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  • शिवपुरी में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला, पति ने नकदी और सोने के जेवर ले जाने का लगाया आरोप

    शिवपुरी में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला, पति ने नकदी और सोने के जेवर ले जाने का लगाया आरोप

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में तीन बच्चों की मां के लापता होने का मामला सामने आया है। सुरवाया थाना क्षेत्र के ग्राम बिची मोहनगढ़ निवासी धर्मवीर गुर्जर ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी पूनम गुर्जर 30 सितंबर की रात घर में रखे दो लाख रुपये नकद और पांच तोला सोने के जेवर लेकर चली गई। धर्मवीर का दावा है कि उसकी पत्नी गौशाला क्षेत्र में रहने वाले जीतू गुर्जर के साथ गई है। मामले में शिकायत लेकर वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और कार्रवाई की मांग की।

    धर्मवीर के अनुसार, उसकी शादी वर्ष 2017 में समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में पूनम गुर्जर के साथ हुई थी। शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए। उसने बताया कि वह खेती करके परिवार का भरण-पोषण करता था और उसके पास करीब 40 बीघा कृषि भूमि है। बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसने शिवपुरी शहर के गौशाला-लुधावली क्षेत्र में एक मकान भी लिया था, ताकि बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें।

    धर्मवीर ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि इसी दौरान उसकी पत्नी की गौशाला क्षेत्र में रहने वाले जीतू गुर्जर से नजदीकियां बढ़ गईं। उसके मुताबिक, इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसने शिवपुरी स्थित मकान बेचने का निर्णय लिया। धर्मवीर का कहना है कि उसने मकान चार लाख रुपये में बेच दिया और इसके बाद पत्नी तथा बच्चों को लेकर अपने गांव बिची मोहनगढ़ लौट आया।

    पीड़ित के आरोप के मुताबिक, 30 सितंबर की रात पूनम घर में रखे दो लाख रुपये नकद और पांच तोला सोने के जेवर लेकर चली गई। धर्मवीर ने दावा किया कि इस मामले में जीतू गुर्जर के मौसा इंदर गुर्जर और उसके दोस्त नरेंद्र लोधी ने भी सहयोग किया। उसने नरेंद्र पर जान से मारकर फेंक देने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों का बयान भी सामने नहीं आया है।

    धर्मवीर का कहना है कि उसने इस घटना के संबंध में सुरवाया थाना पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह अपनी फरियाद लेकर शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उसने पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उसने अपनी शिकायत पर कार्रवाई कराने की मांग दोहराई।

    धर्मवीर ने अपनी शिकायत में परिवार की स्थिति का भी जिक्र किया है। उसका कहना है कि तीनों बच्चे अपनी मां को याद करते हैं और उसके घर लौटने की उम्मीद में रोते हैं। वह बच्चों को यह कहकर समझाता है कि उनकी मां वापस आ जाएगी। इस स्थिति से परिवार पर पड़ रहे असर को बताते हुए उसने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।

    पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाए और पत्नी को ले जाने, नकदी तथा जेवर साथ ले जाने और धमकी देने से जुड़े उसके आरोपों की पड़ताल की जाए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह मामला पति की शिकायत और उसके लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई या जांच की स्थिति के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

  • ग्वालियर में 120 करोड़ के रत्नजड़ित गहनों से सजे राधा-कृष्ण, साल में एक बार दिखता है ये राजसी रूप

    ग्वालियर में 120 करोड़ के रत्नजड़ित गहनों से सजे राधा-कृष्ण, साल में एक बार दिखता है ये राजसी रूप

    ग्वालियर। जन्माष्टमी के मौके पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर का ऐतिहासिक गोपाल मंदिर एक बार फिर आस्था और राजसी वैभव का केंद्र बन गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर राधा-कृष्ण का करीब 120 करोड़ रुपये के बेशकीमती रत्नजड़ित आभूषणों से विशेष शृंगार किया गया। इस दुर्लभ स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

