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  • सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की पेरोल बढ़ाने की याचिका खारिज की, शाम 5 बजे तक जोधपुर जेल में सरेंडर का आदेश

    सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की पेरोल बढ़ाने की याचिका खारिज की, शाम 5 बजे तक जोधपुर जेल में सरेंडर का आदेश

    नई दिल्ली ।सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को मेडिकल आधार पर पेरोल की अवधि बढ़ाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका खारिज करते हुए शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। आसाराम राजस्थान में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। अदालत के आदेश के बाद उन्हें निर्धारित समय तक जेल प्रशासन के सामने पेश होना होगा।

    आसाराम को स्वास्थ्य संबंधी कारणों से 20 दिनों की पेरोल दी गई थी, जिसकी अवधि 27 अक्टूबर को समाप्त हो रही थी। उनकी ओर से अदालत में पेरोल आगे बढ़ाने की मांग की गई थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वह मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित एक अस्पताल में भर्ती हैं। वकील ने बेहतर इलाज की आवश्यकता का हवाला देते हुए पेरोल की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पेरोल की अवधि समाप्त होने के मद्देनजर आसाराम को उसी दिन शाम 5 बजे तक जोधपुर जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया। अदालत ने इस मामले में राजस्थान सरकार को भी निर्देश दिए कि जेल में आसाराम के स्वास्थ्य का उचित ध्यान रखा जाए। साथ ही, उनकी जरूरत के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।

    अदालत के निर्देश का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पेरोल बढ़ाने से इनकार करने के बावजूद जेल में चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। अब आसाराम की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक उपचार की व्यवस्था करनी होगी। हालांकि, मेडिकल आधार पर राहत की मांग को अदालत ने मंजूरी नहीं दी है।

    आसाराम को वर्ष 2018 में राजस्थान के जोधपुर स्थित आश्रम में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह जोधपुर जेल में सजा काट रहे हैं। मामले में दोषसिद्धि के बाद उनकी ओर से समय-समय पर स्वास्थ्य और इलाज से जुड़े आधारों पर राहत की मांग की जाती रही है।

    मौजूदा मामले में भी बचाव पक्ष ने स्वास्थ्य की स्थिति को आधार बनाकर पेरोल बढ़ाने की अपील की थी। दलील दी गई कि आसाराम की तबीयत ठीक नहीं है और बेहतर इलाज के लिए उन्हें अतिरिक्त समय की जरूरत है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पेरोल की अवधि आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए निर्धारित समय पर जेल लौटने का निर्देश दिया।

    उज्जैन के अस्पताल में भर्ती होने की बात सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील ने रखी थी। इसके बावजूद अदालत ने पेरोल बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की। साथ ही राजस्थान सरकार को निर्देश देकर यह स्पष्ट किया कि जेल में रहने के दौरान उनकी चिकित्सा जरूरतों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

    सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद आसाराम के लिए 27 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण करना जरूरी है। वहीं, जेल में उनके स्वास्थ्य की निगरानी और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।

  • जोधपुर में गरजा F-35, 40 देशों की वायु सेनाएं दिखाएंगी ताकत, तरंग शक्ति 2026 शुरू

    जोधपुर में गरजा F-35, 40 देशों की वायु सेनाएं दिखाएंगी ताकत, तरंग शक्ति 2026 शुरू


    नई दिल्ली। राजस्थान के जोधपुर में बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ शुरू हो गया है। इस बार अभ्यास में अमेरिकी F-35 Lightning II लड़ाकू विमान पहली बार शामिल हुए हैं। अमेरिका के छह F-35 विमानों के साथ 200 से ज्यादा एयरमैन भारत पहुंचे हैं। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी।

    पहली बार तरंग शक्ति में शामिल हुआ F-35

    अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि अमेरिकी एयरपावर जोधपुर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि F-35 पहली बार ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। ये विमान भारतीय वायु सेना के साथ-साथ अभ्यास में शामिल अन्य साझेदार देशों की वायु सेनाओं के साथ भी उड़ान भरेंगे।

    F-35 Lightning II को अमेरिकी वायु शक्ति के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। ऐसे में पहली बार ‘तरंग शक्ति’ में इसकी भागीदारी अभ्यास के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। भारतीय लड़ाकू विमानों के साथ इसकी उड़ान से दोनों देशों की वायु सेनाओं को एक-दूसरे की क्षमताओं और संचालन के तरीकों को समझने का अवसर मिलेगा।

