हैं और सकारात्मक ऊर्जा में धीरे-धीरे कमी आने लगती है।

    काले रंग की वस्तुएं
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन काले रंग के कपड़े या अन्य काली वस्तुओं का दान अशुभ माना जाता है। जया एकादशी पर पीले या सफेद रंग की चीजें ही शुभ फल देती हैं।

    चमड़े से बनी वस्तुएं
    जूते-चप्पल, बेल्ट या कोई भी चमड़े की वस्तु जया एकादशी के दिन दान नहीं करनी चाहिए। यह दिन पूरी तरह सात्विक और शुद्ध माना जाता है।

    झूठ, धोखा और गलत कमाई से मिली चीजें
    अगर किसी वस्तु को गलत तरीके से कमाया गया हो या उसमें छल-कपट जुड़ा हो, तो उसका दान करने से पुण्य नहीं मिलता। जया एकादशी पर हमेशा साफ मन और ईमानदारी से दान करना चाहिए।

    अनाज का दान बिना नियम जाने
    कुछ मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन कच्चे अनाज का दान करने से पहले नियम जान लेना जरूरी होता है। बिना जानकारी के अनाज दान करने से लाभ की जगह नुकसान हो सकता है।

    जया एकादशी पर क्या करना चाहिए?
    इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करें, तुलसी को जल चढ़ाएं, जरूरतमंद लोगों को फल, दूध, मिठाई, पीले वस्त्र या धन का दान करें। साथ ही मन, वचन और कर्म से पवित्र रहने का प्रयास करें।

  • धार्मिक उपाय: Jaya Ekadashi पर करें यह पूजा, मिलेगा मोक्ष और पापों से मुक्ति

    धार्मिक उपाय: Jaya Ekadashi पर करें यह पूजा, मिलेगा मोक्ष और पापों से मुक्ति


    नई दिल्ली। Jaya Ekadashi Puja Benefits: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी को सबसे फलदायी माना गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन पूरी श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि वह पिशाच योनी जैसी कष्टदायक स्थितियों से भी मुक्त हो जाता है. इस साल यानी 2026 में जया एकादशी बेहद खास होने वाली है, क्योंकि इस दिन एक-दो नहीं बल्कि चार अद्भुत संयोग बन रहे हैं.

    जया एकादशी पर बन रहे हैं ये खास संयोग
    ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार जया एकादशी पर इंद्र योग, रवि योग, भद्रावास योग और शिववास योग का दुर्लभ मेल हो रहा है. इन योगों में की गई पूजा और दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़कर मिलता है. विशेषकर रवि योग को दोषों का नाश करने वाला और शिववास योग को सुख-समृद्धि प्रदाता माना जाता है.

    कब रखा जाएगा जया एकादशी का व्रत?
    पंचांग के अनुसार,

    एकादशी तिथि शुरू: 28 जनवरी 2026, शाम 4 बजकर 34 मिनट से.
    एकादशी तिथि समापन: 29 जनवरी 2026, रात 1 बजकर 56 मिनट तक.
    व्रत की तारीख: उदया तिथि (सूर्योदय के समय की तिथि) के अनुसार, जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी 2026, बुधवार को रखा जाएगा.

    जया एकादशी की पूजा विधि
    अगर आप अपने जीवन के दुखों और अनजाने में हुए पापों से मुक्ति चाहते हैं, तो इस विधि से पूजा करें. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र धारण करें. हाथ में जल लेकर भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें.

    वेदी स्थापना: एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें.

    पूजन सामग्री: भगवान को पीले फूल, पीले फल, अक्षत, धूप और दीप अर्पित करें.

    पंचामृत स्नान: श्री हरि को पंचामृत से स्नान कराएं. ध्यान रहे कि भोग में तुलसी दल (पत्ता) जरूर शामिल करें, क्योंकि तुलसी के बिना विष्णु जी भोग स्वीकार नहीं करते.

    मंत्र जाप: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें और जया एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें.

    जया एकादशी का महत्व
    पद्म पुराण के अनुसार, जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को नीच योनि में जन्म नहीं लेना पड़ता. कथाओं में उल्लेख है कि इस व्रत के असर से ही माल्यवान नामक गंधर्व को पिशाच योनि से मुक्ति मिली थी. यह व्रत व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और पुराने संचित पापों का नाश कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है.