    गोपाल मंदिर में होने वाला यह विशेष शृंगार साल में केवल एक बार किया जाता है। यही वजह है कि भक्त पूरे साल जन्माष्टमी का इंतजार करते हैं। इस दौरान मंदिर में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए जाते हैं।

    बैंक लॉकर से निकाले गए ऐतिहासिक गहने

    राधा-कृष्ण के राजसी शृंगार के लिए इन ऐतिहासिक आभूषणों को बैंक लॉकर से निकाला गया। कड़ी सुरक्षा के बीच इन्हें गोपाल मंदिर पहुंचाया गया, जहां विशेष सफाई के बाद भगवान के विग्रहों को इन आभूषणों से सजाया गया।

    बेशकीमती गहनों की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। सादे कपड़ों में भी जवानों को निगरानी के लिए लगाया गया, जबकि वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की लगातार निगरानी करते रहे।

    हीरा, पन्ना, माणिक से लेकर मोती तक जड़े हैं

    गोपाल मंदिर के इन आभूषणों को रियासतकालीन विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इनमें हीरा, पन्ना, माणिक, पुखराज, नीलम और मोती जैसे बेशकीमती रत्न जड़े हुए हैं।

    राधारानी के शृंगार में पुखराज, माणिक और पन्ना जड़ित करीब तीन किलो वजनी मुकुट प्रमुख आकर्षण है। भगवान श्रीकृष्ण को भी विशेष राजसी मुकुट पहनाया जाता है। इसके अलावा सफेद मोतियों से बना पंचमढ़ी हार और सात लड़ी का विशेष हार भी शृंगार का हिस्सा है। बताया जाता है कि सात लड़ी वाले हार में 62 असली मोती और 55 पन्ने जड़े हैं। इसके साथ सोने के झुमके, नथ, कंठी, चूड़ियां, कड़े और अन्य बहुमूल्य आभूषण भी भगवान के शृंगार में शामिल किए जाते हैं।

    1921 में हुआ था गोपाल मंदिर का निर्माण

    ग्वालियर के गोपाल मंदिर की स्थापना 1921 में तत्कालीन ग्वालियर रियासत के शासक माधवराव सिंधिया प्रथम ने कराई थी। रियासतकाल में भगवान की पूजा और शृंगार के लिए सोने-चांदी के बर्तन तथा कई बहुमूल्य आभूषण तैयार करवाए गए थे।

    भगवान की पूजा में इस्तेमाल होने वाली रियासतकालीन सामग्री में इत्रदान, पिचकारी, चलनी, धूपदान, छत्र और निरंजनी समेत कई विशेष वस्तुएं शामिल हैं। ये सामान आज भी ग्वालियर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत की पहचान बने हुए हैं।


    आजादी के बाद बैंक लॉकर में रखे गए गहने

    आजादी से पहले इन आभूषणों का नियमित रूप से इस्तेमाल भगवान के शृंगार में किया जाता था। लेकिन आजादी के बाद सुरक्षा कारणों से इन्हें बैंक लॉकर में सुरक्षित रखा जाने लगा।

    2007 से इन आभूषणों की देखरेख नगर निगम के पास है। इसके बाद से हर वर्ष जन्माष्टमी पर विशेष सुरक्षा के बीच गहनों को लॉकर से निकालकर गोपाल मंदिर लाया जाता है और भगवान राधा-कृष्ण का राजसी शृंगार किया जाता है।


    हजारों श्रद्धालुओं को रहता है पूरे साल इंतजार

    गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी की रात राधा-कृष्ण का यह अलौकिक स्वरूप देखने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहता है। सुबह से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

    आस्था, इतिहास और राजसी वैभव का यह संगम गोपाल मंदिर को खास बनाता है। करीब 120 करोड़ रुपये मूल्य के बताए जाने वाले रत्नजड़ित आभूषणों से सजे राधा-कृष्ण के दर्शन भक्तों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्वालियर की समृद्ध रियासतकालीन विरासत को देखने का भी दुर्लभ अवसर होते हैं।

  • रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सेनन के लुक पर यूजर्स ने उठाए सवाल, कुछ प्रशंसकों ने ट्रोलिंग को बताया अनावश्यक विवाद

    रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सेनन के लुक पर यूजर्स ने उठाए सवाल, कुछ प्रशंसकों ने ट्रोलिंग को बताया अनावश्यक विवाद


    नई दिल्ली । 
    बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन इन दिनों अपने एक नए रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। एक ज्वेलरी ब्रांड के लिए बनाए गए इस विज्ञापन में कृति को रक्षाबंधन के मौके पर अपने छोटे भाई और पालतू डॉग के साथ नजर आते दिखाया गया है। विज्ञापन सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिनेत्री के पहनावे और विज्ञापन की प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं।

    विज्ञापन में कृति सेनन सफेद रंग के लहंगा-चोली में दिखाई देती हैं। उन्होंने अपने लुक को हल्के मेकअप और सीमित ज्वेलरी के साथ पूरा किया है। विज्ञापन की कहानी में वह सबसे पहले अपने पालतू डॉग को राखी बांधती नजर आती हैं और इसके बाद भाई के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाती दिखाई देती हैं।

    सोशल मीडिया पर विज्ञापन के सामने आने के बाद कुछ यूजर्स ने कृति के आउटफिट को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और पारंपरिक त्योहार के विज्ञापन में अभिनेत्री का पहनावा अधिक पारंपरिक होना चाहिए था। कुछ टिप्पणियों में उनके कपड़ों को जरूरत से ज्यादा रिवीलिंग बताया गया और इसी आधार पर विज्ञापन की आलोचना की गई।

    कुछ यूजर्स ने कृति के लुक की तुलना ब्रा से करते हुए भी टिप्पणी की। एक वर्ग ने सवाल उठाया कि परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाने के दृश्य में इस तरह का पहनावा क्यों चुना गया। वहीं कुछ लोगों ने विज्ञापन में भाई को राखी बांधने से पहले पालतू डॉग को राखी बांधने के दृश्य पर भी प्रतिक्रिया दी।

    हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आई प्रतिक्रियाएं एकतरफा नहीं रहीं। कृति सेनन के कुछ प्रशंसकों ने अभिनेत्री का बचाव किया और कपड़ों को लेकर की जा रही टिप्पणियों को अनावश्यक ट्रोलिंग बताया। समर्थकों का कहना है कि विज्ञापन में अभिनेत्री का पहनावा व्यक्तिगत शैली और ब्रांड की रचनात्मक प्रस्तुति का हिस्सा है तथा इसे लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करना उचित नहीं है।

    एक यूजर ने कृति का बचाव करते हुए कहा कि विज्ञापन में दिखाए गए परिधान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। वहीं कुछ अन्य प्रतिक्रियाओं में भी लोगों ने कहा कि त्योहार की भावना को केवल पहनावे के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए। इस तरह विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग विचार सामने आए हैं।

    रक्षाबंधन भारत में भाई-बहन के रिश्ते और आपसी स्नेह से जुड़ा प्रमुख त्योहार है। इसी वजह से त्योहार आधारित विज्ञापनों में पारंपरिक प्रतीकों और पारिवारिक भावनाओं को विशेष महत्व दिया जाता है। कृति के विज्ञापन को लेकर हुई बहस भी इसी सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ से जुड़ती दिखाई दे रही है।

    काम की बात करें तो कृति सेनन हाल में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ फिल्म कॉकटेल 2 में नजर आई थीं। फिल्म में उनकी भूमिका और अभिनय को दर्शकों से प्रतिक्रिया मिली। अब प्रशंसकों की नजर उनके आगामी प्रोजेक्ट्स पर है। फिलहाल रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा ने अभिनेत्री को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

