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  • J&K: गांदरबल जिले में हादसा….अमरनाथ यात्रियों से भरी बस खाई में पलटी, 10 से अधिक घायल

    J&K: गांदरबल जिले में हादसा….अमरनाथ यात्रियों से भरी बस खाई में पलटी, 10 से अधिक घायल


    गांदरबल।
    अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) के श्रद्धालुओं को ले जा रही एक बस गांदरबल जिले (Ganderbal district) के गुंड के हरिगनीवान (Hariganiwan) इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह बस ‘एस-मोड़’ नामक तीखे मोड़ के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में दर्जनों यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। थाना प्रभारी रईस अहमद ने तुरंत बचाव दल को घटनास्थल पर रवाना किया। गुंड पुलिस ने बिना किसी देरी के बचाव अभियान शुरू कर दिया। घायल यात्रियों को बस से बाहर निकालने का काम चुनौतीपूर्ण था।

    पुलिस कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त बल भी मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। उन्हें आगे के इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया है। कई यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।


    बचाव अभियान में विभिन्न बलों का सहयोग

    इस बचाव अभियान में कई सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर काम किया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 118 बटालियन ने भी महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की। 2 असम राइफल्स और 21 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) के कर्मी भी मौके पर मौजूद थे। यात्रा पुलिस ने भी यात्रियों की पहचान और सहायता में सहयोग किया।

    दुर्घटनास्थल से निकाले गए सभी घायल यात्रियों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया। चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि अन्य को गंभीर चोटें लगी हैं। प्रशासन ने घायलों के परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार किया जा रहा है।

  • J&K: सुरक्षा बलों ने LoC पर घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम… आतंकियों को खदेड़ा

    J&K: सुरक्षा बलों ने LoC पर घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम… आतंकियों को खदेड़ा


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के राजौरी जिले (Rajouri district) में नियंत्रण रेखा (LoC) पर शनिवार को सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए घुसपैठ (Infiltration) की एक संभावित कोशिश को नाकाम कर दिया। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीमा पर तैनात सेना के जवानों ने एक संदिग्ध गतिविधि देखने के बाद फायरिंग शुरू कर दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे राजौरी के तारकुंडी फॉरवर्ड एरिया में हुई।

    सीमा की रखवाली कर रहे सतर्क जवानों ने कुछ संदिग्ध आतंकवादियों को भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश करते देखा, जिसके बाद सैनिकों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए छोटे हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय सेना की इस कार्रवाई के बाद सीमा पार पाकिस्तान की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। दोनों तरफ से यह गोलाबारी करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर चलती रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी घटना में भारतीय पक्ष की ओर से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।


    इलाके में हाई अलर्ट, तलाशी अभियान शुरू

    शनिवार सुबह होते ही सेना ने पूरे तारकुंडी और उसके आस-पास के इलाकों की घेराबंदी कर एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रात के अंधेरे और गोलीबारी का फायदा उठाकर कोई घुसपैठिए भारतीय क्षेत्र में छिपने में कामयाब तो नहीं रहा। फिलहाल पूरे इलाके को कड़े पहरे में रखा गया है और आधुनिक उपकरणों के जरिए निगरानी को काफी बढ़ा दिया गया है।

    आपको बता दें कि जैसलमेर जिला प्रशासन ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सरकारी जमीन पर बनी छह कथित अवैध मस्जिदों और मदरसों की इमारतों को अतिक्रमण रोधी अभियान के तहत हटा दिया। यह कार्रवाई बीते गुरुवार को प्रशासन के ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत नाचना, तनोट और शाहगढ़ इलाकों में की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान मीरपुर, हिंदोलों की ढाणी, अहमदपुरा और धानाना जैसे गांवों में चलाया गया। राजस्व, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी का इस्तेमाल कर इन ढांचों को हटा दिया गया।

    प्रशासन के अनुसार, जिन निर्माण या ढांचों को ढहाया गया वे सरकारी जमीन पर बनाए गए थे, जिसमें पोंग बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों के लिए आरक्षित जमीन भी शामिल है। इसने कहा कि जिन गांवों या ढाणियों में अभियान चला गया वे अंतरराष्ट्रीय सीमा के लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में आते हैं। सीमावर्ती क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘ऑपरेशन’ के दौरान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की भारी तैनाती रही।

