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  • भारत के सामने सम्मान और नंबर-1 रैंकिंग बचाने की चुनौती, इंग्लैंड से आखिरी टी20 में निर्णायक भिड़ंत

    भारत के सामने सम्मान और नंबर-1 रैंकिंग बचाने की चुनौती, इंग्लैंड से आखिरी टी20 में निर्णायक भिड़ंत


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार को साउथैम्पटन के रोज बाउल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। सीरीज में 3-0 से पिछड़ चुकी भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला केवल औपचारिक नहीं है। इस मैच में उसकी प्रतिष्ठा के साथ आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 स्थान भी दांव पर लगा है। यदि इंग्लैंड अंतिम मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो वह भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन सकता है।

    श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरी सीरीज में उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। बल्लेबाजी लगातार संघर्ष करती नजर आई। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मिले मौकों का फायदा नहीं उठा सके, जबकि अभिषेक शर्मा पिछले दो मैचों में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। ईशान किशन भी रन बनाने के लिए जूझते दिखाई दिए। तिलक वर्मा और अक्षर पटेल का बल्ला भी अब तक शांत रहा है।

    हालांकि चौथे मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने 49 गेंदों में 80 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी फॉर्म का परिचय दिया, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। गेंदबाजी विभाग में भी भारतीय टीम संघर्ष करती नजर आई है। अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल नहीं रहे। स्पिन आक्रमण में भी अक्षर पटेल और अन्य गेंदबाज अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।

    दूसरी ओर इंग्लैंड का प्रदर्शन पूरी सीरीज में संतुलित और प्रभावशाली रहा है। कप्तान हैरी ब्रूक ने उदाहरण पेश करते हुए चौथे टी20 में 35 गेंदों पर 79 रन की विस्फोटक पारी खेली। फिल साल्ट, जैकब बेथेल और टॉम बैंटन ने भी बल्लेबाजी में लगातार योगदान दिया है। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल राशिद ने मध्य ओवरों में विकेट निकालकर टीम को मजबूती दी।

    रोज बाउल की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, जिससे बड़े स्कोर बनने की संभावना रहती है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 166 रन है, जबकि दूसरी पारी का औसत 138 रन रहा है। आंकड़े बताते हैं कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को अधिक सफलता मिली है। अब तक खेले गए 24 टी20 मुकाबलों में 16 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को 8 मुकाबलों में जीत मिली है।

    मौसम भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। पूर्वानुमान के अनुसार साउथैम्पटन में शनिवार को आसमान साफ रहेगा और बारिश की संभावना बेहद कम है। ऐसे में पूरे 40 ओवर का मुकाबला होने की उम्मीद है।

    भारतीय टीम के लिए यह मैच सीरीज में सम्मानजनक विदाई के साथ-साथ अपनी नंबर-1 रैंकिंग बचाने का सुनहरा मौका भी है। वहीं इंग्लैंड इस जीत के साथ सीरीज पर पूरी तरह अपना दबदबा साबित करने और टी20 क्रिकेट की नई नंबर-1 टीम बनने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

  • टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत

    टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों 125 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत पांच मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से पिछड़ गया है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, लेकिन जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 76 रन पर ऑलआउट हो गई।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही। फिल साल्ट और जोस बटलर ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि फिल साल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 70 रन की बेहतरीन पारी खेली। इस दौरान उन्होंने सात चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 16 रन का योगदान दिया, जबकि जैकब बेथेल ने 13 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सैम करन ने 24 गेंदों पर नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर इंग्लैंड का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया।

    भारत की ओर से गेंदबाजी में हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अक्षर पटेल को एक सफलता मिली। हालांकि भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके।

    202 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तेज जरूर रही। अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पहले दो ओवर से पहले ही 23 रन जोड़ दिए, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ढह गया। अभिषेक शर्मा 10 रन बनाकर आउट हुए, जबकि वैभव सूर्यवंशी 13 रन की छोटी लेकिन तेज पारी खेलकर पवेलियन लौट गए।

    इसके बाद कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका। ईशान किशन ने 13 रन और अक्षर पटेल ने 10 रन बनाए। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। पूरी भारतीय टीम सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के सबसे निराशाजनक प्रदर्शनों में से एक रहा।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट अपने नाम किए। विल जैक्स को भी एक सफलता मिली।

    सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था, जबकि दूसरा मैच इंग्लैंड ने चार विकेट से जीता था। अब तीसरे मैच में मिली बड़ी जीत के बाद मेजबान टीम ने सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है। शेष दो मुकाबले 9 और 11 जुलाई को क्रमशः ब्रिस्टल और साउथैम्प्टन में खेले जाएंगे, जहां भारत के सामने सीरीज बचाने की बड़ी चुनौती होगी।

  • IPL 2026: पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव, आर्चर की एंट्री से बढ़ा रोमांच

