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  • उपराष्ट्रपति पद संभालने के दौरान चौथी बार पिता बने जेडी वेंस, बेटे एलेक नील वेंस के जन्म के साथ उषा वेंस ने बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

    उपराष्ट्रपति पद संभालने के दौरान चौथी बार पिता बने जेडी वेंस, बेटे एलेक नील वेंस के जन्म के साथ उषा वेंस ने बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड


    नई दिल्ली ।
    अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस के परिवार में खुशियों का माहौल है। रविवार सुबह उषा वेंस ने एक बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद वेंस परिवार में चौथे बच्चे का स्वागत हुआ। नवजात का नाम एलेक नील वेंस रखा गया है। इस खुशखबरी की जानकारी स्वयं जेडी वेंस ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए अपने परिवार की खुशी दुनिया के साथ बांटी। उन्होंने बताया कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा परिवार के अन्य बच्चे भी अपने छोटे भाई के आगमन से बेहद उत्साहित हैं।

    जेडी वेंस और उषा वेंस पहले से तीन बच्चों के माता-पिता हैं। उनके बच्चों के नाम इवान, विवेक और मिराबेल हैं, जिनकी उम्र लगभग चार से नौ वर्ष के बीच है। चौथे बच्चे के जन्म के साथ परिवार का विस्तार हुआ है और यह अवसर उनके निजी जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। उपराष्ट्रपति ने अपने संदेश में चिकित्सकों और पूरे मेडिकल स्टाफ के प्रति विशेष आभार भी व्यक्त किया, जिन्होंने सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    इस जन्म के साथ उषा वेंस ने अमेरिकी राजनीतिक इतिहास में एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। बताया जा रहा है कि 1870 के दशक के बाद पिछले डेढ़ सौ वर्षों में वह पहली ऐसी महिला बनी हैं, जिन्होंने अपने पति के अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए बच्चे को जन्म दिया है। इस वजह से यह घटना केवल पारिवारिक खुशी तक सीमित नहीं रही, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बन गई है।

    जेडी वेंस ने अपने संदेश में लिखा कि उनके घर एक प्यारे बेटे का जन्म हुआ है और पूरा परिवार इस नए सदस्य के आगमन से बेहद प्रसन्न है। उन्होंने कहा कि उनके अन्य बच्चे अपने छोटे भाई से मिलने के लिए उत्साहित हैं। साथ ही उन्होंने वाशिंगटन स्थित वाल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना करते हुए उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

    इस वर्ष मार्च में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जेडी वेंस ने हल्के-फुल्के अंदाज में चौथे बच्चे को लेकर अपनी और उषा वेंस के बीच हुई बातचीत का भी जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालने के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी से चौथे बच्चे की इच्छा जताई थी। उस समय उषा ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि या तो वह उपराष्ट्रपति बन सकते हैं या फिर चौथे बच्चे की योजना बना सकते हैं। बाद में जेडी वेंस ने मुस्कुराते हुए कहा था कि आखिरकार उन्हें दोनों खुशियां एक साथ मिल गईं।

    बाद में उषा वेंस ने भी एक बातचीत में स्वीकार किया था कि तीसरे बच्चे के जन्म के बाद उन्हें लगा था कि उनका परिवार पूरा हो चुका है। हालांकि समय के साथ उन्होंने चौथे बच्चे के बारे में सकारात्मक सोच विकसित की और परिवार बढ़ाने के निर्णय पर सहमति जताई। इस फैसले के बाद अब उनका परिवार चार बच्चों के साथ नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है।

    भारतीय मूल की उषा वेंस का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैन डिएगो में हुआ। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बसे थे। उनके पिता मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जबकि मां मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उषा और जेडी वेंस की मुलाकात वर्ष 2010 में येल लॉ स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों ने बाद में विवाह किया और अब चार बच्चों के साथ अपने पारिवारिक जीवन का नया अध्याय शुरू किया है।

  • ईरान समझौते पर आगे बढ़ने की कोशिश स्विट्जरलैंड यात्रा टलने के बावजूद अमेरिका प्रतिबद्ध

    ईरान समझौते पर आगे बढ़ने की कोशिश स्विट्जरलैंड यात्रा टलने के बावजूद अमेरिका प्रतिबद्ध

    नई द‍िल्‍ली । वाशिंगटन में ईरान के साथ तकनीकी वार्ता के अगले चरण को लेकर चल रही तैयारी के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance की स्विट्जरलैंड यात्रा को फिलहाल टाल दिया गया है। यह यात्रा उस प्रक्रिया का हिस्सा थी जिसमें दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए प्रारंभिक समझौते को लागू करने और उसके क्रियान्वयन से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से बातचीत होनी थी। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यात्रा स्थगित होने के बावजूद बातचीत की प्रक्रिया जारी है और दोनों पक्ष जल्द से जल्द अगले चरण की तकनीकी चर्चा शुरू करने के लिए तैयार हैं।

    व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि तकनीकी बातचीत की तारीख अभी अंतिम रूप में तय नहीं हुई है और स्थिति लगातार बदल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल किसी भी समय प्रस्थान के लिए तैयार है लेकिन वार्ता की व्यवस्था और समय तय करना आसान प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उपराष्ट्रपति उसी दिन यात्रा नहीं कर रहे हैं और आगे की जानकारी परिस्थितियों के अनुसार साझा की जाएगी।

    अमेरिकी प्रशासन ने यह संकेत दिया कि जैसे ही अगले चरण की बातचीत को लेकर कोई निश्चित कार्यक्रम तय होगा उसे सार्वजनिक किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत की प्रक्रिया में कोई देरी नहीं की जा रही है बल्कि समन्वय से जुड़े तकनीकी कारणों के चलते समय में बदलाव हुआ है। प्रशासन ने यह भी दोहराया कि उनका उद्देश्य जल्द से जल्द तकनीकी वार्ता शुरू करना है ताकि समझौते के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाया जा सके।

    यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब वाशिंगटन और तेहरान दोनों ही पक्ष समझौते के बाद निगरानी और अनुपालन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की तैयारी कर रहे हैं। इन वार्ताओं में सबसे अहम विषय यह माना जा रहा है कि समझौते को जमीनी स्तर पर कैसे लागू किया जाए और उसकी प्रभावी निगरानी कैसे सुनिश्चित की जाए।

    उपराष्ट्रपति ने पहले संकेत दिया था कि तकनीकी बातचीत कुछ ही दिनों में शुरू हो सकती है और इसके लिए स्विट्जरलैंड संभावित स्थान हो सकता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि इस प्रक्रिया का समन्वय चुनौतीपूर्ण है क्योंकि दोनों पक्षों के बीच समय और स्थान को लेकर लगातार बदलाव की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने कहा था कि योजना के अनुसार स्विट्जरलैंड जाने की तैयारी थी लेकिन यह स्थिति परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

    अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि बातचीत का मुख्य फोकस तकनीकी विवरणों पर होगा जिनमें निगरानी प्रक्रिया सत्यापन तंत्र और ईरान के संवर्धित यूरेनियम से जुड़े प्रबंधन जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार इन तकनीकी पहलुओं पर सहमति बनना ही बड़े समझौते की सफलता की असली परीक्षा होगी।

    व्हाइट हाउस ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशासन केवल बयानों पर नहीं बल्कि व्यावहारिक कार्यों पर भरोसा करता है और इसी आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। अमेरिका का कहना है कि बातचीत में प्रगति तभी मानी जाएगी जब जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम सामने आएंगे और समझौते का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।