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  • विदेशी सितारों का दबदबा, IPL 2026 में इन खिलाड़ियों ने मचाया धमाल

    विदेशी सितारों का दबदबा, IPL 2026 में इन खिलाड़ियों ने मचाया धमाल


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन कई यादगार प्रदर्शनों का गवाह बना। लगातार दूसरी बार खिताब जीतने वाली Royal Challengers Bengaluru की सफलता के बीच कई विदेशी खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से टूर्नामेंट पर गहरी छाप छोड़ी। बल्ले और गेंद दोनों से विदेशी सितारों का जलवा देखने को मिला, जिन्होंने अपनी-अपनी टीमों के अभियान में अहम भूमिका निभाई।

    सबसे पहले बात करते हैं Heinrich Klaasen की, जिन्होंने Sunrisers Hyderabad के लिए शानदार बल्लेबाजी की। विकेटकीपर-बल्लेबाज क्लासेन ने 15 मैचों में 624 रन बनाकर खुद को सीजन के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल किया। करीब 160 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने छह अर्धशतक लगाए और कई मौकों पर टीम की लड़खड़ाती पारी को संभाला।

    गेंदबाजी विभाग में Jofra Archer ने अपनी रफ्तार और सटीकता से खूब प्रभावित किया। Rajasthan Royals के तेज गेंदबाज ने 16 मुकाबलों में 25 विकेट हासिल किए और टीम को दूसरे क्वालीफायर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आर्चर पूरे सीजन बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बने रहे।

    आईपीएल 2026 के सबसे सफल विदेशी खिलाड़ी रहे Kagiso Rabada। Gujarat Titans के स्टार तेज गेंदबाज ने 17 मैचों में 29 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। रबाडा की घातक गेंदबाजी के दम पर गुजरात टाइटंस फाइनल तक पहुंचने में सफल रही। नई गेंद से लेकर डेथ ओवरों तक उन्होंने लगातार विकेट निकालकर विपक्षी टीमों पर दबाव बनाए रखा।

    इस सीजन की सबसे बड़ी खोजों में से एक रहे Cooper Connolly। Punjab Kings के लिए अपने पहले आईपीएल सीजन में खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 491 रन बनाए। 163 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए कोनोली ने एक शतक और दो अर्धशतक जड़े। भले ही पंजाब प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी, लेकिन युवा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से भविष्य के लिए मजबूत दावेदारी पेश की।

    वहीं Mitchell Marsh ने Lucknow Super Giants के लिए अकेले दम पर कई मुकाबलों में संघर्ष किया। टीम के अन्य बल्लेबाजों के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद मार्श ने 13 मैचों में 563 रन बनाए। उन्होंने पूरे सीजन में एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए तथा 163 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा।

    आईपीएल 2026 में विदेशी खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित किया कि वे लीग की सफलता में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। क्लासेन, मार्श और कोनोली ने बल्ले से रंग जमाया, जबकि रबाडा और आर्चर ने गेंद से विपक्षी टीमों की मुश्किलें बढ़ाईं। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन पूरे सीजन चर्चा का विषय बना रहा।

  • आकाश चोपड़ा की प्रतिक्रिया के बाद बढ़ी बहस, युवा खिलाड़ी के साथ अन्याय का आरोप..

    आकाश चोपड़ा की प्रतिक्रिया के बाद बढ़ी बहस, युवा खिलाड़ी के साथ अन्याय का आरोप..


    नई दिल्ली: बेंगलुरु में खेले गए आईपीएल 2026 के 23वें मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हराकर अंकतालिका में पहला स्थान हासिल किया, लेकिन मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चयन को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। इस मुकाबले में आरसीबी की जीत में गेंदबाजों का अहम योगदान रहा, खासकर रसिख सलाम डार का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, लेकिन इसके बावजूद उन्हें यह सम्मान नहीं दिया गया।

    आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था और गेंदबाजों ने इस निर्णय को पूरी तरह सही साबित किया। लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम को आरसीबी के गेंदबाजी आक्रमण ने दबाव में रखते हुए 20 ओवर में 146 रनों पर सीमित कर दिया। इस दौरान सभी गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया, लेकिन रसिख सलाम डार सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने चार ओवर में 24 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह प्रभावित किया। भुवनेश्वर कुमार ने तीन विकेट, क्रुणाल पांड्या ने दो विकेट और जोश हेजलवुड ने एक विकेट हासिल किया।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी ने 15.1 ओवर में पांच विकेट पर 149 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया। हालांकि जीत में गेंदबाजों की भूमिका निर्णायक रही, लेकिन मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जोश हेजलवुड को दिया गया। इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि आंकड़ों के आधार पर रसिख सलाम डार का प्रदर्शन अधिक प्रभावशाली माना जा रहा था। उनके चार विकेट और किफायती गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया था।

    इस निर्णय को लेकर क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाए जाने की जरूरत है ताकि खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सही मूल्यांकन हो सके। इसी बीच मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी और चयन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी के साथ इस तरह का निर्णय उचित नहीं लगता और इससे उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।

    यह पूरा मामला अब क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर आरसीबी की जीत की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चयन को लेकर असंतोष भी देखने को मिल रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या केवल नाम और अनुभव के आधार पर नहीं बल्कि पूरे प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार तय होना चाहिए।