    26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा अभ्यास

    भारतीय वायु सेना का ‘तरंग शक्ति 2026’ अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर में चलेगा। इसमें करीब 40 देशों की भागीदारी हो रही है। इनमें से सात देश अपने लड़ाकू विमानों और अन्य सैन्य संसाधनों के साथ अभ्यास में शामिल होंगे, जबकि बाकी देश पर्यवेक्षक के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं।

    अभ्यास के दौरान अलग-अलग देशों की वायु सेनाएं संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन गतिविधियों में हिस्सा लेंगी। इसका उद्देश्य विभिन्न वायु सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने के साथ उनके अनुभव और संचालन प्रक्रियाओं को साझा करना है।

    भारत में पहले भी आया है F-35

    अमेरिकी F-35 की भारत में यह पहली मौजूदगी नहीं है। इससे पहले यह विमान एयरो इंडिया के दौरान भारत में प्रदर्शित हो चुका है। हालांकि, ‘तरंग शक्ति 2026’ में इसकी भागीदारी खास है, क्योंकि पहली बार यह बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास में भारतीय और दूसरे साझेदार देशों के लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा।

    क्या है ‘तरंग शक्ति’ का मकसद?

    ‘तरंग शक्ति’ का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच साझा प्रशिक्षण और तालमेल को बढ़ाना है। अभ्यास में शामिल देशों को एक-दूसरे के साथ काम करने और संयुक्त अभियानों की प्रक्रियाओं को समझने का मौका मिलता है।

    इस तरह के अभ्यास से अलग-अलग वायु सेनाओं को अपनी कार्यप्रणाली, तकनीक और परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है। साथ ही, भाग लेने वाले देशों के सैनिकों को दूसरे देशों की वायु सेनाओं के साथ समन्वय स्थापित करने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है।

    रक्षा सहयोग के लिए भी अहम मंच

    करीब 40 देशों की भागीदारी वाला यह अभ्यास भारत के लिए दूसरे देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने का एक मंच भी है। सात देश अपने लड़ाकू विमानों और सैन्य संसाधनों के साथ इसमें हिस्सा ले रहे हैं, जबकि अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में गतिविधियों को देखेंगे।

    अभ्यास के दौरान F-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की भागीदारी से विभिन्न देशों की वायु सेनाओं को नई तकनीक और संचालन क्षमताओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। भारतीय वायु सेना और मित्र देशों की वायु सेनाओं के बीच संयुक्त उड़ान और प्रशिक्षण गतिविधियां इस सहयोग को और व्यापक बनाएंगी।

    ‘तरंग शक्ति 2026’ ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत विभिन्न देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों के जरिए आपसी परिचालन तालमेल और रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। जोधपुर में होने वाला यह अभ्यास इसी सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • तेजस में सवार हुए भारत और जापान के एयरफोर्स चीफ, ‘वीर गार्जियन 2026’ में दिखा बढ़ता रक्षा सहयोग

    तेजस में सवार हुए भारत और जापान के एयरफोर्स चीफ, ‘वीर गार्जियन 2026’ में दिखा बढ़ता रक्षा सहयोग

    नई दिल्ली । भारत और जापान के बीच चल रहे संयुक्त हवाई अभ्यास ‘वीर गार्जियन 2026’ के दौरान दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों ने भारतीय स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान का अनुभव लिया। जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ताकेहिरो मोरिता और भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह रविवार को जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पहुंचे, जहां तेजस से जुड़ी उड़ान गतिविधि हुई।

    भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने तेजस में अकेले उड़ान भरी। वहीं जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के प्रमुख जनरल ताकेहिरो मोरिता ने भी जोधपुर से भारतीय लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान का अनुभव लिया। दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों की यह गतिविधि संयुक्त अभ्यास के दौरान भारत और जापान के बीच हवाई सहयोग को सामने लाती है।

    ‘वीर गार्जियन 2026’ भारत और जापान की वायुसेनाओं के बीच संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास है। इसका आयोजन जोधपुर में 9 सितंबर से 22 सितंबर तक किया जा रहा है। अभ्यास के दौरान दोनों देशों की वायुसेनाएं युद्ध जैसी परिस्थितियों में विभिन्न हवाई अभियानों और युद्धक गतिविधियों का प्रशिक्षण ले रही हैं।