  • इस राखी पुराने गिफ्ट से हटकर बहन की पसंद के अनुसार चुनें स्मार्टवॉच, ज्वेलरी, सेल्फ केयर और पर्सनलाइज्ड तोहफे

    इस राखी पुराने गिफ्ट से हटकर बहन की पसंद के अनुसार चुनें स्मार्टवॉच, ज्वेलरी, सेल्फ केयर और पर्सनलाइज्ड तोहफे


    नई दिल्ली । 
    रक्षाबंधन भाई और बहन के रिश्ते को खास तरीके से मनाने वाला त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी खुशी के लिए उपहार देता है। हर साल एक जैसे कपड़े, चॉकलेट या सामान्य गिफ्ट देने के बजाय इस बार बहन की पसंद, जरूरत और जीवनशैली को ध्यान में रखकर कुछ अलग चुना जा सकता है। ऐसा तोहफा ज्यादा खास होता है, जिसका इस्तेमाल वह रोजमर्रा की जिंदगी में भी कर सके।

    अगर आपकी बहन तकनीक और फिटनेस में दिलचस्पी रखती है, तो स्मार्टवॉच अच्छा विकल्प हो सकती है। बाजार में अलग-अलग फीचर और बजट के अनुसार कई विकल्प मिलते हैं। गिफ्ट खरीदते समय उसकी जरूरत और पसंद को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।

    स्टाइल पसंद करने वाली बहन के लिए हैंडबैग उपयोगी और आकर्षक तोहफा हो सकता है। ऑफिस, कॉलेज या रोजाना इस्तेमाल के लिए बैग चुनते समय उसके पसंदीदा रंग, आकार और डिजाइन का ध्यान रखा जा सकता है। ऐसा बैग उसके काम भी आएगा और उसकी पसंद से भी मेल खाएगा।

    स्किन केयर में रुचि रखने वाली बहन को उसकी जरूरत के अनुसार स्किन केयर किट दी जा सकती है। इसमें उसके नियमित इस्तेमाल वाले उत्पाद शामिल किए जा सकते हैं। किसी भी प्रोडक्ट का चुनाव करते समय उसकी पसंद और त्वचा से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

    परफ्यूम भी रक्षाबंधन पर दिया जाने वाला क्लासिक गिफ्ट है। अगर आपको बहन की पसंदीदा खुशबू या सुगंध की श्रेणी मालूम है, तो उसके लिए सही परफ्यूम चुनना आसान हो सकता है। पसंद की खुशबू वाला उपहार व्यक्तिगत एहसास भी देता है।

    ज्वेलरी का छोटा और सलीकेदार पीस भी बहन के लिए यादगार तोहफा बन सकता है। ईयररिंग्स, ब्रेसलेट, पेंडेंट या अन्य हल्की ज्वेलरी उसकी पसंद के अनुसार चुनी जा सकती है। रोजाना पहनने वाली डिजाइन चुनने से गिफ्ट का इस्तेमाल भी अधिक हो सकता है।

    अगर बहन संगीत सुनती है या रोजाना यात्रा करती है, तो वायरलेस ईयरबड्स उसके लिए उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। इस तरह का गिफ्ट मनोरंजन के साथ रोजमर्रा की जरूरत को भी पूरा करता है। खरीदते समय उसके फोन और इस्तेमाल की आदतों के अनुरूप विकल्प चुनना बेहतर रहेगा।

    किताब पढ़ने की शौकीन बहन के लिए उसकी पसंद के लेखक या विषय से जुड़ी किताब दी जा सकती है। इसके साथ अपने हाथ से लिखा छोटा संदेश जोड़ने से यह सामान्य गिफ्ट के बजाय व्यक्तिगत यादगार बन सकता है।

    पर्सनलाइज्ड गिफ्ट भी भाई बहन के रिश्ते के लिए खास विकल्प है। फोटो फ्रेम, कस्टम मग, नाम वाली एक्सेसरी या पुरानी यादों से तैयार किया गया छोटा बॉक्स भावनात्मक महत्व रख सकता है।