    IPL 2026: पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव, आर्चर की एंट्री से बढ़ा रोमांच


    आईपीएल 2026 के लीग चरण का समापन हो चुका है और अब सभी की निगाहें प्लेऑफ मुकाबलों पर टिकी हैं। लेकिन इसी बीच पर्पल कैप और ऑरेंज कैप की रेस ने टूर्नामेंट के रोमांच को और बढ़ा दिया है। गेंदबाजों की सूची में जहां इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने जोरदार एंट्री की है, वहीं बल्लेबाजों में गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन ने अपनी बादशाहत कायम रखी है।

    मुंबई इंडियंस के खिलाफ हालिया मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 3 विकेट झटके। इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने पर्पल कैप की रेस में टॉप-3 में अपनी जगह बना ली है। आर्चर अब 14 मैचों में 21 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं और उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज को पीछे छोड़ दिया है।

    हालांकि, पर्पल कैप अभी भी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के पास है। भुवनेश्वर ने 14 मैचों में 24 विकेट लेकर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया हुआ है। उनके ठीक पीछे गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा भी 24 विकेट के साथ बराबरी पर हैं, जिससे टॉप रेस बेहद दिलचस्प हो गई है। वहीं, राशिद खान 19 विकेट लेकर पांचवें स्थान पर मौजूद हैं।

    दूसरी ओर बल्लेबाजों की रेस में गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली है। सुदर्शन ने 14 मुकाबलों में 638 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 157 का रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को दर्शाता है।

    उनके साथी और कप्तान शुभमन गिल भी लगातार रन बना रहे हैं और 13 मैचों में 616 रन के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन 606 रनों के साथ तीसरे स्थान पर हैं, जबकि दिल्ली कैपिटल्स के केएल राहुल ने 593 रन बनाकर चौथे स्थान पर जगह बनाई है। राहुल ने हाल ही में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 60 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी।

    वहीं राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी सबका ध्यान खींचा है और 583 रनों के साथ पांचवें स्थान पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।

    अब जैसे-जैसे प्लेऑफ नजदीक आ रहे हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये लीडर्स अपनी पोजीशन बरकरार रख पाते हैं या फिर अंतिम मुकाबलों में कोई बड़ा उलटफेर देखने को मिलता है।

  • IPL 2026 Purple Cap Race: एक मैच ने बदला खेल, टॉप-5 में बड़ा उलटफेर

    IPL 2026 Purple Cap Race: एक मैच ने बदला खेल, टॉप-5 में बड़ा उलटफेर


    नई दिल्ली| Indian Premier League 2026 में हर मैच के साथ पर्पल कैप की रेस दिलचस्प होती जा रही है। पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए 40वें मुकाबले के बाद गेंदबाजों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस मैच में पंजाब को सीजन की पहली हार झेलनी पड़ी, लेकिन असली चर्चा पर्पल कैप लिस्ट में हुए फेरबदल की रही। सबसे बड़ी बात यह रही कि Kagiso Rabada और Prasidh Krishna टॉप-5 से बाहर हो गए हैं। वहीं राजस्थान के तेज गेंदबाज Jofra Archer ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर छलांग लगा दी है।

    पर्पल कैप लिस्ट: कौन है टॉप-5 में?


     Bhuvneshwar Kumar (14 विकेट)
    भुवनेश्वर कुमार इस समय पर्पल कैप अपने नाम किए हुए हैं। उन्होंने 8 मैचों में 14 विकेट लेकर शानदार निरंतरता दिखाई है और अब भी टॉप पर मजबूती से बने हुए हैं।
     Jofra Archer (14 विकेट)
    आर्चर ने 9 मैचों में 14 विकेट लेकर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। उनकी तेज गेंदबाजी और सटीक लाइन-लेंथ उन्हें खतरनाक बना रही है।
    Anshul Kamboj (14 विकेट)
    अंशुल कंबोज भी शानदार फॉर्म में हैं। 8 मैचों में 14 विकेट लेकर वह तीसरे स्थान पर बने हुए हैं और टॉप पर पहुंचने की पूरी क्षमता रखते हैं।
     
    Ishan Malinga (14 विकेट)
    सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेल रहे ईशान मलिंगा ने भी 8 मैचों में 14 विकेट झटके हैं और चौथे स्थान पर काबिज हैं।
    Prince Yadav (13 विकेट)
    लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन भले ही खास नहीं रहा हो, लेकिन प्रिंस यादव ने 8 मैचों में 13 विकेट लेकर खुद को इस रेस में बनाए रखा है।

    रेस हुई और भी दिलचस्प
    पर्पल कैप की इस रेस में खास बात यह है कि टॉप-4 गेंदबाजों के विकेट लगभग बराबर हैं। ऐसे में आने वाले मैचों में एक अच्छा स्पेल पूरे समीकरण को बदल सकता है।