    अभ्यास के तहत दोनों देशों के लड़ाकू विमानों ने एयर स्ट्राइक से जुड़े अभियानों का भी अभ्यास किया है। इसका उद्देश्य दोनों वायुसेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल, आपसी समझ और संयुक्त अभियानों के दौरान समन्वय को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के दौरान दोनों देशों के वायु योद्धाओं को एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं और युद्धक तौर-तरीकों को समझने का अवसर मिल रहा है।

    इस संयुक्त अभ्यास में भारतीय वायुसेना की ओर से स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस शामिल है। इसके अलावा सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान भी अभ्यास का हिस्सा हैं। जापान की ओर से एफ-2ए लड़ाकू विमानों ने इसमें भाग लिया है।

    इस बार का अभ्यास इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के लड़ाकू विमान भारत में आयोजित ‘वीर गार्जियन’ के इस संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास में शामिल हुए हैं। इससे दोनों वायुसेनाओं को अलग-अलग प्रकार के लड़ाकू विमानों के साथ संयुक्त अभियानों और प्रशिक्षण गतिविधियों का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला है।

    अभ्यास के दौरान अब तक दोनों देशों के वायु योद्धाओं ने अलग-अलग हवाई अभियानों और ऑपरेशनल गतिविधियों को पूरा किया है। संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में काम करने, संचालन प्रक्रियाओं को समझने और बेहतर समन्वय विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    जोधपुर के आसमान में तेजस की उड़ान ने संयुक्त अभ्यास में भारत की स्वदेशी विमान निर्माण क्षमता को भी प्रमुखता से सामने रखा। दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों की मौजूदगी ने अभ्यास के महत्व को रेखांकित किया। तेजस में उड़ान का अनुभव लेने की गतिविधि भारत और जापान की वायुसेनाओं के बीच बढ़ते व्यावहारिक सहयोग तथा आपसी समझ को मजबूत करने वाले प्रशिक्षण के तौर पर सामने आई है।

  • CJP के कार्यक्रम में हंगामा, ABVP और BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदी; पुलिस ने दो को पकड़ा

    CJP के कार्यक्रम में हंगामा, ABVP और BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदी; पुलिस ने दो को पकड़ा


    नई दिल्ली। जोधपुर में रविवार को CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका के कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब ABVP और बीजेपी युवा मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ता गांधी शांति प्रतिष्ठान परिसर में दीवार फांदकर अंदर पहुंच गए। कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा और नई पीढ़ी से जुड़े मुद्दों पर किया गया था। आशुतोष रांका कार्यक्रम में संविधान की किताब लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान परिसर के बाहर अचानक विरोध और नारेबाजी का माहौल बन गया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों में शामिल एक व्यक्ति ने कार्यक्रम स्थल के बाहर मौजूद युवक को थप्पड़ मार दिया और इसके बाद हॉल में प्रवेश करने की कोशिश की गई। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हुए और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रातानाडा थाने ले गए।

    पुलिस के मुताबिक दो लोग दीवार फांदकर कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुंचे थे। DCP ईस्ट मनीष चौधरी ने बताया कि दोनों को डिटेन किया गया है और उनसे पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने और हंगामा करने के पीछे क्या वजह थी तथा क्या किसी तरह की पूर्व योजना के तहत वहां पहुंचा गया था।

    घटना के दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बताया गया कि ABVP के संयोजक ललित दाधीच और बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता राजवीर बांता को पुलिस मौके से बाहर लेकर गई। हालांकि घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ सकते हैं और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

    यह विवाद ऐसे समय हुआ है जब CJP की ओर से हाल के दिनों में ‘लीगल कॉकरोचेज’ जैसे विरोध प्रदर्शनों और विभिन्न मुद्दों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आशुतोष रांका का जोधपुर कार्यक्रम भी इसी सिलसिले का हिस्सा बताया गया। कार्यक्रम में शिक्षा और नई पीढ़ी से जुड़े सवालों पर चर्चा होनी थी लेकिन विरोध और हंगामे के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के साथ कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आशुतोष रांका को पुलिस सुरक्षा में जोधपुर से जयपुर रवाना किया गया। पुलिस की मौजूदगी में उन्हें शहर से बाहर ले जाया गया ताकि रास्ते में किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

    बताया गया है कि CJP के कार्यकर्ताओं का जोधपुर में आगे भी कार्यक्रम प्रस्तावित था। ऐसे में रविवार की घटना के बाद पुलिस की सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन की कोशिश है कि आगामी कार्यक्रमों के दौरान किसी तरह का विवाद या टकराव न हो। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।