    सेल्फ केयर पसंद करने वाली बहन के लिए एक छोटा गिफ्ट बॉक्स तैयार किया जा सकता है। इसमें सुगंधित मोमबत्ती, आई मास्क और आराम से जुड़े सामान्य सामान शामिल किए जा सकते हैं। वहीं अगर आप कोई वस्तु नहीं देना चाहते तो उसके साथ पसंदीदा जगह पर डिनर, फिल्म, कैफे या शॉपिंग का प्लान भी बना सकते हैं।

    रक्षाबंधन पर गिफ्ट की कीमत से ज्यादा उसकी भावना और उपयोगिता मायने रखती है। बहन की पसंद को समझकर चुना गया छोटा सा उपहार भी रिश्ते में अपनापन बढ़ा सकता है। इसलिए इस बार केवल महंगा गिफ्ट चुनने के बजाय ऐसा तोहफा दें, जो उसकी जरूरत और व्यक्तित्व दोनों से जुड़ा हो।

  • सुहागरात के दिन ही नकदी-जेवर लेकर फरार हो गई दुल्हन!

    सुहागरात के दिन ही नकदी-जेवर लेकर फरार हो गई दुल्हन!


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से शादी के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हरियाणा के एक युवक से धूमधाम से शादी कराने के बाद दुल्हन कुछ ही घंटों में नकदी और आभूषण लेकर फरार हो गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो महिला बिचौलियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार दुल्हन की तलाश जारी है।
    पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान पूरे गिरोह का खुलासा होने की संभावना है।

    शादी का झांसा देकर वसूले 1.10 लाख रुपये

    पुलिस के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र के सिसाना गांव निवासी रविंद्र कुमार सिंह को देवरिया में शादी कराने का भरोसा दिलाया गया था। इसके लिए बिचौलियों ने उससे 1.10 लाख रुपये लिए। 24 जुलाई की रात भलुअनी कस्बे के एक मैरिज हॉल में गोल्डी यादव नाम की युवती के साथ उसकी शादी कराई गई। सभी वैवाहिक रस्में पूरी हुईं और सात फेरे भी लिए गए।

    सुहागरात से पहले ही लेकर भागी नकदी और जेवर

    शादी के कुछ ही घंटों बाद दुल्हन अचानक गायब हो गई। आरोप है कि वह अपने साथ 1.10 लाख रुपये नकद और शादी के दौरान मिले आभूषण भी ले गई।

    काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला तो पीड़ित दूल्हे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने दो महिला बिचौलियों को दबोचा

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान शादी कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाली मीना देवी और गीता देवी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से बिचौलिये के तौर पर लिए गए 40 हजार रुपये भी बरामद किए हैं।

    फरार दुल्हन की तलाश जारी

    पुलिस के मुताबिक, फरार दुल्हन गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह शादी के नाम पर ठगी करने वाले किसी संगठित गिरोह का हिस्सा तो नहीं है।

    पुलिस का क्या कहना है?

    बरहज क्षेत्राधिकारी (सीओ) राजेश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि शादी के बाद दुल्हन के नकदी और आभूषण लेकर फरार होने की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और फरार दुल्हन की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

  • ईरान के समर्थन में कश्मीर से मदद, लोगों ने दान किए गहने और नकद राशि

    ईरान के समर्थन में कश्मीर से मदद, लोगों ने दान किए गहने और नकद राशि


    नई दिल्‍ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के समर्थन में कश्मीर से मदद की खबर सामने आई है। केंद्र शासित प्रदेश के बडगाम जिले में स्थानीय लोगों ने एक मस्जिद में दान केंद्र स्थापित कर आर्थिक सहयोग जुटाना शुरू किया। यहां समुदाय के लोगों ने सोने-चांदी के बर्तन, गहने और नकद राशि देकर ईरान की सहायता का प्रयास किया।