    IPL 2026 जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पर्पल कैप की जंग और कड़ी होती जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या Bhuvneshwar Kumar अपनी बढ़त बनाए रख पाते हैं या कोई नया गेंदबाज इस ताज को अपने नाम करता है।

  • एशेज 2वें टेस्ट: रूट ने लगाई करियर की 59वीं सेंचुरी, स्टार्क को 6 विकेट मिले

    एशेज 2वें टेस्ट: रूट ने लगाई करियर की 59वीं सेंचुरी, स्टार्क को 6 विकेट मिले



    नई दिल्ली
    । इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में अपना लंबा इंतजार खत्म कर दिया और ब्रिस्बेन के द गाबा स्टेडियम में अपनी पहली ऑस्ट्रेलिया में सेंचुरी जमाई। रूट ने 181 गेंदों का सामना करते हुए यह शतक पूरा किया, जो उनके टेस्ट करियर का 40वां शतक भी साबित हुआ। हालांकि उनके लिए ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने की राह आसान नहीं रही और इसके लिए उन्हें 30 पारियों का लंबा इंतजार करना पड़ा। रूट के इस शतक ने इंग्लैंड को एशेज के दूसरे टेस्ट के पहले दिन मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लिश टीम ने 9 विकेट गंवाकर 325 रन बना लिए। रूट इस दौरान 135 रन पर नॉटआउट थे। उनके साथ जोफ्रा आर्चर ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और 32 रन नॉटआउट बनाकर टीम के स्कोर को संभाला।

    इंग्लैंड की शुरुआत में झटका

    इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआती ओवरों में ही टीम को झटका लगा। केवल 5 रन पर दो विकेट गिर गए। बेन डकेट और ओली पोप दोनों बिना खाता खोले आउट हो गए, और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने पवेलियन भेजा। इसके बाद ओपनर जैक क्रॉली ने रूट के साथ शानदार साझेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर 117 रन की पार्टनरशिप बनाई, जिसमें क्रॉली ने 76 रन बनाए। क्रॉली के आउट होने के बाद रूट ने बल्लेबाजी की कमान अपने हाथ में ली। उनके सामने हैरी ब्रूक 31, कप्तान बेन स्टोक्स 19 और जैमी स्मिथ बिना खाता खोले आउट हो गए।

    रूट का ऐतिहासिक शतक

    रूट ने अपने शतक के दौरान कई अहम पारियां खेलीं और स्कॉट बोलैंड की गेंद पर फाइन लेग की ओर चौका लगाकर 40वीं टेस्ट सेंचुरी पूरी की। उनके इस शतक ने इंग्लैंड को मुश्किल समय में संभाला और टीम के स्कोर को स्थिर किया। रूट की यह ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सेंचुरी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने लंबे समय से इस उपमहाद्वीप में शतक बनाने का इंतजार कर रहे थे। इस शतक के साथ ही रूट का अंतरराष्ट्रीय करियर भी शानदार ढंग से आगे बढ़ा, जहां अब उनके नाम 59 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हो चुके हैं।

    मिचेल स्टार्क का कमाल

    ऑस्ट्रेलिया की तरफ से तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को घबराए रखा। स्टार्क ने पारी में 6 विकेट लिए और अपनी टीम को पहली पारी में बड़ा दबाव बनाने का मौका दिया। इसके अलावा, माइकल नेसर और स्कॉट बोलैंड ने 1-1 विकेट लिया, जबकि ब्रेंडन डॉगेट और कैमरन ग्रीन बिना सफलता के रहे। स्टार्क का यह प्रदर्शन पिंक-बॉल टेस्ट में लगातार छठी बार 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। उन्होंने अब 15 मैचों की 28 पारियों में कुल 87 विकेट ले लिए हैं और पिंक-बॉल टेस्ट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।

    दिन का सारांश और अगले कदम

    दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 9 विकेट के नुकसान पर 325 रन बना लिए। रूट और आर्चर की नॉटआउट पारियों ने इंग्लैंड को पारी में मजबूती दी। ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए स्टार्क का प्रदर्शन राहत की खबर था लेकिन इंग्लैंड ने रूट की शतकीय पारी की बदौलत खुद को मजबूत स्थिति में रखा।

    इंग्लैंड की प्लेइंग-11: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स कप्तान, जैमी स्मिथ विकेटकीपर, विल जैक्स, गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स और जोफ्रा आर्चर।

    ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-11: जैक वेदराल्ड, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ कप्तान, कैमरन ग्रीन, जोश इंग्लिस, एलेक्स कैरी विकेटकीपर, माइकल नेसर, मिचेल स्टार्क, स्कॉट बोलैंड और ब्रेंडन डॉगेट। इस पारी में जो रूट ने अपनी अनुभव और धैर्य का लोहा मनवाय जबकि मिचेल स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से हमला बरकरार रखा। अब यह देखना होगा कि दूसरे दिन खेल में कौन किस पर हावी होता है और मैच किस दिशा में मुड़ता है।