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  • नई रिपोर्ट का दावा: चेतावनियों के बावजूद जेफ्री एपस्टीन से 30 से अधिक बार मिले थे बिल गेट्स

    नई रिपोर्ट का दावा: चेतावनियों के बावजूद जेफ्री एपस्टीन से 30 से अधिक बार मिले थे बिल गेट्स


    नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स और दिवंगत फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन के संबंधों को लेकर एक नई समीक्षा रिपोर्ट में कई अहम दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गेट्स और उनकी परोपकारी संस्था गेट्स फाउंडेशन के अधिकारियों ने वर्ष 2011 से 2014 के बीच एपस्टीन से 30 से अधिक मुलाकातें की थीं। यह भी कहा गया है कि संस्था के कुछ कर्मचारियों ने इन बैठकों से प्रतिष्ठा को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन इसके बावजूद संपर्क बना रहा।

    30 से ज्यादा बैठकों का उल्लेख
    लॉ फर्म विल्मरहेल (WilmerHale) द्वारा तैयार समीक्षा रिपोर्ट के तीन पन्नों का सारांश मंगलवार को जारी किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 से 2014 के बीच हुई करीब 30 बैठकों में से कई एपस्टीन के मैनहट्टन स्थित टाउनहाउस में आयोजित हुईं, जबकि एक बैठक गेट्स फाउंडेशन के कैंपस में भी हुई थी।

    अवैध गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला
    रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि गेट्स फाउंडेशन ने एपस्टीन को कोई भुगतान किया था या किसी अवैध गतिविधि में शामिल था। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच मुख्य रूप से एक संभावित ग्लोबल हेल्थ फंड बनाने पर चर्चा हुई थी, जो बाद में कभी अस्तित्व में नहीं आ सका। इसके अलावा, एपस्टीन के एक सहयोगी द्वारा संचालित इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट को दिए गए वित्तीय सहयोग पर भी बातचीत होने का उल्लेख किया गया है।

    बिल गेट्स ने माना था फैसला गलत था
    रिपोर्ट में बिल गेट्स पर एपस्टीन के यौन अपराधों में किसी तरह की संलिप्तता का आरोप नहीं लगाया गया है। गेट्स पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि उन्हें नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण की जानकारी नहीं थी। हाल ही में एक संसदीय समिति के समक्ष गेट्स ने स्वीकार किया था कि एपस्टीन से मुलाकात करना उनके जीवन के फैसलों में “एक बड़ी गलती” थी।

    स्टाफ की आपत्तियों के बावजूद जारी रहा संपर्क
    रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फाउंडेशन के कुछ कर्मचारियों ने कानूनी जोखिम और संस्था की साख पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई थी। इसके बावजूद 2012 में एपस्टीन ने बिल गेट्स की मुलाकात इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के प्रमुख तेर्जे रोड-लार्सन से कराई। इसके बाद फाउंडेशन ने पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम के लिए इस संस्था को वित्तीय सहायता दी। बाद में विवाद बढ़ने पर 2020 में तेर्जे रोड-लार्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

    फाउंडेशन ने मजबूत किए निगरानी तंत्र
    यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में वॉरेन बफेट ने अपने वार्षिक दान में गेट्स फाउंडेशन को शामिल नहीं किया। इस बीच फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क सुजमैन ने कहा कि बोर्ड ने जोखिम प्रबंधन और जांच प्रक्रियाओं को और मजबूत करने के लिए नए कदमों को मंजूरी दी है। उनके अनुसार संस्था का कार्य सहयोगियों के भरोसे और पारदर्शिता पर आधारित है।

    एपस्टीन फाइल्स में भी आया था नाम
    अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए एपस्टीन फाइल्स में टेक्नोलॉजी, वित्त और राजनीति जगत की कई चर्चित हस्तियों के साथ बिल गेट्स का नाम भी दर्ज है। गौरतलब है कि जेफ्री एपस्टीन को जुलाई 2019 में नाबालिगों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मुकदमे की सुनवाई शुरू होने से पहले ही जेल में उसकी मौत हो गई थी, जिसे अधिकारियों ने आत्महत्या बताया था।

  • एपस्टीन केस में सनसनीखेज खुलासा: मौत से पहले लिखा ‘गुडबाय नोट’ 7 साल से सीलबंद, अब उठे बड़े सवाल

    एपस्टीन केस में सनसनीखेज खुलासा: मौत से पहले लिखा ‘गुडबाय नोट’ 7 साल से सीलबंद, अब उठे बड़े सवाल


    नई दिल्ली। अमेरिका के कुख्यातएपस्टीन केस में सनसनीखेज खुलासा: मौत से पहले लिखा ‘गुडबाय नोट’ 7 साल से सीलबंद, अब उठे बड़े सवाल फाइनेंसर Jeffrey Epstein की रहस्यमयी मौत को लेकर एक बार फिर नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। 2019 में जेल में हुई उसकी मौत से पहले लिखा गया एक कथित सुसाइड नोट पिछले सात सालों से सीलबंद रखा गया था, जिसे अब सार्वजनिक करने की मांग तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस नोट में लिखा था। “अलविदा कहने का समय आ गया है”, जिसने पूरे मामले को और ज्यादा रहस्यमयी बना दिया है।