    जानकारी के अनुसार, Imam Zaman Mosque Budgam में आयोजित इस अभियान के दौरान कई महिलाएं अपने कानों की बालियां, पुराने गहने, बर्तन और अन्य घरेलू सामान लेकर पहुंचीं और उन्हें दान के रूप में सौंप दिया।

    स्थानीय लोगों ने बताई वजह

    स्थानीय निवासी मोहसिन अली ने कहा कि दान केंद्र का उद्देश्य ईरान को आर्थिक मदद पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया है। उनके मुताबिक, “हम सीधे जाकर मदद नहीं कर सकते, इसलिए आर्थिक सहयोग के माध्यम से समर्थन दे रहे हैं।”

    ‘कमजोरों की मदद’ बताकर दिया समर्थन

    मोहसिन अली ने कहा कि ईरान को समर्थन देना उनके लिए कमजोरों की मदद करने जैसा है। उन्होंने बताया कि समुदाय के लोगों ने स्वेच्छा से इस अभियान में हिस्सा लिया और जरूरतमंदों के लिए सहयोग दिया।

    ईरानी दूतावास ने जताया आभार

    भारत में स्थित Embassy of Iran in India ने भी इस पहल पर धन्यवाद व्यक्त किया। रिपोर्ट के अनुसार, दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारत के लोगों के समर्थन की सराहना की। इससे पहले ईरान के समर्थन में दान अभियान शुरू किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

    वैश्विक तनाव का असर

    United States और Israel के साथ बढ़ते तनाव के चलते Iran क्षेत्र में संघर्ष जारी है। Strait of Hormuz में स्थिति तनावपूर्ण होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    रिपोर्टों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है, जिससे युद्ध लंबा खिंचने की संभावना बढ़ती दिखाई दे रही है।

  • बैतूल में घर में सेंधमारी का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.11 लाख रुपये का माल बरामद

    बैतूल में घर में सेंधमारी का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.11 लाख रुपये का माल बरामद


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में घर में सेंधमारी का मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था, लेकिन थाना बैतूल बाजार की टीम ने सटीक जांच के बाद इसे सफलता पूर्वक सुलझा लिया। शनिवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 1.11 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल बरामद किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में की गई जानकारी के अनुसार, फरियादी अमित चौहान ने 27 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पूजा के लिए घर से बाहर गए समय अज्ञात अपराधियों ने उनके घर का ताला तोड़कर चोरी की। चोरी में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी शामिल थे। इस शिकायत के बाद थाना बैतूल बाजार में अपराध क्रमांक 423/25 के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तुरंत विवेचना शुरू की।

    पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आसपास के संदिग्धों और अपराधियों की पहचान की। सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और गहन निगरानी के बाद टीम ने तीन आरोपियों का पता लगाया। इनमें से एक आरोपी ने पहले भी छोटे-मोटे चोरी के मामलों में नाम जुड़ा हुआ था। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके कब्जे से चोरी की गई संपत्ति बरामद की। बरामद माल में नकद राशि, सोने-चांदी के आभूषण और कुछ अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल थीं। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस ने जानकारी प्राप्त की कि यह चोरी एक योजनाबद्ध गतिविधि के तहत की गई थी और उन्होंने इसे बाजार में बेचने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की सक्रियता और त्वरित गिरफ्तारी के कारण चोरी का अधिकांश माल सुरक्षित लौटाया जा सका।

    पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क और तत्पर है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों की सुरक्षा को और मजबूत करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ चोरी और संबंधित अपराधों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और मामले की जांच जारी है। घटना ने यह स्पष्ट किया कि बैतूल पुलिस चोरी और अपराध के मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की है। यह गिरफ्तारी अन्य अपराधियों के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समुदाय का सहयोग भी महत्वपूर्ण है और जनता को जागरूक रहना चाहिए। इस प्रकार बैतूल पुलिस ने न केवल चोरी का मामला सुलझाया बल्कि चोरी की गई संपत्ति को भी सुरक्षित बरामद कर जिले में कानून और व्यवस्था की मिसाल कायम की।