  • J&K: SOG जवानों से सर्विस राइफल छीनने का प्रयास… फायरिंग में 1 की मौत, 3 घायल

    J&K: SOG जवानों से सर्विस राइफल छीनने का प्रयास… फायरिंग में 1 की मौत, 3 घायल


    डोडा।
    जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) के डोडा जिले (Doda district) के भद्रवाह इलाके में एक युवक ने स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) के जवानों से सर्विस राइफल (Service rifle) छीनने की कोशिश की, जिसके बाद हुई फायरिंग में युवक की मौत हो गई और तीन एसओजी के जवान घायल हो गए।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के संबंध में एक धार्मिक उपदेशक को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति का घटना से क्या संबंध है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

    यह घटना गुरुवार देर रात को हुई। एसओजी की एक टीम को उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट मिलने के बाद गुरुवार को जाई-गंडोह सड़क रोड पर घात लगाकर बैठी थी। यह स्थान भद्रवाह शहर से लगभग 35 किलोमीटर दूर है।

    लगभग रात 11:30 बजे एसओजी टीम ने एक युवक को रोका, जिसने कथित तौर पर जवानों पर हमला किया और उनकी सर्विस राइफल छीनने का प्रयास किया। इस धक्का-मुक्की के दौरान एक एसओजी जवान ने गोली चला दी। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि इस घटना में तीन पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए।

    घायलों को भद्रवाह के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से विशेष उपचार के लिए उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज, डोडा रेफर कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, युवक, आरिफ हुसैन (30) निवासी चीका गांव, ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

    इस घटना के मद्देनजर, ऐहतियात के तौर पर भद्रवाह शहर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सेना ने जाई क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

  • J&K: पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में उड़ते देखे गए संदिग्ध ड्रोन… सर्च ऑपरेशन जारी

    J&K: पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में उड़ते देखे गए संदिग्ध ड्रोन… सर्च ऑपरेशन जारी


    जम्मू।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) (International Border – IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (Line of Control – LoC) के पास कई फॉरवर्ड इलाकों में रविवार शाम को सुरक्षा बलों ने संदिग्ध ड्रोन (Suspicious drone) की हलचल देखी। उन्होंने बताया कि सभी उड़ने वाली चीजें पाकिस्तान की तरफ से आई थीं, और कुछ मिनट तक भारतीय इलाके के ऊपर मंडराने के बाद वापस चली गईं।

    अधिकारियों के अनुसार, फॉरवर्ड इलाकों में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखने के बाद सुरक्षा बलों ने जमीन पर तलाशी अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि राजौरी में LoC के पास नौशेरा सेक्टर की रखवाली कर रहे सेना के जवानों ने शाम करीब 6.35 बजे गनिया-कलसियां ​​गांव के ऊपर ड्रोन की हलचल देखने के बाद मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की।

    राजौरी जिले के टेरियाथ के खब्बर गांव में शाम 6.35 बजे एक और ड्रोन देखा गया। अधिकारियों ने बताया कि चमकती रोशनी वाली यह उड़ने वाली चीज कालाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से आई और भरख की ओर चली गई। उन्होंने बताया कि सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबराल गांव के ऊपर शाम करीब 7.15 बजे चमकती रोशनी वाली ड्रोन जैसी एक चीज़ कई मिनट तक मंडराती हुई देखी गई। पुंछ जिले में LoC के पास मनकोट सेक्टर में शाम 6.25 बजे तैन की तरफ से टोपा की ओर एक और ड्रोन जैसी चीज जाती हुई देखी गई।

    इससे पहले, शुक्रवार रात को, सुरक्षा बलों ने सांबा जिले में बॉर्डर के पास घगवाल के पालूरा गांव में पाकिस्तान से आए एक ड्रोन द्वारा गिराए गए हथियारों का जखीरा बरामद किया। उन्होंने बताया कि बरामदगी में दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था। बता दें कि मई महीने में भी पाकिस्तान की ओर से कई ड्रोन भारतीय सीमा में आए थे। तब भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें नाकाम कर दिया था। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था और चार दिनों तक दोनों देशों में बड़ा संघर्ष देखने को मिला। इसके बाद, फिर दोनों देशों के बीच सीजफायर का फैसला हो गया।

