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  • Jefferies की नई रिपोर्ट से फार्मा सेक्टर में बढ़ी हलचल, Dr Reddy's और Cipla पर सतर्क रुख बरकरार, Mankind Pharma बनी सबसे मजबूत पसंद

    Jefferies की नई रिपोर्ट से फार्मा सेक्टर में बढ़ी हलचल, Dr Reddy's और Cipla पर सतर्क रुख बरकरार, Mankind Pharma बनी सबसे मजबूत पसंद


    नई दिल्ली ।
    ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies की ताजा रिसर्च रिपोर्ट के बाद गुरुवार को फार्मा सेक्टर एक बार फिर निवेशकों के केंद्र में आ गया। रिपोर्ट में देश की तीन प्रमुख दवा कंपनियों Dr Reddy’s Laboratories, Cipla और Mankind Pharma का विस्तृत मूल्यांकन करते हुए अलग-अलग निवेश राय दी गई है। इस आकलन ने बाजार में इन शेयरों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है और शुरुआती कारोबार में तीनों कंपनियों के शेयरों में अलग-अलग रुख देखने को मिला।

    Jefferies ने अपनी रिपोर्ट में Dr Reddy’s Laboratories पर पहले की तरह अंडरपरफॉर्म रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा बाजार मूल्य की तुलना में इस शेयर में आकर्षक रिटर्न की संभावना सीमित दिखाई देती है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के लिए सबसे अनुकूल कारोबारी परिस्थितियां भी बन जाएं तो संभावित बढ़त सीमित रह सकती है। इसी कारण मौजूदा वैल्यूएशन को निवेश के लिहाज से अधिक आकर्षक नहीं माना गया है।

    Cipla को लेकर भी Jefferies का नजरिया फिलहाल सतर्क बना हुआ है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के भविष्य का बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार में कुछ महत्वपूर्ण दवाओं की नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करता है। यदि इन मंजूरियों में अपेक्षा से अधिक समय लगता है तो कंपनी की आय और शेयर प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। इसी संभावना को देखते हुए ब्रोकरेज ने इस शेयर पर भी अंडरपरफॉर्म रेटिंग बनाए रखी है और निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी है।

    इसके विपरीत Mankind Pharma को Jefferies ने अपनी सबसे पसंदीदा पसंद के रूप में बनाए रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी में कारोबार सुधार के शुरुआती संकेत दिखाई दे रहे हैं और आने वाले समय में इसका सकारात्मक प्रभाव वित्तीय प्रदर्शन पर देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के लिए जोखिम सीमित नजर आता है, जबकि संभावित रिटर्न अपेक्षाकृत बेहतर हो सकता है। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने इस शेयर पर बाय रेटिंग दोहराते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण कायम रखा है।

    रिपोर्ट का असर शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान Dr Reddy’s Laboratories के शेयर में गिरावट दर्ज की गई, जबकि Cipla के शेयर में हल्की मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर Mankind Pharma के शेयर में अच्छी बढ़त दर्ज हुई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि निवेशकों ने ब्रोकरेज की सकारात्मक राय को गंभीरता से लिया।

    हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी ब्रोकरेज की रिपोर्ट निवेश का अंतिम आधार नहीं हो सकती। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय नतीजों, उद्योग की स्थिति, नियामकीय बदलाव, उत्पाद पाइपलाइन और दीर्घकालिक विकास क्षमता जैसे अन्य पहलुओं का भी मूल्यांकन करना चाहिए। फार्मा सेक्टर में प्रतिस्पर्धा, वैश्विक मांग, अमेरिकी बाजार की नीतियां और दवा अनुमोदन की प्रक्रिया जैसे कारक शेयरों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले तिमाही नतीजे और प्रबंधन की भविष्य की रणनीति इन तीनों कंपनियों के प्रदर्शन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आगामी वित्तीय परिणामों और आगे आने वाली कारोबारी घोषणाओं पर बनी रहेगी, क्योंकि वही यह तय करेंगे कि Jefferies के मौजूदा अनुमान भविष्य में कितने सटीक साबित होते हैं।

  • अदाणी पावर और एईएसएल में निवेश के लिए बुलिश संकेत, क्षमता विस्तार और मजबूत पीपीए की वजह

    अदाणी पावर और एईएसएल में निवेश के लिए बुलिश संकेत, क्षमता विस्तार और मजबूत पीपीए की वजह

    अहमदाबाद । ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अदाणी ग्रुप की तीन प्रमुख कंपनियों – अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, अदाणी पावर लिमिटेड और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड – पर बुलिश रुख अपनाया है। जेफरीज का कहना है कि इन कंपनियों में क्षमता में तेज विस्तार, मजबूत क्रियान्वयन और बढ़ती मांग की वजह से निवेश के लिए आकर्षक अवसर मौजूद हैं।

    अदाणी ग्रीन एनर्जी को जेफरीज ने “बाय” रेटिंग के साथ 1,435 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार कंपनी वित्त वर्ष 2026 में 19.3 गीगावाट रिन्यूएबल ऊर्जा क्षमता से वित्त वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है। इसमें 5 गीगावाट की पंप स्टोरेज परियोजना और बैटरी स्टोरेज सिस्टम में 10 गीगावाट से अधिक की वृद्धि शामिल है। गुजरात के खावड़ा में 30 गीगावाट रिन्यूएबल ऊर्जा क्षमता का निर्माण चल रहा है, जो ग्रोथ का प्रमुख ड्राइवर है।

    अदाणी पावर पर जेफरीज ने अपनी “बाय” रेटिंग बनाए रखते हुए 255 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। कंपनी वित्त वर्ष 2032 तक अपनी क्षमता 42 गीगावॉट तक बढ़ाने की योजना रखती है। इसके अलावा दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों (PPA) की मजबूत पाइपलाइन से आय में सुधार की संभावना है। वर्तमान में आगामी क्षमता का लगभग 56 प्रतिशत पीपीए पहले से ही सुनिश्चित किया जा चुका है।

    अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) के लिए जेफरीज ने 1,665 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ “बाय” रेटिंग बरकरार रखी है। एईएसएल भारत की एकमात्र सूचीबद्ध प्योर प्ले ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है। कंपनी वर्तमान में 718 अरब रुपये के ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स क्रियान्वित कर रही है और स्मार्ट मीटरिंग व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 तक 11 मिलियन से अधिक मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।

    जेफरीज का अनुमान है कि मध्यम अवधि में एबिटा और कर के बाद मुनाफे में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि होगी। यह क्रियान्वयन की गति, डेटा सेंटर, वाणिज्यिक और औद्योगिक ऊर्जा समाधानों में बढ़ते अवसरों और स्मार्ट मीटरिंग के व्यापक विस्तार से प्रेरित होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अदाणी ग्रुप की ये कंपनियां भारत में बढ़ती ऊर्जा मांग और ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी से बढ़ते निवेश का लाभ उठा रही हैं। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि ग्रुप की लंबी अवधि की रणनीति और क्षमता विस्तार योजनाएं उनके पोर्टफोलियो के लिए आकर्षक साबित हो सकती हैं।