    यह नोट सबसे पहले एपस्टीन के सेलमेट Nicholas Tartaglione को मिला था, जो खुद एक पूर्व पुलिस अधिकारी और कई गंभीर अपराधों में दोषी है। बताया जा रहा है कि यह नोट जेल की कोठरी में रखी एक ग्राफिक नॉवेल के अंदर छिपा हुआ था। पीले रंग के कागज पर लिखे इस संदेश ने उस वक्त भी कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसे कभी सार्वजनिक नहीं किया गया।

    टार्टाग्लियोन ने यह नोट जेल प्रशासन को देने के बजाय अपने वकीलों को सौंप दिया था। उसका कहना था कि उसे डर था कि अगर यह नोट अधिकारियों को दिया गया, तो उस पर एपस्टीन को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया जा सकता है। उसके वकीलों का दावा है कि उन्होंने नोट की सत्यता की पुष्टि की, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह जांच कैसे की गई।

    इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने अहम सबूत को अब तक जांच एजेंसियों से दूर क्यों रखा गया? रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस फेडरल जज के सामने टार्टाग्लियोन का केस चल रहा था, उन्होंने इस नोट को सीलबंद कर दिया था। चौंकाने वाली बात यह भी है कि न तो अमेरिकी न्याय विभाग और न ही एपस्टीन की मौत की जांच करने वाली एजेंसियों ने इस नोट की आधिकारिक जांच की।

    गौरतलब है कि Jeffrey Epstein को 6 जुलाई 2019 को यौन तस्करी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। वह मुकदमे का इंतजार कर रहा था, तभी अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत को आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया, लेकिन सुरक्षा चूक और कई संदिग्ध परिस्थितियों के चलते यह मामला शुरू से ही विवादों में रहा है।

    अब जब इस ‘गुडबाय नोट’ का खुलासा सामने आया है, तो एक बार फिर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या एपस्टीन की मौत वाकई आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई बड़ा राज छिपा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह नोट सार्वजनिक होता है, तो यह इस हाई-प्रोफाइल केस के कई अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठा सकता है।

  • बिकिनी पहनी दो महिलाओं के बीच लेटे दिखे स्टीफन हॉकिंग

    बिकिनी पहनी दो महिलाओं के बीच लेटे दिखे स्टीफन हॉकिंग

    वॉशिंगटन। अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के एक नए बैच के सार्वजनिक होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर बहस छिड़ गई है। इन दस्तावेजों के साथ सामने आई एक तस्वीर में प्रख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग दिखाई दे रहे हैं, जिससे सोशल मीडिया और मीडिया जगत में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

    तस्वीर में हॉकिंग दो महिलाओं के बीच लेटे हुए नजर आते हैं। दोनों महिलाओं ने स्विमवियर पहन रखा है और उनकी पहचान छिपाने के लिए चेहरों को काले रंग से ढका गया है। तीनों के हाथों में पेय पदार्थ दिखाई दे रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि फोटो कब और किस संदर्भ में ली गई थी।

    अमेरिकी मीडिया, जिनमें New York Post भी शामिल है, ने इस तस्वीर का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी पृष्ठभूमि और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

    परिवार ने आरोपों को बताया निराधार
    हॉकिंग के परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रोफेसर हॉकिंग ने 20वीं सदी में भौतिकी के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया और वे मोटर न्यूरॉन बीमारी से दशकों तक जूझते रहे। बयान में किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के संकेतों को “पूरी तरह गलत” बताया गया।


    स्टीफन हॉकिंग का 2018 में 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वे लंबे समय तक गंभीर बीमारी के बावजूद वैज्ञानिक अनुसंधान और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे।

    2006 के सम्मेलन से जुड़ा संदर्भ
    रिपोर्ट्स के अनुसार, हॉकिंग उन वैज्ञानिकों के समूह में शामिल थे जिन्होंने मार्च 2006 में कैरिबियन क्षेत्र के सेंट थॉमस द्वीप पर आयोजित एक सम्मेलन में भाग लिया था। यह कार्यक्रम एपस्टीन द्वारा वित्तपोषित बताया जाता है और उस समय हुआ था जब उनके खिलाफ बाद में सामने आए आपराधिक आरोप सार्वजनिक नहीं हुए थे।

    पुराने आरोपों का भी हुआ जिक्र
    दस्तावेजों में अमेरिकी नागरिक वर्जीनिया गिउफ्रे के पूर्व आरोपों का भी उल्लेख मिलता है, जिनमें उन्होंने एपस्टीन नेटवर्क से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों पर सवाल उठाए थे। हालांकि, हॉकिंग के खिलाफ किसी भी आपराधिक कृत्य का आधिकारिक आरोप कभी सिद्ध नहीं हुआ।