  • मुस्लिम देशों ने फिर अलापा कश्मीर पर राग, 370 लागू करने की मांग

    मुस्लिम देशों ने फिर अलापा कश्मीर पर राग, 370 लागू करने की मांग


    नई दिल्‍ली। मुस्लिम देशों के सबसे बड़े संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी OIC ने जम्मू-कश्मीर का नाम लेकर एक बार फिर अपनी हदें पार की हैं। OIC ने अपने हालिया बयान में कश्मीर में जनमत की मांग करते हुए कहा है कि वह कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकारों का समर्थन करता है। इस दौरान OIC ने कश्मीर में धारा 370 को वापस लागू करने की मांग भी कर दी। बता दें कि भारत कई बार यह स्पष्ट कर चुका है कि संगठन को भारत के आंतरिक मामलों में बोलना का कोई कानूनी अधिकार नहीं है और ना ही OIC द्वारा इस तरह की बयानबाजी को स्वीकार किया जाएगा।
    ओआईसी (इस्लामी सहयोग संगठन) 57 देशों का एक अंतरसरकारी संगठन है जो मुस्लिम जगत की सामूहिक आवाज होने का दावा करता है। OIC ने 8 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बयान को साझा किया है। इसके साथ लिखा गया है कि OIC, 5 जनवरी 1949 के यूनाइटेड नेशंस के प्रस्ताव की सालगिरह पर एक स्वतंत्र और निष्पक्ष रेफरेंडम के जरिए, जम्मू और कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को समर्थन देता है।

    OIC के बयान में कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग करते हुए कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट 5 जनवरी 1949 को भारत और पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र आयोग द्वारा अपनाए गए प्रस्ताव को याद दिलाता है, जिसमें जम्मू और कश्मीर के लोगों को संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जनमत संग्रह के माध्यम से आत्मनिर्णय के अधिकार की पुष्टि की गई थी। इसमें आगे कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाता है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर के राज्य के रूप में मान्यता का सम्मान करने और 5 अगस्त 2019 और उसके बाद उठाए गए सभी एकतरफा कदमों को वापस लेने की अपील करता है।

    …”

    बयान में संयुक्त राष्ट्र से भी एक अपील की गई है। इसमें कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी पर भरोसा जताया है कि वह जम्मू-कश्मीर से जुड़े प्रस्तावों को लागू करे और UNSC के संबंधित प्रस्तावों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर विवाद का हल निकाले।”

  • J&K: उधमपुर में हुई मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी शहीद, आतंकी को लगी गोली

    J&K: उधमपुर में हुई मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी शहीद, आतंकी को लगी गोली


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में उधमपुर जिले (Udhampur district) के जंगल से सटे दूरदराज के गांव में सोमवार शाम मुठभेड़ हुई। इसमें एक पुलिसकर्मी शहीद हो गए, जबकि एक आतंकवादी (Terrorist) घायल हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी भले ही रुक गई हो लेकिन पूरे इलाके को कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है। छिपे हुए आतंकवादियों को मार गिराने के लिए उनके भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह मुठभेड़ पहाड़ी जिले के मजालता इलाके के सोअन गांव में तब शुरू हुई, जब सुरक्षाबलों ने यहां तीन आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना पर तलाशी अभियान चलाया। माना जाता है कि ये आतंकी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े हैं।

    जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) भीम सेन टूटी ने बताया कि दूरदराज के गांव में आतंकवादियों के बारे में सटीक सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों और आतंकवादियों का आमना-सामना हुआ। अधिकारी ने कहा, ‘पुलिस के विशेष अभियान समूह का संयुक्त दल, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’ वहीं, एक अन्य पोस्ट में आईजीपी ने कहा कि अंधेरे और खतरनाक भूभाग के कारण जंगल की तलाशी में बाधा आई है।

    सुरक्षाबलों ने गांव को घेर लिया
    अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ शाम करीब 6 बजे शुरू हुई। सुरक्षाबलों ने उस गांव को पहले ही घेर रखा था। यह मुठभेड़ कुछ देर तक चली, जिसमें एसओजी के एक जवान घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि शुरुआती गोलीबारी में एक आतंकवादी के भी घायल होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि रात के लिए अभियान निलंबित कर दिया गया है और यह मंगलवार को फिर से शुरू किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि घेराबंदी को मजबूत करने और आतंकवादियों को ढेर करने के लिए इलाके में अतिरिक्त बल भेजा गया है।